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प्रिलिम्स के लिए: मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म 8, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326, न्यायालय, पीठ, बहाल किए जाने का आदेश पाए गए मतदाताओं की संख्या, बहाली की समय सीमा, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र
मेन्स के लिए: मतदाता सूची का पुनरीक्षण, SIR, ECI की न्यायिक समीक्षा, मताधिकार, समावेशी मतदाता सूची, फॉर्म 8 की स्वचालित अस्वीकृति
स्रोत:
HindustanDainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने गोवा में SIR के दौरान हटाए गए 6 मतदाताओं को बहाल करने का आदेश दिया।
- आदेश का पालन 10 दिनों के भीतर किया जाना है।
- पीठ में न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर शामिल थे।
- अदालत ने ECI द्वारा फॉर्म 8 आवेदनों की स्वचालित अस्वीकृति की आलोचना की।
- संबंधित निर्वाचन क्षेत्र गोवा का सांताक्रूज है।
चर्चा में क्यों?
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए छह मतदाताओं के नाम 10 दिनों के भीतर बहाल किए जाएं। अदालत ने आयोग की उस स्वचालित प्रणाली की भी आलोचना की है जो पते में बदलाव के लिए दिए गए फॉर्म 8 के आवेदनों को यांत्रिक ढंग से खारिज कर देती है। अदालत ने इसे समावेशी मतदाता सूची के लिए खतरा बताया है।
सारांश
- बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने ECI को सांताक्रूज निर्वाचन क्षेत्र के छह मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने का आदेश दिया, जिनके नाम SIR प्रक्रिया में हटाए गए थे।
- अदालत ने SIR पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले का हवाला देकर ECI की कार्यवाही रोकने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि गोवा में पुनरीक्षण प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
- पीठ ने ECI द्वारा फॉर्म 8 आवेदनों को स्वचालित रूप से खारिज करने की आलोचना की। उसने सुझाव दिया कि जो मतदाता स्थान बदल चुके हैं, उनके मताधिकार की रक्षा के लिए आवेदनों को सीधे खारिज करने के बजाय लंबित रखा जाए।
मुख्य बातें
मतदाता सूचियों में न्यायिक हस्तक्षेप
गोवा में बॉम्बे हाई कोर्ट ने ECI को SIR के दौरान हटाए गए 6 मतदाताओं के नाम 10 दिनों के भीतर बहाल करने का आदेश दिया और आयोग की स्थगन की याचिका खारिज की।
फॉर्म 8 की अस्वीकृति की जांच
अदालत ने ECI की उस स्वचालित प्रणाली की आलोचना की जो पते में बदलाव के आवेदनों को यांत्रिक ढंग से खारिज करती है, और इसे समावेशी मतदाता सूची के लिए हानिकारक बताया।
गोवा में SIR प्रक्रिया पूरी
हाई कोर्ट ने इस मामले को SIR पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों से अलग माना, क्योंकि गोवा की पुनरीक्षण प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है।
पृष्ठभूमि
मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग की एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें डुप्लीकेट या अयोग्य प्रविष्टियां हटाकर मतदाता सूची साफ़ की जाती है। गोवा में इस प्रक्रिया के दौरान सांताक्रूज निर्वाचन क्षेत्र के छह मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जिसके बाद उन्होंने नाम हटाए जाने और अपने फॉर्म 8 आवेदन खारिज किए जाने को बॉम्बे हाई कोर्ट में रिट याचिका के जरिए चुनौती दी।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
हाई कोर्ट का आदेश संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मताधिकार की संवैधानिक सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जो वयस्क मताधिकार की व्यवस्था करता है। फॉर्म 8 आवेदनों की स्वचालित अस्वीकृति की आलोचना करके अदालत ने एक व्यवस्थागत समस्या की ओर ध्यान दिलाया, जिससे निवास बदलने वाले वास्तविक मतदाता वंचित हो सकते हैं। आवेदनों को सीधे खारिज करने के बजाय लंबित रखने का सुझाव एक प्रक्रियागत सुरक्षा उपाय है। ECI के अनुरोध के बावजूद आदेश पर रोक न लगाना न्यायिक स्वतंत्रता का संकेत है, भले ही SIR से जुड़ा एक संबंधित मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
आगे की राह
ECI इस आदेश पर रोक के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय में लंबित SIR संबंधी व्यापक याचिकाएं पुनरीक्षण प्रक्रिया के भावी दिशानिर्देश तय कर सकती हैं। अदालत की आलोचना से ECI अपनी फॉर्म 8 आवेदनों की स्वचालित प्रणाली की समीक्षा कर सकता है और यांत्रिक अस्वीकृति के बजाय मतदाता समावेशन को प्राथमिकता देने वाला अधिक संतुलित तरीका अपना सकता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
- निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को गहनता से संशोधित और अद्यतन करने के लिए चलाया गया विशेष अभियान, जो आमतौर पर बड़े चुनावों से पहले होता है, ताकि डुप्लीकेट या अयोग्य प्रविष्टियां हटाई जा सकें और योग्य मतदाता जोड़े जा सकें।
- फॉर्म 8
- निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित वह प्रपत्र, जिसे मतदाता सूची में प्रविष्टियों में सुधार के लिए उपयोग करता है, जिसमें एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर पते में बदलाव भी शामिल है।
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326
- यह वयस्क मताधिकार की व्यवस्था करता है, जिसके अनुसार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे, और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का हर नागरिक मतदान का अधिकारी होगा।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 6 मतदाता, सांताक्रूज निर्वाचन क्षेत्र, गोवा, बॉम्बे हाई कोर्ट का 10 दिनों का आदेश
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग (ECI)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत फॉर्म 8
यह गलती न करें!
परीक्षक 'बॉम्बे हाई कोर्ट' को 'सर्वोच्च न्यायालय' से बदल सकते हैं, या दावा कर सकते हैं कि आदेश SIR की सभी कार्यवाहियों पर सामान्य रोक था, जबकि अदालत ने विशेष रूप से कहा कि यह मामला अलग है क्योंकि गोवा का SIR पूरा हो चुका है। वे फॉर्म 8 (पता बदलना) को फॉर्म 6 (नया मतदाता पंजीकरण) या फॉर्म 7 (समावेशन पर आपत्ति) से भी भ्रमित कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- मतदाता सूची का पुनरीक्षण, SIR, ECI की न्यायिक समीक्षा, मताधिकार, समावेशी मतदाता सूची, फॉर्म 8 की स्वचालित अस्वीकृति
कहीं अटके? एक टैप में समझें
निर्वाचन आयोग ने एक विशेष सफ़ाई अभियान के दौरान गोवा में छह लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए। वे अदालत गए, और गोवा में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि उनके नाम 10 दिनों के भीतर वापस डाले जाएं। अदालत ने यह भी कहा कि आयोग की कंप्यूटर प्रणाली, जो पते में बदलाव के आवेदनों को अपने आप खारिज कर देती है, अनुचित है और उन मतदाताओं को नुकसान पहुंचाती है जो घर बदल चुके हैं।
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने गोवा में SIR के दौरान हटाए गए 6 मतदाताओं को बहाल करने का आदेश दिया।
- आदेश का पालन 10 दिनों के भीतर किया जाना है।
- पीठ में न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर शामिल थे।
- अदालत ने ECI द्वारा फॉर्म 8 आवेदनों की स्वचालित अस्वीकृति की आलोचना की।
- संबंधित निर्वाचन क्षेत्र गोवा का सांताक्रूज है।
- राजव्यवस्था: निर्वाचन आयोग और चुनाव सुधार
- शासन: न्यायिक समीक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही
जुड़ी अवधारणाएँ: मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म 8, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
गोवा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए छह मतदाताओं के नाम बहाल करने का आदेश किस उच्च न्यायालय पीठ ने दिया?
व्याख्या: आदेश बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने दिया, जिसमें न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर शामिल थे। SIR पर सर्वोच्च न्यायालय में एक मामला लंबित है, पर यह आदेश उसने नहीं दिया। गोवा का कोई अलग उच्च न्यायालय नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा में एक पीठ है। दिल्ली हाई कोर्ट इसमें शामिल नहीं है।
- Q2कठिन
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.गोवा में बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को SIR प्रक्रिया में हटाए गए छह मतदाताओं के नाम 10 दिनों के भीतर बहाल करने का आदेश दिया।
- 2.निर्वाचन आयोग के अनुरोध पर अदालत ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी।
- 3.अदालत ने निर्वाचन आयोग की उस स्वचालित प्रणाली की आलोचना की जो पते में बदलाव के फॉर्म 8 आवेदनों को खारिज करती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि अदालत ने 10 दिनों के भीतर बहाली का आदेश दिया। कथन 2 गलत है, क्योंकि अदालत ने ECI का स्थगन का अनुरोध ठुकरा दिया और उसे सर्वोच्च न्यायालय जाने को कहा। कथन 3 सही है, क्योंकि अदालत ने फॉर्म 8 आवेदनों की स्वचालित अस्वीकृति की आलोचना की। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गोवा में कितने मतदाताओं को मतदाता सूची में बहाल करने का आदेश दिया?
व्याख्या: अदालत ने गोवा के सांताक्रूज निर्वाचन क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के दौरान नाम हटाए गए छह मतदाताओं के नाम बहाल करने का आदेश दिया। चार, आठ और दस वे संख्याएं नहीं हैं जो अदालत के आदेश में बताई गई हैं।
- Q4मध्यम
बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग की स्वचालित प्रणाली को लेकर मुख्य रूप से कौन-सी चिंता जताई?
व्याख्या: अदालत ने उस स्वचालित प्रणाली की आलोचना की जो पते में बदलाव के आवेदनों को उचित जांच के बिना खारिज कर देती है, और सुझाव दिया कि उन्हें इसके बजाय लंबित रखा जाए। मतदान की गोपनीयता, प्रकाशन में देरी और लागत इस निर्णय में उठाए गए मुद्दे नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को क्या करने का आदेश दिया?
अदालत ने ECI को आदेश दिया कि वह गोवा के सांताक्रूज निर्वाचन क्षेत्र के छह मतदाताओं के नाम, जो मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए थे, 10 दिनों के भीतर बहाल करे।
2. अदालत ने निर्वाचन आयोग की स्वचालित प्रणाली की आलोचना क्यों की?
अदालत ने उस स्वचालित प्रणाली की आलोचना की जो पते में बदलाव के फॉर्म 8 आवेदनों को यांत्रिक ढंग से खारिज करती है। उसने कहा कि इससे समावेशी मतदाता सूची कमजोर होती है और सुझाव दिया कि आवेदनों को इसके बजाय लंबित रखा जाए।
3. क्या अदालत ने निर्वाचन आयोग के अनुरोध पर अपने आदेश पर रोक लगाई?
नहीं, अदालत ने ECI का स्थगन का अनुरोध ठुकरा दिया और कहा कि यदि उसे स्थगन चाहिए तो वह सर्वोच्च न्यायालय जाए।
