राजव्यवस्था

मध्य प्रदेश: 'कॉल ऑफ' नियम खत्म होगा, 12 महीने के वेतन का प्रस्ताव

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 10 / 39

प्रिलिम्स के लिए: होमगार्ड, कॉल ऑफ नियम, स्वीकृत बनाम भरे गए पद, राज्य, बल, वर्तमान स्वीकृत पद, रिक्त पद, प्रस्तावित नई भर्ती

मेन्स के लिए: होमगार्ड सुधार, अर्धसैनिक स्वयंसेवकों का कल्याण, राज्य स्तर की भर्ती नीति, सेवा शर्तों में न्यायिक हस्तक्षेप

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

मध्य प्रदेश सरकार 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने की योजना बना रही है। इस नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता है। मंज़ूरी मिलने पर 9,110 जवानों को पूरे 12 महीने का मानदेय मिलेगा। प्रस्ताव में 17 साल की रोक के बाद 5,020 पदों पर नियमित भर्ती भी शामिल है।

सारांश

  • मध्य प्रदेश होमगार्ड मुख्यालय ने 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे 9,110 जवानों को साल के सभी 12 महीने वेतन मिल सकेगा।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को होमगार्ड स्थापना दिवस पर यह घोषणा की थी। इस नियम के खिलाफ उच्च न्यायालय में 450 से ज़्यादा याचिकाएं दायर हुई थीं।
  • प्रस्ताव में होमगार्ड के 5,020 पदों पर नियमित भर्ती (2009 के बाद पहली बार) और 488 जवानों की महाकाल मंदिर में तैनाती भी शामिल है।

मुख्य बातें

  • 'कॉल ऑफ' नियम खत्म होगा

    होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर नहीं बैठना पड़ेगा।

  • 5,020 नए पदों पर भर्ती होगी

    2009 के बाद 17 साल के अंतराल पर होमगार्ड में नियमित भर्ती फिर से शुरू होगी।

पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश होमगार्ड बल की स्वीकृत संख्या 15,800 है, जिनमें से 6,690 पद रिक्त हैं। 2009 से नियमित भर्ती नहीं हुई है। 'कॉल ऑफ' नियम के तहत जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन ड्यूटी से दूर रहना होता था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी होती थी। इस नियम के खिलाफ उच्च न्यायालय में 450 से ज़्यादा याचिकाएं दायर हुईं।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

'कॉल ऑफ' नियम खत्म होने से सीधा लाभ 9,110 होमगार्ड जवानों को होगा, क्योंकि उनकी आय साल भर बनी रहेगी। राज्य सरकार पर सालाना लगभग ₹18.74 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस कदम से बल को अधिक पेशेवर बनाने की व्यापक कोशिश भी दिखती है, जिसमें 5,020 नए जवानों की भर्ती और उज्जैन के महाकाल मंदिर में 488 जवानों की तैनाती शामिल है।

आगे की राह

प्रस्ताव अभी गृह विभाग के पास है। मंज़ूरी मिलने पर इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट में भेजा जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो 17 साल बाद होने वाली पहली नियमित होमगार्ड भर्ती मध्य प्रदेश के शासन में एक अहम उपलब्धि होगी और आपदा प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था में सहायता को मज़बूत करेगी।

'कॉल ऑफ' नियम: पहले बनाम अब

विशेषतापहले (वर्तमान)अब (प्रस्तावित)
प्रति वर्ष वेतन वाले महीने10 महीने (2 महीने बिना वेतन)12 महीने (पूरा वेतन)
प्रभावित जवान9,1109,110 (लाभान्वित)
राज्य पर सालाना अतिरिक्त लागतशून्य₹18.74 करोड़

मध्य प्रदेश से जुड़ाव

मध्य प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:MPPSC 8/10MPESB 7/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

होमगार्ड
राज्य सरकार के अधीन एक स्वैच्छिक बल, जिसे होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 के तहत बनाया गया है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा में राहत और चुनाव ड्यूटी में पुलिस की सहायता करता है।
कॉल ऑफ नियम
कुछ राज्यों में प्रथा, जिसके तहत होमगार्ड कर्मियों को हर कुछ साल में एक तय अवधि (जैसे दो महीने) के लिए बिना वेतन ड्यूटी से दूर रहना पड़ता है। अक्सर इसे अदालतों में चुनौती दी जाती है।
स्वीकृत बनाम भरे गए पद
स्वीकृत पद किसी विभाग में अधिकतम स्वीकृत स्थानों की संख्या हैं, जबकि भरे गए पद वे हैं जिन पर वास्तव में लोग कार्यरत हैं। दोनों का अंतर रिक्त पदों की संख्या है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 9,110 होमगार्ड जवान लाभान्वित; 5,020 नई भर्ती प्रस्तावित; 15,800 स्वीकृत पद; 6,690 रिक्तियां; अंतिम नियमित भर्ती 2009 में।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: मध्य प्रदेश गृह विभाग और होमगार्ड मुख्यालय।
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 (राज्य स्तर पर लागू)।

यह गलती न करें!

परीक्षक 'कॉल ऑफ' को 'कैज़ुअल लीव' या 'कंपल्सरी लीव' से भ्रमित कर सकते हैं। वे प्रभावित जवानों की संख्या (9,110) को कुल स्वीकृत बल (15,800) या रिक्त पदों (6,690) से बदल भी सकते हैं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • होमगार्ड सुधार, अर्धसैनिक स्वयंसेवकों का कल्याण, राज्य स्तर की भर्ती नीति, सेवा शर्तों में न्यायिक हस्तक्षेप

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में होमगार्ड किस अधिनियम के तहत बनाए जाते हैं?

  2. Q2कठिन

    मध्य प्रदेश में होमगार्ड के 'कॉल ऑफ' नियम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.'कॉल ऑफ' नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता था।
    2. 2.नियम खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2025 में होमगार्ड स्थापना दिवस पर घोषित किया था।
    3. 3.इस नियम के खिलाफ 450 से ज़्यादा याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में दायर हुई थीं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3आसान

    मध्य प्रदेश में होमगार्ड के कितने पद वर्तमान में स्वीकृत हैं?

  4. Q4मध्यम

    होमगार्ड जवानों के लिए 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मध्य प्रदेश में होमगार्ड के लिए 'कॉल ऑफ' नियम क्या है?

'कॉल ऑफ' नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता था। राज्य सरकार ने इसे खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।

2. 'कॉल ऑफ' नियम खत्म होने से कितने होमगार्ड जवानों को लाभ होगा?

मध्य प्रदेश के 9,110 होमगार्ड जवानों को साल के सभी 12 महीने मानदेय मिलने से लाभ होगा।

3. 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने की घोषणा किसने की?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को होमगार्ड स्थापना दिवस पर इसे खत्म करने की घोषणा की थी।

4. मध्य प्रदेश में होमगार्ड की कितनी नई भर्तियां प्रस्तावित हैं?

राज्य 5,020 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती की योजना बना रहा है, जो 2009 के बाद पहली नियमित भर्ती होगी।

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  • याचिकाकर्ता: अजय दुबे (सामाजिक कार्यकर्ता)
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