भारत की FTA रणनीति: 9 देशों के साथ बातचीत, न्यूजीलैंड के साथ नया समझौता और ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में 158% की वृद्धि
किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी
- UPSC8/10
- SSC7/10
1खबर एक नज़र में
भारत नौ देशों/क्षेत्रीय समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के ज़रिए वैश्विक व्यापार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। साथ ही, वह चार मौजूदा समझौतों की समीक्षा भी कर रहा है। न्यूज़ीलैंड के साथ हाल ही में लागू FTA और यूरोपीय संघ के साथ संपन्न FTA प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
सक्रिय FTA वार्ताएँ
भारत चिली, कनाडा, यूरेशियन आर्थिक संघ, इज़रायल, पेरू, अमेरिका, मालदीव, GCC और दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ सहित नौ देशों/क्षेत्रीय समूहों के साथ FTA पर बातचीत कर रहा है।
समझौतों के बाद निर्यात में उछाल
ऑप्टिकल फाइबर का निर्यात 158% बढ़कर 48.3 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि अफ्रीका और आसियान को निर्यात में क्रमशः 47% और 56% की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो व्यापार कूटनीति के प्रभाव को दर्शाता है।
मौजूदा समझौतों की समीक्षा
भारत दक्षिण कोरिया, आसियान, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के साथ FTA की समीक्षा कर रहा है ताकि भारतीय निर्यातकों के लिए लाभ का आकलन किया जा सके और बाज़ार पहुंच बाधाओं को कम करने के नए रास्ते तलाशे जा सकें।
2याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
3विस्तृत विश्लेषण
संदर्भ / पृष्ठभूमि
भारत की FTA रणनीति 2020 के बाद काफी विकसित हुई है, सावधानी से सक्रिय जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह बदलाव वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत होने, RCEP जैसे क्षेत्रीय समूहों का मुकाबला करने और 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने की एक व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। ध्यान श्रम-गहन क्षेत्रों और उन्नत विनिर्माण के लिए बाजार पहुंच सुरक्षित करने पर है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
इस बहु-आयामी दृष्टिकोण में एक साथ बातचीत, नई पहल और समीक्षाएं शामिल हैं। यूरोपीय संघ के साथ संपन्न FTA (जिसकी कानूनी समीक्षा लंबित है) और न्यूज़ीलैंड के साथ लागू FTA उच्च-मूल्य वाले समझौते हैं। निर्यात के आंकड़े शुरुआती सफलताओं को दर्शाते हैं, जिसमें अफ्रीका और आसियान प्रमुख विकास बाज़ार बन रहे हैं। हालांकि, घरेलू उद्योग की चिंताओं का प्रबंधन करना, संतुलित समझौतों को सुनिश्चित करना और इन क्षेत्रों में चीन के व्यापार प्रभुत्व के साथ प्रतिस्पर्धा करना जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
कनाडा CEPA के 2026 के अंत तक संपन्न होने और अगले साल लागू होने की उम्मीद है। यूरोपीय संघ FTA की कानूनी जांच और अनुसमर्थन महत्वपूर्ण होगा। भविष्य की बातचीत डिजिटल व्यापार, स्थिरता और सरकारी खरीद जैसे नए क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। मौजूदा FTA की निरंतर समीक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि वे पारस्परिक रूप से लाभकारी बने रहें और बदलती वैश्विक व्यापार गतिशीलता के अनुकूल हों।
4पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- मुक्त व्यापार समझौता (FTA)
- दो या दो से अधिक देशों के बीच व्यापार में बाधाओं, जैसे टैरिफ, आयात कोटा और सब्सिडी को कम करने या समाप्त करने के लिए एक संधि, ताकि वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाया जा सके।
- व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)
- एक प्रकार का FTA जो अधिक व्यापक है, जिसमें केवल वस्तुएं ही नहीं बल्कि सेवाएँ, निवेश, बौद्धिक संपदा और आर्थिक सहयोग भी शामिल हैं। भारत कनाडा के साथ CEPA पर बातचीत कर रहा है।
- आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ)
- दस दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को मिलाकर एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन। भारत का आसियान के साथ वस्तुओं में एक मौजूदा FTA (AIFTA) है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।
- खाड़ी सहयोग परिषद (GCC)
- फ़ारसी खाड़ी से सटे अरब राज्यों का एक क्षेत्रीय राजनीतिक और आर्थिक संघ: सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन। भारत GCC के साथ FTA पर बातचीत कर रहा है।
5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में 158% की वृद्धि (अप्रैल-अगस्त 2026)
- नोडल निकाय: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
- तिथि: भारत-न्यूज़ीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी
गलती मत करना!
विभिन्न FTA की स्थिति को लेकर भ्रम पैदा करना: उदाहरण के लिए, यह कहना कि यूरोपीय संघ FTA 'लागू' हो गया है (यह केवल संपन्न हुआ है, कानूनी समीक्षा लंबित है) या यह भ्रमित करना कि कौन से देश 'बातचीत', 'समीक्षा' या 'नई पहल' के तहत हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
"व्यापार विविधीकरण रणनीति", "महामारी के बाद की रिकवरी में निर्यात-नेतृत्व वाला विकास", "वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (GVCs) में एकीकरण"
6अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत के लिए मुख्य रूप से कौन सा मंत्रालय/विभाग जिम्मेदार है?
व्याख्या: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, अपने वाणिज्य विभाग के माध्यम से, भारत की विदेश व्यापार नीति तैयार करने और लागू करने और FTA सहित व्यापार वार्ता आयोजित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
- Q2कठिन
समाचार के अनुसार भारत के व्यापार समझौतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.न्यूज़ीलैंड के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते ने सभी भारतीय निर्यात श्रेणियों पर शुल्क समाप्त कर दिया।
- 2.यूरोपीय संघ के साथ FTA वार्ता पूरी हो चुकी है और समझौता अब पूरी तरह से लागू है।
- 3.भारत दक्षिण कोरिया, आसियान, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के साथ अपने मौजूदा व्यापार समझौतों की समीक्षा कर रहा है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 लेख के अनुसार सही है। कथन 2 गलत है; यूरोपीय संघ के साथ FTA वार्ता संपन्न हो चुकी है, लेकिन लेख में कहा गया है कि कानूनी समीक्षा, हस्ताक्षर और अनुमोदन लंबित हैं, इसलिए यह अभी तक 'पूरी तरह से लागू' नहीं है। कथन 3 जैसा कि उल्लेख किया गया है, सही है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
लेख के अनुसार, अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान भारत के ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई?
व्याख्या: लेख में विशेष रूप से कहा गया है कि अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में 158% की वृद्धि हुई, जो 18.70 मिलियन डॉलर से बढ़कर 48.30 मिलियन डॉलर हो गया। 94% पूर्वी अफ्रीका को वृद्धि है, और 47% अफ्रीका को कुल वृद्धि है।
- Q4मध्यम
समाचार में उजागर किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के लिए भारत के नए सिरे से जोर देने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: लेख का मुख्य विषय FTA के तहत कम टैरिफ के माध्यम से वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच का विस्तार करना है, जिससे निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा हों और निर्यात वृद्धि को बढ़ावा मिले। जबकि आत्मनिर्भरता एक व्यापक नीति है, तत्काल FTA उद्देश्य निर्यात प्रोत्साहन है।
7सभी स्रोत
मूल खबर25 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें
