प्रिलिम्स के लिए: अंतरिक्ष मलबा, सक्रिय मलबा हटाना (ADR), IN-SPACe, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL), दृष्टिकोण, सुविधा का उद्घाटन, सुविधा का क्षेत्रफल, वर्तमान अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था
मेन्स के लिए: अंतरिक्ष स्थिरता, सक्रिय मलबा हटाना, विश्व बंधु भारत, अंतरिक्ष में निजी क्षेत्र, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विकास
स्रोत:PIB
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष है।
- कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा हैदराबाद में स्थित है।
- बेस 1 सुविधा का क्षेत्रफल 14,800 वर्ग फुट है।
- भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर की है।
- मिशन EMBRACE ने जुलाई 2026 में सॉफ्ट रोबोटिक पंखुड़ियों का परीक्षण किया।
चर्चा में क्यों?
हैदराबाद की बेस 1 सुविधा सक्रिय मलबा हटाने और कक्षा में सर्विसिंग के लिए रोबोट बनाएगी और चलाएगी। इससे भारत अंतरिक्ष स्थिरता में शुरुआती वैश्विक अग्रणियों में स्थान पाता है।
सारांश
- भारत निजी क्षेत्र के ज़रिए सक्रिय मलबा हटाने (ADR) से 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष वातावरण का लक्ष्य रखता है।
- कॉस्मोसर्व स्पेस की हैदराबाद स्थित बेस 1 सुविधा (14,800 वर्ग फुट) ADR और कक्षा में सर्विसिंग के लिए अंतरिक्ष रोबोट डिज़ाइन, निर्मित, परीक्षण और संचालित करेगी।
- भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है और आने वाले दशक में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
- प्रधानमंत्री मोदी के अंतरिक्ष सुधारों के बाद भारत का अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एकल अंकों से बढ़कर लगभग 450 उद्यमों तक पहुंच गया है।
मुख्य बातें
2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष
2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष: भारत ने 2030 तक बाहरी अंतरिक्ष को मलबा-मुक्त बनाने की राष्ट्रीय दृष्टि की घोषणा की है; कॉस्मोसर्व स्पेस एक निजी स्टार्टअप है जो इन प्रयासों में योगदान दे रहा है।
हैदराबाद में बेस 1 सुविधा
कॉस्मोसर्व स्पेस की 14,800 वर्ग फुट की बेस 1 सुविधा सक्रिय मलबा हटाने और कक्षा में सर्विसिंग के लिए अंतरिक्ष रोबोट डिज़ाइन, निर्मित, परीक्षण और संचालित करेगी।
भारत की बढ़ती अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी है और 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है; स्टार्टअप एकल अंकों से बढ़कर 450 तक पहुंच गए हैं।
पृष्ठभूमि
अंतरिक्ष मलबा चालू उपग्रहों और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए बढ़ता खतरा है। पृथ्वी की कक्षा में हज़ारों निष्क्रिय उपग्रह और टुकड़े घूम रहे हैं, इसलिए सक्रिय मलबा हटाना (ADR) वैश्विक प्राथमिकता बन गया है। भारत अब अपने निजी क्षेत्र के ज़रिए इस क्षेत्र में उतर रहा है। अंतरिक्ष विभाग भारत की अंतरिक्ष गतिविधियों की देखरेख करता है, जिसमें ISRO प्रमुख एजेंसी है और IN-SPACe निजी खिलाड़ियों के लिए नियामक सुविधा प्रदाता है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
ADR में भारत का प्रवेश उसे अंतरिक्ष में सक्रिय देश से अंतरिक्ष स्थिरता का अग्रणी बनने की दिशा में ले जाता है। कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा कक्षीय मिलन प्रयोगशालाएँ, अंतरिक्ष रोबोटिक्स, माइक्रोग्रेविटी सिमुलेशन और उपग्रह एकीकरण के स्वच्छ कक्ष एक ही जगह पर जोड़ती है। कंपनी के गठन के एक वर्ष के भीतर, जुलाई 2026 में मिशन EMBRACE का सॉफ्ट रोबोटिक पंखुड़ियों का अंतरिक्ष में सफल परीक्षण तकनीकी परिपक्वता की तेज़ रफ्तार दिखाता है। इससे भारत ESA और JAXA जैसी एजेंसियों की पहलों के साथ मलबा हटाने में शुरुआती वैश्विक अग्रणियों में गिना जाने लगता है।
आगे की राह
2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष के लिए लगातार निवेश, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियामक समर्थन ज़रूरी होगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास में घरेलू और विदेशी निवेश तथा परोपकार बढ़ाने का आह्वान किया। निजी स्टार्टअप में ISRO से प्रशिक्षित प्रतिभा का उपयोग, और प्रणोदन (ध्रुव एयरोस्पेस नीदरलैंड्स), उपग्रह प्रणालियों (पिक्सेल) तथा प्रक्षेपण सेवाओं (स्कायरूट एयरोस्पेस) में साझेदारी, दूसरे देशों के लिए मॉडल बन सकती है। यह दृष्टि भारत के 'विश्व बंधु भारत' दर्शन को भी मज़बूत करती है, जिसमें लाभ सीमाओं से बाहर तक पहुंचाने की बात है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- अंतरिक्ष मलबा
- पृथ्वी की कक्षा में घूमती निष्क्रिय मानव-निर्मित वस्तुएँ, जैसे पुराने उपग्रह, खर्च हो चुके रॉकेट चरण और टकराव से बने टुकड़े, जो चालू अंतरिक्ष यानों के लिए टक्कर का खतरा पैदा करते हैं।
- सक्रिय मलबा हटाना (ADR)
- रोबोटिक भुजाओं, जालों, हार्पून या अन्य पकड़ने वाले तंत्रों से अंतरिक्ष मलबा सक्रिय रूप से पकड़कर कक्षा से नीचे लाना, ताकि पृथ्वी के कक्षीय वातावरण को साफ़ किया जा सके।
- IN-SPACe
- भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रोत्साहन एवं प्राधिकरण केंद्र, अंतरिक्ष विभाग के अधीन एक एकल-खिड़की नोडल एजेंसी, जो अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को अधिकृत और सुगम बनाती है।
- न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL)
- ISRO की वाणिज्यिक शाखा, जो ISRO की तकनीक उद्योग को हस्तांतरित करने और अंतरिक्ष उत्पादों व सेवाओं के विपणन के लिए ज़िम्मेदार है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: भारत का लक्ष्य 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: अंतरिक्ष विभाग (नोडल मंत्रालय)
- इस सुविधा पर ध्यान दें: हैदराबाद में कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 (14,800 वर्ग फुट)
यह गलती न करें!
परीक्षक 'मिशन EMBRACE' को किसी निजी स्टार्टअप के बजाय ISRO का मिशन बताकर पूछ सकते हैं, या बेस 1 को ISRO की सुविधा समझने की भूल करवा सकते हैं। याद रखें: कॉस्मोसर्व स्पेस एक निजी स्टार्टअप है और बेस 1 उसकी निजी सुविधा है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- अंतरिक्ष स्थिरता, सक्रिय मलबा हटाना, विश्व बंधु भारत, अंतरिक्ष में निजी क्षेत्र, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विकास
कहीं अटके? एक टैप में समझें
अंतरिक्ष मलबा पृथ्वी की कक्षा में घूमते पुराने उपग्रहों और रॉकेट के टुकड़ों को कहते हैं, जो चालू उपग्रहों से टकरा सकते हैं। भारत कॉस्मोसर्व स्पेस नाम की एक निजी कंपनी के बनाए रोबोटों की मदद से 2030 तक इस मलबे को साफ़ करना चाहता है। कंपनी की नई बेस 1 सुविधा हैदराबाद में इन रोबोटों को डिज़ाइन और संचालित करेगी। यह कुछ-कुछ वैसी ही वर्कशॉप है जहाँ कक्षा से कचरा उठाने वाले ट्रक बनाए जाते हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष है।
- कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा हैदराबाद में स्थित है।
- बेस 1 सुविधा का क्षेत्रफल 14,800 वर्ग फुट है।
- भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर की है।
- मिशन EMBRACE ने जुलाई 2026 में सॉफ्ट रोबोटिक पंखुड़ियों का परीक्षण किया।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
- पर्यावरण: अंतरिक्ष मलबा और पर्यावरणीय स्थिरता
जुड़ी अवधारणाएँ: अंतरिक्ष मलबा, सक्रिय मलबा हटाना (ADR), IN-SPACe, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में अंतरिक्ष गतिविधियों, जिनमें निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप की निगरानी भी शामिल है, की मुख्य ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?
व्याख्या: अंतरिक्ष विभाग भारत की सभी अंतरिक्ष गतिविधियों की देखरेख करता है, जिसमें ISRO, IN-SPACe और निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय रक्षा से जुड़ी अंतरिक्ष परिसंपत्तियाँ संभालता है, जबकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का दायरा व्यापक है पर अंतरिक्ष पर सीधी निगरानी नहीं है। अंतरिक्ष विभाग सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन काम करता है।
- Q2कठिन
भारत की अंतरिक्ष मलबा हटाने की पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.भारत ने 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष वातावरण का लक्ष्य तय किया है।
- 2.कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा बेंगलुरु में स्थित है।
- 3.मिशन EMBRACE ने जुलाई 2026 में सॉफ्ट रोबोटिक पंखुड़ियों का अंतरिक्ष में परीक्षण किया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष की दृष्टि की घोषणा की। कथन 2 गलत है, क्योंकि बेस 1 बेंगलुरु में नहीं, बल्कि हैदराबाद में स्थित है। कथन 3 सही है, क्योंकि मिशन EMBRACE ने जुलाई 2026 में अंतरिक्ष में सॉफ्ट रोबोटिक पंखुड़ियों का परीक्षण किया। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
समाचार के अनुसार भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार कितना है?
व्याख्या: यह कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी है। 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर आने वाले दशक के लिए अनुमानित लक्ष्य है, वर्तमान आकार नहीं।
- Q4मध्यम
कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: बेस 1 सक्रिय मलबा हटाने (ADR) और कक्षा में सर्विसिंग में इस्तेमाल होने वाले अंतरिक्ष रोबोटों के लिए एक व्यापक सुविधा है। यह दूसरी अंतरिक्ष गतिविधियों में भी सहायक हो सकती है, पर इसका मूल उद्देश्य ADR और कक्षा में सर्विसिंग ही है। इसमें कक्षीय मिलन प्रयोगशालाएँ, अंतरिक्ष रोबोटिक्स नवाचार प्रयोगशालाएँ और इसी मिशन के लिए माइक्रोग्रेविटी सिमुलेशन प्लेटफॉर्म हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत का मलबा-मुक्त अंतरिक्ष का लक्ष्य क्या है?
भारत का मलबा-मुक्त अंतरिक्ष का लक्ष्य क्या है?: भारत ने 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष की राष्ट्रीय दृष्टि की घोषणा की है; कॉस्मोसर्व स्पेस एक निजी स्टार्टअप है जो इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल है।
2. कॉस्मोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा क्या है?
बेस 1 हैदराबाद में 14,800 वर्ग फुट की अत्याधुनिक सुविधा है, जहाँ सक्रिय मलबा हटाने और कक्षा में सर्विसिंग के लिए अंतरिक्ष रोबोट डिज़ाइन, निर्मित, परीक्षण और संचालित किए जाते हैं।
3. भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार कितना है?
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ चुकी है और आने वाले दशक में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
4. भारत में कितने अंतरिक्ष स्टार्टअप हैं?
प्रधानमंत्री मोदी के अंतरिक्ष सुधारों के बाद भारत का अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एकल अंकों से बढ़कर लगभग 450 उद्यमों तक पहुंच गया है।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
