अर्थव्यवस्था

UPI पर ₹2,000 से ऊपर के P2M लेनदेन पर 0.4% तक MDR लागू; NPCI ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि शून्य MDR टिकाऊ नहीं है

5 नवंबर 20263 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 2 / 101

प्रिलिम्स के लिए: मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR), यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, MDR दर (P2M, ₹2,000 से ऊपर), UPI लेनदेन (वित्त वर्ष 2025-26), UPI लेनदेन (अगस्त 2026), MDR से प्रभावित P2M लेनदेन, P2P लेनदेन (मूल्य में हिस्सा)

मेन्स के लिए: डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता, लागत वसूली मॉडल बनाम सार्वजनिक सब्सिडी, RBI और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत नियामक ढांचा

स्रोत:The HinduThe Hindu

चर्चा में क्यों?

सरकार ने UPI के Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर ₹2,000 से ऊपर 0.4% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया है, जिससे शून्य MDR की व्यवस्था समाप्त हो गई है। NPCI ने सर्वोच्च न्यायालय में इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि UPI लेनदेन में भारी वृद्धि को देखते हुए शून्य MDR टिकाऊ नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI ने ₹314 लाख करोड़ मूल्य के 241.62 अरब लेनदेन संसाधित किए। NPCI के अनुसार सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और संचालन की लागत पूरी करने के लिए यह शुल्क ज़रूरी है। P2P लेनदेन और ₹2,000 तक के P2M लेनदेन अब भी मुफ़्त हैं।

सारांश

  • वित्त वर्ष 2025-26 में UPI ने ₹314 लाख करोड़ मूल्य के 241.62 अरब लेनदेन संसाधित किए; अकेले अगस्त 2026 में 24.51 अरब लेनदेन हुए।
  • ₹2,000 से ऊपर के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% तक MDR लागू किया गया; सभी P2M लेनदेन का 96% प्रभावित नहीं होता।
  • NPCI ने कहा कि MDR कर नहीं, बल्कि लागत वसूली का शुल्क है, और यह भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत अनुमत है।

मुख्य बातें

  • UPI के बड़े P2M भुगतानों पर MDR लागू

    ₹2,000 से ऊपर के व्यापारी भुगतानों पर 0.4% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया गया है, जिससे शून्य MDR नीति समाप्त हो गई है।

  • NPCI ने सर्वोच्च न्यायालय में MDR का बचाव किया

    NPCI ने कहा कि UPI लेनदेन में भारी वृद्धि के कारण शून्य MDR टिकाऊ नहीं है, और MDR कर नहीं बल्कि लागत वसूली का शुल्क है।

  • 96% P2M लेनदेन मुफ़्त रहते हैं

    MDR केवल लगभग 4% व्यापारी लेनदेन पर लागू होता है; सभी P2P हस्तांतरण और ₹2,000 तक के P2M भुगतान मुफ़्त रहते हैं।

पृष्ठभूमि

UPI भारत में तेज़ी से बढ़ा है और वित्त वर्ष 2025-26 में इसने 241 अरब से अधिक लेनदेन संसाधित किए। अब तक सरकार ने शून्य MDR व्यवस्था बनाए रखी थी, और लागत का कुछ हिस्सा बजटीय प्रोत्साहनों से पूरा होता था (2026-27 में ₹2,000 करोड़, जो उद्योग की लागत का केवल 11% कवर करता है)। वित्त संबंधी स्थायी समिति (18वीं लोकसभा) ने स्वावलंबी, स्तरीकृत राजस्व मॉडल की सिफारिश की थी।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

नया MDR ढांचा केवल उच्च मूल्य वाले व्यापारी लेनदेन (₹2,000 से ऊपर) को लक्षित करता है, जो सभी P2M लेनदेन के केवल 4% को प्रभावित करता है। इससे छोटे व्यापारी और रोज़मर्रा के उपयोगकर्ता सुरक्षित रहते हैं। NPCI का तर्क है कि सुरक्षा, IT बुनियादी ढांचे और संचालन के लिए MDR आवश्यक है। इस कदम से लागत का बोझ सरकार से पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिभागियों पर जाता है, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होती है।

कानूनी और नियामक ढांचा

NPCI ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A का हवाला दिया, जो ₹2,000 से कम के UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने पर रोक लगाती है। MDR, RBI के नियामक ढांचे के तहत सिस्टम प्रोवाइडर (NPCI) द्वारा तय शुल्क है, कोई वैधानिक कर नहीं। सर्वोच्च न्यायालय की चुनौती में यह सवाल उठाया गया है कि सरकार कानून के बजाय अधिसूचना के ज़रिए MDR लागू करने का अधिकार रखती है या नहीं।

आगे की राह

इस चुनौती पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला भारत में डिजिटल भुगतान नियमन के लिए मिसाल बनेगा। MDR ढांचे से UPI पारिस्थितिकी तंत्र के वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद है। भविष्य की नीति में लेनदेन की मात्रा और व्यापारी श्रेणियों के आधार पर स्तरीकृत MDR दरें या बदलाव देखे जा सकते हैं।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)
डिजिटल भुगतान संसाधित करने के लिए व्यापारी से लिया जाने वाला शुल्क, जो आम तौर पर लेनदेन मूल्य का प्रतिशत होता है और भुगतान प्रणाली प्रतिभागियों (बैंकों, भुगतान एग्रीगेटरों) को दिया जाता है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)
NPCI द्वारा विकसित एक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली, जो मोबाइल फोन के ज़रिए अंतर-बैंक लेनदेन को संभव बनाती है।
भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
भारत में भुगतान और निपटान प्रणालियों के नियमन और पर्यवेक्षण के लिए बना अधिनियम, जिसमें RBI को अधिकृत प्राधिकरण बनाया गया है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: ₹2,000 से ऊपर के P2M UPI लेनदेन पर 0.4% तक MDR; 96% P2M लेनदेन अप्रभावित
  • इस नोडल संस्था पर ध्यान दें: राष्ट्रीय भुगतान निगम भारत (NPCI)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A

यह गलती न करें!

परीक्षक पूछ सकते हैं कि MDR सभी UPI लेनदेन पर लगाया गया, या सीमा (₹2,000) को दर (0.4%) से भ्रमित कर सकते हैं। एक और जाल: यह कहना कि P2P लेनदेन पर भी MDR लगता है (नहीं लगता)।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता, लागत वसूली मॉडल बनाम सार्वजनिक सब्सिडी, RBI और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत नियामक ढांचा

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का संचालन कौन-सी संस्था करती है?

  2. Q2कठिन

    UPI के लिए नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.0.4% तक का MDR सभी Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर लागू होगा।
    2. 2.Person-to-Person (P2P) UPI लेनदेन किसी भी शुल्क से पूरी तरह मुक्त रहेंगे।
    3. 3.MDR एक वैधानिक कानून के तहत सरकार द्वारा लगाया गया कर है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    अगस्त 2026 में संसाधित UPI लेनदेन का कुल मूल्य कितना था?

  4. Q4मध्यम

    कुछ UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. UPI लेनदेन पर नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) क्या है?

₹2,000 से ऊपर के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% तक MDR लागू किया गया है। P2P लेनदेन और ₹2,000 तक के P2M लेनदेन मुफ़्त रहते हैं।

2. NPCI ने UPI लेनदेन पर MDR क्यों लागू किया?

NPCI ने कहा कि UPI लेनदेन में भारी वृद्धि के कारण शून्य-MDR व्यवस्था टिकाऊ नहीं थी, और IT बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और संचालन की लागत वसूलने के लिए MDR ज़रूरी है।

3. नए MDR से UPI व्यापारी लेनदेन का कितना प्रतिशत प्रभावित होता है?

सभी Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन का केवल लगभग 4% प्रभावित होता है, क्योंकि MDR केवल ₹2,000 से ऊपर के लेनदेन पर लागू होता है।

4. क्या MDR सरकार द्वारा लगाया गया कर है?

नहीं, NPCI ने स्पष्ट किया है कि MDR लागत वसूली का शुल्क है जो सिस्टम प्रतिभागी लेते हैं, न कि कर, उपकर या वैधानिक शुल्क।

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