तूतीकोरिन मेगा शिपयार्ड: 2.5 मिलियन GT क्षमता के निर्माण के लिए 4 बिलियन डॉलर की ग्रीनफील्ड परियोजना, भारत-कोरिया साझेदारी की प्रमुख पहल

28 अक्टूबर 2026PIB3 मिनट4 प्रश्न

किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी

1खबर एक नज़र में

भारत, भारत-गणराज्य कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत एक बड़ी शिपबिल्डिंग पहल को आगे बढ़ा रहा है। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में 4 बिलियन डॉलर के ग्रीनफील्ड शिपयार्ड का लक्ष्य प्रति वर्ष 2.5 मिलियन सकल टन (GT) की क्षमता हासिल करना है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक शिपयार्ड बन जाएगा। एक संयुक्त कार्य समूह द्वारा निर्देशित यह परियोजना, घरेलू शिपबिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कार्यबल को कुशल बनाने पर केंद्रित है।

  • मेगा क्षमता लक्ष्य

    प्रस्तावित तूतीकोरिन शिपयार्ड का लक्ष्य 2.5 मिलियन सकल टन की वार्षिक निर्माण क्षमता है, जो भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक शिपयार्ड बनने वाला है।

  • भारत-कोरिया रणनीतिक साझेदारी

    यह परियोजना भारत-गणराज्य कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत एक प्रमुख पहल है, जिसमें HD KSOE प्राथमिक रणनीतिक निवेशक है।

  • तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास पर ध्यान

    योजना का मुख्य बिंदु दक्षिण कोरिया से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और भारतीय कार्यबल को कुशल बनाना है, जिसमें भारतीय उद्योग जगत और शिक्षा जगत शामिल होंगे।

2याद रखने वाले तथ्य

कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।

3विस्तृत विश्लेषण

संदर्भ / पृष्ठभूमि

भारत का शिपबिल्डिंग उद्योग दक्षिण कोरिया, चीन और जापान जैसे वैश्विक दिग्गजों से काफी पीछे रहा है, जिसकी वैश्विक बाज़ार हिस्सेदारी 1% से भी कम है। सरकार का 'समुद्री भारत विज़न 2030' और 'अमृत काल विज़न 2047' व्यापार, सुरक्षा और रोज़गार के लिए महत्वपूर्ण एक रणनीतिक सेक्टर में घरेलू क्षमता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर इसे ठीक करने का लक्ष्य रखते हैं। यह परियोजना अप्रैल 2026 में हस्ताक्षरित शिपबिल्डिंग में साझेदारी के लिए भारत-कोरिया व्यापक ढांचे पर आधारित है।

मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ

4 बिलियन डॉलर का निवेश सरकार की शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत एक बड़ा प्रोत्साहन दर्शाता है। 2.5 मिलियन GT की क्षमता भारत के वर्तमान उत्पादन में नाटकीय रूप से वृद्धि करेगी, जिससे बढ़ती घरेलू मांग (सार्वजनिक एजेंसियों द्वारा 400 से अधिक जहाजों की आवश्यकता) और निर्यात बाजारों को पूरा किया जा सकेगा। HD KSOE के साथ संयुक्त उद्यम पर जोर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं तक पहुंच सुनिश्चित करता है, जबकि स्थानीय विनिर्माण और कौशल विकास पर ध्यान एक समग्र शिपबिल्डिंग पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और आयात निर्भरता को कम करने का लक्ष्य रखता है।

रणनीतिक और आर्थिक महत्व

अर्थशास्त्र से परे, यह भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है, इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा से आगे बढ़ाता है। भारत के लिए, यह दक्षिणी प्रायद्वीप में समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ाता है, बंदरगाह-आधारित विकास के लिए सागरमाला कार्यक्रम के साथ संरेखित होता है, और भू-आर्थिक प्रभाव को बढ़ाता है। यहां सफलता भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग आपूर्ति श्रृंखला में एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में स्थापित कर सकती है, खासकर जब अन्य राष्ट्र क्षमता बाधाओं का सामना कर रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता

तत्काल अगला कदम एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) का गठन और छह महीने के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देना है। इसमें पोत उत्पाद मिश्रण, सटीक लागत और कार्यान्वयन अनुसूची का विवरण होगा। चुनौतियों में सभी वैधानिक अनुमोदनों को सुरक्षित करना, भूमि आवंटन और समय पर बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित करना शामिल है। दीर्घकालिक सफलता निरंतर नीतिगत समर्थन, प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण और भारतीय कार्यबल द्वारा प्रभावी प्रौद्योगिकी अवशोषण पर निर्भर करती है।

4पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी

सकल टन भार (GT)
यह किसी जहाज के कुल आंतरिक आयतन का माप है, न कि उसके भार का। एक सकल टन 100 घन फुट के बराबर होता है। यह बंदरगाह शुल्क, विनियमों और शिपयार्ड की क्षमता निर्धारित करने के लिए एक प्रमुख मीट्रिक है।
ग्रीनफील्ड परियोजना
एक निवेश परियोजना जिसमें एक नई सुविधा पहले से अप्रयुक्त या अविकसित भूमि ('ग्रीनफील्ड') पर बनाई जाती है, 'ब्राउनफील्ड' परियोजना के विपरीत जो मौजूदा सुविधा को संशोधित या विस्तारित करती है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
किसी परियोजना की योजना और कार्यान्वयन के लिए तैयार किया गया एक व्यापक दस्तावेज़। इसमें तकनीकी विवरण, लागत अनुमान, कार्यान्वयन अनुसूची, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और वित्तीय व्यवहार्यता विश्लेषण शामिल है।
संयुक्त उद्यम (JV)
एक व्यावसायिक व्यवस्था जहाँ दो या दो से अधिक पक्ष किसी विशिष्ट कार्य को पूरा करने के लिए अपने संसाधनों को एकत्रित करने के लिए सहमत होते हैं, जो एक नई परियोजना या व्यावसायिक गतिविधि हो सकती है। प्रत्येक प्रतिभागी इससे जुड़े लाभ, हानि और लागत के लिए ज़िम्मेदार होता है।

5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • डेटा: 2.5 मिलियन सकल टन (GT) की प्रस्तावित वार्षिक क्षमता और 4 बिलियन डॉलर का निवेश।
  • नोडल निकाय: बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और कार्यान्वयन कंपनी नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हैवी इंडस्ट्रीज पार्क, तमिलनाडु लिमिटेड (NSHIP-TN)।
  • साझेदारी: यह परियोजना भारत-गणराज्य कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत एक प्रमुख पहल है।

गलती मत करना!

वे 'तूतीकोरिन' के बजाय 'कोच्चि' या 'विशाखापत्तनम' (अन्य प्रमुख भारतीय शिपबिल्डिंग हब) को स्थान के रूप में पूछ सकते हैं। वे क्षमता इकाई को 'सकल टन भार (GT)' के बजाय 'डेडवेट टन भार (DWT)' के रूप में भ्रमित कर सकते हैं। एक और जाल भागीदार देश को 'जापान' या 'जर्मनी' से बदलना है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें

"शिपबिल्डिंग में आत्मनिर्भरता", "सागरमाला के तहत बंदरगाह-आधारित विकास", "औद्योगिक उन्नयन के लिए रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी"

6अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    तूतीकोरिन में प्रस्तावित मेगा शिपयार्ड के विकास के लिए कौन सा केंद्रीय मंत्रालय नोडल मंत्रालय है?

  2. Q2कठिन

    तूतीकोरिन में प्रस्तावित मेगा शिपयार्ड के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.इसकी परिकल्पना लगभग 2.5 मिलियन सकल टन (GT) की वार्षिक शिपबिल्डिंग क्षमता के लिए की गई है।
    2. 2.यह परियोजना केवल भारत सरकार और दक्षिण कोरिया सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की जा रही है।
    3. 3.सहयोग का एक प्रमुख उद्देश्य प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और भारतीय कार्यबल का कौशल विकास है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    लेख में उल्लिखित तूतीकोरिन में ग्रीनफील्ड मेगा शिपयार्ड के लिए प्रस्तावित कुल निवेश कितना है?

  4. Q4मध्यम

    लेख से अनुमानित, तूतीकोरिन शिपयार्ड के लिए HD हुंडई/KSOE के साथ साझेदारी में भारत का प्राथमिक रणनीतिक उद्देश्य क्या है?

7सभी स्रोत

इसी विषय, राज्य या परीक्षा की पिछले 30 दिनों की खबरें

अर्थव्यवस्था
4 प्रश्न · 3 मिनट

RBI का तरलता प्रबंधन: बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी ₹11 लाख करोड़ से घटकर ₹46,200 करोड़ हुई

भारतीय रिज़र्व बैंक रुपये को सहारा देने के लिए बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त तरलता सक्रिय रूप से निकाल रहा है। इससे सितंबर की शुरुआत में रिकॉर्ड ₹11 लाख करोड़ का अतिरिक्त कैश अक्टूबर के अंत तक घटकर सिर्फ ₹46,200 करोड़ रह गया है, जिससे बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो गया है और संभावित रूप से उधार दरें बढ़ सकती हैं।

सितंबर 2026 की शुरुआत में अतिरिक्त नकदी: ₹11 लाख करोड़ (रिकॉर्ड स्तर)

Bank9UPSC8
Hindustan
अर्थव्यवस्था
3 प्रश्न · 4 मिनट

सितंबर 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (IIP) 6.7% बढ़ा, जिसमें बिजली क्षेत्र में 11.2% और विनिर्माण में 7.6% की वृद्धि हुई।

सितंबर 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (साल-दर-साल) 6.7% बढ़ा, जो लगातार आर्थिक गति का संकेत है। यह वृद्धि मुख्य रूप से बिजली एवं गैस आपूर्ति सेक्टर (11.2%) और विनिर्माण (7.6%) से प्रेरित थी, जबकि खनन एवं उत्खनन में 6.2% की कमी आई।

IIP का पूर्ण रूप: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक

Bank8UPSC7SSC7
PIB
अर्थव्यवस्था
4 प्रश्न · 3 मिनट

भारत का LNG आयात: होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बीच अक्टूबर में कतर से आपूर्ति 370% बढ़कर 0.44 MT हुई

अक्टूबर 2026 में कतर से भारत का द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आयात 0.44 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 370% की वृद्धि दर्शाता है। यह पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए व्यवधान से उत्पन्न सात महीने की गिरावट से उबरने का संकेत है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों और रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट्स पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है।

कतर LNG आयात (1-25 अक्टूबर, 2026): 0.44 मिलियन टन

UPSC7
Indian Express
अर्थव्यवस्था
4 प्रश्न · 3 मिनट

PMEGP की ₹1,000 करोड़ की सब्सिडी से 11,333 सूक्ष्म उद्यमों को सहायता, 1.02 लाख से अधिक नौकरियां सृजित

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) गैर-कृषि सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार सृजित करने के उद्देश्य से एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। हाल ही में ₹1,000 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई है, जो 11,333 नए उद्यमों को सहायता देगी, ₹3,260 करोड़ के बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करेगी और 1.02 लाख से अधिक स्थायी नौकरियां सृजित करेगी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों, SC/ST/OBC लाभार्थियों और महिला उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

PMEGP का पूर्ण रूप: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

SSC8UPSC7
PIB
अर्थव्यवस्था
4 प्रश्न · 4 मिनट

खनिज एक्सचेंज: MMDR अधिनियम की धारा 18B के तहत लौह अयस्क और बॉक्साइट के मूल्य निर्धारण के लिए भारत की ₹65 करोड़ की पहल

भारत लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे कच्चे अयस्कों के लिए पारदर्शी, बाज़ार-आधारित मूल्य निर्धारण बनाने के लिए एक राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक खनिज एक्सचेंज स्थापित कर रहा है। खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 18B और खनिज एक्सचेंज नियम 2026 द्वारा सक्षम इस सुधार का उद्देश्य सूचना विषमता को कम करना और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। यह एक्सचेंज शुरू में एक डिलीवरी-आधारित भौतिक बाज़ार होगा, जिसमें PTC इंडिया इसके संचालन के लिए एक सहायक कंपनी स्थापित करने के लिए ₹65 करोड़ का निवेश करेगी।

IBM का पूर्ण रूप: भारतीय खान ब्यूरो

UPSC7
The Hindu
अर्थव्यवस्था
4 प्रश्न · 2 मिनट

अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने प्रमुख ब्याज दरें 3.75%-4.00% के लक्ष्य दायरे में रखीं, 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य बनाए रखा

अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75%-4.00% पर स्थिर रखा। मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य से ऊपर रहने के बावजूद, कमेटी ने तत्काल बढ़ोतरी के बजाय डेटा जमा करने को प्राथमिकता दी। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से 6 दिन पहले लिया गया यह फैसला, भू-राजनीतिक संघर्षों और तकनीकी निवेश में उछाल से उत्पन्न जटिल आर्थिक दबावों के बीच एक सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।

FOMC का पूर्ण रूप: फेडरल ओपन मार्केट कमेटी

Bank9UPSC7
The HinduHindustan2 स्रोत
आज का क्विज़पढ़ा है तो परख भी लें20 प्रश्न · तुरंत स्कोरशुरू करें

इस दिन की और खबरें

28 अक्टूबर 2026 की सभी खबरें →