जल जीवन मिशन 2.0: झारखंड की 4,345 पंचायतों में 13,000 से अधिक जलमित्र होंगे तैनात

29 अक्टूबर 2026Hindustan3 मिनट4 प्रश्न

किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी

1खबर एक नज़र में

झारखंड सरकार जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण जलापूर्ति को मज़बूत कर रही है। इसके लिए राज्य की 4,345 पंचायतों में से प्रत्येक में तीन 'जलमित्र' नियुक्त किए जाएंगे, जिससे 13,000 से अधिक रोज़गार सृजित होंगे। मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च समिति ने इस पहल को मंज़ूरी दी है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षित स्थानीय ऑपरेटरों के माध्यम से नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

  • बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोज़गार

    झारखंड की पंचायतों में जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रख-रखाव के लिए 'जलमित्रों' के 13,000 से अधिक पद सृजित होंगे।

  • सर्वोच्च समिति की मंज़ूरी

    राज्य की सर्वोच्च समिति, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने की, ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी।

  • प्रशिक्षण के लिए शैक्षणिक साझेदारी

    जलमित्रों के क्षमता निर्माण के लिए बीआईटी मेसरा रांची, आईएसएम धनबाद और निर्मला कॉलेज रांची जैसे संस्थान समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।

2याद रखने वाले तथ्य

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3झारखंड से जुड़ाव

झारखंड

झारखंड की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:

JPSC 8/10JSSC 7/10

4विस्तृत विश्लेषण

संदर्भ/पृष्ठभूमि

यह पहल राष्ट्रीय जल जीवन मिशन 2.0 का राज्य-स्तरीय कार्यान्वयन है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTCs) प्रदान करना है। 'जलमित्रों' के निर्माण पर ध्यान जल बुनियादी ढांचे के संचालन और रख-रखाव (O&M) की महत्वपूर्ण अंतिम-मील चुनौती का समाधान करता है, जो ग्रामीण जल योजनाओं में गैर-कार्यात्मक संपत्तियों का एक लगातार मुद्दा रहा है।

मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ

यह कार्यक्रम ग्रामीण रोज़गार को बुनियादी ढांचे की स्थिरता के साथ रणनीतिक रूप से जोड़ता है। स्थानीय युवाओं, पूर्व सैनिकों और स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर, यह स्थानीय स्वामित्व का निर्माण करता है और मरम्मत के लिए त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है। मानदेय और प्रशिक्षण के लिए 16वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट का उपयोग इस योजना को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाता है। 'झारखंड जल पोर्टल' से जुड़े कमांड एंड सपोर्ट सेंटर का निर्माण निगरानी और डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए एक डिजिटल शासन परत प्रदान करता है।

भविष्य की संभावनाएं/आगे का रास्ता

इसकी सफलता पेयजल विभाग, पंचायती राज विभाग और श्रम विभाग के बीच प्रभावी समन्वय पर निर्भर करती है। तकनीकी संस्थानों के साथ विकसित 510 घंटे और 120 घंटे के प्रशिक्षण मॉड्यूल की गुणवत्ता जलमित्रों के कौशल स्तर को निर्धारित करेगी। यह मॉडल ग्रामीण जलापूर्ति में समान संचालन और रख-रखाव चुनौतियों का सामना करने वाले अन्य राज्यों के लिए एक प्रतिरूपणीय टेम्पलेट के रूप में काम कर सकता है।

5पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी

जल जीवन मिशन (JJM)
जल शक्ति मंत्रालय के तहत 2019 में शुरू की गई एक प्रमुख केंद्र सरकार की योजना, जिसका उद्देश्य 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
वित्त आयोग
एक संवैधानिक निकाय (अनुच्छेद 280) जो हर पांच साल में संघ और राज्यों के बीच तथा राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण की सिफारिश करने के लिए गठित किया जाता है। 16वां वित्त आयोग वर्तमान में 2026-31 की अवधि के लिए कार्यरत है।
टाइड ग्रांट
केंद्र सरकार से राज्य सरकारों को वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत हस्तांतरित धन, जो पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा आदि जैसे विशिष्ट क्षेत्रों या उद्देश्यों के लिए निर्धारित होते हैं।

6परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: झारखंड में 4,345 पंचायतें और 13,000 से अधिक जलमित्र
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड
  • इस योजना पर ध्यान दें: जल जीवन मिशन 2.0
  • इस वित्त पोषण पर ध्यान दें: 16वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट

गलती मत करना!

परीक्षक सामान्य रूप से 'जल जीवन मिशन' के बारे में पूछ सकता है, लेकिन 'जल जीवन मिशन 2.0' और 'जलमित्रों' के साथ इसके राज्य-स्तरीय कार्यान्वयन के बारे में विशिष्ट तथ्य झारखंड के समाचार के लिए अद्वितीय है। वे नए बनाम अनुभवी उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण के घंटों (510 बनाम 120) को भी बदल सकते हैं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें

विकेंद्रीकृत संचालन और रख-रखाव (O&M), समुदाय-नेतृत्व वाला जल प्रबंधन, ग्रामीण रोज़गार और बुनियादी ढांचे की स्थिरता का अभिसरण, जल के लिए डिजिटल डेटा गवर्नेंस

7अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    झारखंड की 'जलमित्र' भर्ती पहल किस राष्ट्रीय मिशन के तहत लागू की जा रही है?

  2. Q2मध्यम

    झारखंड जलमित्र पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.प्रस्ताव को मंज़ूरी देने वाली एपेक्स कमेटी की अध्यक्षता झारखंड के मुख्य सचिव ने की थी।
    2. 2.इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की प्रत्येक पंचायत के लिए एक जलमित्र नियुक्त करना है।
    3. 3.मानदेय और कौशल प्रशिक्षण के लिए वित्त पोषण 16वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट से आएगा।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3आसान

    समाचार के अनुसार, झारखंड में पंचायतों की कुल संख्या कितनी है जिसके आधार पर जलमित्रों की तैनाती की योजना बनाई गई है?

  4. Q4मध्यम

    झारखंड की पहल के तहत 'जलमित्रों' को प्रशिक्षित और तैनात करने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

8सभी स्रोत

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