RBI गवर्नर ने राज्यों को वित्तीय अनुशासन मज़बूत करने, SLBC प्लेटफॉर्म और एकीकृत देयता सुविधा का उपयोग करने की सलाह दी
किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी
1खबर एक नज़र में
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने राज्य सरकारों को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सावधानी से उधार लेने और अपने खर्च की गुणवत्ता में सुधार करने की सलाह दी है।
राजकोषीय विवेक
RBI ने राज्यों को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए सावधानी से उधार लेने और खर्च की गुणवत्ता में सुधार करने की सलाह दी।
प्लेटफॉर्म का उपयोग
राज्यों से वित्तीय समन्वय के लिए राज्य स्तरीय बैंकर समिति (SLBC) प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया गया।
डिजिटल उपकरण
RBI ने राज्यों को एकीकृत देयता सुविधा (ULF) में शामिल होने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लिए CBDC का उपयोग करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
2याद रखने वाले तथ्य
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3विस्तृत विश्लेषण
संदर्भ / पृष्ठभूमि
महामारी के बाद राज्य के वित्त पर दबाव रहा है, जिसमें ऋण-से-GSDP अनुपात बढ़ रहा है और आकस्मिक देनदारियां बढ़ रही हैं। RBI ने लगातार राज्य के खर्च की गुणवत्ता पर चिंता जताई है, जो अक्सर पूंजी निवेश पर राजस्व खर्च को प्राथमिकता देता है। राज्य वित्त सचिवों का 36वां सम्मेलन केंद्र और RBI के लिए राज्य की राजकोषीय रणनीतियों को राष्ट्रीय समष्टि-आर्थिक स्थिरता लक्ष्यों के साथ संरेखित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
'सावधानी से उधार लेने' की सलाह राज्य ऋण की स्थिरता, विशेष रूप से ऑफ-बजट उधार पर RBI की चिंता का संकेत देती है। 'खर्च की गुणवत्ता में सुधार' का अर्थ है लोकलुभावन सब्सिडी से हटकर उत्पादक पूंजीगत व्यय की ओर बढ़ना जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। SLBCs के लिए जोर का उद्देश्य राज्य स्तर पर ऋण नियोजन तंत्र को मजबूत करना है। DBT के लिए CBDC के उपयोग की सिफारिश पारदर्शिता बढ़ाने, रिसाव कम करने और डिजिटल बुनियादी ढांचे के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
राज्यों को अपनी उधार योजनाओं और राजकोषीय समेकन मार्गों पर RBI और वित्त मंत्रालय से कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है। नकदी और ऋण प्रबंधन पर पुस्तिका एक मानक मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगी। DBT के लिए CBDC जैसे डिजिटल उपकरणों को अपनाने में वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा सकता है। भविष्य के सम्मेलन अनुपालन की निगरानी और राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
4पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- राज्य स्तरीय बैंकर समिति (SLBC)
- कृषि और ग्रामीण ऋण, वित्तीय समावेशन और केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की सुविधा के लिए सरकार, RBI, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय के लिए राज्य स्तर पर एक मंच।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना जिसमें सब्सिडी और अन्य लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाते हैं, जिसका उद्देश्य लीकेज और देरी को कम करना है।
- केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC)
- केंद्रीय बैंक (भारत के मामले में RBI) द्वारा जारी देश की फिएट मुद्रा का एक डिजिटल रूप। यह निजी क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत एक कानूनी निविदा है।
- राजकोषीय अनुशासन
- सरकार के घाटे और ऋण संचय को कम करने के उद्देश्य से एक नीति। इसमें दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी खर्च और उधार का विवेकपूर्ण प्रबंधन शामिल है।
5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस नोडल निकाय का लक्ष्य: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
- प्लेटफॉर्म: राज्य स्तरीय बैंकर समिति (SLBC)
- सुविधा: एकीकृत देयता सुविधा (ULF)
गलती मत करना!
परीक्षक प्रतिभागियों के संदर्भ में 'महालेखा नियंत्रक (CGA)' या 'नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)' के बारे में पूछ सकते हैं, जिससे उनकी भूमिकाओं में भ्रम पैदा हो सकता है। वे 'एकीकृत देयता सुविधा (ULF)' को 'एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI)' या 'एकीकृत निधि सुविधा (UFF)' से भी बदल सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
राजकोषीय संघवाद, व्यय की गुणवत्ता, ऋण की वहनीयता, डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचा
6अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
समाचार के अनुसार, किस केंद्रीय बैंक निकाय ने राज्य सरकारों को उधार लेने और खर्च की गुणवत्ता पर सलाह दी?
व्याख्या: लेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह सलाह दी। RBI भारत का केंद्रीय बैंकिंग संस्थान है जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग प्रणाली के विनियमन के लिए जिम्मेदार है।
- Q2कठिन
समाचार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.RBI गवर्नर ने राज्यों से राज्य स्तरीय बैंकर समिति (SLBC) प्लेटफॉर्म का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया।
- 2.RBI ने राज्यों को एकीकृत देयता सुविधा (ULF) में शामिल होने से बचने की सलाह दी।
- 3.सम्मेलन में 'राज्य सरकारों के लिए नकदी और ऋण प्रबंधन पर संकलन' नामक एक पुस्तिका जारी की गई।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है क्योंकि लेख में उल्लेख है कि RBI गवर्नर ने राज्यों से SLBC प्लेटफॉर्म का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए कहा। कथन 2 गलत है क्योंकि RBI गवर्नर ने राज्यों से एकीकृत देयता सुविधा (ULF) में शामिल होने का आग्रह किया, न कि इससे बचने का। कथन 3 सही है क्योंकि लेख में कहा गया है कि उस शीर्षक वाली पुस्तिका सम्मेलन में जारी की गई थी।
- Q3मध्यम
समाचार में उल्लिखित राज्य वित्त सचिवों के 36वें सम्मेलन में कितने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया?
व्याख्या: लेख में विशेष रूप से कहा गया है कि 27 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त सचिवों ने सम्मेलन में भाग लिया। यह स्रोत से एक सटीक तथ्यात्मक डेटा बिंदु है।
- Q4मध्यम
राज्यों को 'खर्च की गुणवत्ता' में सुधार करने की RBI की सलाह के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: लेख 'खर्च की गुणवत्ता में सुधार' को 'दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति को मजबूत करने' से जोड़ता है। इसका तात्पर्य अनुत्पादक या राजस्व-भारी मदों (जैसे सब्सिडी) से हटकर पूंजीगत व्यय की ओर बढ़ना है जो संपत्ति बनाता है और भविष्य के विकास को बढ़ावा देता है, जिससे राजकोषीय वहनीयता सुनिश्चित होती है।
7सभी स्रोत
मूल खबर27 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें
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DPIIT का पूर्ण रूप: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
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2 स्रोतबजट 2027-28 में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 12.5% से घट सकता है, विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर-आधारित कराधान का प्रस्ताव
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वर्तमान LTCG टैक्स दर: 12.5%
