प्रिलिम्स के लिए: होमगार्ड, कॉल ऑफ नियम, स्वीकृत बनाम भरे गए पद, राज्य, बल, वर्तमान स्वीकृत पद, रिक्त पद, प्रस्तावित नई भर्ती
मेन्स के लिए: होमगार्ड सुधार, अर्धसैनिक स्वयंसेवकों का कल्याण, राज्य स्तर की भर्ती नीति, सेवा शर्तों में न्यायिक हस्तक्षेप
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- मध्य प्रदेश होमगार्ड में 15,800 स्वीकृत पद हैं।
- राज्य में वर्तमान में 6,690 होमगार्ड पद रिक्त हैं।
- 5,020 नई होमगार्ड भर्तियों का प्रस्ताव किया गया है।
- मध्य प्रदेश में अंतिम नियमित होमगार्ड भर्ती 2009 में हुई थी।
- होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 के तहत होमगार्ड बनाए जाते हैं।
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश सरकार 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने की योजना बना रही है। इस नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता है। मंज़ूरी मिलने पर 9,110 जवानों को पूरे 12 महीने का मानदेय मिलेगा। प्रस्ताव में 17 साल की रोक के बाद 5,020 पदों पर नियमित भर्ती भी शामिल है।
सारांश
- मध्य प्रदेश होमगार्ड मुख्यालय ने 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे 9,110 जवानों को साल के सभी 12 महीने वेतन मिल सकेगा।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को होमगार्ड स्थापना दिवस पर यह घोषणा की थी। इस नियम के खिलाफ उच्च न्यायालय में 450 से ज़्यादा याचिकाएं दायर हुई थीं।
- प्रस्ताव में होमगार्ड के 5,020 पदों पर नियमित भर्ती (2009 के बाद पहली बार) और 488 जवानों की महाकाल मंदिर में तैनाती भी शामिल है।
मुख्य बातें
'कॉल ऑफ' नियम खत्म होगा
होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर नहीं बैठना पड़ेगा।
5,020 नए पदों पर भर्ती होगी
2009 के बाद 17 साल के अंतराल पर होमगार्ड में नियमित भर्ती फिर से शुरू होगी।
पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश होमगार्ड बल की स्वीकृत संख्या 15,800 है, जिनमें से 6,690 पद रिक्त हैं। 2009 से नियमित भर्ती नहीं हुई है। 'कॉल ऑफ' नियम के तहत जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन ड्यूटी से दूर रहना होता था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी होती थी। इस नियम के खिलाफ उच्च न्यायालय में 450 से ज़्यादा याचिकाएं दायर हुईं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
'कॉल ऑफ' नियम खत्म होने से सीधा लाभ 9,110 होमगार्ड जवानों को होगा, क्योंकि उनकी आय साल भर बनी रहेगी। राज्य सरकार पर सालाना लगभग ₹18.74 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस कदम से बल को अधिक पेशेवर बनाने की व्यापक कोशिश भी दिखती है, जिसमें 5,020 नए जवानों की भर्ती और उज्जैन के महाकाल मंदिर में 488 जवानों की तैनाती शामिल है।
आगे की राह
प्रस्ताव अभी गृह विभाग के पास है। मंज़ूरी मिलने पर इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट में भेजा जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो 17 साल बाद होने वाली पहली नियमित होमगार्ड भर्ती मध्य प्रदेश के शासन में एक अहम उपलब्धि होगी और आपदा प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था में सहायता को मज़बूत करेगी।
'कॉल ऑफ' नियम: पहले बनाम अब
| विशेषता | पहले (वर्तमान) | अब (प्रस्तावित) |
|---|---|---|
| प्रति वर्ष वेतन वाले महीने | 10 महीने (2 महीने बिना वेतन) | 12 महीने (पूरा वेतन) |
| प्रभावित जवान | 9,110 | 9,110 (लाभान्वित) |
| राज्य पर सालाना अतिरिक्त लागत | शून्य | ₹18.74 करोड़ |
मध्य प्रदेश से जुड़ाव
मध्य प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:MPPSC 8/10MPESB 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- होमगार्ड
- राज्य सरकार के अधीन एक स्वैच्छिक बल, जिसे होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 के तहत बनाया गया है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा में राहत और चुनाव ड्यूटी में पुलिस की सहायता करता है।
- कॉल ऑफ नियम
- कुछ राज्यों में प्रथा, जिसके तहत होमगार्ड कर्मियों को हर कुछ साल में एक तय अवधि (जैसे दो महीने) के लिए बिना वेतन ड्यूटी से दूर रहना पड़ता है। अक्सर इसे अदालतों में चुनौती दी जाती है।
- स्वीकृत बनाम भरे गए पद
- स्वीकृत पद किसी विभाग में अधिकतम स्वीकृत स्थानों की संख्या हैं, जबकि भरे गए पद वे हैं जिन पर वास्तव में लोग कार्यरत हैं। दोनों का अंतर रिक्त पदों की संख्या है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 9,110 होमगार्ड जवान लाभान्वित; 5,020 नई भर्ती प्रस्तावित; 15,800 स्वीकृत पद; 6,690 रिक्तियां; अंतिम नियमित भर्ती 2009 में।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: मध्य प्रदेश गृह विभाग और होमगार्ड मुख्यालय।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 (राज्य स्तर पर लागू)।
यह गलती न करें!
परीक्षक 'कॉल ऑफ' को 'कैज़ुअल लीव' या 'कंपल्सरी लीव' से भ्रमित कर सकते हैं। वे प्रभावित जवानों की संख्या (9,110) को कुल स्वीकृत बल (15,800) या रिक्त पदों (6,690) से बदल भी सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- होमगार्ड सुधार, अर्धसैनिक स्वयंसेवकों का कल्याण, राज्य स्तर की भर्ती नीति, सेवा शर्तों में न्यायिक हस्तक्षेप
कहीं अटके? एक टैप में समझें
मध्य प्रदेश में होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता था। इसे 'कॉल ऑफ' नियम कहा जाता था। राज्य सरकार अब यह नियम खत्म करना चाहती है ताकि 9,110 जवानों को हर महीने वेतन मिले। इसे ऐसे समझें जैसे किसी सुरक्षा गार्ड को हर कुछ साल में बिना वेतन के दो महीने की छुट्टी पर भेज दिया जाए। सरकार 17 साल बाद पहली बार 5,020 नए जवानों की भर्ती भी करेगी।
- मध्य प्रदेश होमगार्ड में 15,800 स्वीकृत पद हैं।
- राज्य में वर्तमान में 6,690 होमगार्ड पद रिक्त हैं।
- 5,020 नई होमगार्ड भर्तियों का प्रस्ताव किया गया है।
- मध्य प्रदेश में अंतिम नियमित होमगार्ड भर्ती 2009 में हुई थी।
- होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 के तहत होमगार्ड बनाए जाते हैं।
- राजव्यवस्था: राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बल
- शासन: राज्य कर्मचारियों के लिए कल्याण योजनाएं
जुड़ी अवधारणाएँ: होमगार्ड, कॉल ऑफ नियम, स्वीकृत बनाम भरे गए पद
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में होमगार्ड किस अधिनियम के तहत बनाए जाते हैं?
व्याख्या: होमगार्ड को होमगार्ड्स अधिनियम, 1947 के तहत पुलिस की सहायता के लिए स्वैच्छिक बल के रूप में बनाया गया है। पुलिस अधिनियम, 1861 नियमित पुलिस को नियंत्रित करता है, सिविल डिफेंस अधिनियम, 1968 नागरिक सुरक्षा से जुड़ा है, और कोई एक राज्य पुलिस सेवा अधिनियम नहीं है क्योंकि राज्यों के अपने पुलिस कानून होते हैं।
- Q2कठिन
मध्य प्रदेश में होमगार्ड के 'कॉल ऑफ' नियम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.'कॉल ऑफ' नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता था।
- 2.नियम खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2025 में होमगार्ड स्थापना दिवस पर घोषित किया था।
- 3.इस नियम के खिलाफ 450 से ज़्यादा याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में दायर हुई थीं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: यह नियम जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन ड्यूटी से दूर रखता था। कथन 2 सही है: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 मई 2025 (होमगार्ड स्थापना दिवस) को नियम खत्म करने की घोषणा की थी। कथन 3 गलत है: याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर हुई थीं।
- Q3आसान
मध्य प्रदेश में होमगार्ड के कितने पद वर्तमान में स्वीकृत हैं?
व्याख्या: मध्य प्रदेश में होमगार्ड की स्वीकृत संख्या 15,800 है। 9,110 वे जवान हैं जो 'कॉल ऑफ' नियम से प्रभावित थे, 6,690 रिक्त पदों की संख्या है और 5,020 नई भर्ती के लिए प्रस्तावित पद हैं।
- Q4मध्यम
होमगार्ड जवानों के लिए 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: 'कॉल ऑफ' नियम के तहत जवानों को दो महीने बिना वेतन रहना पड़ता था, जिससे आर्थिक परेशानी होती थी। इसे खत्म करने से उन्हें सालभर के 12 महीने मानदेय मिलेगा। इससे राज्य का खर्च घटेगा नहीं, बल्कि सालाना ₹18.74 करोड़ का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। प्रस्ताव में भर्ती बढ़ाई जा रही है, घटाई नहीं जा रही, और ड्यूटी पुलिस को सौंपने की बात भी इसमें नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मध्य प्रदेश में होमगार्ड के लिए 'कॉल ऑफ' नियम क्या है?
'कॉल ऑफ' नियम के तहत होमगार्ड जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना वेतन घर बैठना पड़ता था। राज्य सरकार ने इसे खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
2. 'कॉल ऑफ' नियम खत्म होने से कितने होमगार्ड जवानों को लाभ होगा?
मध्य प्रदेश के 9,110 होमगार्ड जवानों को साल के सभी 12 महीने मानदेय मिलने से लाभ होगा।
3. 'कॉल ऑफ' नियम खत्म करने की घोषणा किसने की?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को होमगार्ड स्थापना दिवस पर इसे खत्म करने की घोषणा की थी।
4. मध्य प्रदेश में होमगार्ड की कितनी नई भर्तियां प्रस्तावित हैं?
राज्य 5,020 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती की योजना बना रहा है, जो 2009 के बाद पहली नियमित भर्ती होगी।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
