प्रिलिम्स के लिए: गुप्त काल (स्वर्ण युग), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), नायिका प्रतिमा, प्रतिमा का नाम, आयु, ऊंचाई और सामग्री, खोजने वाली संस्था, स्थान
मेन्स के लिए: गुप्तकालीन कला और स्थापत्य, नायिका मूर्तिकला, ASI की खुदाई, मध्य प्रदेश की विरासत
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- 'लेडी ऑफ नचना' 1,500 साल पुरानी प्रतिमा है, जिसे ASI ने पन्ना, मध्य प्रदेश में खोजा।
- प्रतिमा धूसर बलुआ पत्थर से बनी है और 20 सेमी ऊंची है।
- इसमें एक महिला सात लड़ियों वाले हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और बालों की क्लिप के साथ दिखती है।
- यह गुप्तकाल (लगभग चौथी-छठी शताब्दी ई.) की है।
- यह मध्य प्रदेश की अब तक ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है।
चर्चा में क्यों?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के नचना गांव में शृंगार करती महिला की 1,500 साल पुरानी प्रतिमा खोजी है। 'लेडी ऑफ नचना' नाम की यह 20 सेमी ऊंची धूसर बलुआ पत्थर की प्रतिमा गुप्तकाल की है। राज्य में ऐसी पहली प्रतिमा है जिसमें महिला शृंगार करती दिखती है, और इसमें सात लड़ियों वाला हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और बालों की क्लिप दिखती है।
सारांश
- 'लेडी ऑफ नचना' 1,500 साल पुरानी (गुप्तकालीन) पूर्ण प्रतिमा है, जिसमें महिला शृंगार करती दिखती है। इसे ASI ने पन्ना जिले, मध्य प्रदेश में खोजा।
- 20 सेमी ऊंची धूसर बलुआ पत्थर की इस प्रतिमा में सात लड़ियों वाला हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और एक खास बालों की क्लिप है।
- यह मध्य प्रदेश की अब तक ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है। यह कलचुरी काल की 1,000 साल पुरानी 'लेडी ऑफ ग्यारसपुर' से भी पुरानी है।
मुख्य बातें
खोज
ASI को मध्य प्रदेश के पन्ना के नचना में 1,500 साल पुरानी शृंगार करती महिला की पूर्ण प्रतिमा मिली है।
कलात्मक विवरण
प्रतिमा में सात लड़ियों वाला हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और बालों की क्लिप दिखती है, जो गुप्तकालीन आभूषणों और केश सज्जा को दर्शाती है।
ऐतिहासिक महत्व
यह मध्य प्रदेश की अब तक ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है, जो कलचुरी काल की 'लेडी ऑफ ग्यारसपुर' से भी पुरानी है।
पृष्ठभूमि
गुप्तकाल (लगभग चौथी-छठी शताब्दी ई.) को कला, स्थापत्य और साहित्य की उपलब्धियों के कारण अक्सर भारत का 'स्वर्ण युग' कहा जाता है। पन्ना जिले का नचना पहले से ही 5वीं शताब्दी के चौमुखनाथ मंदिर के लिए जाना जाता है, जो गुप्तकालीन स्थापत्य का प्रमुख उदाहरण है। इस प्रतिमा की खोज से गुप्तकालीन मूर्तिकला और उस समाज में महिलाओं की भूमिका को समझने का नया आयाम जुड़ता है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
यह प्रतिमा इसलिए खास है कि इसमें महिला केवल स्थिर आकृति नहीं, बल्कि शृंगार करते हुए दिखती है। बालों की क्लिप, सात लड़ियों वाला हार, कुंडल, बाजूबंद और कंगन गुप्तकालीन फैशन और आभूषणों का सीधा पुरातात्विक प्रमाण देते हैं। मध्य प्रदेश में ऐसी यह पहली 'नायिका' प्रतिमा है, जो राज्य की गुप्तकालीन विरासत में एक महत्वपूर्ण जुड़ाव है।
आगे की राह
यह प्रतिमा फिलहाल सुरक्षित रखी गई है और बाद में संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी। इस खोज के बाद नचना क्षेत्र में और खुदाई हो सकती है, और मध्य भारत की गुप्तकालीन मूर्तिकला के पुनर्मूल्यांकन की संभावना भी बन सकती है। परीक्षार्थियों के लिए यह मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सामान्य ज्ञान में एक महत्वपूर्ण जोड़ है।
लेडी ऑफ नचना बनाम लेडी ऑफ ग्यारसपुर
| विशेषता | लेडी ऑफ नचना | लेडी ऑफ ग्यारसपुर |
|---|---|---|
| काल | गुप्त (1,500 वर्ष पुरानी) | कलचुरी (1,000 वर्ष पुरानी) |
| स्थान | नचना, पन्ना जिला | ग्यारसपुर, मध्य प्रदेश |
| मुद्रा | शृंगार करती हुई | कंधे पर तोते के साथ (शुक नायिका) |
मध्य प्रदेश से जुड़ाव
मध्य प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:MPPSC 8/10MPESB 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- गुप्त काल (स्वर्ण युग)
- चौथी से छठी शताब्दी ई. का वह काल जब कला, स्थापत्य, विज्ञान और साहित्य में बड़ी प्रगति हुई। इसे भारत का 'स्वर्ण युग' कहा जाता है, और इस दौर की उपलब्धियों में कालिदास की रचनाएँ, अजंता की गुफाएँ और दशमलव प्रणाली का विकास शामिल हैं।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
- संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारत की प्रमुख संस्था, जो पुरातात्विक शोध और सांस्कृतिक स्मारकों के संरक्षण के लिए ज़िम्मेदार है। इसकी स्थापना 1861 में अलेक्ज़ेंडर कनिंघम ने की थी।
- नायिका प्रतिमा
- किसी नायिका या सुंदर महिला की प्रतिमा, जो अक्सर सुंदर मुद्रा में या दैनिक गतिविधि करते हुए दिखाई जाती है। भारतीय कला में नायिका आकृतियाँ मंदिर मूर्तिकला और साहित्य में आम हैं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 1,500 वर्ष, 20 सेमी, धूसर बलुआ पत्थर, पन्ना जिला (मध्य प्रदेश)
- इस नोडल संस्था को याद रखें: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
यह गलती न करें!
परीक्षार्थी 'लेडी ऑफ नचना' (गुप्तकाल, 1,500 वर्ष) को 'लेडी ऑफ ग्यारसपुर' (कलचुरी काल, 1,000 वर्ष) से भ्रमित कर सकते हैं। साथ ही सामग्री (धूसर बलुआ पत्थर बनाम अन्य पत्थर) या स्थान (पन्ना बनाम ग्यारसपुर) भी आपस में बदले जा सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- गुप्तकालीन कला और स्थापत्य, नायिका मूर्तिकला, ASI की खुदाई, मध्य प्रदेश की विरासत
कहीं अटके? एक टैप में समझें
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को मध्य प्रदेश के पन्ना में एक छोटी प्रतिमा मिली है। यह 1,500 साल पुरानी है और इसमें एक महिला तैयार होती दिखती है, जिसके गले में हार, कानों में कुंडल, हाथों में कंगन और बालों में क्लिप है। यह प्रतिमा इसलिए अहम है क्योंकि मध्य प्रदेश में ऐसी पहली प्रतिमा मिली है, और यह गुप्तकाल में महिलाओं के पहनावे और केश सज्जा के बारे में बताती है।
- 'लेडी ऑफ नचना' 1,500 साल पुरानी प्रतिमा है, जिसे ASI ने पन्ना, मध्य प्रदेश में खोजा।
- प्रतिमा धूसर बलुआ पत्थर से बनी है और 20 सेमी ऊंची है।
- इसमें एक महिला सात लड़ियों वाले हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और बालों की क्लिप के साथ दिखती है।
- यह गुप्तकाल (लगभग चौथी-छठी शताब्दी ई.) की है।
- यह मध्य प्रदेश की अब तक ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है।
- इतिहास: गुप्तकालीन कला और स्थापत्य
- कला और संस्कृति: भारतीय मूर्तिकला और प्रतिमा विज्ञान
जुड़ी अवधारणाएँ: गुप्त काल (स्वर्ण युग), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), नायिका प्रतिमा
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
मध्य प्रदेश में 1,500 साल पुरानी 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा किस संस्था ने खोजी?
व्याख्या: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) भारत में पुरातात्विक खुदाई और खोज के लिए ज़िम्मेदार है। संस्कृति मंत्रालय ASI की देखरेख करता है, लेकिन खोजने वाली संस्था नहीं है। राज्य पुरातत्व विभाग और राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान इस खोज में शामिल नहीं थे।
- Q2कठिन
'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह गुप्तकाल की 1,500 साल पुरानी प्रतिमा है।
- 2.यह धूसर बलुआ पत्थर से बनी है और 20 सेमी ऊंची है।
- 3.यह भारत में ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: प्रतिमा गुप्तकाल की है और 1,500 वर्ष पुरानी है। कथन 2 सही है: यह धूसर बलुआ पत्थर से बनी है और 20 सेमी ऊंची है। कथन 3 गलत है: यह पूरे भारत में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में ज्ञात सबसे प्राचीन 'नायिका' प्रतिमा है।
- Q3मध्यम
'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा की ऊंचाई कितनी है?
व्याख्या: प्रतिमा लगभग 20 सेमी ऊंची है।
- Q4मध्यम
इतिहासकारों के लिए 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा का मुख्य महत्व क्या है?
व्याख्या: यह मध्य प्रदेश में शृंगार करती महिला को दर्शाने वाली पहली प्रतिमा है। इसमें आभूषण ज़रूर दिखते हैं, पर इसका मुख्य महत्व वही नहीं है। यह भारत की सबसे पुरानी प्रतिमा नहीं है, और गुप्तकालीन मूर्तिकला में कई तरह की सामग्री इस्तेमाल होती थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा क्या है?
यह 1,500 साल पुरानी शृंगार करती महिला की प्रतिमा है, जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पन्ना जिले के नचना, मध्य प्रदेश में खोजा।
2. 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा किस काल की है?
यह प्रतिमा गुप्तकाल (लगभग चौथी-छठी शताब्दी ई.) की है, जिसे भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है।
3. 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा में कौन-से आभूषण दिखाए गए हैं?
प्रतिमा में सात लड़ियों वाला हार, कुंडल, बाजूबंद, कंगन और बालों की क्लिप दिखती है।
4. 'लेडी ऑफ नचना' प्रतिमा की ऊंचाई कितनी है और यह किस सामग्री से बनी है?
प्रतिमा लगभग 20 सेमी ऊंची है और धूसर बलुआ पत्थर से बनी है।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
