प्रिलिम्स के लिए: रियायती खाद्य योजनाएं, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013, योजना का नाम, भोजन की कीमत, प्रति थाली राज्य सब्सिडी, पहले चरण के जिले, प्रति कैंटीन दैनिक क्षमता
मेन्स के लिए: खाद्य सुरक्षा, शहरी गरीबी, राज्य कल्याण योजना, रियायती भोजन, प्रवासी श्रमिक कल्याण
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- मां अन्नपूर्णा रसोई योजना उत्तर प्रदेश में ₹5 प्रति थाली पर भोजन देती है।
- यह योजना उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने 5 नवंबर 2026 को घोषित की।
- पहले चरण में 18 जिलों में कैंटीन खुलेंगी, जिनमें लखनऊ, कानपुर और वाराणसी भी शामिल हैं।
- राज्य सरकार हर थाली पर ₹25 की सब्सिडी देती है।
- हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली देगी।
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार 18 जिलों में 'मां अन्नपूर्णा रसोई' कैंटीन शुरू करेगी, जहां शहरी गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंदों को सिर्फ ₹5 प्रति थाली में भोजन मिलेगा। राज्य सरकार हर थाली पर ₹25 की सब्सिडी देगी। योजना में धान खरीद और मुफ्त राशन की घटतौली की शिकायत से जुड़े उपाय भी शामिल हैं।
सारांश
- हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली शहरी गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंदों को ₹5 प्रति थाली की दर से देगी।
- राज्य सरकार कैंटीन चलाने वाली संस्था को प्रति थाली ₹25 की आर्थिक सहायता देगी। योजना का दायरा बढ़ाने में CSR फंड और स्वयंसेवी संस्थाएं मदद करेंगी।
मुख्य बातें
रियायती भोजन योजना
मां अन्नपूर्णा रसोई योजना उत्तर प्रदेश के चुने हुए 18 जिलों में शहरी गरीबों और श्रमिकों को ₹5 प्रति थाली में पूरा भोजन देती है।
राज्य सब्सिडी मॉडल
राज्य सरकार हर थाली पर ₹25 की सब्सिडी संस्था को देगी, और CSR फंड व स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए इसका विस्तार करने की योजना है।
धान खरीद में राहत
ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कत झेल रहे किसान पुरानी व्यवस्था से धान बेच सकेंगे, जिससे खरीद की कठिनाई कम होगी।
आगे की राह
योजना की सफलता समय पर सब्सिडी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण और कैंटीन चलाने वाली संस्थाओं के चयन पर निर्भर करेगी। और जिलों में विस्तार की योजना है। धान खरीद की छूट अस्थायी उपाय है, स्थायी डिजिटल समाधान बेहतर होगा। टोल फ्री नंबर से मुफ्त राशन की घटतौली की शिकायत पारदर्शिता बढ़ाती है।
उत्तर प्रदेश से जुड़ाव
उत्तर प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:UPPSC 8/10UPPSC RO/ARO 7/10UPSSSC PET 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- रियायती खाद्य योजनाएं
- ऐसी सरकारी योजनाएं जो कमज़ोर वर्गों को बाज़ार मूल्य से कम कीमत पर भोजन देती हैं, अक्सर सार्वजनिक वितरण प्रणाली या सामुदायिक रसोई के ज़रिए।
- कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)
- किसी कंपनी का स्वैच्छिक या अनिवार्य योगदान, जो सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों पर खर्च होता है और अक्सर सरकारी योजनाओं को धन देने में काम आता है।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
- एक केंद्रीय कानून जो लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत ग्रामीण आबादी के 75% और शहरी आबादी के 50% तक को रियायती अनाज का अधिकार देता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 18 जिले, ₹5 प्रति थाली, ₹25 प्रति थाली सब्सिडी, रोज़ाना 500 दोपहर + 500 रात की थाली
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
यह गलती न करें!
परीक्षक अन्नपूर्णा रसोई योजना को केंद्र की PM गरीब कल्याण अन्न योजना (मुफ्त राशन) या मध्य प्रदेश की 'दीनदयाल रसोई योजना' से भ्रमित कर सकते हैं। याद रखें: यह उत्तर प्रदेश की राज्य स्तरीय योजना है, जिसमें ₹5 में पका भोजन मिलता है, यह केंद्र की मुफ्त अनाज योजना नहीं है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- खाद्य सुरक्षा, शहरी गरीबी, राज्य कल्याण योजना, रियायती भोजन, प्रवासी श्रमिक कल्याण
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तर प्रदेश सरकार 18 शहरों में ऐसी कैंटीन शुरू कर रही है, जहां गरीब लोग सिर्फ ₹5 में पूरा भोजन पा सकेंगे। सरकार कैंटीन चलाने वाली संस्था को हर थाली के लिए ₹25 अतिरिक्त देगी, ताकि वह भोजन सस्ता बेच सके। इससे दैनिक मज़दूरी करने वाले और प्रवासी श्रमिकों को मदद मिलेगी, जो आम रेस्तरां के दाम नहीं चुका सकते। इस योजना का नाम मां अन्नपूर्णा रसोई योजना है।
- मां अन्नपूर्णा रसोई योजना उत्तर प्रदेश में ₹5 प्रति थाली पर भोजन देती है।
- यह योजना उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने 5 नवंबर 2026 को घोषित की।
- पहले चरण में 18 जिलों में कैंटीन खुलेंगी, जिनमें लखनऊ, कानपुर और वाराणसी भी शामिल हैं।
- राज्य सरकार हर थाली पर ₹25 की सब्सिडी देती है।
- हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली देगी।
- शासन: राज्य कल्याण योजनाएं और खाद्य सुरक्षा
- अर्थव्यवस्था: सब्सिडी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली
जुड़ी अवधारणाएँ: रियायती खाद्य योजनाएं, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
उत्तर प्रदेश सरकार का कौन-सा विभाग मां अन्नपूर्णा रसोई योजना को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: यह योजना उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री ने घोषित की है। ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा और अन्य ग्रामीण योजनाएं संभालता है, इस शहरी भोजन योजना को नहीं। समाज कल्याण विभाग पेंशन और छात्रवृत्ति देखता है, भोजन नहीं। शहरी विकास विभाग बुनियादी ढांचे से जुड़ा है, भोजन वितरण से नहीं।
- Q2कठिन
उत्तर प्रदेश में घोषित मां अन्नपूर्णा रसोई योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.योजना 18 जिलों में शहरी गरीबों और श्रमिकों को ₹5 प्रति थाली पर भोजन देती है।
- 2.राज्य सरकार कैंटीन चलाने वाली संस्था को प्रति थाली ₹50 की सब्सिडी देगी।
- 3.हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली देगी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: योजना 18 जिलों में ₹5 प्रति थाली पर भोजन देती है। कथन 2 गलत है: सब्सिडी ₹50 नहीं, ₹25 प्रति थाली है। कथन 3 सही है: हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली देगी। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
मां अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति थाली कितनी राज्य सब्सिडी दी जाती है?
व्याख्या: राज्य सरकार कैंटीन चलाने वाली संस्था को प्रति थाली ₹25 सब्सिडी के रूप में देगी। ₹5 वह कीमत है जो लाभार्थी चुकाता है।
- Q4मध्यम
मां अन्नपूर्णा रसोई योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: योजना का लक्ष्य शहरी गरीब, श्रमिक और जरूरतमंद हैं, जिन्हें नाममात्र ₹5 प्रति थाली पर पका भोजन मिलता है। मुफ्त खाद्यान्न पहले से NFSA और PMGKAY के तहत है, इस योजना के तहत नहीं। यह PDS की जगह नहीं लेती। रोज़गार सृजन एक संभावित असर हो सकता है, पर बताया गया मुख्य उद्देश्य यह नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मां अन्नपूर्णा रसोई योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत 18 जिलों में शहरी गरीबों और श्रमिकों को ₹5 प्रति थाली पर रियायती पका भोजन दिया जाता है।
2. इस योजना के तहत UP सरकार प्रति थाली कितनी सब्सिडी देती है?
राज्य सरकार कैंटीन चलाने वाली संस्था को प्रति थाली ₹25 की सब्सिडी देती है।
3. पहले चरण में कौन-से 18 जिलों में अन्नपूर्णा रसोई कैंटीन मिलेंगी?
18 जिले हैं: कानपुर, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, प्रयागराज, झांसी, बरेली, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, अयोध्या, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद और रायबरेली।
4. हर अन्नपूर्णा रसोई कैंटीन की दैनिक भोजन क्षमता कितनी है?
हर कैंटीन रोज़ाना 500 दोपहर और 500 रात की थाली देगी।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
