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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' है

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 4 / 131

प्रिलिम्स के लिए: अनुच्छेद 12, अन्य प्राधिकरण, मौलिक अधिकार, नोडल निकाय, संवैधानिक अनुच्छेद, पीठ, पूर्व निर्णय

मेन्स के लिए: साधन का सिद्धांत, संचयी नियंत्रण की कसौटी, मौलिक अधिकारों का क्षैतिज अनुप्रयोग

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' है, यानी नागरिक इसके खिलाफ अपने मौलिक अधिकार लागू करा सकते हैं। यह ऐतिहासिक फैसला सरकार के गहरे नियंत्रण वाली संस्थाओं के लिए 'अन्य प्राधिकरण' की कसौटी को फिर से पुष्ट करता है।

सारांश

  • सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 के दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें NBT को अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' घोषित किया गया था।
  • NBT पर सरकार का वित्तीय, कार्यात्मक और प्रशासनिक प्रभुत्व है, इसलिए वह 'अन्य प्राधिकरण' की कसौटी पर खरा उतरता है।
  • अब कोई भी व्यक्ति NBT के खिलाफ मौलिक अधिकारों को लागू कराने के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटा सकता है।

मुख्य बातें

  • सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय का फैसला बरकरार रखा

    सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 के दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील खारिज कर दी, जिसमें पहली बार NBT को अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' घोषित किया गया था।

  • NBT क्या है?

    नेशनल बुक ट्रस्ट शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक सरकारी निकाय है, जो पुस्तकों के प्रकाशन और प्रचार का काम करता है।

  • लागू की गई कसौटी

    न्यायालय ने संचयी नियंत्रण की कसौटी अपनाई: सरकार का वित्तीय, कार्यात्मक और प्रशासनिक प्रभुत्व।

पृष्ठभूमि

संविधान का अनुच्छेद 12 भाग III (मौलिक अधिकार) के लिए 'राज्य' को परिभाषित करता है। इसमें भारत सरकार और संसद, राज्य सरकारें और विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण तथा 'अन्य प्राधिकरण' शामिल हैं। 'अन्य प्राधिकरण' शब्द की व्याख्या अदालतों ने दशकों में की है, और इसमें वे निकाय आते हैं जो सरकार के साधन या एजेंसी के रूप में काम करते हैं।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

सर्वोच्च न्यायालय ने 'संचयी प्रभाव' की कसौटी लागू की और NBT की वित्तीय, कार्यात्मक और प्रशासनिक अधीनता की जांच की। न्यायालय ने माना कि कोई एक कारक निर्णायक नहीं था; बल्कि सरकारी नियंत्रण की समग्रता ने NBT को 'अन्य प्राधिकरण' बनाया। यह फैसला अनुच्छेद 12 की व्यापक व्याख्या को मज़बूत करता है और सार्वजनिक शक्ति का उपयोग करने वाली स्वायत्त संस्थाओं के खिलाफ नागरिकों को न्यायिक उपाय का रास्ता देता है।

आगे की राह

यह फैसला उन अन्य ट्रस्टों और सोसाइटियों को भी प्रभावित कर सकता है, जिन पर सरकार का व्यापक नियंत्रण है। इससे समान निकायों के 'राज्य' दर्जे से जुड़े भविष्य के विवादों पर कानूनी स्थिति स्पष्ट होती है। फैसला इस सिद्धांत को भी दोहराता है कि किसी संस्था के कॉर्पोरेट या ट्रस्ट ढांचे के आधार पर मौलिक अधिकारों की रक्षा को निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

अनुच्छेद 12
मौलिक अधिकारों को लागू कराने के उद्देश्य से 'राज्य' को परिभाषित करता है। इसमें भारत सरकार और संसद, राज्य सरकारें और विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण तथा सरकार के नियंत्रण में आने वाले अन्य प्राधिकरण शामिल हैं।
अन्य प्राधिकरण
अनुच्छेद 12 का एक शब्द, जिसकी व्याख्या अदालतों ने व्यापक रूप से की है, ताकि इसमें सरकार की कोई भी एजेंसी या साधन शामिल हो सके, चाहे उसका कानूनी रूप कुछ भी हो (वैधानिक निकाय, ट्रस्ट, कंपनी या सोसाइटी)।
मौलिक अधिकार
संविधान का भाग III (अनुच्छेद 12-35) नागरिकों को मूलभूत अधिकारों की गारंटी देता है, जो अनुच्छेद 12 में परिभाषित 'राज्य' के विरुद्ध लागू कराए जा सकते हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) को अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' घोषित किया गया
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: शिक्षा मंत्रालय (NBT का मूल मंत्रालय)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: संविधान का अनुच्छेद 12

यह गलती न करें!

प्रश्न यह पूछ सकता है कि किस निकाय को 'राज्य' घोषित किया गया, और विकल्पों में 'नेशनल बुक ट्रस्ट' बनाम 'नेशनल लाइब्रेरी ट्रस्ट' या 'साहित्य अकादमी' जैसे अन्य ट्रस्ट हो सकते हैं। परीक्षक पीठ के बारे में भी पूछ सकते हैं: न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • साधन का सिद्धांत, संचयी नियंत्रण की कसौटी, मौलिक अधिकारों का क्षैतिज अनुप्रयोग

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए 'राज्य' शब्द को कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद परिभाषित करता है?

  2. Q2कठिन

    नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि NBT संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' है।
    2. 2.न्यायालय ने 'संचयी प्रभाव' की कसौटी लागू की, जिसमें सरकार के वित्तीय, कार्यात्मक और प्रशासनिक नियंत्रण पर विचार किया गया।
    3. 3.इस फैसले ने 2012 के दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के उस निर्णय को पलट दिया, जिसने पहली बार NBT को 'राज्य' घोषित किया था।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    सर्वोच्च न्यायालय की किस पीठ ने नेशनल बुक ट्रस्ट को अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' घोषित करने वाला फैसला सुनाया?

  4. Q4मध्यम

    संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत किसी संस्था को 'राज्य' घोषित किए जाने का मुख्य कानूनी परिणाम क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सर्वोच्च न्यायालय ने नेशनल बुक ट्रस्ट के बारे में क्या फैसला सुनाया?

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' है, यानी नागरिक इसके खिलाफ अपने मौलिक अधिकार लागू करा सकते हैं।

2. इस फैसले में कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद शामिल है?

संविधान का अनुच्छेद 12, जो भाग III के तहत मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए 'राज्य' शब्द को परिभाषित करता है।

3. इस फैसले को किस पीठ ने सुनाया?

फैसला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनाया।

4. NBT को 'राज्य' घोषित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने कौन-सी कसौटी लागू की?

न्यायालय ने 'संचयी प्रभाव' की कसौटी लागू की, जिसमें NBT पर सरकार के वित्तीय, कार्यात्मक और प्रशासनिक नियंत्रण की जांच की गई।

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