कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS): 2039-40 तक घरेलू क्षमता को 7.5 लाख TEU तक बढ़ाने के लिए ₹10,000 करोड़ का परिव्यय
किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी
- UPSC7/10
- SSC7/10
1खबर एक नज़र में
भारत में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंटेनर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2039-40 तक कुल ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) को मंज़ूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करना और घरेलू विनिर्माण क्षमता को दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (TEU) करना है।
प्रमुख वित्तीय परिव्यय
घरेलू कंटेनर विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना को मंज़ूरी दी गई।
क्षमता लक्ष्य
वार्षिक विनिर्माण क्षमता में दस गुना वृद्धि का लक्ष्य, 7.5 लाख TEU का लक्ष्य।
तीन-आयामी समर्थन
ब्याज सबवेंशन, परिचालन व्यय सहायता और परीक्षण व प्रमाणन सहायता प्रदान करता है।
2याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
3विस्तृत विश्लेषण
संदर्भ / पृष्ठभूमि
भारत का समुद्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर उसकी व्यापार-निर्भर अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है, फिर भी यह आयातित शिपिंग कंटेनरों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। यह निर्भरता आपूर्ति श्रृंखला में कमज़ोरियाँ पैदा करती है और लॉजिस्टिक्स लागत को बढ़ाती है। यह योजना, जिसकी घोषणा पहली बार केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी, 'आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों और उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना मॉडल जैसी पहलों के तहत विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के अनुरूप है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
CMPS तीन वित्तीय घटकों के माध्यम से लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता के अंतर को रणनीतिक रूप से संबोधित करता है। ब्याज सबवेंशन (टर्म लोन पर 3%) सुविधाओं की स्थापना या विस्तार के लिए पूंजी लागत को कम करता है। परिचालन व्यय सहायता सीधे उत्पादन को सब्सिडी देती है, जिससे भारतीय कंटेनर विश्व स्तर पर मूल्य-प्रतिस्पर्धी बनते हैं। परीक्षण अवसंरचना (जैसे डायनेमिक लॉन्गीट्यूडिनल इम्पैक्ट टेस्टिंग) के लिए समर्थन यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय मानकों (ISO) को पूरा करते हैं, जो निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है। यह समग्र दृष्टिकोण भारत को कंटेनरों के लिए एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है, जिससे पूरी समुद्री लॉजिस्टिक्स श्रृंखला मज़बूत होगी और इस्पात और पेंट जैसे सहायक उद्योगों का समर्थन होगा।
भविष्य की संभावनाएँ / आगे का रास्ता
सफल कार्यान्वयन से भारतीय निर्यातकों और आयातकों के लिए कंटेनर लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है, जिससे व्यापार दक्षता बढ़ेगी। योजना की लंबी समय-सीमा (2039-40 तक) निवेशकों के लिए नीतिगत निश्चितता प्रदान करती है। भविष्य के कदमों में विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश, निर्माताओं के लिए पात्रता मानदंड और निगरानी तंत्र शामिल होंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिव्यय वास्तविक क्षमता और रोज़गार सृजन में परिवर्तित हो। यह अन्य महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और पूंजीगत सामान सेक्टरों में इसी तरह के लक्षित हस्तक्षेपों के लिए एक मिसाल भी कायम करता है।
4पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- केंद्रीय मंत्रिमंडल
- भारत में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, जिसमें प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। यह सरकार की प्रमुख नीतियों और निर्णयों को मंज़ूरी देने के लिए ज़िम्मेदार है।
- ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट (TEU)
- कंटेनर शिपिंग में माप की एक मानक इकाई, जो एक मानक 20-फुट लंबे इंटरमॉडल कंटेनर की कार्गो क्षमता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका उपयोग पोत क्षमता और बंदरगाह थ्रूपुट का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
- ब्याज सबवेंशन
- एक सरकारी योजना जहाँ ऋण पर ब्याज का एक हिस्सा सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है, जिससे उधारकर्ता पर ब्याज का बोझ प्रभावी रूप से कम हो जाता है। यह विशिष्ट सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी का एक रूप है।
- ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाएँ
- एक ग्रीनफील्ड परियोजना में एक नई साइट पर, ज़मीन से एक नया उद्यम शुरू करना शामिल है। एक ब्राउनफील्ड परियोजना में मौजूदा सुविधा का विस्तार, संशोधन या उन्नयन शामिल है।
5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: ₹10,000 करोड़ (कुल परिव्यय) और 7.5 लाख TEU (लक्षित क्षमता)।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: केंद्रीय मंत्रिमंडल (अनुमोदन प्राधिकरण)।
- इस योजना घटक पर ध्यान दें: परिचालन व्यय सहायता (OEA) के लिए ₹8,891 करोड़।
गलती मत करना!
जाल 1: बजट घोषणा वर्ष (2026-27) को योजना की परिचालन अवधि (2039-40 तक) के साथ भ्रमित करना। जाल 2: ब्याज सबवेंशन (₹859 करोड़) के लिए फंड आवंटन को परीक्षण सहायता (₹150 करोड़) के साथ बदलना। जाल 3: 'मूल मंत्रालय' के बारे में पूछना—योजना को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है, न कि शिपिंग जैसे किसी विशिष्ट लाइन मंत्रालय द्वारा।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन, लॉजिस्टिक्स में आत्मनिर्भर भारत, लक्षित राजकोषीय समर्थन के माध्यम से लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता, विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का विकास
6अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) को किस निकाय द्वारा अनुमोदित किया गया था?
व्याख्या: लेख के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत सरकार का सर्वोच्च कार्यकारी निर्णय लेने वाला प्राधिकरण है।
- Q2कठिन
कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.इसकी घोषणा सबसे पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।
- 2.यह योजना पात्र टर्म लोन पर प्रति वर्ष 5% की ब्याज सबवेंशन सहायता प्रदान करती है।
- 3.इसके उद्देश्यों में से एक वार्षिक घरेलू कंटेनर विनिर्माण क्षमता को 7.5 लाख TEU तक बढ़ाना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है क्योंकि लेख में कहा गया है कि योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। कथन 2 गलत है क्योंकि ब्याज सबवेंशन सहायता प्रति वर्ष 3% है, न कि 5%। कथन 3 सही है क्योंकि लेख में क्षमता को 7.5 लाख TEU तक बढ़ाने का उल्लेख है। अतः, 1 और 3 दोनों सही हैं।
- Q3मध्यम
वित्तीय वर्ष 2039-40 तक कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) के लिए कुल कितना बजटीय परिव्यय अनुमोदित किया गया है?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से कहता है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'वित्तीय वर्ष 2039-40 तक ₹10,000 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ' योजना को मंज़ूरी दी। ₹8,891 करोड़ केवल एक घटक (परिचालन व्यय सहायता) के लिए आवंटन है।
- Q4मध्यम
समाचार लेख के अनुसार कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) का प्राथमिक इच्छित प्रभाव क्या है?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से कहता है कि योजना 'एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण आधार बनाने की परिकल्पना करती है, जिसमें भारत को गुणवत्तापूर्ण शिपिंग कंटेनरों के लिए एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता है।' अन्य विकल्प CMPS के उद्देश्यों के रूप में उल्लिखित नहीं हैं।
7सभी स्रोत
मूल खबर28 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें
