राजव्यवस्था

मप्र उच्च न्यायालय: 2005 से पहले की सेवा मान्य हुई तो शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 7 / 23

प्रिलिम्स के लिए: पुरानी पेंशन योजना (OPS), नई पेंशन योजना (NPS), शिक्षाकर्मी, न्यायालय, न्यायाधीश, मप्र में NPS की कट-ऑफ तिथि, लाभार्थी, प्रमुख याचिकाकर्ता

मेन्स के लिए: पेंशन सुधार, राजकोषीय संघवाद, परिभाषित लाभ बनाम परिभाषित अंशदान, प्रशासनिक कार्रवाइयों की न्यायिक समीक्षा

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने कहा है कि यदि सरकार शिक्षाकर्मियों की पिछली सेवा को वरिष्ठता और क्रमोन्नति के लिए मान्य करती है, तो उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) से वंचित नहीं कर सकती। इस फैसले से 1998 से 2005 के बीच पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से नियुक्त 99,000 से अधिक शिक्षकों को लाभ मिल सकता है।

सारांश

  • मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज किया कि 2018 का संवर्ग संविलियन नई नियुक्ति है।
  • न्यायालय ने कहा कि जिन शिक्षकों की मूल नियुक्ति 1 जनवरी 2005 (NPS की कट-ऑफ तिथि) से पहले हुई थी, उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाना चाहिए।
  • यह आदेश 1998 से 2005 के बीच शिक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त 99,000 से अधिक शिक्षकों को प्रभावित करता है।

मुख्य बातें

  • पेंशन पर न्यायालय का फैसला

    मप्र उच्च न्यायालय ने कहा कि जिन शिक्षकों की 2005 से पहले की सेवा वरिष्ठता के लिए मान्य है, उन्हें पुरानी पेंशन योजना से वंचित नहीं किया जा सकता।

  • 99,000+ शिक्षकों को लाभ

    यह आदेश 1998 से 2005 के बीच पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से शिक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त शिक्षकों पर लागू होता है।

  • NPS बनाम OPS कट-ऑफ

    मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (NPS) अनिवार्य की गई थी।

पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश में लगभग 3.75 लाख शिक्षक हैं। राज्य ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (NPS) अनिवार्य की। लेकिन 99,000 से अधिक शिक्षकों की मूल नियुक्ति 1998 से 2005 के बीच शिक्षाकर्मी के रूप में हुई थी, यानी NPS की कट-ऑफ तिथि से पहले। 2018 में उनका संवर्ग विलय हुआ और राज्य सरकार ने इस विलय को नई नियुक्ति माना तथा उन्हें OPS से वंचित रखा।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

उच्च न्यायालय ने कहा कि जब सरकार पिछली सेवा को वरिष्ठता और क्रमोन्नति के लिए मान्य करती है, तो वह उसी सेवा को पेंशन के उद्देश्य से एक साथ नई नहीं मान सकती। न्यायालय ने NPS के फंड को OPS में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। यह फैसला अन्य राज्यों के समान मामलों के लिए मिसाल बन सकता है और उन शिक्षकों को बड़ी वित्तीय राहत देता है जो अपनी मूल नियुक्ति की तिथि के आधार पर OPS की अपेक्षा रखते थे।

आगे की राह

राज्य सरकार इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती है। यदि फैसला लागू होता है, तो राज्य को प्रभावित शिक्षकों का संचित NPS कोष OPS पूल में स्थानांतरित करना होगा, जिससे राज्य की पेंशन देनदारी बढ़ेगी। इसी सिद्धांत के आधार पर अन्य राज्यों में भी समान मामलों में नई कानूनी चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।

मध्य प्रदेश से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

पुरानी पेंशन योजना (OPS)
सरकारी कर्मचारियों के लिए परिभाषित लाभ वाली पेंशन योजना, जिसमें कर्मचारी कोई अंशदान नहीं देता और सेवानिवृत्ति के बाद सरकार आजीवन पेंशन देती है (आमतौर पर अंतिम आहरित वेतन का 50%)।
नई पेंशन योजना (NPS)
वर्ष 2004 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए शुरू की गई परिभाषित अंशदान वाली पेंशन योजना। कर्मचारी और सरकार दोनों अंशदान देते हैं, और अंतिम पेंशन निवेश के प्रतिफल पर निर्भर करती है।
शिक्षाकर्मी
मध्य प्रदेश में नियुक्त एक प्रकार का अंशकालिक या संविदा शिक्षक, जो मुख्यतः पंचायत और नगरीय निकाय के स्कूलों में नियुक्त होता था।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: इस फैसले से मध्य प्रदेश के 99,000 से अधिक शिक्षकों को लाभ मिलता है।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (ग्वालियर खंडपीठ)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: जो मान्य पिछली सेवा वरिष्ठता के लिए स्वीकार की गई है, उसे पेंशन के लिए अनदेखा नहीं किया जा सकता।

यह गलती न करें!

जाल यह होगा कि NPS की कट-ऑफ तिथि (1 जनवरी 2005) को संवर्ग विलय के वर्ष (2018) के साथ भ्रमित कर दिया जाए। विद्यार्थी सोच सकते हैं कि कट-ऑफ 2018 है, जबकि मुख्य तिथि मूल नियुक्ति की है, जो 2005 से पहले होनी चाहिए।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • पेंशन सुधार, राजकोषीय संघवाद, परिभाषित लाभ बनाम परिभाषित अंशदान, प्रशासनिक कार्रवाइयों की न्यायिक समीक्षा

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना पर किस उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया?

  2. Q2कठिन

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के शिक्षकों की पेंशन पर फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.न्यायालय ने कहा कि जिन शिक्षकों की पिछली सेवा वरिष्ठता के लिए मान्य है, उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाना चाहिए।
    2. 2.यह फैसला 1 जनवरी 2005 के बाद मध्य प्रदेश में नियुक्त सभी शिक्षकों पर लागू होता है।
    3. 3.न्यायालय ने प्रभावित शिक्षकों के लिए नई पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में फंड स्थानांतरित करने का आदेश दिया।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    उच्च न्यायालय के पुरानी पेंशन योजना पर फैसले से मध्य प्रदेश के कितने शिक्षकों के लाभान्वित होने की उम्मीद है?

  4. Q4मध्यम

    इस फैसले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कौन-सा मुख्य कानूनी सिद्धांत स्थापित किया?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की पेंशन पर क्या फैसला सुनाया?

न्यायालय ने कहा कि जिन शिक्षकों की पिछली सेवा वरिष्ठता और क्रमोन्नति के लिए मान्य है, उन्हें पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता, भले ही बाद के संवर्ग विलय को नई नियुक्ति माना जाए।

2. इस फैसले से मध्य प्रदेश के कितने शिक्षकों को लाभ मिलता है?

1998 से 2005 के बीच पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से शिक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त 99,000 से अधिक शिक्षकों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।

3. मध्य प्रदेश में NPS की कट-ऑफ तिथि क्या है?

मध्य प्रदेश में नई पेंशन योजना (NPS) 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए अनिवार्य की गई थी।

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