IIT खड़गपुर में ₹35 करोड़ के फंड से भारत का पहला फिजिकल AI स्कूल बनेगा, IISER पुणे और IIMs ने AI नीतियां अपनाईं
किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी
- UPSC7/10
1खबर एक नज़र में
IIT खड़गपुर AI, भौतिकी और इंजीनियरिंग में अंतःविषय अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए ₹35 करोड़ के फंड से फिजिकल AI को समर्पित भारत का पहला शैक्षणिक संस्थान स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही, IISER पुणे, IIM अहमदाबाद और IIM बैंगलोर जैसे प्रमुख संस्थान शिक्षण, सीखने और मूल्यांकन में जेनरेटिव AI को एकीकृत करने के लिए संस्थागत नीतियों को औपचारिक रूप दे रहे हैं, जो उच्च शिक्षा में एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।
पहला फिजिकल AI स्कूल
IIT खड़गपुर ₹35 करोड़ के निवेश से फिजिकल AI पर केंद्रित भारत का पहला शैक्षणिक संस्थान स्थापित कर रहा है।
संस्थागत AI नीतियां
IISER पुणे, IIM अहमदाबाद और IIM बैंगलोर ने जेनरेटिव AI उपकरणों के छात्र और संकाय उपयोग को नियंत्रित करने वाली संरचित नीतियां पेश की हैं।
अनुसंधान फोकस क्षेत्र
नया AI स्कूल भौतिकी-आधारित मशीन लर्निंग, डिजिटल ट्विन्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों पर शोध करेगा।
2याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
3विस्तृत विश्लेषण
संदर्भ / पृष्ठभूमि
वैश्विक AI दौड़ और भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए राष्ट्रीय रणनीति (2018) ने स्वदेशी AI क्षमताओं के निर्माण पर जोर दिया है। प्रमुख संस्थान अब शिक्षा में तेजी से तकनीकी अपनाने के साथ तालमेल बिठाने के लिए सामान्य AI पाठ्यक्रमों से आगे बढ़कर विशेष, अंतःविषय केंद्र बना रहे हैं और नैतिक उपयोग के ढांचे को औपचारिक रूप दे रहे हैं।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
फिजिकल AI स्कूल की स्थापना सॉफ्टवेयर-केंद्रित AI से उन प्रणालियों की ओर बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है जो भौतिक दुनिया के साथ बातचीत करती हैं और उसे नियंत्रित करती हैं, जो रोबोटिक्स, जलवायु मॉडलिंग और उन्नत विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, विभिन्न संस्थागत नीतियां (प्रतिबंधात्मक से अनुमेय तक) AI को एक शिक्षण उपकरण बनाम एक सहारे के रूप में संतुलित करने पर चल रही बहस को उजागर करती हैं, जो उच्च शिक्षा में शैक्षणिक तरीकों और मूल्यांकन की अखंडता को प्रभावित करती हैं।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
यह प्रवृत्ति अन्य IITs और IISERs में इसी तरह के विशेष AI केंद्रों को बढ़ावा दे सकती है, संभवतः राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बहु-विषयक जनादेश के तहत। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसे नियामक निकाय अंततः पाठ्यक्रम में AI एकीकरण के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी कर सकते हैं। इन मॉडलों की सफलता को अनुसंधान उत्पादन, उद्योग के साथ सहयोग और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल के विकास से मापा जाएगा।
4पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- मशीनों, विशेष रूप से कंप्यूटर प्रणालियों द्वारा मानव बुद्धिमत्ता प्रक्रियाओं का अनुकरण, जिसमें सीखना, तर्क करना और आत्म-सुधार शामिल है।
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs)
- भारत में स्वायत्त सार्वजनिक तकनीकी और अनुसंधान विश्वविद्यालय, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 द्वारा शासित हैं, इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।
- समझौता ज्ञापन (एमओयू)
- दो या दो से अधिक पक्षों के बीच एक गैर-बाध्यकारी समझौता जो आपसी समझ के नियमों और विवरणों को रेखांकित करता है, जिसमें प्रत्येक पक्ष की आवश्यकताएं और जिम्मेदारियां शामिल हैं।
5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: IIT खड़गपुर AI स्कूल के लिए ₹35 करोड़ की अनुमानित लागत
- नोडल निकाय: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (IIT खड़गपुर)
- नाम: बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI
गलती मत करना!
'फिजिकल AI' को सामान्य AI के साथ भ्रमित करना, या नीतियों को लागू करने वाले संस्थानों के नामों को बदलना (उदाहरण के लिए, IIM बैंगलोर की चैटबॉट परीक्षा नीति को IIM अहमदाबाद के केस-स्टडी दृष्टिकोण से जोड़ना)।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
अंतःविषय शिक्षा, नैतिक AI शासन, राष्ट्रीय AI रणनीति, शैक्षणिक परिवर्तन
6अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
'बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI' किस प्रमुख तकनीकी संस्थान में स्थापित किया जा रहा है?
व्याख्या: लेख में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि IIT खड़गपुर देश का पहला AI स्कूल स्थापित कर रहा है, जिसका नाम 'बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI' है। IITs भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत स्थापित स्वायत्त सार्वजनिक तकनीकी विश्वविद्यालय हैं।
- Q2कठिन
खबर में उल्लिखित AI पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.IIT खड़गपुर का AI स्कूल ₹35 करोड़ की अनुमानित लागत से स्थापित किया जा रहा है, जिसका पूरा वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा किया गया है।
- 2.IISER पुणे की नीति, जिसे मार्च 2026 में अनुमोदित किया गया था, छात्रों को AI उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति देती है जब तक कि उनके शिक्षक या पर्यवेक्षक द्वारा लिखित रूप में स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित न किया जाए।
- 3.IIM बैंगलोर ने हाल ही के एक सत्र में MBA छात्रों को मिडटर्म परीक्षा के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए स्वयं निर्मित चैटबॉट का उपयोग करने की अनुमति दी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि ₹35 करोड़ का वित्तपोषण पूर्व छात्रों (विनोद गुप्ता परिवार, एक गुमनाम पूर्व छात्र) और स्वयं IIT खड़गपुर से है, न कि पूरी तरह से भारत सरकार से। कथन 2 IISER पुणे की नीति के विवरण के अनुसार सही है। कथन 3 IIM बैंगलोर के जून-जुलाई सत्र के लिए उल्लिखित अनुसार सही है।
- Q3मध्यम
IIT खड़गपुर में पहले फिजिकल AI स्कूल की स्थापना के लिए अनुमानित कुल लागत कितनी है?
व्याख्या: लेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि IIT खड़गपुर में AI स्कूल के निर्माण की अनुमानित लागत ₹35 करोड़ है। वित्तपोषण के विवरण में विनोद गुप्ता के परिवार से ₹12.5 करोड़, एक गुमनाम पूर्व छात्र से ₹10 करोड़ और शेष IIT खड़गपुर से शामिल हैं।
- Q4मध्यम
IIT खड़गपुर में 'बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI' की स्थापना के पीछे प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: स्कूल का घोषित उद्देश्य फिजिकल AI में अंतःविषय शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाना है, जिसमें वास्तविक दुनिया के वातावरण को समझने, भविष्यवाणी करने और नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भौतिकी, इंजीनियरिंग और जैविक प्रणालियों के साथ जोड़ना शामिल है, जैसा कि लेख में विस्तृत है।
7सभी स्रोत
मूल खबर29 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें
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