रक्षा एवं सुरक्षा

DRDO ने ओडिशा तट से स्वदेशी अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' का सफल उड़ान परीक्षण किया

5 नवंबर 20262 मिनट2 स्रोत4 प्रश्नखबर 14 / 101

प्रिलिम्स के लिए: अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल, उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण, एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर, मिसाइल का नाम, मिसाइल का प्रकार, विकसित करने वाली संस्था, प्रक्षेपण स्थल, प्रक्षेपण की तारीख और समय

मेन्स के लिए: स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आत्मनिर्भर भारत, DRDO की उपलब्धियां, मिसाइल तकनीक

स्रोत:The HinduThe HinduPIBPIB

चर्चा में क्यों?

DRDO ने 5 नवंबर 2026 को ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेश में विकसित अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' का उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षणों के तहत हुआ। परीक्षण में सभी लक्ष्य पूरे हुए, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता मज़बूत करने का बड़ा कदम है।

सारांश

  • प्रलय DRDO द्वारा स्वदेश में विकसित अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • उड़ान परीक्षण ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
  • उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण मिसाइल के प्रदर्शन की पुष्टि करते हैं, ताकि इसे सशस्त्र बलों में शामिल करने की संभावना देखी जा सके।

मुख्य बातें

  • सफल उड़ान परीक्षण

    DRDO ने ओडिशा से स्वदेशी अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' का सफल उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण किया।

  • सभी लक्ष्य पूरे

    मिसाइल ने निर्धारित सभी परीक्षण लक्ष्य पूरे किए, जिसकी पुष्टि कई रेंज उपकरणों के डेटा से हुई।

  • स्वदेशी रक्षा को बढ़ावा

    यह परीक्षण रक्षा तकनीक में भारत की आत्मनिर्भरता मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

पृष्ठभूमि

'प्रलय' DRDO द्वारा भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित लघु दूरी की अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे उच्च सटीकता के साथ दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और यह उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, जिससे इसे रोकना कठिन हो जाता है। यह मिसाइल भारत के मौजूदा बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइल भंडार को पूरक बनाती है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण की सफलता से 'प्रलय' के भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की दिशा में प्रगति हुई है। उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण परिचालन मंज़ूरी से पहले का अंतिम चरण है, जिसमें वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास होता है। यह मिसाइल पारंपरिक हमला क्षमता को बढ़ाती है, खासकर सीमावर्ती इलाकों में, और विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता घटाती है।

आगे की राह

उपयोगकर्ता परीक्षणों की सफलता के बाद उम्मीद है कि मिसाइल को श्रृंखला उत्पादन और सेना में शामिल किए जाने की मंज़ूरी मिलेगी। इससे थल सेना और वायु सेना के हमला विकल्प मज़बूत होंगे। ऐसी प्रणालियों का लगातार विकास रक्षा निर्माण में सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप है।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल
ऐसी मिसाइल जो बैलिस्टिक पथ का अनुसरण करती है, पर उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, जिससे शुद्ध बैलिस्टिक मिसाइल की तुलना में इसे रोकना कठिन होता है।
उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण
अंतिम चरण का मिसाइल परीक्षण, जो अंतिम उपयोगकर्ता (सशस्त्र बलों) द्वारा सेवा में शामिल करने से पहले परिचालन परिस्थितियों में प्रदर्शन जांचने के लिए किया जाता है।
एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर
ओडिशा में स्थित DRDO की एक मिसाइल परीक्षण सुविधा, जहां विभिन्न मिसाइलों के उड़ान परीक्षण होते हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: मिसाइल का नाम 'प्रलय', प्रकार 'अर्ध-बैलिस्टिक', प्रक्षेपण तिथि 5 नवंबर 2026
  • इस नोडल संस्था पर ध्यान दें: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)

यह गलती न करें!

परीक्षाओं में 'प्रलय' को DRDO की अन्य मिसाइलों (जैसे पृथ्वी, अग्नि, प्रहार) के साथ भ्रमित किया जा सकता है, या इसके प्रकार को 'अर्ध-बैलिस्टिक' की जगह 'बैलिस्टिक' बताया जा सकता है। प्रक्षेपण स्थल को चांदीपुर या व्हीलर द्वीप जैसी किसी अन्य रेंज से बदलकर भी पूछा जा सकता है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आत्मनिर्भर भारत, DRDO की उपलब्धियां, मिसाइल तकनीक

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    'प्रलय' मिसाइल किस संस्था ने विकसित की है?

  2. Q2कठिन

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.प्रलय DRDO द्वारा स्वदेश में विकसित अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है।
    2. 2.उड़ान परीक्षण एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से किया गया।
    3. 3.यह परीक्षण उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षणों के तहत हुआ।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    प्रलय मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किस तारीख को हुआ?

  4. Q4मध्यम

    प्रलय मिसाइल के सफल उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण का मुख्य महत्व क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रलय मिसाइल क्या है?

प्रलय एक लघु दूरी की अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेश में विकसित किया है।

2. प्रलय मिसाइल का परीक्षण कब और कहां हुआ?

इसका उड़ान परीक्षण 5 नवंबर 2026 को सुबह 11:10 बजे ओडिशा तट के पास डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।

3. उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण क्या है?

यह मिसाइल परीक्षण का अंतिम चरण है, जो सेवा में शामिल करने से पहले सशस्त्र बलों द्वारा परिचालन परिस्थितियों में प्रदर्शन जांचने के लिए किया जाता है।

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