अर्थव्यवस्था

BIS गोल्ड हॉलमार्किंग: 65 से अधिक करोड़ वस्तुओं पर हॉलमार्क, 392 ज़िलों में लागू

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 28 / 85

प्रिलिम्स के लिए: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हॉलमार्किंग, हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID), नोडल निकाय, मूल मंत्रालय, HUID के साथ हॉलमार्क की गई सोने की वस्तुएं, HUID के साथ हॉलमार्क की गई चांदी की वस्तुएं, पंजीकृत ज्वैलर

मेन्स के लिए: उपभोक्ता संरक्षण, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी, HUID, BIS CARE ऐप, स्वैच्छिक बनाम अनिवार्य हॉलमार्किंग

स्रोत:PIBPIB

चर्चा में क्यों?

सोने और चांदी के गहनों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग प्रणाली अनिवार्य HUID कोड, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी और नियामक जांच के ज़रिए उपभोक्ताओं को शुद्धता का भरोसा देती है। 2021 में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग शुरू होने के बाद से 65 करोड़ से अधिक सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क लग चुका है, और पंजीकृत ज्वैलरों की संख्या 43,153 से बढ़कर 2,36,624 हो गई है।

सारांश

  • 23 जून 2021 को 256 ज़िलों में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग शुरू हुई थी, जिसे अब 392 ज़िलों तक बढ़ा दिया गया है।
  • BIS हॉलमार्किंग IS 1417 के तहत सोने के 7 कैरेट ग्रेड को कवर करती है: 9K (375), 14K (585), 18K (750), 20K (833), 22K (916), 23K (958) और 24KS (995)।
  • चांदी की हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है, लेकिन 1 सितंबर 2025 से हॉलमार्क की गई सभी चांदी की वस्तुओं पर HUID आधारित चिह्नांकन अनिवार्य हो गया है।
  • BIS CARE ऐप में उपभोक्ता HUID कोड डालकर हॉलमार्क की गई वस्तु की जांच कर सकते हैं, जिसमें शुद्धता और फोटो जैसी जानकारी मिलती है।

मुख्य बातें

  • BIS हॉलमार्किंग प्रणाली

    BIS हॉलमार्किंग BIS मानक चिह्न, शुद्धता/बारीकी चिह्न और HUID कोड के ज़रिए सोने और चांदी के गहनों की शुद्धता प्रमाणित करती है।

  • 2021 से व्यापक विस्तार

    अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग 256 से बढ़कर 392 ज़िलों में लागू हो गई; पंजीकृत ज्वैलरों की संख्या 5.5 गुना बढ़कर 2,36,624 हो गई।

  • डिजिटल ट्रेसेबिलिटी

    HUID कोड, API आधारित XRF एकीकरण, Transfer HUID सुविधा और BIS CARE ऐप शुरू से अंत तक डिजिटल ट्रैकिंग और उपभोक्ता सत्यापन सुनिश्चित करते हैं।

पृष्ठभूमि

भारत में सोने का सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है, और इसे अक्सर महंगाई के विरुद्ध बचाव और कर्ज़ के लिए गिरवी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन मिलावट और शुद्धता के गलत दावे आम थे। सोने के लिए स्वैच्छिक हॉलमार्किंग योजना 2000 में और चांदी के लिए 2005 में शुरू हुई थी, जिसका एकमात्र कार्यान्वयन एजेंसी BIS है। उपभोक्ता संरक्षण मज़बूत करने के लिए 23 जून 2021 से सोने की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था ने सोने के गहनों के बाज़ार को बदल दिया है। HUID के साथ 65 करोड़ से अधिक सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क लगना और पंजीकृत ज्वैलरों में 5.5 गुना वृद्धि उच्च अनुपालन को दर्शाती है। 1 सितंबर 2024 से लागू API आधारित XRF मशीनों, स्वचालित वज़न दर्ज करने और 1 जून 2026 से लागू Transfer HUID सुविधा जैसी डिजिटल पहलों से मैन्युअल गलतियां और धोखाधड़ी घटी हैं। BIS CARE ऐप उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में शुद्धता जांचने की सुविधा देता है। चांदी के लिए 1 सितंबर 2025 से अनिवार्य HUID के कारण 90 लाख से अधिक वस्तुएं इस प्रणाली में आ गई हैं।

आगे की राह

BIS हॉलमार्किंग को और ज़िलों तक बढ़ा सकता है और भविष्य में चांदी की हॉलमार्किंग को अनिवार्य भी कर सकता है। निगरानी के लिए AI के और एकीकरण और उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तार (2026 के 7 महीनों में 1,582 कार्यक्रम) भरोसा मज़बूत करेगा। द्वितीयक बाज़ार में पूर्ण ट्रेसेबिलिटी के लिए Transfer HUID सुविधा सभी ज्वैलरों तक बढ़ाई जा सकती है।

सोना बनाम चांदी की हॉलमार्किंग

विशेषतासोनाचांदी
हॉलमार्किंग का प्रकारअनिवार्य (23 जून 2021 से)स्वैच्छिक (1 सितंबर 2025 से HUID अनिवार्य)
हॉलमार्क की गई वस्तुएं65 करोड़ से अधिक90 लाख से अधिक
शुद्धता के ग्रेडIS 1417 के तहत 7 कैरेट ग्रेडIS 2112:2025 के तहत 8 ग्रेड
BIS चिह्नBIS लोगो'SILVER' के साथ BIS लोगो

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय, जो भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 के तहत गठित हुआ; वर्तमान में भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत संचालित है।
हॉलमार्किंग
निर्धारित मानकों के अनुसार सोने/चांदी जैसी कीमती धातु की वस्तुओं की शुद्धता प्रमाणित करने वाला उपभोक्ता संरक्षण उपाय।
हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID)
हर हॉलमार्क किए गए आभूषण को दिया जाने वाला एक विशिष्ट छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड, जिससे परीक्षण से बिक्री तक उसका पता लगाया जा सके।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: 15 अक्टूबर 2026 तक HUID के साथ 65 करोड़ से अधिक सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
  • इस कानूनी तथ्य पर ध्यान दें: 23 जून 2021 को सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू हुई

यह गलती न करें!

'अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग' को 'अनिवार्य चांदी की हॉलमार्किंग' से बदल देना: चांदी की हॉलमार्किंग अब भी स्वैच्छिक है, केवल 1 सितंबर 2025 से हॉलमार्क की गई चांदी पर HUID चिह्नांकन अनिवार्य है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • उपभोक्ता संरक्षण, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी, HUID, BIS CARE ऐप, स्वैच्छिक बनाम अनिवार्य हॉलमार्किंग

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का नोडल मंत्रालय कौन-सा है?

  2. Q2कठिन

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.भारत में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग 23 जून 2021 को लागू हुई।
    2. 2.चांदी की हॉलमार्किंग भारत के सभी ज़िलों में अनिवार्य है।
    3. 3.BIS CARE ऐप उपभोक्ताओं को HUID कोड डालकर हॉलमार्क किए गए आभूषण की जांच करने देता है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    15 अक्टूबर 2026 तक हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर के साथ कितनी सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है?

  4. Q4मध्यम

    सोने और चांदी के आभूषणों के लिए BIS हॉलमार्किंग योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. BIS हॉलमार्किंग क्या है?

BIS हॉलमार्किंग एक उपभोक्ता संरक्षण उपाय है, जो सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता निर्धारित भारतीय मानकों के अनुसार प्रमाणित करता है।

2. भारत में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग कब शुरू हुई?

सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग 23 जून 2021 को लागू हुई थी, शुरुआत में 256 ज़िलों में, जिसे अब 392 ज़िलों तक बढ़ा दिया गया है।

3. उपभोक्ता हॉलमार्क की गई आभूषण वस्तु की जांच कैसे कर सकता है?

उपभोक्ता BIS CARE ऐप में HUID कोड डालकर आभूषण की शुद्धता, फोटो और वज़न की जांच कर सकते हैं।

4. क्या भारत में चांदी की हॉलमार्किंग अनिवार्य है?

नहीं, चांदी की हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है, लेकिन 1 सितंबर 2025 से हॉलमार्क की गई किसी भी चांदी की वस्तु पर HUID कोड अनिवार्य है।

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