सामाजिक मुद्दे

बाल विवाह मुक्त भारत: बाल विवाह का प्रचलन घटकर 20.1% हुआ, अभियान का लक्ष्य 2030

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 4 / 77

प्रिलिम्स के लिए: बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA), बाल विवाह निषेध अधिकारी (CMPO), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP), राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS), सतत विकास लक्ष्य (SDG) लक्ष्य 5.3, अभियान का नाम, शुरू होने की तारीख, नोडल मंत्रालय

मेन्स के लिए: रोकथाम बनाम दंडात्मक दृष्टिकोण, सरकार का समग्र दृष्टिकोण, सामाजिक मानदंडों में बदलाव, बहु-क्षेत्रीय तालमेल, ज़मीनी स्तर पर संस्थागत व्यवस्था (CMPO), SDG 5.3 से समन्वय

स्रोत:PIBPIB

चर्चा में क्यों?

भारत का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान नवंबर 2024 में शुरू हुआ और इसके तहत 12.47 करोड़ लोगों तक पहुंच बनी है। इससे बाल विवाह का प्रचलन NFHS-5 के 23.3% से घटकर NFHS-6 में 20.1% रह गया है। अभियान का लक्ष्य 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाना है, जो SDG लक्ष्य 5.3 से जुड़ा है। इसे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का सहारा मिला है।

सारांश

  • बाल विवाह मुक्त भारत (BVMB) अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 27 नवंबर 2024 को शुरू किया। इसका उद्देश्य 2030 तक बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करना है।
  • 20-24 वर्ष की उन महिलाओं में, जिनका विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ, बाल विवाह का प्रचलन NFHS-5 (2019-21) के 23.3% से घटकर NFHS-6 (2023-24) में 20.1% रह गया है। यह 3.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट है।
  • अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में 6.85 लाख जागरूकता कार्यक्रम, 42.01 लाख संकल्प और 71,882 बाल विवाह निषेध अधिकारियों (CMPOs) की नियुक्ति शामिल है, जिनमें से 59,686 ग्राम पंचायत स्तर पर हैं।

मुख्य बातें

  • प्रचलन में गिरावट

    20-24 वर्ष की महिलाओं में बाल विवाह 23.3% (NFHS-5) से घटकर 20.1% (NFHS-6) रह गया, यानी 3.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट।

  • व्यापक सामुदायिक पहुंच

    6.85 लाख जागरूकता कार्यक्रमों से 12.47 करोड़ लोगों तक पहुंच बनी और बाल विवाह के खिलाफ 42.01 लाख संकल्प लिए गए।

  • मज़बूत कानूनी ढांचा

    अब BVMB पोर्टल पर 71,882 CMPO दर्ज हैं, और सर्वोच्च न्यायालय का 2024 का ढांचा सज़ा के बजाय रोकथाम पर ज़ोर देता है।

पृष्ठभूमि

भारत में बाल विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA) के तहत प्रतिबंधित है, जिसने 1929 के शारदा अधिनियम की जगह ली। कानूनी रोक के बावजूद NFHS-5 (2019-21) में 20-24 वर्ष की 23.3% महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ था। इस प्रथा से कम उम्र में गर्भधारण, घरेलू हिंसा और स्कूल छूटना बढ़ता है और गरीबी बनी रहती है। सरकार की रणनीति तीन स्तंभों पर टिकी है: कानून (PCMA), सामाजिक सशक्तिकरण की योजना (मिशन शक्ति के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) और नवंबर 2024 में शुरू हुआ समर्पित राष्ट्रीय अभियान (बाल विवाह मुक्त भारत)।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

BVMB की पहुंच व्यापक रही है: 6.85 लाख जागरूकता कार्यक्रम, 12.47 करोड़ प्रतिभागी और 42.01 लाख संकल्प। इसके डिजिटल आधार, BVMB पोर्टल पर 71,882 CMPO दर्ज हैं (59,686 ग्राम पंचायत स्तर पर) और 4,536 बाल विवाह के मामले दर्ज हुए हैं। NFHS-6 में प्रचलन घटकर 20.1% हुआ है। बिहार (-6.2 प्रतिशत अंक) और असम (-6.5 प्रतिशत अंक) जैसे राज्यों में उल्लेखनीय सुधार दिखा है। अक्टूबर 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने ध्यान सज़ा से हटाकर रोकथाम और संरक्षण पर केंद्रित किया, और पूर्णकालिक CMPO तथा बहु-क्षेत्रीय जागरूकता पर ज़ोर दिया।

आगे की राह

अभियान का लक्ष्य SDG 5.3 के अनुरूप 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाना है। मुख्य प्राथमिकताओं में समर्पित CMPO व्यवस्था को मज़बूत करना, पोर्टल पर डेटा की गुणवत्ता सुधारना, संकल्प जुटाने का दायरा बढ़ाना और पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक नेताओं की भागीदारी गहरी करना शामिल है। 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान (नवंबर 2025 से मार्च 2026) में स्कूलों, धार्मिक संस्थानों और ग्राम पंचायतों को लक्ष्य बनाकर तीन चरणों का संरचित तरीका अपनाया गया। NFHS-5 के आंकड़ों से चिह्नित 257 उच्च-बोझ वाले ज़िलों पर लगातार ध्यान देना अब भी अहम है।

बाल विवाह का प्रचलन: NFHS-5 बनाम NFHS-6

संकेतकNFHS-5 (2019-21)NFHS-6 (2023-24)
20-24 वर्ष की महिलाएं, जिनका विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ23.3%20.1%
परिवर्तन-3.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA)
भारत का मुख्य कानून जो बाल विवाह पर रोक लगाता है और इसने बाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929 की जगह ली। इसके अनुसार बालक वह है जिसने 21 वर्ष और बालिका वह है जिसने 18 वर्ष पूरे न किए हों। यह बाल विवाह को बच्चे के विकल्प पर निरस्त योग्य बनाता है और इसमें 2 वर्ष तक के कारावास और ₹1 लाख तक के जुर्माने सहित दंड का प्रावधान है।
बाल विवाह निषेध अधिकारी (CMPO)
PCMA, 2006 की धारा 16 के तहत राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी, जो बाल विवाह रोकने, साक्ष्य जुटाने, परामर्श देने, जागरूकता फैलाने और नियमित रिपोर्ट देने के लिए ज़िम्मेदार है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP)
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नेतृत्व में 22 जनवरी 2015 को शुरू हुई बहु-क्षेत्रीय योजना, जो घटते बाल लिंगानुपात को सुधारने और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए है। इसे मिशन शक्ति के एक घटक के रूप में लागू किया जाता है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा भारत में कराया जाने वाला बड़े पैमाने का, कई चरणों वाला सर्वेक्षण। यह जनसंख्या, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संकेतकों पर आंकड़े देता है, जिनमें बाल विवाह का प्रचलन भी शामिल है।
सतत विकास लक्ष्य (SDG) लक्ष्य 5.3
SDG 5 (लैंगिक समानता) के तहत एक वैश्विक लक्ष्य, जिसके अनुसार 2030 तक बाल, कम उम्र और जबरन विवाह तथा महिला जननांग विकृति सहित सभी हानिकारक प्रथाएँ खत्म करनी हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: बाल विवाह का प्रचलन 23.3% (NFHS-5) से घटकर 20.1% (NFHS-6) हुआ, यानी 3.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट।
  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: BVMB अभियान 27 नवंबर 2024 को शुरू हुआ; लक्ष्य वर्ष 2030।
  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 6.85 लाख जागरूकता कार्यक्रम, 12.47 करोड़ प्रतिभागी, 42.01 लाख संकल्प, 71,882 CMPO।
  • नोडल निकाय पर ध्यान दें: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय।
  • कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (इसने बाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929 की जगह ली); धारा 16 (CMPO); 18 अक्टूबर 2024 का सर्वोच्च न्यायालय का फैसला।

यह गलती न करें!

छात्र बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना या मिशन शक्ति से भ्रमित कर सकते हैं। BVMB एक अभियान है, स्वतंत्र योजना नहीं; BBBP मिशन शक्ति के तहत एक योजना है। साथ ही PCMA, 2006 के तहत विवाह की कानूनी आयु पुरुषों (21) और महिलाओं (18) के लिए अलग है, जो एक आम जाल है। बाल विवाह के प्रचलन का आंकड़ा 20-24 वर्ष की महिलाओं का है, सभी महिलाओं का नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • रोकथाम बनाम दंडात्मक दृष्टिकोण, सरकार का समग्र दृष्टिकोण, सामाजिक मानदंडों में बदलाव, बहु-क्षेत्रीय तालमेल, ज़मीनी स्तर पर संस्थागत व्यवस्था (CMPO), SDG 5.3 से समन्वय

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का नोडल मंत्रालय कौन-सा है?

  2. Q2कठिन

    बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.यह अभियान नवंबर 2024 में 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
    2. 2.बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बालक वह है जिसने 18 वर्ष पूरे न किए हों, चाहे उसका लिंग कोई भी हो।
    3. 3.अभियान के पोर्टल पर निवारक कार्रवाई के लिए 4,500 से अधिक बाल विवाह के मामले दर्ज हुए हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) के अनुसार 20-24 वर्ष की कितने प्रतिशत महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ?

  4. Q4मध्यम

    बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बाल विवाह मुक्त भारत अभियान क्या है?

बाल विवाह मुक्त भारत 27 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय अभियान है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत में बाल विवाह खत्म करना है।

2. NFHS-6 के अनुसार भारत में बाल विवाह का वर्तमान प्रचलन कितना है?

NFHS-6 (2023-24) के अनुसार 20-24 वर्ष की 20.1% महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ था, जो NFHS-5 (2019-21) के 23.3% से कम है।

3. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत विवाह की कानूनी आयु क्या है?

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बालक वह है जिसने 21 वर्ष और बालिका वह है जिसने 18 वर्ष पूरे न किए हों।

4. BVMB पोर्टल पर कितने बाल विवाह निषेध अधिकारी दर्ज हैं?

BVMB पोर्टल पर 71,882 बाल विवाह निषेध अधिकारी (CMPO) दर्ज हैं, जिनमें से 59,686 ग्राम पंचायत स्तर पर हैं।

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