प्रिलिम्स के लिए: संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC), गोल्डन क्रिसेंट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985, UNODC का पूर्ण रूप, अफीम की खेती का रकबा (2026), अफीम का उत्पादन (2025 बनाम 2026), अफीम की कीमत (2026), मुख्य अफीम उत्पादक प्रांत
मेन्स के लिए: "ज़बरदस्ती प्रतिबंध बनाम स्थायी आजीविका", "गरीबी, संघर्ष और अवैध अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध", "नशीली दवाओं की मांग में कमी में वैश्विक सार्वजनिक भलाई"
स्रोत:
चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान सरकार के प्रतिबंध के बावजूद अफगानिस्तान में अफीम पोस्त की खेती 2026 में बढ़कर 43,000 हेक्टेयर हो गई, जो 2025 से चार गुना अधिक है। यह गरीब किसानों के लिए स्थायी वैकल्पिक आजीविका के बिना लगाए गए ज़बरदस्ती प्रतिबंधों की विफलता को उजागर करता है, जो वैश्विक नशीली दवा नियंत्रण नीतियों के लिए एक जटिल चुनौती पेश करता है।
सारांश
- UNODC की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में अफीम पोस्त की खेती का रकबा 2025 में 10,000 हेक्टेयर से बढ़कर 2026 में चार गुना होकर 43,000 हेक्टेयर हो गया, जिसमें उत्पादन 300 से बढ़कर 1,500 टन हो गया।
- तालिबान के 2022 के प्रतिबंध ने शुरू में 2025 तक खेती को 200,000 हेक्टेयर से घटाकर 10,000 हेक्टेयर कर दिया था, लेकिन बढ़ती गरीबी ने किसानों को फिर से इस आकर्षक फसल की ओर धकेल दिया है। एक हेक्टेयर पोस्त से $10,000 मिलते हैं, जबकि गेहूं से $770 मिलते हैं।
- UNODC इस वैश्विक मुद्दे को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्थायी वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देता है, जिसमें बाज़ार तक पहुंच और बुनियादी ढांचा शामिल है। इसके लिए अनुमानित $500 मिलियन के निवेश की आवश्यकता है।
मुख्य बातें
नाटकीय वृद्धि
आधिकारिक तालिबान प्रतिबंध के बावजूद अफगानिस्तान में अफीम पोस्त की खेती का रकबा 2026 में चौगुना होकर 43,000 हेक्टेयर हो गया।
लाभदायक अवैध अर्थव्यवस्था
एक हेक्टेयर पोस्त से $10,000 मिलते हैं, जबकि गेहूं से $770 मिलते हैं, जिससे किसान खतरों के बावजूद जोखिम लेने को मजबूर हैं।
अंतर्राष्ट्रीय चुनौती
अफगान अफीम यूरोपीय संघ में हेरोइन का मुख्य स्रोत है, जिससे इसका नियंत्रण एक वैश्विक समस्या बन गया है जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।
संदर्भ / पृष्ठभूमि
अफगानिस्तान दशकों से दुनिया का अग्रणी अफीम उत्पादक रहा है, जो राजस्व और अस्थिरता का एक प्रमुख स्रोत है। 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी और उनके बाद के 2022 के प्रतिबंध ने शुरू में इस व्यापार को कुचल दिया, जिससे 2025 तक खेती 200,000 हेक्टेयर से घटकर केवल 10,000 हेक्टेयर रह गई, जिससे म्यांमार शीर्ष उत्पादक बन गया। संघर्ष क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के नियंत्रण की चक्रीय प्रकृति को समझने के लिए यह ऐतिहासिक संदर्भ महत्वपूर्ण है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
हाल ही में 43,000 हेक्टेयर तक की वृद्धि गरीबी, विकल्पों की कमी और बाज़ार की ताकतों जैसे मूल कारणों को संबोधित किए बिना ज़बरदस्ती प्रतिबंध की सीमाओं को उजागर करती है। UNODC की रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि जब किसान जलवायु आपदाओं, घटती सहायता और बैंकिंग अलगाव का सामना कर रहे हों और उनके पास कोई व्यवहार्य आय स्रोत न हो, तो प्रतिबंध अस्थिर होते हैं। इसके गहरे निहितार्थ हैं: यह अवैध अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, शासन को कमजोर करता है, और अस्थिरता का निर्यात करता है, क्योंकि अफगान ड्रग्स वैश्विक हेरोइन बाज़ारों की आपूर्ति करते हैं, विशेष रूप से यूरोपीय संघ में जहां 2024 में लगभग 850,000 लोगों ने ओपिओइड का इस्तेमाल किया था।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
UNODC के अधिकारियों द्वारा बताए गए आगे के रास्ते के लिए एक बहु-आयामी अंतरराष्ट्रीय रणनीति की आवश्यकता है। केवल वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना अपर्याप्त है; किसानों को बाज़ारों तक पहुंच, बुनियादी ढांचा, सिंचाई और भंडारण सहित एकीकृत सहायता की आवश्यकता है। UNODC का अनुमान है कि इस दृष्टिकोण के लिए $500 मिलियन की आवश्यकता है, लेकिन केवल 10% ही वित्त पोषित किया गया है। थाईलैंड जैसे देशों से सबक लेते हुए, जिसने उन्मूलन से पहले वैकल्पिक आजीविका में 15 साल का निवेश किया था, स्थायी सफलता के लिए अफगानिस्तान के भीतर और बाहर दोनों जगह एक दीर्घकालिक, मांग-घटाने की रणनीति आवश्यक है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC)
- एक संयुक्त राष्ट्र कार्यालय जिसकी स्थापना 1997 में सदस्य देशों को अवैध ड्रग्स, अपराध और आतंकवाद के खिलाफ उनके संघर्ष में सहायता करने के लिए की गई थी। इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में है।
- गोल्डन क्रिसेंट
- एशिया के दो प्रमुख अवैध अफीम उत्पादन क्षेत्रों में से एक को दिया गया नाम, जो मध्य, दक्षिण और पश्चिमी एशिया के चौराहे पर स्थित है, जिसमें अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान शामिल हैं।
- नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985
- भारत का प्रमुख कानून जो मादक दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों के उत्पादन, कब्ज़े, बिक्री, खरीद, परिवहन और उपभोग को प्रतिबंधित करता है।
याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: 2026 में खेती का रकबा: 43,000 हेक्टेयर; उत्पादन: 1,500 टन।
- नोडल निकाय: संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC)।
- तुलना: 2022 के तालिबान प्रतिबंध के बाद म्यांमार ने अफगानिस्तान को शीर्ष उत्पादक के रूप में पीछे छोड़ दिया।
गलती मत करना!
जाल: शीर्ष उत्पादकों के क्रम को भ्रमित करना। म्यांमार 2022 के तालिबान प्रतिबंध के बाद शीर्ष उत्पादक बना, पहले नहीं। एक और जाल 2025 (10,000 हेक्टेयर) और 2026 (43,000 हेक्टेयर) के लिए खेती के क्षेत्रों को मिलाना है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
- "ज़बरदस्ती प्रतिबंध बनाम स्थायी आजीविका", "गरीबी, संघर्ष और अवैध अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध", "नशीली दवाओं की मांग में कमी में वैश्विक सार्वजनिक भलाई"
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
अफगानिस्तान में अफीम पोस्त की खेती में वृद्धि पर रिपोर्ट किस संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने जारी की?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से बताता है कि अफीम पोस्त की खेती पर रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) द्वारा जारी की गई थी। UNDP विकास पर केंद्रित है, WHO स्वास्थ्य पर, और FAO कृषि और खाद्य सुरक्षा पर।
- Q2कठिन
अफगानिस्तान में अफीम पोस्त की खेती के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.UNODC की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में 10,000 हेक्टेयर से बढ़कर 2026 में खेती का रकबा 43,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया।
- 2.म्यांमार ने 2026 में 53,000 हेक्टेयर अफीम पोस्त की खेती की, जिससे यह दुनिया का अग्रणी उत्पादक बन गया।
- 3.तालिबान अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने 22,000 हेक्टेयर से अधिक पोस्त के खेतों को नष्ट कर दिया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 लेख के अनुसार सही है: 2025 में 10,000 हेक्टेयर से बढ़कर 2026 में खेती का रकबा 43,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया। कथन 2 गलत है: म्यांमार ने 2025 में 53,000 हेक्टेयर अफीम पोस्त की खेती की, और 2026 के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं; इसके अलावा, लेख में कहा गया है कि म्यांमार ने 2022 के प्रतिबंध के बाद अफगानिस्तान को पीछे छोड़ दिया, लेकिन 2026 के लिए इसकी स्थिति की पुष्टि नहीं करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि लेख में तालिबान अधिकारियों द्वारा 22,000 हेक्टेयर से अधिक पोस्त के खेतों को नष्ट करने का कोई उल्लेख नहीं है।
- Q3मध्यम
लेख में उद्धृत UNODC रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अफगानिस्तान में अनुमानित अफीम उत्पादन कितना था?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से बताता है कि संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) के अनुसार, अनुमानित अफीम उत्पादन 2025 में 300 टन से बढ़कर 2026 में पांच गुना होकर 1,500 टन हो गया।
- Q4मध्यम
UNODC के विश्लेषण के अनुसार, तालिबान प्रतिबंध के बावजूद अफगान किसानों के अफीम पोस्त की खेती पर लौटने का प्राथमिक कारण क्या बताया गया है?
व्याख्या: लेख आर्थिक प्रोत्साहन पर प्रकाश डालता है: 2023 में एक हेक्टेयर गेहूं से सिर्फ $770 से अधिक प्राप्त हुए, जबकि एक हेक्टेयर पोस्त से $10,000 प्राप्त हुए। आय में यह भारी अंतर, बढ़ती गरीबी और विकल्पों की कमी के साथ, किसानों को पोस्त की खेती पर लौटने के लिए मजबूर करने वाला प्राथमिक चालक है, जैसा कि UNODC द्वारा समझाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. UNODC का पूर्ण रूप क्या है?
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय
2. अफीम की खेती का रकबा (2026) क्या है?
43,000 हेक्टेयर (1,06,200 एकड़)
3. अफीम का उत्पादन (2025 बनाम 2026) क्या है?
300 टन (2025) से 1,500 टन (2026)
4. अफीम की कीमत (2026) क्या है?
US$ 500 प्रति किलोग्राम
5. मुख्य अफीम उत्पादक प्रांत क्या है?
बदख्शां, अफगानिस्तान
6. अनुमानित फंडिंग आवश्यकता क्या है?
वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रमों के लिए $500 मिलियन
7. वर्तमान संदर्भ क्या है?
UNODC की रिपोर्ट 29 अक्टूबर, 2026 को जारी हुई, जिसमें तालिबान प्रतिबंध के बावजूद खेती में वृद्धि पर प्रकाश डाला गया।
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मूल खबर29 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें

