सामाजिक मुद्दे

पीएम राहत योजना: बिहार में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज

4 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत3 प्रश्नखबर 33 / 107

प्रिलिम्स के लिए: गोल्डन ऑवर, कैशलेस इलाज, योजना का नाम, कवरेज राशि, इलाज की अवधि, मुख्य अवधारणा, वर्तमान संदर्भ

मेन्स के लिए: गोल्डन ऑवर, कैशलेस इलाज, विभागों के बीच समन्वय

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

बिहार सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज देने के लिए पीएम राहत योजना लागू कर रहा है। साथ ही 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में समय पर इलाज सुनिश्चित करने पर ज़ोर है। पटना में हुई राज्यस्तरीय कार्यशाला में पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभागों के बीच अस्पताल पंजीकरण, पुलिस सत्यापन और क्लेम की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा हुई।

सारांश

  • पीएम राहत योजना के तहत बिहार में पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है।
  • 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) बेहद अहम है, और इस दौरान अस्पताल पहुंचने से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
  • लोगों में जागरूकता के लिए अस्पतालों में बोर्ड और हाईवे पर होर्डिंग लगाए जाएंगे।

मुख्य बातें

  • ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज

    पीएम राहत योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक कैशलेस इलाज देती है, ताकि नाज़ुक गोल्डन ऑवर में पैसे की दिक्कत आड़े न आए।

  • गोल्डन ऑवर पर ध्यान

    दुर्घटना के बाद का पहला घंटा बेहद अहम होता है, और तुरंत अस्पताल पहुंचाने से कई जानें बच सकती हैं।

  • हाईवे पर जागरूकता अभियान

    अस्पतालों में लगे सूचना बोर्ड और हाईवे पर होर्डिंग इस योजना का प्रचार करेंगे।

पृष्ठभूमि

बिहार में सड़क दुर्घटनाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की बड़ी चुनौती हैं। पीएम राहत योजना इसलिए बनाई गई है ताकि दुर्घटना पीड़ितों को खर्च की चिंता किए बिना समय पर इलाज मिले, खासकर 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद के पहले घंटे) में।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

योजना में अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज दिया जाता है। इसके लिए पुलिस (सत्यापन और डायल-112), स्वास्थ्य विभाग (अस्पताल पंजीकरण और क्लेम) और परिवहन विभाग (जागरूकता) के बीच तालमेल ज़रूरी है। पंजीकरण और आंकड़ों के प्रबंधन के लिए TMS 2.0 पोर्टल और iRAD/eDAR प्रणाली का इस्तेमाल होता है। इससे गरीब परिवारों का जेब से होने वाला खर्च घटता है और जीवित रहने की दर सुधर सकती है।

आगे की राह

इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सुचारु बनाना और संबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों का 100% पंजीकरण सुनिश्चित करना था। अस्पतालों में लगे बोर्ड और हाईवे पर लगी होर्डिंग से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इसकी सफलता विभागों के बीच लगातार समन्वय और नियमित प्रशिक्षण पर निर्भर करेगी।

बिहार से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

गोल्डन ऑवर
किसी गंभीर चोट (जैसे सड़क दुर्घटना) के बाद का पहला घंटा, जिसमें तुरंत इलाज से मृत्यु और जटिलताओं का खतरा काफी घट सकता है।
कैशलेस इलाज
ऐसा चिकित्सा उपचार जो मरीज़ से पहले से भुगतान लिए बिना दिया जाए; अस्पताल बिल सीधे बीमा कंपनी या योजना को भेजता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों के लिए ₹1.5 लाख का कैशलेस इलाज

यह गलती न करें!

परीक्षक राशि को ₹1.5 लाख या अवधि को 7 दिन के रूप में पूछ सकते हैं, या पीएम राहत योजना को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी दुर्घटना से जुड़ी दूसरी योजनाओं से भ्रमित कर सकते हैं। वे 'गोल्डन ऑवर' की परिभाषा भी पूछ सकते हैं, जो पहले 24 घंटे नहीं बल्कि पहला घंटा है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • गोल्डन ऑवर, कैशलेस इलाज, विभागों के बीच समन्वय

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1कठिन

    पीएम राहत योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.यह सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज देती है।
    2. 2.यह योजना अस्पताल में भर्ती रहने की पूरी अवधि के सभी चिकित्सा खर्च वहन करती है।
    3. 3.'गोल्डन ऑवर' का अर्थ दुर्घटना के बाद का पहला घंटा है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  2. Q2मध्यम

    पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित को दिया जाने वाला कैशलेस इलाज की अधिकतम राशि कितनी है?

  3. Q3मध्यम

    पीएम राहत योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पीएम राहत योजना क्या है?

पीएम राहत योजना एक ऐसी योजना है जो दुर्घटना के बाद सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा इलाज देती है।

2. सड़क दुर्घटनाओं में 'गोल्डन ऑवर' क्या है?

'गोल्डन ऑवर' सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा है। इस घंटे में पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने से मौत का खतरा काफी घट सकता है।

3. लोगों को पीएम राहत योजना की जानकारी कैसे मिलेगी?

सूचीबद्ध अस्पतालों में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे और लोगों में जागरूकता के लिए हाईवे के किनारे होर्डिंग लगाए जाएंगे।

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