प्रिलिम्स के लिए: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), GRAP का पूरा रूप, NCR में वायु गुणवत्ता के लिए नोडल निकाय, GRAP-III के लिए AQI सीमा, भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: जनआंदोलन, व्यवहार में बदलाव, पर्यावरणीय न्याय, त्योहारों का व्यावसायीकरण, प्रतिक्रियात्मक बनाम निवारक उपाय, वैज्ञानिक विकल्प
स्रोत:The Hindu
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के उपायों को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा।
- GRAP-III तब लगाया जाता है जब दिल्ली का AQI 400 (गंभीर श्रेणी) से ऊपर जाता है।
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) NCR में GRAP लागू करता है।
- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत हैं।
- अदालत ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जनआंदोलन का आह्वान किया।
चर्चा में क्यों?
सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के उपायों, जैसे वाहनों और निर्माण पर रोक, को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा है। AQI 400 के पार पहुंचने पर GRAP-III की पाबंदियां लागू की गईं। अदालत ने जनआंदोलन और पारंपरिक दीवाली तरीकों की ओर लौटने का आह्वान किया, और कहा कि संपन्न वर्ग के कारण होने वाले प्रदूषण का सबसे बुरा असर गरीबों पर पड़ता है।
सारांश
- सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के तहत वाहनों पर रोक और निर्माण कार्य रोकने जैसे आपातकालीन उपायों को दिल्ली का वायु प्रदूषण रोकने के लिए 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा है।
- अदालत ने कहा कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के वाहनों से दिल्ली 'भरी हुई' है, और जनता के व्यवहार में बदलाव के बिना बेहतर ईंधन भी समस्या का हल नहीं कर सकता।
- अदालत ने व्यावसायिक उत्सवों की जगह जनआंदोलन और पारंपरिक दीवाली (दीये) की ओर लौटने का आह्वान किया, और कहा कि संपन्न वर्ग के कारण होने वाले प्रदूषण का सबसे अधिक नुकसान गरीब वर्ग उठाते हैं।
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP उपायों की आलोचना की
सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के तहत वाहनों पर रोक और निर्माण कार्य रोकने को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा और वैज्ञानिक विकल्प मांगे।
दिल्ली में AQI 400 के पार, GRAP-III लागू
AQI 400 से ऊपर होने पर राजधानी में GRAP-III की पाबंदियां लागू हुईं, जिनमें गैर-ज़रूरी निर्माण और कुछ वाहनों पर रोक शामिल है।
अदालत ने पारंपरिक दीवाली की ओर लौटने का आह्वान किया
मुख्य न्यायाधीश ने पारंपरिक दीयों और सादे उत्सवों की ओर लौटने के लिए जनआंदोलन का आग्रह किया, और व्यावसायीकरण को प्रदूषण बढ़ने का कारण बताया।
पृष्ठभूमि
दिल्ली का वायु प्रदूषण हर सर्दी का आवर्ती संकट है, जब AQI अक्सर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच जाता है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा प्रदूषण के उछाल से निपटने के लिए लागू आपातकालीन उपायों का एक समूह है। GRAP के चार चरण हैं: चरण I (AQI 201-300, 'खराब'), चरण II (301-400, 'बहुत खराब'), चरण III (401-450, 'गंभीर') और चरण IV (451-500, 'गंभीर+')। सर्वोच्च न्यायालय कई सुनवाइयों के जरिए इस मुद्दे की निगरानी कर रहा है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
सर्वोच्च न्यायालय का यह कहना कि GRAP के उपाय 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' हैं, प्रतिक्रियात्मक, आपातकालीन उपायों की सीमाओं को सामने लाता है। अदालत ने बताया कि पड़ोसी राज्यों के वाहनों से दिल्ली 'भरी हुई' है, जिससे ईंधन गुणवत्ता की जांच असंभव हो जाती है। दीवाली के व्यावसायीकरण की ओर भी ध्यान दिलाया गया, और मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संपन्न वर्ग के कारण होने वाले प्रदूषण का सबसे अधिक नुकसान गरीब उठाते हैं। 'जनआंदोलन' और पारंपरिक तरीकों की ओर लौटने का आह्वान नियामक कार्रवाई के साथ व्यवहार में बदलाव की ज़रूरत पर ज़ोर देता है।
आगे की राह
अदालत ने निर्देश देने पर सहमति जताई है और दीवाली की छुट्टियों के बाद मामले की सुनवाई करेगी। सख्त वाहन उत्सर्जन मानदंड, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा और स्वच्छ ईंधन के लिए प्रोत्साहन जैसे दीर्घकालिक और निवारक उपायों की ओर बढ़ना ज़रूरी हो सकता है। अदालत ने जागरूकता अभियानों को भी एक विकल्प के रूप में सुझाया है। GRAP की प्रभावशीलता की वैज्ञानिक समीक्षा की ज़रूरत पड़ सकती है, क्योंकि अदालत ने प्रतिबंधों से आगे 'महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तरीकों' की मांग की है।
GRAP के चरण और AQI सीमाएं
| चरण | AQI सीमा | श्रेणी |
|---|---|---|
| GRAP-I | 201-300 | खराब |
| GRAP-II | 301-400 | बहुत खराब |
| GRAP-III | 401-450 | गंभीर |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा लागू आपातकालीन उपायों का समूह। AQI स्तर के आधार पर इसके चार चरण हैं।
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सटे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय, जो NCR में वायु प्रदूषण का समन्वय और नियमन करता है।
- वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
- वायु प्रदूषण के स्तर को जनता तक पहुंचाने वाला एक संख्यात्मक सूचकांक। यह 0 (अच्छा) से 500 तक होता है। श्रेणियां: अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), गंभीर (401-450), गंभीर+ (451-500)।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: जब AQI 400 (गंभीर श्रेणी) से ऊपर जाता है, तब GRAP-III लागू होता है
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सटे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021
यह गलती न करें!
परीक्षक GRAP के चरणों में भ्रम पैदा कर सकते हैं: चरण III (गंभीर, AQI 401-450) बनाम चरण IV (गंभीर+, AQI 451-500)। वे CAQM को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) या पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के साथ भी बदल सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- जनआंदोलन, व्यवहार में बदलाव, पर्यावरणीय न्याय, त्योहारों का व्यावसायीकरण, प्रतिक्रियात्मक बनाम निवारक उपाय, वैज्ञानिक विकल्प
कहीं अटके? एक टैप में समझें
दिल्ली की हवा सर्दियों में बहुत खराब हो जाती है। सरकार के पास GRAP नाम की योजना है, जिसके अलग-अलग चरण हैं। जब हवा बहुत खराब होती है (AQI 400 से ऊपर), तो चरण III लागू होता है, जो निर्माण और कुछ वाहनों पर रोक लगाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ये रोकें पुराने विचार हैं जो ठीक से काम नहीं करते। अदालत नए वैज्ञानिक समाधान और लोगों की आदतों में बदलाव चाहती है।
- सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के उपायों को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा।
- GRAP-III तब लगाया जाता है जब दिल्ली का AQI 400 (गंभीर श्रेणी) से ऊपर जाता है।
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) NCR में GRAP लागू करता है।
- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत हैं।
- अदालत ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जनआंदोलन का आह्वान किया।
- पर्यावरण: वायु प्रदूषण और उसका नियंत्रण
- राजव्यवस्था: सर्वोच्च न्यायालय और उसकी शक्तियां
जुड़ी अवधारणाएँ: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को लागू करने की मुख्य ज़िम्मेदारी किस वैधानिक निकाय की है?
व्याख्या: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) वह वैधानिक निकाय है जो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के तहत NCR में वायु प्रदूषण का समन्वय और नियमन करने के लिए गठित है। CPCB जल और वायु अधिनियमों के तहत एक तकनीकी सलाहकार निकाय है, जबकि MoEFCC नोडल मंत्रालय है। DPCC दिल्ली के लिए एक राज्य-स्तरीय निकाय है।
- Q2कठिन
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.GRAP राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के लिए आपातकालीन उपायों का एक समूह है।
- 2.GRAP-III की पाबंदियां तब लगाई जाती हैं जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से ऊपर जाता है।
- 3.GRAP को लागू करने की ज़िम्मेदारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: GRAP NCR के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना है। कथन 2 गलत है: GRAP-III तब लगाया जाता है जब AQI 401 और 450 के बीच हो; GRAP-IV AQI 450 से ऊपर के लिए है। कथन 3 सही है: CAQM लागू करने वाला निकाय है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में GRAP-III (चरण III) किस वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सीमा पर लागू किया जाता है?
व्याख्या: GRAP-III तब लगाया जाता है जब AQI 400 से ऊपर जाकर 'गंभीर' श्रेणी (401-450) में पहुंचता है। GRAP-II AQI 301-400 (बहुत खराब) के लिए है, और GRAP-IV AQI 450 से ऊपर (गंभीर+) के लिए है। AQI 200 से ऊपर 'खराब' (GRAP-I) है।
- Q4मध्यम
इस सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की मुख्य सीमा क्या बताई?
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के उपायों को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा, जिससे संकेत मिलता है कि प्रतिक्रियात्मक प्रतिबंध प्रभावी नहीं हैं। अदालत ने वैज्ञानिक, दीर्घकालिक विकल्पों और जनआंदोलन का आह्वान किया। अन्य विकल्पों की समाचार में चर्चा नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के उपायों के बारे में क्या कहा?
सर्वोच्च न्यायालय ने GRAP के तहत वाहनों और निर्माण पर रोक जैसे उपायों को 'पुराने, आज़माए हुए और विफल औज़ार' कहा और वैज्ञानिक विकल्प मांगे।
2. दिल्ली में GRAP-III कब लागू किया जाता है?
GRAP-III तब लगाया जाता है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर जाकर 'गंभीर' श्रेणी (401-450) में पहुंचता है।
3. NCR में GRAP लागू करने की ज़िम्मेदारी किस निकाय की है?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) वह वैधानिक निकाय है जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है।
4. मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली के प्रदूषण के समाधान के रूप में क्या सुझाया?
मुख्य न्यायाधीश ने जनआंदोलन और पारंपरिक दीवाली की ओर लौटने का आह्वान किया, जैसे व्यावसायिक उत्सवों की जगह दीयों का उपयोग।
सभी स्रोत
मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

