अर्थव्यवस्था

कोल इंडिया क्रिटिकल मिनरल्स, सौर और पवन ऊर्जा में उतरकर वैश्विक ऊर्जा कंपनी बनने की राह पर

4 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 103 / 107

प्रिलिम्स के लिए: क्रिटिकल मिनरल्स, कोयला गैसीकरण, महारत्न PSU, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), कंपनी, नए फोकस सेक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स के लक्षित क्षेत्र, लक्षित क्रिटिकल मिनरल्स

मेन्स के लिए: ऊर्जा परिवर्तन, PSU विविधीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत, हरित ऊर्जा

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) शुद्ध कोयला खनन कंपनी से बदलकर विविधीकृत वैश्विक ऊर्जा कंपनी बन रही है। वह ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में लिथियम, कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की खदानें हासिल करने की योजना बना रही है। साथ ही कोयला गैसीकरण, सौर और पवन ऊर्जा, एल्युमिनियम और लौह अयस्क में विस्तार कर रही है, और इसके लिए BHEL और GAIL के साथ साझेदारी कर रही है।

सारांश

  • कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) कोयले से आगे बढ़कर क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम, कोबाल्ट), कोयला गैसीकरण, सौर और पवन ऊर्जा, एल्युमिनियम और लौह अयस्क में विविधता ला रही है।
  • CIL इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण की आपूर्ति श्रृंखला के लिए ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल्स की खदानें हासिल करने की योजना बना रही है।
  • बड़े पैमाने पर कोयला गैसीकरण और केमिकल परियोजनाओं के लिए BHEL और GAIL के साथ साझेदारी शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

  • कोयले से क्रिटिकल मिनरल्स तक

    CIL इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी के कच्चे माल को सुरक्षित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में लिथियम और कोबाल्ट की खदानें हासिल करने की योजना बना रही है।

  • स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम

    CIL BHEL और GAIL के साथ बड़े पैमाने पर कोयला गैसीकरण के साथ सौर और पवन ऊर्जा में भी उतर रही है।

  • वैश्विक विस्तार

    CIL विदेशी खनिज संपत्तियों और परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए अपने अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैनात करेगी।

पृष्ठभूमि

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) विश्व की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी है और कोयला मंत्रालय के अधीन एक महारत्न PSU है। कोयला उत्पादन पर केंद्रित रही यह कंपनी अब बदल रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की भारत की बढ़ती मांग, और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन, CIL को विविधीकरण की ओर धकेल रहे हैं। 52वें स्थापना दिवस की घोषणा एक रणनीतिक मोड़ का संकेत है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

क्रिटिकल मिनरल्स में CIL का कदम EV और बैटरी के कच्चे माल के लिए भारत की आयात निर्भरता घटाता है और आत्मनिर्भर भारत पहल को मज़बूत करता है। सौर और पवन ऊर्जा में प्रवेश भारत के 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य के अनुरूप है। BHEL और GAIL के साथ कोयला गैसीकरण साझेदारी से सिंथेटिक ईंधन और रसायन बन सकते हैं, जिससे कोयले का कार्बन पदचिह्न घटेगा। विदेश में CIL के अधिकारियों की तैनाती से वैश्विक विशेषज्ञता बढ़ेगी।

आगे की राह

विदेश में क्रिटिकल मिनरल्स की खदानें सफलतापूर्वक हासिल करने के लिए भू-राजनीतिक जोखिमों और स्थानीय नियमों से निपटना होगा। गैसीकरण और नवीकरणीय परियोजनाओं के लिए तकनीक हस्तांतरण और भारी पूंजी निवेश की ज़रूरत होगी। CIL का विविधीकरण अन्य भारतीय PSU के लिए हरित ऊर्जा परिवर्तन के अनुरूप ढलने और व्यावसायिक रूप से टिके रहने का एक मॉडल बन सकता है।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

क्रिटिकल मिनरल्स
वे खनिज जो आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, जिनकी आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के प्रति संवेदनशील है। उदाहरण: लिथियम, कोबाल्ट, दुर्लभ मृदा तत्व। ये उच्च तकनीक, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए अहम हैं।
कोयला गैसीकरण
वह प्रक्रिया जिसमें कोयले को सिंथेसिस गैस (syngas) में बदला जाता है, जो कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन से बनी होती है। इससे बिजली, रसायन या सिंथेटिक ईंधन बनाए जा सकते हैं।
महारत्न PSU
भारत में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की सर्वोच्च श्रेणी, जिन्हें वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता अधिक मिलती है। कोल इंडिया एक महारत्न कंपनी है।
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
भारत सरकार के स्वामित्व वाली कोयला खनन और शोधन कंपनी, जिसका मुख्यालय कोलकाता में है। यह विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक है और कोयला मंत्रालय के अधीन महारत्न PSU है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • लक्षित आंकड़े: CIL का 52वां स्थापना दिवस; प्रस्तावित विदेशी क्षेत्र: ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका
  • लक्षित नोडल निकाय: कोयला मंत्रालय (CIL का मूल मंत्रालय)

यह गलती न करें!

परीक्षार्थी कोल इंडिया लिमिटेड को SAIL या NTPC जैसे दूसरे PSU से भ्रमित कर सकते हैं, या 'क्रिटिकल मिनरल्स' को 'दुर्लभ मृदा तत्व' से बदल सकते हैं। वे यह भी कह सकते हैं कि CIL केवल नवीकरणीय ऊर्जा में विविधता ला रही है, और क्रिटिकल मिनरल्स व गैसीकरण को छोड़ सकते हैं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • ऊर्जा परिवर्तन, PSU विविधीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत, हरित ऊर्जा

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का मूल मंत्रालय कौन-सा है?

  2. Q2मध्यम

    कोल इंडिया लिमिटेड के विविधीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.CIL ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल्स की खदानें हासिल करने की योजना बना रही है।
    2. 2.CIL केवल कोयला गैसीकरण पर ध्यान देगी और सौर या पवन ऊर्जा में नहीं उतरेगी।
    3. 3.CIL ने बड़े पैमाने की गैसीकरण परियोजनाओं के लिए BHEL और GAIL के साथ साझेदारी की है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3आसान

    कोल इंडिया लिमिटेड ने किस स्थापना दिवस पर क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा में विविधता लाने की घोषणा की?

  4. Q4मध्यम

    कोल इंडिया लिमिटेड का लिथियम और कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स में विविधीकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कोल इंडिया लिमिटेड की नई विविधीकरण रणनीति क्या है?

कोल इंडिया लिमिटेड ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम, कोबाल्ट) की खदानें हासिल करने की योजना बना रही है, और कोयला गैसीकरण, सौर और पवन ऊर्जा, एल्युमिनियम व लौह अयस्क में विस्तार कर रही है।

2. कोल इंडिया विदेश में अधिग्रहण के लिए किन क्रिटिकल मिनरल्स को लक्षित कर रही है?

कोल इंडिया लिथियम और कोबाल्ट को लक्षित कर रही है, जो इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी और ऊर्जा भंडारण के लिए आवश्यक हैं।

3. कोल इंडिया ने गैसीकरण परियोजनाओं के लिए किन कंपनियों के साथ साझेदारी की है?

कोल इंडिया ने बड़े पैमाने की कोयला गैसीकरण और केमिकल परियोजनाओं के लिए BHEL और GAIL के साथ साझेदारी की है।

4. कोल इंडिया ने यह विविधीकरण किस स्थापना दिवस पर घोषित किया?

कोल इंडिया ने यह घोषणा 2026 में अपने 52वें स्थापना दिवस पर की।

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