प्रिलिम्स के लिए: चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर), बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल), परियोजना, मार्ग की विशेषता, कॉरिडोर के लिए ट्रैक का प्रकार, वर्तमान स्थिति, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: रणनीतिक संपर्क, पूर्वोत्तर का एकीकरण, रक्षा रसद, हाई-स्पीड रेल, बुनियादी ढांचा विकास
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन चिकन नेक कॉरिडोर से होकर गुजरेगी।
- चिकन नेक कॉरिडोर को पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है।
- कॉरिडोर वाले हिस्से के लिए भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे।
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्ग की घोषणा की।
- परियोजना के लिए विस्तृत संरेखण और तकनीक अभी तय होनी है।
चर्चा में क्यों?
प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन पश्चिम बंगाल के रणनीतिक रूप से अहम चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) से होकर गुजरेगी, जिसमें भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे। विस्तृत संरेखण और तकनीक अभी तय होनी है। इस परियोजना से भारत के पूर्वोत्तर से संपर्क बेहतर होगा और इसके रक्षा से जुड़े रणनीतिक असर भी हैं।
सारांश
- प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन का मार्ग चिकन नेक कॉरिडोर से होकर जाएगा, जो भूमि की एक संकरी पट्टी है और भारत के पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है।
- कॉरिडोर से गुजरने वाले हिस्से के लिए भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे, जिसमें भारी निवेश की ज़रूरत होगी।
- विस्तृत संरेखण और तकनीक अभी तय होनी है; असम के मुख्यमंत्री इस परियोजना पर केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।
मुख्य बातें
दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल गलियारा, जो राष्ट्रीय राजधानी को असम के गुवाहाटी से जोड़ेगा।
चिकन नेक कॉरिडोर मार्ग
ट्रेन भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक का इस्तेमाल करते हुए संकरे सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से गुजरेगी।
विस्तृत योजना अभी बाकी
सटीक संरेखण और तकनीक अभी तय होनी है; असम के मुख्यमंत्री जल्द रेल मंत्री से मिलेंगे।
पृष्ठभूमि
चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) पश्चिम बंगाल में भूमि की एक संकरी पट्टी है, जिसकी चौड़ाई लगभग 22 किमी है। यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है और रक्षा तथा रसद के लिहाज़ से इसका बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व है। इस कॉरिडोर से होकर हाई-स्पीड रेल संपर्क बनने से दिल्ली और गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय काफी घट सकता है, जो अभी ट्रेन से लगभग 25-30 घंटे है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर)
- पश्चिम बंगाल में भूमि की एक संकरी पट्टी, जो अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 22 किमी चौड़ी है और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। यह क्षेत्र रक्षा और संपर्क के लिहाज़ से रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।
- बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल)
- एक यात्री ट्रेन जो समर्पित ट्रैक पर 250 km/h (155 mph) या उससे अधिक गति से चलती है। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन का मार्ग चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) से होकर जाता है
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: रेल मंत्रालय (रेल मंत्रालय)
यह गलती न करें!
परीक्षक चिकन नेक कॉरिडोर (पश्चिम बंगाल) को चिकन्स नेक (जो एक अलग भौगोलिक विशेषता है) से भ्रमित कर सकते हैं, या कॉरिडोर की चौड़ाई (22 किमी) के बारे में पूछ सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि कॉरिडोर कौन-से राज्यों को जोड़ता है: पश्चिम बंगाल को पूर्वोत्तर के राज्यों (असम आदि) से।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- रणनीतिक संपर्क, पूर्वोत्तर का एकीकरण, रक्षा रसद, हाई-स्पीड रेल, बुनियादी ढांचा विकास
कहीं अटके? एक टैप में समझें
बुलेट ट्रेन बहुत तेज़ चलने वाली ट्रेन है, जो 250 km/h से ज़्यादा गति से चल सकती है। सरकार दिल्ली से गुवाहाटी तक ऐसी ट्रेन बनाने की योजना बना रही है। गुवाहाटी पहुंचने के लिए ट्रेन को पश्चिम बंगाल की भूमि की एक संकरी पट्टी, यानी चिकन नेक कॉरिडोर, पार करनी होगी। यह इलाका बहुत संकरा और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसलिए ट्रेन भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी, ताकि ज़्यादा ज़मीन न घेरे।
- प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन चिकन नेक कॉरिडोर से होकर गुजरेगी।
- चिकन नेक कॉरिडोर को पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है।
- कॉरिडोर वाले हिस्से के लिए भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे।
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्ग की घोषणा की।
- परियोजना के लिए विस्तृत संरेखण और तकनीक अभी तय होनी है।
- भूगोल: परिवहन और संचार
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत का पूर्वोत्तर और रणनीतिक संपर्क
जुड़ी अवधारणाएँ: चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर), बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
'चिकन नेक कॉरिडोर' भारत के किस राज्य में स्थित है?
व्याख्या: चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) पश्चिम बंगाल में भूमि की एक संकरी पट्टी है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। असम बुलेट ट्रेन का गंतव्य राज्य है, कॉरिडोर का स्थान नहीं। सिक्किम और बिहार इसमें शामिल नहीं हैं।
- Q2कठिन
प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.बुलेट ट्रेन रणनीतिक रूप से अहम चिकन नेक कॉरिडोर से होकर गुजरेगी।
- 2.कॉरिडोर से गुजरने वाले हिस्से के लिए भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे।
- 3.विस्तृत संरेखण और तकनीक पहले ही तय हो चुके हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि मार्ग चिकन नेक कॉरिडोर से होकर जाएगा। कथन 2 सही है, क्योंकि भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे। कथन 3 गलत है, क्योंकि विस्तृत संरेखण और तकनीक अभी तय होनी हैं, पहले ही तय नहीं हुई हैं।
- Q3मध्यम
किस भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन चिकन नेक कॉरिडोर से होकर गुजरेगी?
व्याख्या: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्ग का विवरण बताया। पश्चिम बंगाल वह राज्य है जहां कॉरिडोर स्थित है, लेकिन घोषणा असम के मुख्यमंत्री ने की। मेघालय और अरुणाचल प्रदेश इस घोषणा में सीधे शामिल नहीं हैं।
- Q4मध्यम
चिकन नेक कॉरिडोर से होकर बुलेट ट्रेन बनाने का मुख्य रणनीतिक महत्व क्या है?
व्याख्या: चिकन नेक कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर के लिए रणनीतिक रूप से अहम कड़ी है। इससे होकर हाई-स्पीड रेल संपर्क बनने से रक्षा रसद और चीन सीमा तक सैनिकों की आवाजाही काफी बेहतर होगी। पर्यटन और व्यापार गौण लाभ हैं, और बांग्लादेश/म्यांमार के साथ व्यापार प्रमुख रणनीतिक उद्देश्य नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन का मार्ग क्या है?
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नई दिल्ली को असम के गुवाहाटी से जोड़ेगी और पश्चिम बंगाल के रणनीतिक रूप से अहम चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) से होकर गुजरेगी।
2. चिकन नेक कॉरिडोर क्या है?
चिकन नेक कॉरिडोर, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है, पश्चिम बंगाल में भूमि की एक संकरी पट्टी है, जो लगभग 22 किमी चौड़ी है और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है।
3. चिकन नेक कॉरिडोर से होकर बुलेट ट्रेन के लिए किस प्रकार का ट्रैक इस्तेमाल होगा?
भूमि के उपयोग को कम करने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए चिकन नेक कॉरिडोर से गुजरने वाले हिस्से में भूमिगत या एलिवेटेड ट्रैक इस्तेमाल होंगे।
4. दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन के मार्ग की घोषणा किसने की?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन चिकन नेक कॉरिडोर से होकर गुजरेगी।
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मूल खबर3 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
