अर्थव्यवस्था

₹1,100 करोड़ के CPSE परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की वैकल्पिक तंत्र से मंज़ूरी के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा सिफारिश

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 39 / 55

प्रिलिम्स के लिए: परिसंपत्ति मुद्रीकरण, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSEs), अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG), वैकल्पिक तंत्र, सुझाए गए प्रस्तावों का मूल्य, शामिल परिसंपत्तियाँ, मंज़ूरी देने वाला प्राधिकरण, प्रक्रिया में सहायता देने वाली संस्था

मेन्स के लिए: परिसंपत्ति मुद्रीकरण, विनिवेश बनाम मुद्रीकरण, सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन, NLMC, मूल्य निकालना

स्रोत:PIBPIB

चर्चा में क्यों?

अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की अतिरिक्त भूमि और इमारतों से जुड़े ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है। इन्हें मंज़ूरी के लिए कैबिनेट द्वारा सौंपे गए वैकल्पिक तंत्र के सामने रखा जाएगा। वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के तहत राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) इस प्रक्रिया में सहायता करता है।

सारांश

  • IMG की अध्यक्षता सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) के सचिव करते हैं और दूरसंचार विभाग (DoT) के सचिव इसके सह-अध्यक्ष हैं। इस समूह ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की।
  • इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की वे अतिरिक्त भूमि और इमारतें शामिल हैं जिन्हें मुद्रीकरण के लिए चिह्नित किया गया है।
  • राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। यह पेशेवर लेन-देन सलाह, उचित सावधानी (due diligence) और मूल्यांकन के जरिए मुद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है।

मुख्य बातें

  • IMG ने ₹1,100 करोड़ के CPSE परिसंपत्ति मुद्रीकरण की सिफारिश की

    अंतर-मंत्रालयी समूह ने CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों के मुद्रीकरण के लिए ₹1,100 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की सिफारिश की है।

  • वैकल्पिक तंत्र से मंज़ूरी

    सिफारिशों को विचार और अंतिम मंज़ूरी के लिए कैबिनेट द्वारा सौंपे गए वैकल्पिक तंत्र के सामने रखा जाएगा।

  • NLMC प्रक्रिया में सहायता करता है

    वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम आकलन, मूल्यांकन और लेन-देन की संरचना तय करने का काम संभालता है।

पृष्ठभूमि

भारत सरकार अतिरिक्त और कम उपयोग वाली सार्वजनिक परिसंपत्तियों से मूल्य निकालने के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण को एक प्रमुख रणनीति के रूप में आगे बढ़ा रही है। केंद्रीय बजट 2021-22 में राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) बनाने की घोषणा की गई थी, ताकि CPSEs और अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण पेशेवर तरीके से हो सके।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

₹1,100 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की IMG द्वारा सिफारिश से इस कार्यक्रम में गति आने का संकेत मिलता है। CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों पर ध्यान देकर सरकार निष्क्रिय परिसंपत्तियों को उत्पादक उपयोग में लाना, राजस्व जुटाना और निवेश को सहारा देना चाहती है। उचित सावधानी, मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी मूल्य-खोज वाली इस संरचित प्रक्रिया से पारदर्शिता और अधिकतम मूल्य सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

आगे की राह

वैकल्पिक तंत्र की मंज़ूरी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे का मुद्रीकरण किया जाएगा। NLMC संबंधित मंत्रालयों, विभागों और परिसंपत्ति-स्वामी संस्थाओं के साथ मिलकर प्रक्रिया आगे बढ़ाता रहेगा। इस पहल से सार्वजनिक परिसंपत्तियों के अधिक व्यवस्थित और कुशल प्रबंधन की मिसाल कायम होने की उम्मीद है।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

परिसंपत्ति मुद्रीकरण
कम उपयोग में आने वाली या अतिरिक्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों को उत्पादक उपयोग के लिए पट्टे पर देकर, बेचकर या किसी अन्य तरीके से निजी या अन्य संस्थाओं को सौंपकर उनका आर्थिक मूल्य निकालने की प्रक्रिया, जिससे सरकार को राजस्व मिलता है।
केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSEs)
केंद्र सरकार द्वारा स्थापित सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियाँ, जो विभिन्न क्षेत्रों में काम करती हैं और जिनके शेयर भारत सरकार के पास होते हैं।
अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG)
कई मंत्रालयों के सचिवों की बनी एक समिति, जिसे उन नीति या परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा और सिफारिश के लिए बनाया जाता है जिनमें अंतर-विभागीय समन्वय की ज़रूरत होती है।
वैकल्पिक तंत्र
कैबिनेट द्वारा सौंपा गया निकाय, जिसमें आम तौर पर कुछ मंत्री होते हैं। इसे कुछ प्रकार के प्रस्ताव (जैसे परिसंपत्ति मुद्रीकरण, रणनीतिक विनिवेश) मंज़ूर करने का अधिकार होता है, ताकि निर्णय जल्दी हो सकें।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: IMG द्वारा सुझाए गए ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्ताव
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: NLMC की स्थापना की केंद्रीय बजट 2021-22 में घोषणा

यह गलती न करें!

परीक्षक NLMC को नीति आयोग या राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) जैसे दूसरे मुद्रीकरण निकायों से भ्रमित कर सकते हैं। वे IMG (सिफारिश) और वैकल्पिक तंत्र (मंज़ूरी) की भूमिकाएँ आपस में बदल भी सकते हैं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • परिसंपत्ति मुद्रीकरण, विनिवेश बनाम मुद्रीकरण, सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन, NLMC, मूल्य निकालना

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1मध्यम

    केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में कौन-सा निकाय सहायता करता है?

  2. Q2मध्यम

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है।
    2. 2.इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से राज्य सरकार के उपक्रमों की भूमि और इमारतें शामिल हैं।
    3. 3.वैकल्पिक तंत्र कैबिनेट द्वारा सौंपा गया निकाय है, जो इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और उन्हें मंज़ूरी देगा।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा सुझाए गए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों का अनुमानित मूल्य क्या है?

  4. Q4मध्यम

    CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों से जुड़े सरकार के परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा सुझाए गए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों का मूल्य क्या है?

IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है।

2. परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों को कौन-सा निकाय मंज़ूरी देगा?

कैबिनेट द्वारा सौंपा गया वैकल्पिक तंत्र इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और उन्हें मंज़ूरी देगा।

3. राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) की क्या भूमिका है?

NLMC पेशेवर लेन-देन सलाह, उचित सावधानी, मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी मुद्रीकरण प्रक्रियाओं के जरिए CPSEs की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता करता है।

4. राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?

NLMC वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

सभी स्रोत

इसी विषय, राज्य या परीक्षा की पिछले 30 दिनों की खबरें

अर्थव्यवस्थाUPSC: अति महत्वपूर्ण

₹2,814 करोड़ की CAPEX योजना: लिथियम और निकल प्रसंस्करण के लिए 30% सब्सिडी

  • पूर्ण रूप: पूंजीगत व्यय (CAPEX): पूंजी व्यय
  • नोडल मंत्रालय: खान मंत्रालय
पृष्ठभूमि GK: महत्वपूर्ण खनिजनोडल: खान मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 3 मिनटPIB
अर्थव्यवस्थाBank: महत्वपूर्ण

PFRDA के नए NPS स्कीम प्रदर्शन नियम 1 दिसंबर 2026 से

  • नियामक: पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA)
  • मुख्य बदलाव: NPS स्कीमों का एकसमान नामकरण और श्रेणी-आधारित प्रदर्शन
पृष्ठभूमि GK: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)PFRDA अधिनियम, 2013नोडल: PFRDAयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan
अर्थव्यवस्थाUPSC: अति महत्वपूर्ण

भारत का LPG आयात: STS हस्तांतरण से खाड़ी की वापसी, अमेरिका की हिस्सेदारी घटी

  • भारत की LPG आयात निर्भरता: 60%
  • युद्ध से पहले भारत के LPG आयात में खाड़ी की हिस्सेदारी: 87%
पृष्ठभूमि GK: होर्मुज़ जलडमरूमध्य(कोई नहीं)नोडल: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटIndian Express
अर्थव्यवस्थाBank: अति महत्वपूर्ण

एफआईआई के लिए कर में कटौती: ऋण में अस्थायी आवक बढ़ी, राजस्व को लेकर चिंता

  • लागू की गई कर छूट: जून 2026
  • छूट प्राप्त आय (FII): ट्रेज़री बिल, सरकारी बॉन्ड, तिथि-अंकित प्रतिभूतियों और संप्रभु ग्रीन बॉन्ड पर ब्याज आय और पूंजीगत लाभ कर
पृष्ठभूमि GK: दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी)नोडल: वित्त मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटIndian Express
अर्थव्यवस्थाबिहारBSSC: अति महत्वपूर्ण

PMAY-G: बिहार में 43.14 लाख मकान पूरे हुए

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
  • नोडल मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय
पृष्ठभूमि GK: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)नोडल: ग्रामीण विकास मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटThe Hindu
अर्थव्यवस्था

कोल इंडिया क्रिटिकल मिनरल्स, सौर और पवन ऊर्जा में विविधीकरण कर रही है

  • कंपनी: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
  • नए फोकस सेक्टर: कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, एल्युमिनियम, लौह अयस्क, क्रिटिकल मिनरल्स
पृष्ठभूमि GK: क्रिटिकल मिनरल्सनोडल: कोयला मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan