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प्रिलिम्स के लिए: सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA), NCDC का पूर्ण रूप, मूल मंत्रालय, NCDC का शुद्ध लाभ (वित्त वर्ष 2025-26), NCDC की ऋण वसूली दर (वित्त वर्ष 2025-26), पूर्वोत्तर को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मेन्स के लिए: सहकारी संघवाद, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, सहकारिताओं का व्यवसायीकरण, पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास
स्रोत:
चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को सहकारिता-नेतृत्व वाले विकास में अपनी भूमिका का विस्तार करने के लिए एक व्यापक 25-वर्षीय रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद से निगम ने ₹4.14 लाख करोड़ से अधिक का संवितरण किया है, वित्त वर्ष 2025-26 में शून्य शुद्ध NPA और 99.84% की वसूली दर हासिल की है, और भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी संवितरण लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
सारांश
- सहकारी सेक्टर की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संस्थागत और वित्तीय सुधारों हेतु 25-वर्षीय रोडमैप तैयार करने के लिए NCDC को निर्देश दिया गया।
- NCDC का वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.27 लाख करोड़ का संवितरण, ₹1,475 करोड़ का शुद्ध लाभ, 99.84% की ऋण वसूली दर और शून्य शुद्ध NPA।
- 2030 तक पूर्वोत्तर को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान, जिससे क्षेत्रीय आय में ₹32,800 करोड़ की वृद्धि और 8 लाख रोज़गार सृजित होने की संभावना है।
मुख्य बातें
25-वर्षीय रोडमैप
NCDC को संस्थागत संरचना, संसाधन जुटाने और पेशेवर कामकाज को कवर करने वाला एक व्यापक 25-वर्षीय रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया।
मज़बूत वित्तीय स्थिति
NCDC ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,475 करोड़ का शुद्ध लाभ, 99.84% की ऋण वसूली दर और शून्य शुद्ध NPA दर्ज किया।
पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान
2030 तक पूर्वोत्तर भारत को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे आय में ₹32,800 करोड़ की वृद्धि हो सकती है।
संदर्भ / पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) भारत में सहकारी सेक्टर के लिए शीर्ष वित्तीय संस्थान है। 2021 में एक अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना ने एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित किया, जिसका उद्देश्य सेक्टर की पहुंच को गहरा करना और इसके संचालन को पेशेवर बनाना है। यह बैठक इस संरचनात्मक परिवर्तन के बाद NCDC के प्रदर्शन की समीक्षा करती है और एक महत्वाकांक्षी भविष्य की दिशा निर्धारित करती है।
मुख्य विश्लेषण और निहितार्थ
NCDC का वित्तीय स्वास्थ्य मज़बूत है, जिसमें कुल संवितरण ₹4.14 लाख करोड़ से अधिक है और ऋण वसूली दर लगभग पूर्ण है। 25-वर्षीय रोडमैप का निर्देश अल्पकालिक परियोजना वित्तपोषण से दीर्घकालिक रणनीतिक संस्था-निर्माण की ओर बढ़ने का संकेत देता है। प्रमुख सेक्टरों में पूर्वोत्तर को आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान व्यापक क्षेत्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप है और स्थानीय आजीविका का सृजन करते हुए आयात निर्भरता को काफी कम कर सकता है।
भविष्य की संभावनाएँ / आगे का रास्ता
NCDC को संसाधन जुटाने के लिए NABARD और बैंकों के साथ कंसोर्टियम और सह-वित्तपोषण मॉडल तलाशने का काम सौंपा गया है। महत्वाकांक्षी वार्षिक संवितरण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जो 2030-31 तक ₹3.5 लाख करोड़ तक बढ़ जाएंगे। इस दृष्टिकोण की सफलता सहकारी सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सहकारी प्रशासन को पेशेवर बनाने और पूर्वोत्तर-विशिष्ट परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर निर्भर करती है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए ज़रूरी किताबी जानकारी
- सहकारी समिति
- व्यक्तियों का एक स्वैच्छिक संघ जो आत्म-सहायता और लोकतांत्रिक प्रबंधन के सिद्धांतों के आधार पर अपने पारस्परिक आर्थिक लाभ के लिए एक साथ आते हैं। उदाहरणों में अमूल (डेयरी) और इफको (उर्वरक) शामिल हैं।
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC)
- संसद के एक अधिनियम द्वारा 1963 में स्थापित एक वैधानिक निगम। यह सहकारी सेक्टर के लिए शीर्ष वित्तपोषण संगठन है, जो कृषि, प्रसंस्करण, विपणन आदि में विभिन्न सहकारी उद्यमों के लिए ऋण और अनुदान प्रदान करता है।
- गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA)
- एक ऋण या अग्रिम जहाँ मूलधन या ब्याज का भुगतान 90 दिनों या उससे अधिक की अवधि के लिए अतिदेय रहता है। 'शून्य शुद्ध NPA' मज़बूत वित्तीय स्वास्थ्य और प्रभावी ऋण प्रबंधन को इंगित करता है।
याद रखने वाले तथ्य
कार्ड दबाएँ और जवाब देखें। पहले खुद याद करने की कोशिश करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: वित्त वर्ष 2025-26 में NCDC की 99.84% की ऋण वसूली दर और शून्य शुद्ध NPA।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: सहकारिता मंत्रालय (एक अलग मंत्रालय के रूप में स्थापित)।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) अधिनियम, 2026।
गलती मत करना!
NCDC को NABARD (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के साथ भ्रमित करना या इसकी भूमिका को वाणिज्यिक बैंक की भूमिका के साथ भ्रमित करना। साथ ही, संशोधन अधिनियम या वित्तीय लक्ष्यों के लिए वर्षों को मिलाना।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में लिखें
- सहकारी संघवाद, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, सहकारिताओं का व्यवसायीकरण, पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
व्याख्या: लेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि NCDC सहकारिता मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जिसे एक अलग मंत्रालय के रूप में स्थापित किया गया था। यह मंत्रालय भारत में सहकारी सेक्टर से संबंधित सभी मामलों के लिए ज़िम्मेदार है।
- Q2कठिन
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.इसने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,475 करोड़ का शुद्ध लाभ और 99.84% की ऋण वसूली दर दर्ज की।
- 2.इसे अपने संस्थागत और वित्तीय पुनर्गठन के लिए 10-वर्षीय रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
- 3.वर्ष 2030 तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने का एक विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 लेख में प्रस्तुत वित्तीय विवरणों के अनुसार सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि निर्देश एक व्यापक 25-वर्षीय रोडमैप तैयार करने का था, न कि 10-वर्षीय। कथन 3 लेख में स्पष्ट रूप से उल्लिखित होने के कारण सही है।
- Q3मध्यम
समाचार के अनुसार, 2030 तक पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर पूर्वोत्तर क्षेत्र की आय में अनुमानित संभावित वृद्धि कितनी है?
व्याख्या: लेख में कहा गया है कि इन सेक्टरों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने से पूर्वोत्तर की आय में लगभग ₹32,800 करोड़ की वृद्धि हो सकती है। अन्य आंकड़े संभावित भ्रमित करने वाले विकल्प हैं लेकिन उनका उल्लेख नहीं किया गया है।
- Q4मध्यम
NCDC के लिए 25-वर्षीय रोडमैप तैयार करने के निर्देश का प्राथमिक महत्व क्या है?
व्याख्या: 25-वर्षीय रोडमैप का उद्देश्य NCDC की संरचना, संसाधन जुटाने और भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए साझेदारियों की जांच करना है। यह केवल अलग-अलग परियोजना वित्तपोषण जारी रखने के बजाय स्थायी संस्था-निर्माण की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव को इंगित करता है, जैसा कि लेख में सुधारों पर चर्चा में उजागर किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NCDC का पूर्ण रूप क्या है?
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम
2. मूल मंत्रालय क्या है?
सहकारिता मंत्रालय
3. NCDC का शुद्ध लाभ (वित्त वर्ष 2025-26) क्या है?
₹1,475 करोड़
4. NCDC की ऋण वसूली दर (वित्त वर्ष 2025-26) क्या है?
99.84%
5. पूर्वोत्तर को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य क्या है?
2030 तक पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन
6. वर्तमान संदर्भ क्या है?
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में 93वीं आम परिषद की बैठक।
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मूल खबर29 अक्टूबर 2026 · खबर पढ़ें

