राजव्यवस्था

दिल्ली झुग्गी पुनर्वास: नई नीति के तहत 20 लाख परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 62 / 85

प्रिलिम्स के लिए: झुग्गी पुनर्वास, आवास योजनाओं में परिवार की परिभाषा, राशन कार्ड, लक्षित लाभार्थी, नोडल प्राधिकरण, मुख्य दस्तावेज़ की अंतिम तिथि, दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री, दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल

मेन्स के लिए: झुग्गी पुनर्वास, समावेशी शहरी नियोजन, विधवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, परिवार की परिभाषा, दस्तावेज़-आधारित पात्रता

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने एक नई पुनर्वास नीति की घोषणा की है, जिसके तहत झुग्गियों में रहने वाले 20 लाख परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे।

सारांश

  • दिल्ली सरकार की नई झुग्गी पुनर्वास नीति का लक्ष्य 20 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
  • माता-पिता से अलग पहली मंजिल पर पत्नी और बच्चों के साथ रहने वाले विवाहित बेटे को मकान आवंटन के लिए अलग परिवार माना जा सकता है।
  • 1 जनवरी 2025 से पहले जारी अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन वाली, अलग मंजिल पर बच्चों के साथ रहने वाली विधवा बेटी को भी अलग परिवार माना जा सकता है।

मुख्य बातें

  • 20 लाख पक्के मकान

    दिल्ली सरकार ने 20 लाख झुग्गी-निवासी परिवारों को स्थायी आवास देने के लिए नई पुनर्वास नीति की घोषणा की है।

  • परिवार की परिभाषा की कुंजी

    अलग-अलग मंजिलों पर रहने वाले विवाहित बेटे और विधवा बेटी को मकान आवंटन के लिए अलग परिवार माना जा सकता है। पात्रता निवास और दस्तावेज़ सत्यापन पर निर्भर करती है, और विधवा बेटी के लिए 1 जनवरी 2025 से पहले जारी अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन ज़रूरी है।

  • दस्तावेज़ सत्यापन

    विधवा बेटी के लिए ज़रूरी है कि उसके पास 1 जनवरी 2025 से पहले जारी अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन हो, और वह उसी मंजिल के पते से जुड़ा हो जहां वह रहती है। कुल पात्रता के लिए निवास से जुड़े दस्तावेज़ों का सत्यापन भी ज़रूरी होगा।

पृष्ठभूमि

दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गियों में अपर्याप्त आवास में रहते हैं। पिछले पुनर्वास प्रयासों में परिवार की परिभाषा, पुनर्स्थापन और दस्तावेज़ों से जुड़ी चुनौतियां सामने आई थीं। नई नीति विवाहित बेटे और विधवा बेटी को अलग परिवार इकाई के रूप में पात्रता स्पष्ट करके इन चुनौतियों को दूर करने का लक्ष्य रखती है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

नीति की परिवार की परिभाषा अहम है: विवाहित बेटे और विधवा बेटी को अलग परिवार मानने से एक ही विस्तारित परिवार को मिलने वाली आवास इकाइयां तीन गुना तक हो सकती हैं (जैसे भूतल पर माता-पिता, पहली मंजिल पर विवाहित बेटा और दूसरी मंजिल पर विधवा बेटी)। इससे विधवाओं की सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है और परिवार के भीतर आवास को लेकर विवाद घटते हैं। लेकिन दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत दस्तावेज़ सत्यापन भी ज़रूरी होगा। बिजली कनेक्शन के लिए 1 जनवरी 2025 की अंतिम तिथि से वास्तविक दीर्घकालिक निवासियों को लाभ मिलना सुनिश्चित होता है।

आगे की राह

नीति का सफल क्रियान्वयन दस्तावेज़ों के पारदर्शी सत्यापन और बिजली रिकॉर्ड के लिए नगर निकायों के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा। समान झुग्गी पुनर्वास चुनौतियों वाले अन्य राज्यों के लिए यह नीति एक मॉडल बन सकती है। इन 20 लाख इकाइयों के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार को पर्याप्त बजट और भूमि आवंटित करनी होगी।

दिल्ली से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

झुग्गी पुनर्वास
झुग्गियों (अनधिकृत, कमज़ोर ढांचे वाली बस्तियों) में रहने वाले लोगों को पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं वाले नियोजित, स्थायी आवास में बसाने की सरकारी नीति।
आवास योजनाओं में परिवार की परिभाषा
किसी सरकारी योजना द्वारा यह तय करने का मानदंड कि आवास इकाई या राशन कार्ड जैसे लाभ आवंटित करने के लिए एक 'परिवार' में कौन लोग शामिल माने जाएंगे।
राशन कार्ड
सरकार द्वारा जारी वह दस्तावेज़, जिससे परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सब्सिडी वाला अनाज खरीदने का हकदार बनता है। यह पहचान और पते के प्रमाण के रूप में भी काम आता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: दिल्ली की नई झुग्गी पुनर्वास नीति के तहत 20 लाख परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: अलग बिजली कनेक्शन के लिए अंतिम तिथि 1 जनवरी 2025 है

यह गलती न करें!

परीक्षक पूछ सकते हैं कि 'अलग परिवार कौन माना जाएगा', और विकल्पों में 'विवाहित बेटे' की जगह 'अविवाहित बेटा' या 'विधवा बेटी' की जगह 'तलाकशुदा बेटी' रखे जा सकते हैं। नीति में विशेष रूप से विवाहित बेटों और विधवा बेटियों का उल्लेख है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • झुग्गी पुनर्वास, समावेशी शहरी नियोजन, विधवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, परिवार की परिभाषा, दस्तावेज़-आधारित पात्रता

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अभ्यास प्रश्न

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  1. Q1आसान

    20 लाख परिवारों को पक्के मकान देने वाली नई झुग्गी पुनर्वास नीति को लागू करने की ज़िम्मेदारी किस सरकार की है?

  2. Q2कठिन

    दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.इस नीति का लक्ष्य झुग्गियों में रहने वाले 20 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
    2. 2.अलग मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहने वाले विवाहित बेटे को तभी अलग परिवार माना जा सकता है जब उसके पास 1 जनवरी 2025 से पहले जारी अलग बिजली कनेक्शन हो।
    3. 3.माता-पिता से अलग रहने वाली अविवाहित बेटी को भी अलग परिवार माना जा सकता है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति में अलग परिवार की स्थिति के लिए अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन को मान्य होने के लिए कौन-सी अंतिम तिथि बताई गई है?

  4. Q4मध्यम

    दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति में विधवा बेटी को अलग परिवार मानने के पीछे मुख्य सामाजिक उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. दिल्ली की झुग्गी पुनर्वास नीति से कितने परिवारों को लाभ मिलेगा?

नीति का लक्ष्य दिल्ली में झुग्गियों में रहने वाले 20 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।

2. अलग परिवार की स्थिति के लिए अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन की अंतिम तिथि क्या है?

अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन 1 जनवरी 2025 से पहले जारी होना चाहिए।

3. क्या इस नीति के तहत विधवा बेटी को अलग परिवार माना जा सकता है?

हां, 1 जनवरी 2025 से पहले जारी अलग राशन कार्ड या बिजली कनेक्शन वाली, अलग मंजिल पर बच्चों के साथ रहने वाली विधवा बेटी को अलग परिवार माना जा सकता है।

4. दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री कौन हैं?

रेखा गुप्ता दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।

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