प्रिलिम्स के लिए: संवर्धनात्मक बहुभाषिकता, त्रि-भाषा सूत्र, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, नीति का नाम, नोडल विभाग, मूल सिद्धांत, कार्यान्वयन चरण, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: मातृभाषा में निर्देश, संवर्धनात्मक बहुभाषिकता, जनजातीय भाषा संरक्षण, NEP 2020 संरेखण, कौशल आधारित हॉकी शिक्षा
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- झारखंड ने संवर्धनात्मक बहुभाषिकता पर आधारित राज्य भाषा शिक्षा नीति का प्रस्ताव किया।
- यह नीति तीन चरणों में लागू की जाएगी: कक्षा 2 तक, कक्षा 3-5 तक, और कक्षा 6-12 तक।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में नीति के प्रारूप की समीक्षा की।
- स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नीति का प्रारूप तैयार किया।
- झारखंड के स्कूलों में हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
चर्चा में क्यों?
झारखंड ने 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' पर आधारित 'राज्य भाषा शिक्षा नीति' का प्रस्ताव किया है, जहाँ शुरुआती कक्षाओं में बच्चे की मातृभाषा शिक्षा का प्राथमिक माध्यम होगी, और हिंदी व अंग्रेजी को पूरक भाषाओं के रूप में जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा समीक्षा की गई यह नीति 12वीं कक्षा तक तीन चरणों में लागू की जाएगी और इसमें हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा में शामिल करने का भी प्रस्ताव है।
सारांश
- झारखंड की प्रस्तावित 'राज्य भाषा शिक्षा नीति' 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें मातृभाषा को आधार बनाते हुए हिंदी और अंग्रेजी को जोड़ा जाएगा।
- यह नीति तीन चरणों में लागू की जाएगी: कक्षा 2 तक, कक्षा 3-5 तक और कक्षा 6-12 तक, जिसमें 12वीं कक्षा से पहले स्पोकन इंग्लिश का प्रशिक्षण शामिल है।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा प्रणाली के माध्यम से राज्य की हॉकी प्रतिभा को निखारने के लिए हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
मुख्य बातें
मातृभाषा आधार बनेगी
प्रारंभिक शिक्षा बच्चे की मातृभाषा में होगी, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी को पूरक भाषाओं के रूप में जोड़ा जाएगा, न कि प्रतिस्थापन के रूप में।
कौशल शिक्षा में हॉकी
मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा प्रणाली के माध्यम से खेल में झारखंड की प्रतिभा का लाभ उठाने के लिए हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव दिया।
पृष्ठभूमि
झारखंड एक भाषाई रूप से विविध राज्य है जहाँ कई जनजातीय भाषाएँ (संथाली, मुंडारी, हो, कुड़ुख, आदि) बोली जाती हैं। बच्चे अक्सर घर पर इन भाषाओं में बात करते हैं लेकिन स्कूल में हिंदी/अंग्रेजी में निर्देश का सामना करते हैं, जिससे सीखने में बाधा आती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी कक्षा 5 तक मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने पर जोर देती है, जिससे यह राज्य नीति राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' दृष्टिकोण का अर्थ है कि मातृभाषा को बनाए रखा और मजबूत किया जाता है जबकि हिंदी और अंग्रेजी को जोड़ा जाता है। तीन-चरणों का कार्यान्वयन क्रमिक संक्रमण की अनुमति देता है: मातृभाषा में नींव (कक्षा 2 तक), संक्रमण (कक्षा 3-5), और कक्षा 6-12 के माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी का प्रगतिशील समावेश। हॉकी प्रस्ताव का उद्देश्य स्कूली प्रणाली के माध्यम से झारखंड की हॉकी प्रतिभा (उदाहरण के लिए, निक्की प्रधान) का लाभ उठाना है।
आगे की राह
यह नीति अभी प्रारूप चरण में है और इसकी उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की गई थी। औपचारिक अधिसूचना और कार्यान्वयन इसके बाद होगा। नीति के लिए स्थानीय भाषाओं में शिक्षक प्रशिक्षण, जनजातीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों का विकास और स्पोकन इंग्लिश प्रशिक्षण के लिए बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी। हॉकी को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए खेल विभाग और हॉकी संघों के साथ सहयोग की आवश्यकता होगी।
झारखंड से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- संवर्धनात्मक बहुभाषिकता
- एक भाषाई दृष्टिकोण, जिसमें शिक्षार्थी के भाषा-भंडार में पहली भाषा को हटाए बिना एक नई भाषा जोड़ी जाती है। पहली भाषा को बनाए रखा और महत्व दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त भाषाएँ सीखी जाती हैं।
- त्रि-भाषा सूत्र
- भारत की शिक्षा प्रणाली में एक नीति (NEP 1968 से) जो छात्रों को तीन भाषाएँ सीखने की सिफारिश करती है: मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा, हिंदी (गैर-हिंदी राज्यों में), और अंग्रेजी। NEP 2020 इसे अधिक लचीलेपन के साथ बरकरार रखती है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
- भारत की व्यापक शिक्षा नीति, जिसने 1986 की नीति का स्थान लिया। यह कक्षा 5 तक (अधिमानतः कक्षा 8 तक) मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने पर जोर देती है और बहुभाषिकता तथा अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देती है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- नीति: झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति, संवर्धनात्मक बहुभाषिकता पर आधारित
- नोडल निकाय: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार
- डेटा: तीन कार्यान्वयन चरण (कक्षा 2 तक, कक्षा 3-5 तक, कक्षा 6-12 तक)
यह गलती न करें!
परीक्षक 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' को 'घटाव बहुभाषिकता' (जहाँ पहली भाषा की जगह दूसरी भाषा लेती है) के साथ भ्रमित कर सकते हैं। वे चरणों को भी बदल सकते हैं या गलत बता सकते हैं कि मातृभाषा का उपयोग 12वीं कक्षा तक किया जाएगा, जबकि नीति धीरे-धीरे हिंदी और अंग्रेजी को जोड़ती है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- मातृभाषा में निर्देश, संवर्धनात्मक बहुभाषिकता, जनजातीय भाषा संरक्षण, NEP 2020 संरेखण, कौशल आधारित हॉकी शिक्षा
कहीं अटके? एक टैप में समझें
झारखंड स्कूलों में बच्चों के भाषा सीखने के तरीके को बदलना चाहता है। हिंदी या अंग्रेजी से शुरू करने के बजाय, छोटे बच्चे पहले अपनी मातृभाषा (जैसे संथाली, मुंडारी या हो) में सीखेंगे। फिर हिंदी और अंग्रेजी को धीरे-धीरे जोड़ा जाएगा। सरकार हॉकी में प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करना चाहती है, इसलिए हॉकी प्रशिक्षण स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा।
- झारखंड ने संवर्धनात्मक बहुभाषिकता पर आधारित राज्य भाषा शिक्षा नीति का प्रस्ताव किया।
- यह नीति तीन चरणों में लागू की जाएगी: कक्षा 2 तक, कक्षा 3-5 तक, और कक्षा 6-12 तक।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में नीति के प्रारूप की समीक्षा की।
- स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नीति का प्रारूप तैयार किया।
- झारखंड के स्कूलों में हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
- राजव्यवस्था: राज्य सरकार और शिक्षा नीति
- समाज: शिक्षा और जनजातीय कल्याण
जुड़ी अवधारणाएँ: संवर्धनात्मक बहुभाषिकता, त्रि-भाषा सूत्र, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए झारखंड सरकार का कौन सा विभाग जिम्मेदार है?
व्याख्या: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नीति का प्रारूप तैयार किया। उच्च शिक्षा विभाग कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षा को संभालता है। जनजातीय कल्याण विभाग जनजातीय विकास योजनाओं पर केंद्रित है। खेल एवं युवा कार्य विभाग खेल संवर्धन को संभालता है, न कि स्कूली भाषा नीति को।
- Q2कठिन
झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह नीति 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें बच्चे की मातृभाषा को बनाए रखा जाता है और हिंदी तथा अंग्रेजी को जोड़ा जाता है।
- 2.यह नीति दो चरणों में लागू की जाएगी: कक्षा 5 तक और कक्षा 6-12 तक।
- 3.यह नीति हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव करती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: संवर्धनात्मक बहुभाषिकता मूल सिद्धांत है। कथन 2 गलत है: नीति के तीन चरण हैं (कक्षा 2 तक, कक्षा 3-5 तक, कक्षा 6-12 तक), दो नहीं। कथन 3 सही है: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव दिया। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
प्रस्तावित झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति को कितने चरणों में विभाजित किया गया है?
व्याख्या: समाचार स्पष्ट रूप से बताता है कि नीति तीन चरणों में विभाजित है: पहला कक्षा 2 तक, दूसरा कक्षा 3-5 तक, और तीसरा कक्षा 6-12 तक। दो चरणों में संक्रमणकालीन मध्य चरण छूट जाएगा।
- Q4मध्यम
झारखंड की भाषा शिक्षा नीति में 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' दृष्टिकोण अपनाने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: संवर्धनात्मक बहुभाषिकता का अर्थ है कि पहली भाषा को हटाया नहीं जाता बल्कि मजबूत किया जाता है, और अतिरिक्त भाषाएँ जोड़ी जाती हैं। विकल्प C इसका सही वर्णन करता है। विकल्प A एक घटाव मॉडल का वर्णन करता है। विकल्प B मातृभाषा के फोकस का खंडन करता है। विकल्प D बहुभाषी दृष्टिकोण को पूरी तरह से अनदेखा करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति क्या है?
यह झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित एक नीति है जो 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' पर आधारित है। इसमें शुरुआती कक्षाओं में बच्चे की मातृभाषा आधार होगी, और हिंदी व अंग्रेजी को धीरे-धीरे जोड़ा जाएगा। इसे 12वीं कक्षा तक तीन चरणों में लागू किया जाएगा।
2. झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति के प्रारूप की समीक्षा किसने की?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रारूप की समीक्षा की।
3. 'संवर्धनात्मक बहुभाषिकता' क्या है?
यह एक भाषाई दृष्टिकोण है जहाँ बच्चे की पहली भाषा (मातृभाषा) को बनाए रखा और मजबूत किया जाता है जबकि अतिरिक्त भाषाओं (हिंदी और अंग्रेजी) को पूरक भाषाओं के रूप में जोड़ा जाता है, न कि प्रतिस्थापन के रूप में।
4. नीति का हॉकी से क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूलों में हॉकी को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव दिया, ताकि शिक्षा प्रणाली के माध्यम से छात्रों को संरचित अवसर देकर खेल में झारखंड की प्रतिभा का लाभ उठाया जा सके।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

