पीएम-किसान सम्मान निधि: 30 अक्टूबर 2026 को 9.34 करोड़ किसानों को ₹2000 की 24वीं किस्त, कुल परिव्यय ₹18,680 करोड़
किस परीक्षा के लिए कितनी ज़रूरी
1खबर एक नज़र में
केंद्र सरकार 30 अक्टूबर 2026 को पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी करेगी, जिसके तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹2000 प्रत्येक हस्तांतरित किए जाएंगे।
प्रत्यक्ष आय सहायता
पीएम-किसान योजना पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6000 का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण प्रदान करती है, जिसे तीन किस्तों में बांटा गया है।
निर्धारित संवितरण
₹2000 की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली है, जिससे 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ होगा।
ई-केवाईसी और DBT अनिवार्य
सफल भुगतान के लिए पूर्ण ई-केवाईसी और आधार से बैंक खाते का सही जुड़ाव आवश्यक है, जिसका स्टेटस pmkisan.gov.in पर देखा जा सकता है।
2याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
3विस्तृत विश्लेषण
संदर्भ / पृष्ठभूमि
पीएम-किसान दिसंबर 2018 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जो भूमिधारक किसान परिवारों को आय सहायता प्रदान करती है। यह कृषि इनपुट लागतों को पूरा करने के लिए समय पर नकदी प्रवाह की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करती है, जिससे ऋणग्रस्तता कम करने और निरंतर कृषि उत्पादकता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। यह योजना किसान कल्याण और आय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की आधारशिला है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
₹18,680 करोड़ से अधिक के परिव्यय के साथ 24वीं किस्त का जारी होना, योजना के पैमाने और निरंतरता को रेखांकित करता है। लाभार्थियों की संख्या में 9.44 करोड़ (23वीं किस्त) से 9.34 करोड़ तक की मामूली कमी अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए सत्यापन अभियानों के कारण हो सकती है, जिसका उद्देश्य बेहतर लक्ष्यीकरण है। DBT तंत्र लीकेज को कम करता है, जबकि अनिवार्य ई-केवाईसी पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। यह नियमित नकद प्रवाह ग्रामीण मांग को प्रोत्साहित करता है और मूल्य अस्थिरता के खिलाफ एक सुरक्षा जाल प्रदान करता है।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
सरकार का ध्यान संभवतः सभी पात्र किसानों तक कवरेज का विस्तार करने और योजना के डेटाबेस को अन्य कल्याणकारी पहलों के साथ एकीकृत करने पर रहेगा। भविष्य की चुनौतियों में सभी के लिए निर्बाध ई-केवाईसी अनुपालन सुनिश्चित करना, समय पर शिकायत निवारण और राज्य-स्तरीय किसान सहायता योजनाओं के साथ तालमेल तलाशना शामिल है। कृषि आय और स्थिरता पर योजना का दीर्घकालिक प्रभाव मूल्यांकन के लिए एक प्रमुख मीट्रिक होगा।
4पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- एक सरकारी योजना जो लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी और अन्य लाभ हस्तांतरित करती है। इसका उद्देश्य लीकेज को कम करना, दक्षता सुनिश्चित करना और कल्याणकारी वितरण में पारदर्शिता में सुधार करना है।
- केंद्रीय क्षेत्र योजना
- एक योजना जिसे केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित और कार्यान्वित किया जाता है। फंडिंग और निष्पादन केंद्र की जिम्मेदारी है, हालांकि राज्य कार्यान्वयन में सहायता कर सकते हैं। पीएम-किसान एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है।
- ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर)
- एक प्रक्रिया जिसमें आधार-आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करके लाभार्थी की पहचान और पते का इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापन किया जाता है। इसका उपयोग धोखाधड़ी को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि लाभ इच्छित प्राप्तकर्ता तक पहुंचे।
5परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: 24वीं किस्त के लिए 9.34 करोड़ लाभार्थी और ₹18,680 करोड़ का परिव्यय।
- नोडल निकाय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय।
- विशेषता: DBT के माध्यम से ₹2000 की तीन समान किस्तों में ₹6000 की वार्षिक सहायता।
गलती मत करना!
परीक्षक योजना के प्रकार (केंद्रीय क्षेत्र बनाम केंद्र प्रायोजित) को बदल सकते हैं, किस्त की राशि (₹2000) को वार्षिक राशि (₹6000) के साथ भ्रमित कर सकते हैं, या पिछली किस्त के विवरण (23वीं, 20 जून 2026 को) के बारे में पूछ सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि कौन सा मंत्रालय है, जिसमें ग्रामीण विकास या वित्त जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
आय सहायता तंत्र, पारदर्शिता के लिए DBT, ग्रामीण आर्थिक गुणक प्रभाव, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा
6अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना किस केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है?
व्याख्या: पीएम-किसान योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा कार्यान्वित की जाती है। यह मंत्रालय कृषि और किसान आय सहायता से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है।
- Q2मध्यम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह पात्र किसान परिवारों को ₹6000 की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- 2.सहायता ₹3000 प्रत्येक की दो समान किस्तों में प्रदान की जाती है।
- 3.योजना की 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में जारी की गई थी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है क्योंकि पीएम-किसान प्रति वर्ष ₹6000 प्रदान करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि सहायता ₹2000 प्रत्येक की तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है, न कि दो किस्तों में। कथन 3 समाचार लेख के अनुसार सही है, जिसमें कहा गया है कि 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी की गई थी।
- Q3मध्यम
समाचार के अनुसार, पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त के लिए कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से बताता है कि 24वीं किस्त में 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को ₹2000 प्रत्येक प्राप्त होंगे, जिसके परिणामस्वरूप कुल परिव्यय ₹18,680 करोड़ से अधिक होगा। विकल्प B (₹18,880 करोड़) पिछली (23वीं) किस्त का परिव्यय है, जिससे यह एक निकट का भ्रामक विकल्प बन जाता है।
- Q4मध्यम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: लेख योजना को पात्र किसान परिवारों को ₹6,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता (आय सहायता) प्रदान करने के रूप में वर्णित करता है। यह उद्देश्य को फसल बीमा, इनपुट की सब्सिडी या ऋण माफी के रूप में नहीं बताता है।
7सभी स्रोत
मूल खबर28 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें
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