प्रिलिम्स के लिए: वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), PM2.5 और PM10, CAQM, पराली जलाना, CAQM का पूर्ण रूप, नोडल निकाय, 4 नवंबर को दिल्ली का AQI, दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने का योगदान
मेन्स के लिए: पराली जलाना, CAQM, GRAP, PM2.5, फसल अवशेष प्रबंधन, दिल्ली-NCR वायुक्षेत्र
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- 4 नवंबर 2026 को दिल्ली का AQI 377 (बहुत खराब) था।
- CAQM ने पराली जलाने के लिए पंजाब के 5 ज़िलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
- दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने का 16.28% योगदान रहा।
- 4 नवंबर को छह राज्यों में 467 सक्रिय खेत-आग की घटनाएं दर्ज हुईं।
- CAQM का अर्थ है NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग।
चर्चा में क्यों?
दिल्ली का AQI 377 (बहुत खराब) दर्ज हुआ, जो 288 दिनों में सबसे खराब स्तर है। CAQM ने पराली जलाने पर रोक न लगा पाने के लिए पंजाब के पांच ज़िलों को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने का योगदान 16.28% रहा। दिवाली के दौरान AQI के 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।
सारांश
- CAQM ने जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाज़िल्का (पंजाब) के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पराली जलाने पर रोक न लगाने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजे।
- 4 नवंबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 377 (बहुत खराब) रहा, जो 288 दिनों में सबसे खराब है। इसमें PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषक थे।
- पराली जलाने से दिल्ली के PM2.5 में 16.28% योगदान हुआ, और दिवाली सप्ताहांत के दौरान AQI के गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।
मुख्य बातें
दिल्ली का AQI 377 पर पहुंचा
दिल्ली की हवा 288 दिनों में सबसे खराब रही, 24 घंटे का औसत AQI 377 (बहुत खराब) दर्ज हुआ। मुख्य प्रदूषक PM2.5 और PM10 थे।
CAQM की पराली जलाने के खिलाफ सख्ती
पराली जलने की घटनाएं रोकने में विफल रहने पर पंजाब के पांच ज़िलों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए, जिससे चार दिनों में नोटिस पाने वाले ज़िलों की कुल संख्या नौ हो गई।
दिवाली के लिए गंभीर AQI का अनुमान
AQI के 6-7 नवंबर (शुक्रवार-शनिवार) को गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है, जबकि दिवाली 7-8 नवंबर को है। प्रतिकूल मौसम के कारण आने वाले दिनों में भी AQI गंभीर श्रेणी में बना रह सकता है।
पृष्ठभूमि
दिल्ली-NCR में हर सर्दी में गंभीर वायु प्रदूषण होता है, जिसका कारण पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाना, स्थानीय वाहनों से होने वाला उत्सर्जन और प्रतिकूल मौसम दशाएं (कम हवा की गति, तापमान प्रतिलोमन) हैं। इसी से निपटने के लिए 2021 में CAQM को वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया। कानूनी प्रतिबंध और फसल अवशेष प्रबंधन जैसी केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहनों के बावजूद पराली जलाना एक लगातार बनी रहने वाली चुनौती है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को CAQM द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस यह संकेत देते हैं कि अब स्थानीय प्रशासन को प्रवर्तन के लिए सीधे जवाबदेह ठहराया जा रहा है। एक ही दिन (4 नवंबर) छह राज्यों में 467 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज हुईं, इसलिए समस्या अब भी व्यापक है। पंजाब में अब तक की कुल 2,347 घटनाएं 2025 (2,839) और 2023 (14,173) से कम हैं, जो कुछ प्रगति दर्शाता है, लेकिन दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने का 16.28% योगदान अब भी काफी है। परिवहन क्षेत्र (18.17%) सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत है, जो बहु-क्षेत्रीय कार्रवाई की ज़रूरत बताता है।
आगे की राह
दिवाली 7-8 नवंबर को है और AQI के गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है, इसलिए GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के चरण IV के तहत आपातकालीन उपाय लागू किए जा सकते हैं। लंबी अवधि में समाधानों में धान के पुआल का इन-सीटू प्रबंधन (अपघटक सूक्ष्मजीवों के उपयोग से), बायोमास बिजली संयंत्रों में एक्स-सीटू उपयोग, तापीय संयंत्रों में सह-दहन, और पानी अधिक खपत करने वाली धान की खेती से फसल विविधीकरण शामिल हैं। ज़िला अधिकारियों की कानूनी जवाबदेही एक मजबूत निवारक का काम कर सकती है।
AQI श्रेणियां
| श्रेणी | AQI सीमा | विवरण |
|---|---|---|
| संतोषजनक | 51-100 | स्वीकार्य |
| मध्यम | 101-200 | हल्की असुविधा हो सकती है |
| खराब | 201-300 | सांस लेने में असुविधा हो सकती है |
| बहुत खराब | 301-400 | श्वसन संबंधी बीमारी हो सकती है |
| गंभीर | 401-500 | स्वस्थ लोगों पर भी स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
- किसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर को बताने वाला एक संख्यात्मक सूचकांक। यह मुख्य प्रदूषकों (PM2.5, PM10, NO₂, SO₂, CO, O₃) की सांद्रता पर आधारित है। श्रेणियां: अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), गंभीर (401-500)।
- PM2.5 और PM10
- 2.5 माइक्रोमीटर (PM2.5) और 10 माइक्रोमीटर (PM10) से छोटे व्यास वाले कण। PM2.5 फेफड़ों में गहराई तक जाकर रक्तप्रवाह में पहुंच सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। दिल्ली की सर्दियों की धुंध में यही मुख्य प्रदूषक हैं।
- CAQM
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग। यह CAQM अधिनियम, 2021 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जो दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन का समन्वय और प्रवर्तन करता है। यह राज्यों और स्थानीय निकायों को बाध्यकारी निर्देश दे सकता है।
- पराली जलाना
- कटाई के बाद अगली फसल के लिए खेत साफ करने के लिए बची हुई फसल के अवशेष (धान का पुआल) में आग लगाने की प्रथा। अक्टूबर-नवंबर में उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का यह एक बड़ा स्रोत है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 4 नवंबर 2026 को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 377 (बहुत खराब श्रेणी) था।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: CAQM अधिनियम, 2021 (वैधानिक निकाय)।
यह गलती न करें!
परीक्षा में 'बहुत खराब' (301-400) को 'गंभीर' (401-500) से बदला जा सकता है, या पराली जलाने के योगदान (16.28%) को परिवहन क्षेत्र (18.17%) से भ्रमित किया जा सकता है। नोटिस पाने वाले ज़िलों की संख्या (4 नवंबर को 5, चार दिनों में कुल 9) या पंजाब में कुल खेत-आग की घटनाएं (2025 के 2,839 के मुकाबले 2,347) भी पूछी जा सकती हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- पराली जलाना, CAQM, GRAP, PM2.5, फसल अवशेष प्रबंधन, दिल्ली-NCR वायुक्षेत्र
कहीं अटके? एक टैप में समझें
4 नवंबर को दिल्ली की हवा बहुत खराब हो गई, AQI 377 (बहुत खराब) तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि हवा सभी के लिए अस्वस्थ है। इसका एक बड़ा कारण पंजाब के किसानों द्वारा कटाई के बाद बची धान की पराली जलाना है। CAQM ने, एक सरकारी निकाय के रूप में, इस प्रथा को न रोक पाने के लिए पंजाब के पांच ज़िला अधिकारियों को चेतावनी पत्र भेजे। दिवाली के दौरान हवा और भी खराब (गंभीर) होने का अनुमान है।
- 4 नवंबर 2026 को दिल्ली का AQI 377 (बहुत खराब) था।
- CAQM ने पराली जलाने के लिए पंजाब के 5 ज़िलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
- दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने का 16.28% योगदान रहा।
- 4 नवंबर को छह राज्यों में 467 सक्रिय खेत-आग की घटनाएं दर्ज हुईं।
- CAQM का अर्थ है NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग।
- पर्यावरण: वायु प्रदूषण और उसका नियंत्रण
- शासन: नियामक निकाय और उनके कार्य
जुड़ी अवधारणाएँ: वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), PM2.5 और PM10, CAQM, पराली जलाना
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से कौन-सा वैधानिक निकाय ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: CAQM, जिसे CAQM अधिनियम, 2021 के तहत स्थापित किया गया, दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता उपायों के समन्वय और प्रवर्तन के लिए नोडल निकाय है। CPCB तकनीकी आंकड़े देता है, IITM DSS मॉडल चलाता है और MoEFCC मूल मंत्रालय है, लेकिन मुख्य नियामक निकाय CAQM है।
- Q2कठिन
4 नवंबर 2026 को दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता स्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 377 था, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया।
- 2.दिल्ली के PM2.5 में परिवहन क्षेत्र का योगदान पराली जलाने से अधिक रहा।
- 3.CAQM ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: AQI 377 (बहुत खराब) था। कथन 2 सही है: परिवहन क्षेत्र का योगदान 18.17% था, जबकि पराली जलाने का 16.28%। कथन 3 गलत है: नोटिस मुख्यमंत्रियों को नहीं, बल्कि कुछ विशेष ज़िलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भेजे गए।
- Q3मध्यम
4 नवंबर 2026 को छह उत्तरी और मध्य राज्यों में सक्रिय धान अवशेष जलाने की कितनी घटनाएं दर्ज हुईं?
व्याख्या: ICAR-IARI के उपग्रहों ने 4 नवंबर को छह राज्यों में 467 सक्रिय आग की घटनाएं पकड़ीं। इनमें 157 मध्य प्रदेश (सबसे अधिक), 151 पंजाब और 111 राजस्थान में थीं। 2,347 पंजाब का 15 सितंबर से अब तक का संचयी आंकड़ा है।
- Q4मध्यम
पंजाब में ज़िला अधिकारियों को CAQM द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: नोटिस पराली जलाने से जुड़ी 'गैर-अनुपालन और आयोग के निर्देशों के उल्लंघन' के लिए जारी किए गए। उद्देश्य ज़िला स्तर के अधिकारियों (उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों) को सीधे ज़िम्मेदार बनाकर मौजूदा प्रतिबंधों को लागू करना है। किसानों पर जुर्माना या औद्योगिक उत्सर्जन यहां मुख्य बिंदु नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 4 नवंबर 2026 को दिल्ली का AQI क्या था?
दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 377 था, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया, जो 288 दिनों में सबसे खराब है।
2. 4 नवंबर को CAQM से पंजाब के किन ज़िलों को कारण बताओ नोटिस मिले?
जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाज़िल्का ज़िलों को पराली जलाने पर रोक न लगा पाने के लिए नोटिस मिले।
3. CAQM का पूर्ण रूप क्या है?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग।
4. 4 नवंबर 2026 को पराली जलाने की कितनी सक्रिय घटनाएं दर्ज हुईं?
ICAR-IARI के उपग्रहों ने छह उत्तरी और मध्य राज्यों में 467 सक्रिय धान अवशेष जलाने की घटनाएं पकड़ीं।
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मूल खबर4 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

