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प्रिलिम्स के लिए: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR), विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), धारा 21, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नोडल निकाय, कानूनी आधार, अंतिम सूची की तिथि, अर्हता तिथि, SSR के अंतर्गत राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश
मेन्स के लिए: मतदाता सूची पुनरीक्षण, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21, मतदाता पंजीकरण, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण
स्रोत:Indian Express
Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- निर्वाचन आयोग ने 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया।
- अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
- मतदाता नामांकन की अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 है।
- SSR जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जाता है।
- प्रारूप मतदाता सूचियाँ 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होंगी।
चर्चा में क्यों?
निर्वाचन आयोग ने 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) करने का आदेश दिया है, और अंतिम सूचियाँ 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होंगी। भविष्य के चुनावों से पहले मतदाता सूचियाँ अद्यतन करने की यह एक अहम प्रक्रिया है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत की जा रही है।
सारांश
- भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, ओडिशा, सिक्किम, चंडीगढ़ तथा दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया है।
- SSR में मौजूदा सूचियों में नाम जोड़कर और हटाकर उन्हें अद्यतन किया जाता है। इसके उलट, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में सूचियाँ नए सिरे से तैयार होती हैं।
- अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी, और नामांकन के लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 है।
मुख्य बातें
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश
आयोग ने 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में SSR का निर्देश दिया है, ताकि नाम जोड़कर और हटाकर मतदाता सूचियाँ अद्यतन हों।
21 जनवरी 2027 तक अंतिम सूची का प्रकाशन
प्रारूप सूचियाँ 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होंगी, इसके बाद 30 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराई जा सकेंगी।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत
यह पुनरीक्षण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत कानूनन अनिवार्य है।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों का समय-समय पर पुनरीक्षण करता है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), जो 2025 में शुरू हुआ, में सूचियाँ नए सिरे से बनाई जाती हैं और यह कई राज्यों में अभी जारी है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) मौजूदा सूचियों को अद्यतन करने की एक नियमित वार्षिक प्रक्रिया है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
SSR पात्र मतदाताओं, खासकर पहली बार वोट डालने वाले और युवा मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए अहम है, जिसकी अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 है। यह प्रक्रिया आगे की अर्हता तिथियों के लिए अग्रिम आवेदन भी स्वीकार करती है। 21 जनवरी 2027 को अंतिम सूचियाँ प्रकाशित होने से इन राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों में आगामी चुनावों की तैयारी का रास्ता साफ होगा।
आगे की राह
निर्वाचन आयोग उन राज्यों के लिए SSR कार्यक्रम घोषित करेगा जहाँ SIR चल रहा है या जहाँ अभी शुरू होना बाकी है, जिनमें हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखेगा। सभी राज्यों में SSR पूरा होने से आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूचियाँ अद्यतन रहेंगी।
SSR बनाम SIR
| विशेषता | विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) | विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) |
|---|---|---|
| स्वरूप | मौजूदा सूचियाँ अद्यतन करता है | सूचियाँ नए सिरे से तैयार करता है |
| आवृत्ति | वार्षिक प्रक्रिया | 2025 में शुरू, जारी |
| स्थिति | अभी 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों के लिए आदेशित | कई राज्यों में पूरा हो चुका |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)
- निर्वाचन आयोग द्वारा मौजूदा मतदाता सूचियों को नए मतदाता जोड़कर और अपात्र प्रविष्टियाँ हटाकर अद्यतन करने की वार्षिक प्रक्रिया।
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
- मतदाता सूचियाँ नए सिरे से तैयार करने की व्यापक प्रक्रिया, जिसमें मतदाता सूची का पूरा पुनरीक्षण शामिल है।
- धारा 21, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950
- वह कानूनी प्रावधान जो निर्वाचन आयोग को किसी निर्वाचन क्षेत्र या उसके किसी हिस्से की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार देता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश; अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि 21 जनवरी 2027
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21
यह गलती न करें!
परीक्षक SSR और SIR में भ्रम पैदा कर सकते हैं। SSR मौजूदा सूचियों को अद्यतन करता है, जबकि SIR सूचियाँ नए सिरे से तैयार करता है। वे अर्हता तिथि (1 जनवरी 2027) और अंतिम सूची प्रकाशन तिथि (21 जनवरी 2027) की अदला-बदली भी कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- मतदाता सूची पुनरीक्षण, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21, मतदाता पंजीकरण, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण
कहीं अटके? एक टैप में समझें
निर्वाचन आयोग 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में मतदाता सूची अद्यतन कर रहा है। इसे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कहते हैं। 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष के होने वाले नए मतदाता जोड़े जाएँगे और जो अब पात्र नहीं हैं, उनके नाम हटाए जाएँगे। अंतिम सूची 21 जनवरी 2027 तक तैयार होगी। इसे ऐसे समझें जैसे कोई स्कूल हर साल अपनी छात्र सूची अद्यतन करता है।
- निर्वाचन आयोग ने 4 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया।
- अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
- मतदाता नामांकन की अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 है।
- SSR जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जाता है।
- प्रारूप मतदाता सूचियाँ 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होंगी।
- राजव्यवस्था: निर्वाचन आयोग और चुनावी सुधार
- शासन: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
जुड़ी अवधारणाएँ: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR), विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), धारा 21, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के किस प्रावधान के तहत कर सकता है?
व्याख्या: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का अधिकार देती है।
- Q2कठिन
मतदाता सूची पुनरीक्षण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) में मतदाता सूचियाँ नए सिरे से तैयार की जाती हैं।
- 2.विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मौजूदा सूचियों को अद्यतन करने की वार्षिक प्रक्रिया है।
- 3.नवीनतम SSR के तहत अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होने वाली है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है, क्योंकि SSR मौजूदा सूचियों को अद्यतन करता है, उन्हें नए सिरे से नहीं बनाता। कथन 2 गलत है, क्योंकि SIR सूचियाँ नए सिरे से तैयार करता है, कोई वार्षिक अद्यतन नहीं। कथन 3 सही है, क्योंकि अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि 21 जनवरी 2027 है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
निर्वाचन आयोग द्वारा आदेशित नवीनतम विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत मतदाता नामांकन के लिए अर्हता तिथि क्या है?
व्याख्या: आयोग ने SSR के तहत नामांकन के लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 तय की है। 21 जनवरी 2027 अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि है और 30 नवंबर 2026 प्रारूप सूची प्रकाशन की तिथि है।
- Q4मध्यम
मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: SSR एक वार्षिक प्रक्रिया है जो मौजूदा सूचियों को अद्यतन करती है, जबकि SIR सूचियाँ नए सिरे से तैयार करता है। मतदाता जागरूकता अभियान और परिसीमन निर्वाचन आयोग की अलग प्रक्रियाएँ हैं। इसलिए मौजूदा सूचियों को अद्यतन करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) क्या है?
SSR निर्वाचन आयोग की एक वार्षिक प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं को जोड़कर और हटाकर मौजूदा मतदाता सूचियाँ अद्यतन की जाती हैं।
2. नवीनतम SSR आदेश के तहत कौन-से राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश शामिल हैं?
SSR अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, ओडिशा, सिक्किम, चंडीगढ़ तथा दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव के लिए आदेशित है।
3. अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होने वाली है।
4. मतदाता सूची का पुनरीक्षण किस कानून के तहत किया जाता है?
यह पुनरीक्षण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जाता है।

