प्रिलिम्स के लिए: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), स्थिर सैटेलाइट सेवा (FSS) और मोबाइल सैटेलाइट सेवा (MSS), समायोजित सकल राजस्व (AGR), नोडल निकाय, मूल मंत्रालय, कानूनी आधार, प्राधिकरण की अवधि, प्राधिकरण शुल्क
मेन्स के लिए: सैटेलाइट संचार पारिस्थितिकी तंत्र, SCNaaS (नेटवर्क-एज़-ए-सर्विस), प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन, सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाएं, डिजिटल खाई
स्रोत:PIB
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- TRAI ने 5 नवंबर 2026 को सैटेलाइट संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण पर सिफारिशें जारी कीं।
- SCN प्रदाता प्राधिकरण दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत है।
- सैटेलाइट संचार के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी के बजाय प्रशासनिक रूप से आवंटित होगा।
- SCN प्रदाताओं के लिए प्राधिकरण शुल्क समायोजित सकल राजस्व (AGR) का 8% है।
- MSS और IMT स्पेक्ट्रम का उपयोग करके सैटेलाइट के ज़रिए सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाएं अनुमत हैं।
चर्चा में क्यों?
TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत एक नए 'सैटेलाइट संचार नेटवर्क (SCN) प्रदाता प्राधिकरण' की सिफारिश की है, जिससे सैटेलाइट सेवाओं के लिए साझा नेटवर्क मॉडल संभव होगा। फीडर और यूज़र लिंक के लिए स्पेक्ट्रम प्रशासनिक रूप से आवंटित होगा, और MSS तथा IMT स्पेक्ट्रम दोनों के ज़रिए सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाओं की अनुमति होगी।
सारांश
- TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत नए SCN प्रदाता प्राधिकरण की सिफारिश की है, जो अधिकतम 20 वर्ष के लिए वैध होगा (नवीनीकरण योग्य)।
- FSS (फीडर और यूज़र लिंक) और MSS (यूज़र लिंक) का स्पेक्ट्रम अधिकतम 5 वर्ष के लिए प्रशासनिक रूप से आवंटित होगा, जिसे 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
- MSS (L/S बैंड) और IMT स्पेक्ट्रम (600-2100 MHz FDD बैंड) का उपयोग करके सैटेलाइट के ज़रिए सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाओं की अनुमति है, जो IMT-आधारित D2D के लिए बिना हस्तक्षेप और बिना संरक्षण के आधार पर होगी।
- SCN प्रदाताओं के लिए प्राधिकरण शुल्क AGR का 8% तय किया गया है, साथ ही सालाना न्यूनतम स्पेक्ट्रम शुल्क ₹3,500 प्रति MHz रखा गया है।
मुख्य बातें
सैटेलाइट नेटवर्क के लिए नया प्राधिकरण
TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत एक नए 'सैटेलाइट संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण' का प्रस्ताव रखा है, जिससे संस्थाएं लाइसेंसधारी सेवा प्रदाताओं को नेटवर्क-एज़-ए-सर्विस (SCNaaS) दे सकेंगी।
प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन
फीडर और यूज़र लिंक (FSS और MSS बैंड) का स्पेक्ट्रम अधिकतम 5 वर्ष के लिए प्रशासनिक रूप से आवंटित होगा, जिसका न्यूनतम वार्षिक शुल्क ₹3,500 प्रति MHz होगा।
सीधे-डिवाइस सेवाओं की अनुमति
सीधे-डिवाइस सेवाओं की अनुमति: MSS (L/S बैंड) और IMT स्पेक्ट्रम (600–2100 MHz FDD) के ज़रिए सैटेलाइट से D2D सेवाओं की अनुमति है। इससे उपभोक्ता हैंडसेट तक सैटेलाइट कनेक्टिविटी संभव हो सकती है, लेकिन हैंडसेट में उपयुक्त मॉड्यूल और निर्माता के सहयोग की ज़रूरत पड़ सकती है; सरकार ने हैंडसेट निर्माताओं को ज़रूरी MSS समर्थन शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करने की सिफारिश की है।
पृष्ठभूमि
दूरसंचार विभाग (DoT) ने जुलाई 2025 में दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत सैटेलाइट संचार नेटवर्क (SCN) प्राधिकरण लागू करने पर TRAI से सिफारिशें मांगी थीं। TRAI ने अप्रैल 2026 में परामर्श पत्र जारी किया, 31 हितधारकों की टिप्पणियां प्राप्त कीं और इन सिफारिशों को अंतिम रूप देने से पहले जुलाई 2026 में खुली चर्चा आयोजित की।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
सिफारिश किया गया ढांचा सैटेलाइट नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को सेवा प्रदान करने से अलग करता है और 'SCNaaS' मॉडल बनाता है। इससे विशेषज्ञ सैटेलाइट कंपनियां नेटवर्क बना और चला सकेंगी, जबकि लाइसेंसधारी दूरसंचार कंपनियां उनका उपयोग कर सेवाएं देंगी, जिससे दक्षता और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन से नीलामी की ज़रूरत नहीं रहेगी, जिससे निवेशकों को नियामकीय स्पष्टता मिलेगी। D2D सेवाओं (MSS और IMT-आधारित दोनों) की अनुमति एक बड़ा कदम है, जिससे मानक स्मार्टफोन पर सैटेलाइट कनेक्टिविटी संभव हो सकती है और दूरदराज़ के इलाकों में डिजिटल खाई कम हो सकती है।
आगे की राह
DoT अब TRAI की सिफारिशों पर विचार करेगा और अंतिम प्राधिकरण नियम जारी करेगा। D2D के लिए IMT बैंड में MSS को द्वितीयक सेवा के रूप में शामिल करने हेतु सरकार को राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना (NFAP) में संशोधन करना पड़ सकता है। IMT-आधारित D2D के भविष्य के ढांचे को WRC-2027 के नतीजे प्रभावित कर सकते हैं। भविष्य के उपकरणों में MSS बैंड का समर्थन करने के लिए हैंडसेट निर्माताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI)
- TRAI अधिनियम, 1997 द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र वैधानिक निकाय, जो भारत में दूरसंचार क्षेत्र को नियंत्रित करता है, जिसमें नीतियों की सिफारिश करना, टैरिफ तय करना और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना शामिल है।
- स्थिर सैटेलाइट सेवा (FSS) और मोबाइल सैटेलाइट सेवा (MSS)
- FSS में सैटेलाइट का उपयोग दो स्थिर पृथ्वी स्टेशनों के बीच संचार के लिए होता है (जैसे टीवी प्रसारण, VSAT)। MSS में सैटेलाइट का उपयोग मोबाइल टर्मिनलों से संचार के लिए होता है (जैसे सैटेलाइट फोन, समुद्री संचार)।
- समायोजित सकल राजस्व (AGR)
- वह राजस्व आधार जिससे दूरसंचार ऑपरेटरों के लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क की गणना होती है। इसमें दूरसंचार सेवाओं से मिला सारा राजस्व शामिल है, कुछ गैर-दूरसंचार आय को छोड़कर।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: SCN प्रदाताओं के लिए प्राधिकरण शुल्क AGR का 8% है; न्यूनतम स्पेक्ट्रम शुल्क ₹3,500 प्रति MHz प्रति वर्ष है।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: केंद्रीय संचार मंत्रालय के अधीन भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI)।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b)।
यह गलती न करें!
छात्र 'प्रशासनिक आवंटन' को 'नीलामी आधारित आवंटन' से भ्रमित कर सकते हैं, या प्राधिकरण शुल्क (AGR का 8%) को स्पेक्ट्रम शुल्क से बदल सकते हैं। साथ ही SCN प्राधिकरण की अवधि (20 वर्ष) को स्पेक्ट्रम आवंटन की अवधि (5 वर्ष) से मिलाया जा सकता है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- सैटेलाइट संचार पारिस्थितिकी तंत्र, SCNaaS (नेटवर्क-एज़-ए-सर्विस), प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन, सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाएं, डिजिटल खाई
कहीं अटके? एक टैप में समझें
TRAI ने एक नए प्राधिकरण का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत संस्थाएं भारत में सैटेलाइट नेटवर्क बना और चला सकेंगी तथा उन्हें लाइसेंसधारी सेवा प्रदाताओं को सेवा के रूप में दे सकेंगी; SCN प्रदाता अंतिम उपयोगकर्ताओं को सीधे दूरसंचार सेवाएं नहीं देंगे। सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी के बजाय उसे प्रशासनिक रूप से आवंटित करेगी। MSS और IMT के ज़रिए D2D सेवाओं की अनुमति है, जिससे उपभोक्ता हैंडसेट तक सैटेलाइट कनेक्टिविटी संभव हो सकती है, लेकिन जैसा सिफारिश किया गया है, हैंडसेट निर्माताओं को सहायक मॉड्यूल शामिल करने पड़ सकते हैं।
- TRAI ने 5 नवंबर 2026 को सैटेलाइट संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण पर सिफारिशें जारी कीं।
- SCN प्रदाता प्राधिकरण दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत है।
- सैटेलाइट संचार के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी के बजाय प्रशासनिक रूप से आवंटित होगा।
- SCN प्रदाताओं के लिए प्राधिकरण शुल्क समायोजित सकल राजस्व (AGR) का 8% है।
- MSS और IMT स्पेक्ट्रम का उपयोग करके सैटेलाइट के ज़रिए सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाएं अनुमत हैं।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और सैटेलाइट संचार
- शासन: नियामक निकाय: TRAI
जुड़ी अवधारणाएँ: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), स्थिर सैटेलाइट सेवा (FSS) और मोबाइल सैटेलाइट सेवा (MSS), समायोजित सकल राजस्व (AGR)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
सैटेलाइट संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण के ढांचे पर सिफारिशें किस निकाय ने जारी कीं?
व्याख्या: TRAI, दूरसंचार नियामक, ने ये सिफारिशें जारी कीं। DoT ने सिफारिशें मांगी थीं, केंद्रीय संचार मंत्रालय मूल मंत्रालय है, और ISRO दूरसंचार नियमन में सीधे शामिल नहीं है। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q2कठिन
सैटेलाइट संचार पर TRAI की सिफारिशों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.SCN प्रदाता प्राधिकरण की सिफारिश दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत की गई है।
- 2.सैटेलाइट संचार के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया से आवंटित किया जाएगा।
- 3.IMT स्पेक्ट्रम का उपयोग करके सैटेलाइट के ज़रिए सीधे-डिवाइस (D2D) सेवाएं बिना हस्तक्षेप और बिना संरक्षण के आधार पर अनुमत हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: प्राधिकरण दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत है। कथन 2 गलत है: TRAI प्रशासनिक आवंटन की सिफारिश करता है, नीलामी की नहीं। कथन 3 सही है: IMT-आधारित D2D बिना हस्तक्षेप और बिना संरक्षण के आधार पर अनुमत है। इसलिए विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
TRAI की सिफारिशों के अनुसार सैटेलाइट संचार नेटवर्क (SCN) प्रदाता प्राधिकरण के लिए सिफारिश किया गया प्राधिकरण शुल्क कितना है?
व्याख्या: TRAI ने SCN प्रदाताओं के लिए AGR का 8% प्राधिकरण शुल्क सुझाया है। 6% इससे कम है, जबकि 10% और 12% अधिक हैं और इस सिफारिश का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q4मध्यम
TRAI द्वारा सुझाए गए 'सैटेलाइट संचार नेटवर्क एज़ ए सर्विस (SCNaaS)' मॉडल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: SCNaaS नेटवर्क बुनियादी ढांचे को सेवा प्रदान करने से अलग करता है, जिससे विशेषज्ञ सैटेलाइट कंपनियां नेटवर्क बना सकती हैं और लाइसेंसधारी दूरसंचार कंपनियां उनका उपयोग कर सकती हैं, जिससे दक्षता बढ़ती है। SCN प्राधिकरण के तहत सीधे उपभोक्ताओं को सेवा की अनुमति नहीं है। अनुशंसित तरीका नीलामी नहीं है। गैर-GSO सैटेलाइट पर प्रतिबंध नहीं है। इसलिए विकल्प B सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. TRAI द्वारा सिफारिश किया गया सैटेलाइट संचार नेटवर्क (SCN) प्रदाता प्राधिकरण क्या है?
यह दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के तहत एक नया प्राधिकरण है, जो संस्थाओं को लाइसेंसधारी सेवा प्रदाताओं को सैटेलाइट नेटवर्क-एज़-ए-सर्विस (SCNaaS) देने की अनुमति देता है और अधिकतम 20 वर्ष के लिए वैध है।
2. TRAI की सिफारिशों के तहत सैटेलाइट स्पेक्ट्रम कैसे आवंटित होगा?
FSS और MSS का स्पेक्ट्रम अधिकतम 5 वर्ष के लिए प्रशासनिक आधार पर आवंटित होगा, जिसे 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, और न्यूनतम वार्षिक शुल्क ₹3,500 प्रति MHz होगा।
3. SCN प्रदाता प्राधिकरण की प्रमुख वित्तीय शर्तें क्या हैं?
प्राधिकरण शुल्क AGR का 8% है; प्रेस विज्ञप्ति में अन्य वित्तीय शर्तों का उल्लेख है, लेकिन दिए गए पाठ में प्रवेश शुल्क, प्रारंभिक गारंटी, न्यूनतम इक्विटी या न्यूनतम नेट वर्थ के आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
