प्रिलिम्स के लिए: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), केंद्रीय सेक्टर योजना, ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर), पीएम-किसान का पूर्ण रूप, प्रति परिवार वार्षिक सहायता, किस्त की राशि, कुल परिव्यय (2026-27 से 2030-31), 24वीं किस्त का वितरण
मेन्स के लिए: प्रत्यक्ष आय सहायता; वित्तीय समावेशन; DBT दक्षता; कृषि संकट शमन
स्रोत:
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक ₹3.15 लाख करोड़ के कुल परिव्यय के साथ जारी रखने को मंज़ूरी दे दी है। दिवाली से पहले 30 अक्टूबर, 2026 को 9.34 करोड़ लाभार्थियों के लिए प्रति किसान ₹2,000 की 24वीं किस्त, कुल ₹18,680 करोड़ जारी की जानी है। यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना किसान कल्याण और आय सहायता के लिए एक प्रमुख पहल है।
सारांश
- पीएम-किसान सम्मान निधि पात्र किसान परिवारों को ₹6,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका भुगतान ₹2,000 की तीन समान किस्तों में किया जाता है।
- योजना की 24वीं किस्त के रूप में ₹18,680 करोड़ 30 अक्टूबर, 2026 को दिवाली से पहले 9.34 करोड़ किसानों को वितरित किए जाएंगे।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना को 2026-27 से 2030-31 तक ₹3.15 लाख करोड़ के कुल परिव्यय के साथ जारी रखने को मंज़ूरी दे दी है।
मुख्य बातें
योजना का विस्तार
पीएम-किसान योजना को ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ 2030-31 तक जारी रखने को मंज़ूरी।
24वीं किस्त
30 अक्टूबर, 2026 को 9.34 करोड़ किसानों को ₹18,680 करोड़ हस्तांतरित किए जाएंगे।
पात्रता जांच
भुगतान के लिए किसानों को ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन पूरा करना होगा।
संदर्भ / पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) एक केंद्रीय सेक्टर योजना है जिसे 2018 में भारत भर के सभी भूमिधारक किसान परिवारों को, उनकी भूमि के आकार के बावजूद, आय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न इनपुट प्राप्त करने में किसानों की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करना और उन्हें कर्ज के जाल में फंसने से बचाना है। योजना की निरंतरता को मंज़ूरी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और ग्रामीण कल्याण पर सरकार के फोकस के अनुरूप है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
2026-27 से 2030-31 के लिए ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय की मंज़ूरी किसान आय सहायता के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का संकेत देती है। दिवाली से पहले 24वीं किस्त का समय आर्थिक और सामाजिक दोनों निहितार्थ रखता है, जो त्योहारी सीज़न के दौरान तरलता प्रदान करता है। हालांकि, योजना की प्रभावशीलता ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और भूमि रिकॉर्ड जांच जैसे मज़बूत सत्यापन तंत्रों पर निर्भर करती है ताकि अपवर्जन त्रुटियों को रोका जा सके और लक्षित वितरण सुनिश्चित किया जा सके। ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक का संचयी हस्तांतरण कृषि सेक्टर में एक प्रमुख राजकोषीय हस्तक्षेप के रूप में योजना के पैमाने को दर्शाता है।
भविष्य की संभावनाएं / आगे का रास्ता
भविष्य की किस्तों के निर्बाध वितरण और सभी पात्र किसानों को शामिल करने के लिए कवरेज के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करने और यह सुनिश्चित करने में चुनौतियां बनी हुई हैं कि सभी लाभार्थी, विशेष रूप से सीमांत किसान, अनिवार्य ई-केवाईसी पूरा करें। भविष्य की नीतिगत बहसें ₹6,000 की वार्षिक राशि की पर्याप्तता, कृषि आय पर इसके प्रभाव और किसान कल्याण के लिए अधिक समग्र दृष्टिकोण हेतु अन्य कृषि सहायता योजनाओं के साथ इसके एकीकरण के इर्द-गिर्द घूम सकती हैं।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- भारत सरकार की एक योजना जहाँ कल्याणकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य रिसाव, देरी और भ्रष्टाचार को कम करना है।
- केंद्रीय सेक्टर योजना
- वे योजनाएं जो केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित और कार्यान्वित की जाती हैं। पूरा वित्तीय बोझ केंद्र सरकार वहन करती है। पीएम-किसान एक केंद्रीय सेक्टर योजना है।
- ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर)
- एक प्रक्रिया जिसके तहत ग्राहक की पहचान और पता आधार-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित किया जाता है, जिससे भौतिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: पीएम-किसान के तहत प्रति पात्र किसान परिवार को ₹6,000 की वार्षिक सहायता।
- नोडल निकाय: कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण।
- कानूनी बिंदु: पीएम-किसान एक केंद्रीय सेक्टर योजना है, न कि केंद्र प्रायोजित योजना।
गलती मत करना!
वे 'केंद्रीय सेक्टर योजना' को 'केंद्र प्रायोजित योजना' से बदल सकते हैं, वार्षिक राशि (₹6,000) को किस्त की राशि (₹2,000) से भ्रमित कर सकते हैं, या नोडल मंत्रालय (कृषि) बनाम कार्यान्वयन एजेंसी के बारे में पूछ सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
- प्रत्यक्ष आय सहायता
- वित्तीय समावेशन
- DBT दक्षता
- कृषि संकट शमन
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1कठिन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह पात्र किसान परिवारों को ₹8,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- 2.यह राशि पूरे वर्ष में चार समान किस्तों में भुगतान की जाती है।
- 3.केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ 2026-27 से 2030-31 तक इसे जारी रखने को मंज़ूरी दे दी है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि वार्षिक सहायता ₹6,000 है, न कि ₹8,000। कथन 2 गलत है क्योंकि राशि चार किस्तों में नहीं, बल्कि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में भुगतान की जाती है। कथन 3 सही है जैसा कि लेख में बताया गया है कि कैबिनेट ने ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ 2030-31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी है।
- Q2मध्यम
खबर के अनुसार, पीएम-किसान की 24वीं किस्त के लिए कुल कितनी राशि वितरित की जानी है और लाभार्थियों की संख्या कितनी है?
व्याख्या: लेख स्पष्ट रूप से बताता है कि 24वीं किस्त में 9.34 करोड़ किसानों को ₹18,680 करोड़ वितरित किए जाएंगे। अन्य विकल्प संभावित लेकिन गलत भ्रामक विकल्प हैं।
- Q3मध्यम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: जैसा कि लेख में कहा गया है, पीएम-किसान पात्र किसान परिवारों को उनकी कृषि ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ₹6,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह एक प्रत्यक्ष आय सहायता योजना है, न कि विशेष रूप से बीमा, इनपुट सब्सिडी या ऋण माफी के लिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पीएम-किसान का पूर्ण रूप क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
2. प्रति परिवार वार्षिक सहायता क्या है?
₹6,000
3. किस्त की राशि क्या है?
₹2,000
4. कुल परिव्यय (2026-27 से 2030-31) क्या है?
₹3.15 लाख करोड़
5. 24वीं किस्त का वितरण क्या है?
9.34 करोड़ किसानों को ₹18,680 करोड़
6. जारी होने की तारीख क्या है?
30 अक्टूबर, 2026
7. शुरुआत का वर्ष क्या है?
2018 में शुरू की गई, 2019 से परिचालन में
8. जून 2026 तक कुल हस्तांतरण क्या है?
23 किस्तों के माध्यम से ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक
9. वर्तमान संदर्भ क्या है?
दिवाली, 2026 से पहले 24वीं किस्त जारी करने की घोषणा की गई।
