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प्रिलिम्स के लिए: आधार, ऑफ़लाइन सत्यापन, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023, नोडल निकाय, जोड़ी गई OVSE, आधार ऐप डाउनलोड, मोबाइल नंबर अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन
मेन्स के लिए: सहमति-आधारित सत्यापन, डेटा न्यूनतमकरण, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत, गोपनीयता-प्रथम ढांचा, DPDP अधिनियम से तालमेल
स्रोत:PIB
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) जोड़ी हैं।
- आधार ऐप को लगभग 7.5 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है।
- आधार ऐप के माध्यम से 86 लाख से अधिक मोबाइल नंबर अपडेट किए गए हैं।
- आधार ऐप पर 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज हुए हैं।
- UIDAI इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
चर्चा में क्यों?
UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं (OVSE) को जोड़ा है, जिससे होटल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में आधार-आधारित ऑफ़लाइन सत्यापन संभव हुआ है। आधार ऐप के 7.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं, 86 लाख मोबाइल नंबर अपडेट हुए हैं और 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज किए गए हैं। इससे गोपनीयता-प्रथम और सहमति-आधारित डिजिटल सत्यापन का ढांचा मज़बूत हुआ है, जो DPDP अधिनियम के अनुरूप है।
सारांश
- UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं (OVSE) को जोड़ा है, ताकि होटल, स्वास्थ्य, शिक्षा, आयोजन और गिग अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में आधार-आधारित ऑफ़लाइन सत्यापन बढ़े।
- आधार ऐप के लगभग 7.5 करोड़ डाउनलोड हुए हैं, 86 लाख मोबाइल नंबर अपडेट, 22.16 लाख पता अपडेट और 40.25 लाख ईमेल अपडेट हुए हैं।
- 4.6 करोड़ से अधिक बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और 3.61 लाख आधार लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज हुए हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपने बायोमेट्रिक डेटा की गोपनीयता पर अधिक नियंत्रण रख पा रहे हैं।
मुख्य बातें
300 OVSE जोड़े गए
UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं को जोड़ा है, ताकि होटल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहमति-आधारित और कागज़-रहित आधार सत्यापन हो सके।
आधार ऐप का उपयोग
आधार ऐप के 7.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं, जिससे लोग केंद्र पर गए बिना 86 लाख मोबाइल नंबर, 22 लाख पता और 40 लाख ईमेल अपडेट कर पा रहे हैं।
बायोमेट्रिक सुरक्षा सुविधाएं
4.6 करोड़ से अधिक बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन बताते हैं कि गोपनीयता सुविधाओं को लेकर उपयोगकर्ताओं की रुचि बढ़ रही है, जिससे नागरिकों को अपने बायोमेट्रिक डेटा पर नियंत्रण मिलता है।
पृष्ठभूमि
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 12 अंकों की बायोमेट्रिक आधारित पहचान संख्या, यानी आधार, जारी करता है। आधार अधिनियम और DPDP अधिनियम, 2023 इसके उपयोग के लिए कानूनी ढांचा देते हैं। ऑफ़लाइन सत्यापन से संस्थाएं केंद्रीय डेटाबेस तक पहुंचे बिना आधार धारक की पहचान जांच सकती हैं, जिससे डेटा न्यूनतमकरण और गोपनीयता सुनिश्चित होती है।
आगे की राह
जैसे-जैसे अधिक OVSE जुड़ेंगी, ऑफ़लाइन सत्यापन से भौतिक दस्तावेज़ों की धोखाधड़ी घट सकती है और सेवाएं तेज़ी से मिल सकती हैं। आधार ऐप में लगातार सुधार और बायोमेट्रिक लॉक सुविधा के बारे में जागरूकता अभियान अहम होंगे। DPDP अधिनियम की डेटा संरक्षण ज़िम्मेदारियों के साथ तालमेल से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और मज़बूत होगी।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- आधार
- UIDAI द्वारा भारतीय निवासियों को बायोमेट्रिक (उंगलियों के निशान, आईरिस) और जनसांख्यिकीय डेटा के आधार पर जारी की गई 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या। यह आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के अधीन है।
- ऑफ़लाइन सत्यापन
- केंद्रीय UIDAI डेटाबेस से जुड़े बिना आधार धारक की पहचान जांचने का तरीका, जिसमें डिजिटली हस्ताक्षरित XML या QR कोड का उपयोग होता है। इससे डेटा न्यूनतमकरण और गोपनीयता सुनिश्चित होती है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023
- भारत का प्रमुख डेटा संरक्षण कानून, जो डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है और सहमति, डेटा न्यूनतमकरण तथा उपयोगकर्ता अधिकारों पर ज़ोर देता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: जनवरी 2026 से 300 OVSE जोड़े गए
- इस डेटा पर ध्यान दें: 7.5 करोड़ आधार ऐप डाउनलोड; 86 लाख मोबाइल नंबर अपडेट; 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के अधीन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)
यह गलती न करें!
'ऑफ़लाइन सत्यापन' को 'ऑनलाइन e-KYC' या 'आधार प्रमाणीकरण' समझ लेना। ऑफ़लाइन सत्यापन केंद्रीय डेटाबेस तक नहीं पहुंचता और डिजिटली हस्ताक्षरित दस्तावेज़ का उपयोग करता है, जबकि ऑनलाइन e-KYC इसके विपरीत केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ता है। साथ ही, '300 OVSE' को '300 करोड़' या '300 मिलियन' लेन-देन से बदल देना भी गलती है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- सहमति-आधारित सत्यापन, डेटा न्यूनतमकरण, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत, गोपनीयता-प्रथम ढांचा, DPDP अधिनियम से तालमेल
कहीं अटके? एक टैप में समझें
आधार एक सरकारी पहचान संख्या है। UIDAI, जो आधार जारी करता है, ने 300 संस्थाओं (जैसे होटल, अस्पताल और स्कूल) को केंद्रीय डेटाबेस से जुड़े बिना किसी व्यक्ति का आधार जांचने की अनुमति दी है। इसे ऑफ़लाइन सत्यापन कहते हैं। आधार ऐप, जिसे 7.5 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है, उपयोगकर्ताओं को बिना कार्यालय गए अपने फोन से मोबाइल नंबर अपडेट करने या बायोमेट्रिक लॉक करने की सुविधा देता है।
- UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) जोड़ी हैं।
- आधार ऐप को लगभग 7.5 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है।
- आधार ऐप के माध्यम से 86 लाख से अधिक मोबाइल नंबर अपडेट किए गए हैं।
- आधार ऐप पर 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज हुए हैं।
- UIDAI इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- शासन: डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस पहल
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: बायोमेट्रिक पहचान और डेटा संरक्षण
जुड़ी अवधारणाएँ: आधार, ऑफ़लाइन सत्यापन, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1मध्यम
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का नोडल मंत्रालय कौन-सा है?
व्याख्या: UIDAI इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन कार्य करता है। गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा, विधि और न्याय मंत्रालय कानूनी मामले और वित्त मंत्रालय आर्थिक नीति देखता है। इसलिए MeitY ही सही नोडल मंत्रालय है।
- Q2मध्यम
आधार ऑफ़लाइन सत्यापन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.ऑफ़लाइन सत्यापन से संस्थाएं UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस तक पहुंचे बिना आधार धारक की पहचान जांच सकती हैं।
- 2.आधार ऐप पर 4.6 करोड़ से अधिक बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज हुए हैं।
- 3.ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) केवल सरकारी एजेंसियां ही हो सकती हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: ऑफ़लाइन सत्यापन में केंद्रीय डेटाबेस से जुड़े बिना डिजिटली हस्ताक्षरित दस्तावेज़ का उपयोग होता है। कथन 2 सही है: आधार ऐप पर 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक लेन-देन दर्ज हुए। कथन 3 गलत है: OVSE में होटल, स्वास्थ्य, शिक्षा और गिग अर्थव्यवस्था जैसी निजी क्षेत्र की संस्थाएं भी शामिल हैं, केवल सरकारी एजेंसियां नहीं।
- Q3मध्यम
जनवरी 2026 से UIDAI ने कितनी ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) जोड़ी हैं?
व्याख्या: UIDAI ने जनवरी 2026 में शुरुआत से अब तक 300 OVSE जोड़ी हैं। इसलिए 300 सही संख्या है।
- Q4मध्यम
आधार ऑफ़लाइन सत्यापन तंत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: ऑफ़लाइन सत्यापन तंत्र गोपनीयता-प्रथम और सहमति-आधारित सत्यापन के लिए बनाया गया है, जिसमें डिजिटली हस्ताक्षरित दस्तावेज़ का उपयोग होता है और UIDAI डेटाबेस से जुड़ाव नहीं होता। यह सभी दस्तावेज़ों की जगह नहीं लेता, न ही वास्तविक समय में ट्रैकिंग के लिए है और न ही सभी निजी सेवाओं के लिए अनिवार्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्था (OVSE) क्या है?
OVSE एक ऐसी संस्था (जैसे होटल, अस्पताल या शैक्षणिक संस्थान) है जो UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस तक पहुंचे बिना ऑफ़लाइन सत्यापन से निवासी की पहचान जांचती है।
2. UIDAI ने अब तक कितनी OVSE जोड़ी हैं?
UIDAI ने जनवरी 2026 से 300 ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) जोड़ी हैं।
3. आधार ऐप के कुल डाउनलोड कितने हैं?
नवंबर 2026 तक आधार ऐप के लगभग 7.5 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं।
4. आधार ऑफ़लाइन सत्यापन के डेटा संरक्षण पहलुओं को कौन-सा अधिनियम नियंत्रित करता है?
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 आधार ऑफ़लाइन सत्यापन के डेटा संरक्षण और गोपनीयता पहलुओं को नियंत्रित करता है।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

