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प्रिलिम्स के लिए: परिसंपत्ति मुद्रीकरण, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSEs), अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG), वैकल्पिक तंत्र, सुझाए गए प्रस्तावों का मूल्य, शामिल परिसंपत्तियाँ, मंज़ूरी देने वाला प्राधिकरण, प्रक्रिया में सहायता देने वाली संस्था
मेन्स के लिए: परिसंपत्ति मुद्रीकरण, विनिवेश बनाम मुद्रीकरण, सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन, NLMC, मूल्य निकालना
स्रोत:PIB
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की।
- प्रस्तावों में CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों की परिसंपत्तियाँ शामिल हैं।
- वैकल्पिक तंत्र प्रस्तावों को मंज़ूरी देगा।
- NLMC सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन परिसंपत्ति मुद्रीकरण में सहायता करता है।
- NLMC की स्थापना केंद्रीय बजट 2021-22 की घोषणा के बाद हुई।
चर्चा में क्यों?
अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की अतिरिक्त भूमि और इमारतों से जुड़े ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है। इन्हें मंज़ूरी के लिए कैबिनेट द्वारा सौंपे गए वैकल्पिक तंत्र के सामने रखा जाएगा। वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के तहत राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) इस प्रक्रिया में सहायता करता है।
सारांश
- IMG की अध्यक्षता सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) के सचिव करते हैं और दूरसंचार विभाग (DoT) के सचिव इसके सह-अध्यक्ष हैं। इस समूह ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की।
- इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की वे अतिरिक्त भूमि और इमारतें शामिल हैं जिन्हें मुद्रीकरण के लिए चिह्नित किया गया है।
- राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। यह पेशेवर लेन-देन सलाह, उचित सावधानी (due diligence) और मूल्यांकन के जरिए मुद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है।
मुख्य बातें
IMG ने ₹1,100 करोड़ के CPSE परिसंपत्ति मुद्रीकरण की सिफारिश की
अंतर-मंत्रालयी समूह ने CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों के मुद्रीकरण के लिए ₹1,100 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की सिफारिश की है।
वैकल्पिक तंत्र से मंज़ूरी
सिफारिशों को विचार और अंतिम मंज़ूरी के लिए कैबिनेट द्वारा सौंपे गए वैकल्पिक तंत्र के सामने रखा जाएगा।
NLMC प्रक्रिया में सहायता करता है
वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम आकलन, मूल्यांकन और लेन-देन की संरचना तय करने का काम संभालता है।
पृष्ठभूमि
भारत सरकार अतिरिक्त और कम उपयोग वाली सार्वजनिक परिसंपत्तियों से मूल्य निकालने के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण को एक प्रमुख रणनीति के रूप में आगे बढ़ा रही है। केंद्रीय बजट 2021-22 में राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) बनाने की घोषणा की गई थी, ताकि CPSEs और अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण पेशेवर तरीके से हो सके।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
₹1,100 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की IMG द्वारा सिफारिश से इस कार्यक्रम में गति आने का संकेत मिलता है। CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों पर ध्यान देकर सरकार निष्क्रिय परिसंपत्तियों को उत्पादक उपयोग में लाना, राजस्व जुटाना और निवेश को सहारा देना चाहती है। उचित सावधानी, मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी मूल्य-खोज वाली इस संरचित प्रक्रिया से पारदर्शिता और अधिकतम मूल्य सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
आगे की राह
वैकल्पिक तंत्र की मंज़ूरी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे का मुद्रीकरण किया जाएगा। NLMC संबंधित मंत्रालयों, विभागों और परिसंपत्ति-स्वामी संस्थाओं के साथ मिलकर प्रक्रिया आगे बढ़ाता रहेगा। इस पहल से सार्वजनिक परिसंपत्तियों के अधिक व्यवस्थित और कुशल प्रबंधन की मिसाल कायम होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- परिसंपत्ति मुद्रीकरण
- कम उपयोग में आने वाली या अतिरिक्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों को उत्पादक उपयोग के लिए पट्टे पर देकर, बेचकर या किसी अन्य तरीके से निजी या अन्य संस्थाओं को सौंपकर उनका आर्थिक मूल्य निकालने की प्रक्रिया, जिससे सरकार को राजस्व मिलता है।
- केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSEs)
- केंद्र सरकार द्वारा स्थापित सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियाँ, जो विभिन्न क्षेत्रों में काम करती हैं और जिनके शेयर भारत सरकार के पास होते हैं।
- अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG)
- कई मंत्रालयों के सचिवों की बनी एक समिति, जिसे उन नीति या परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा और सिफारिश के लिए बनाया जाता है जिनमें अंतर-विभागीय समन्वय की ज़रूरत होती है।
- वैकल्पिक तंत्र
- कैबिनेट द्वारा सौंपा गया निकाय, जिसमें आम तौर पर कुछ मंत्री होते हैं। इसे कुछ प्रकार के प्रस्ताव (जैसे परिसंपत्ति मुद्रीकरण, रणनीतिक विनिवेश) मंज़ूर करने का अधिकार होता है, ताकि निर्णय जल्दी हो सकें।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: IMG द्वारा सुझाए गए ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्ताव
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: NLMC की स्थापना की केंद्रीय बजट 2021-22 में घोषणा
यह गलती न करें!
परीक्षक NLMC को नीति आयोग या राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) जैसे दूसरे मुद्रीकरण निकायों से भ्रमित कर सकते हैं। वे IMG (सिफारिश) और वैकल्पिक तंत्र (मंज़ूरी) की भूमिकाएँ आपस में बदल भी सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- परिसंपत्ति मुद्रीकरण, विनिवेश बनाम मुद्रीकरण, सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन, NLMC, मूल्य निकालना
कहीं अटके? एक टैप में समझें
सरकार की एक टीम (IMG) उन खाली भूमि और इमारतों को देखती है जो सार्वजनिक उपक्रमों के पास हैं। उसने ₹1,100 करोड़ से अधिक के ऐसे प्रस्ताव चुने हैं जिनमें इन परिसंपत्तियों को बेचा या पट्टे पर दिया जा सकता है। अंतिम हरी झंडी एक और उच्च-स्तरीय समूह (वैकल्पिक तंत्र) देगा। NLMC नामक एक विशेष कंपनी पूरी कागज़ी प्रक्रिया में मदद करती है और खरीदार ढूंढती है।
- IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की।
- प्रस्तावों में CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों की परिसंपत्तियाँ शामिल हैं।
- वैकल्पिक तंत्र प्रस्तावों को मंज़ूरी देगा।
- NLMC सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन परिसंपत्ति मुद्रीकरण में सहायता करता है।
- NLMC की स्थापना केंद्रीय बजट 2021-22 की घोषणा के बाद हुई।
- अर्थव्यवस्था: सार्वजनिक क्षेत्र और विनिवेश
- शासन: सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
जुड़ी अवधारणाएँ: परिसंपत्ति मुद्रीकरण, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSEs), अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG), वैकल्पिक तंत्र
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1मध्यम
केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में कौन-सा निकाय सहायता करता है?
व्याख्या: राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधीन सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी स्थापना CPSEs की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता के लिए की गई है। नीति आयोग एक नीति थिंक टैंक है, DIPAM विनिवेश का काम संभालता है और SEBI प्रतिभूति बाज़ार को नियंत्रित करता है।
- Q2मध्यम
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है।
- 2.इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से राज्य सरकार के उपक्रमों की भूमि और इमारतें शामिल हैं।
- 3.वैकल्पिक तंत्र कैबिनेट द्वारा सौंपा गया निकाय है, जो इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और उन्हें मंज़ूरी देगा।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की सिफारिश की। कथन 2 गलत है, क्योंकि प्रस्ताव राज्य सरकार के उपक्रमों के नहीं, बल्कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की परिसंपत्तियों से जुड़े हैं। कथन 3 सही है, क्योंकि प्रस्ताव विचार और मंज़ूरी के लिए कैबिनेट द्वारा सौंपे गए वैकल्पिक तंत्र के सामने रखे जाएंगे।
- Q3मध्यम
अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा सुझाए गए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों का अनुमानित मूल्य क्या है?
व्याख्या: IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक मूल्य की परिसंपत्तियों से जुड़े परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है।
- Q4मध्यम
CPSEs की अतिरिक्त भूमि और इमारतों से जुड़े सरकार के परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य अतिरिक्त और कम उपयोग में आने वाली सार्वजनिक परिसंपत्तियों से मूल्य निकालना और उन्हें उत्पादक उपयोग में लाना है, ताकि निवेश और आर्थिक विकास को सहारा मिले। इसमें CPSEs का पूर्ण निजीकरण, उनकी संख्या बढ़ाना या परिसंपत्तियों की स्थायी बिक्री शामिल नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा सुझाए गए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों का मूल्य क्या है?
IMG ने ₹1,100 करोड़ से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की है।
2. परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों को कौन-सा निकाय मंज़ूरी देगा?
कैबिनेट द्वारा सौंपा गया वैकल्पिक तंत्र इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और उन्हें मंज़ूरी देगा।
3. राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) की क्या भूमिका है?
NLMC पेशेवर लेन-देन सलाह, उचित सावधानी, मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी मुद्रीकरण प्रक्रियाओं के जरिए CPSEs की अतिरिक्त भूमि और गैर-मूल परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता करता है।
4. राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?
NLMC वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में है।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

