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प्रिलिम्स के लिए: लिथियम-आयन बैटरी के कलपुर्जे, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना, आत्मनिर्भर भारत, रिपोर्ट तैयार की, सहयोगी संस्थाएँ, रिपोर्ट जारी करने वाला मंत्रालय, लागत में नुकसान का दायरा, शामिल कलपुर्जे
मेन्स के लिए: बैटरी कलपुर्जा विनिर्माण, लागत में नुकसान, चीन पर आयात निर्भरता, ACC बैटरी के लिए PLI योजना, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- NETRA का पूरा नाम नेट ज़ीरो एनर्जी ट्रांजिशन अलायंस है।
- रिपोर्ट में पाया गया कि भारतीय बैटरी कलपुर्जों की लागत आयात से 18-61% अधिक है।
- कुल सेल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है।
- रिपोर्ट भारी उद्योग मंत्रालय ने जारी की।
- वैश्विक बैटरी कलपुर्जा आपूर्ति शृंखला पर चीन का लगभग पूर्ण वर्चस्व है।
चर्चा में क्यों?
नेट ज़ीरो एनर्जी ट्रांजिशन अलायंस (NETRA) की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय विनिर्माताओं को बैटरी कलपुर्जों के उत्पादन पर आयातित समकक्ष उत्पादों से 18-61% अधिक खर्च करना पड़ता है। भारी उद्योग मंत्रालय घरेलू विनिर्माताओं की मदद के लिए एक विशेष योजना पर विचार कर रहा है।
सारांश
- NETRA की यह रिपोर्ट ARCI, CSIR-NCL, IIT मद्रास और डेलॉयट के सहयोग से तैयार हुई है। इसमें 20 से ज़्यादा भारतीय कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है और इसे भारी उद्योग मंत्रालय ने जारी किया है।
- भारत में कैथोड, एनोड, इलेक्ट्रोलाइट, सेपरेटर और तांबे की पन्नी की लागत तुलनीय आयातित सामान से 18-61% अधिक है।
- नए विनिर्माताओं को शुरुआती 5-6 साल तक अधिक सामग्री की बर्बादी झेलनी पड़ती है, जो लागत के अंतर का एक कारण है।
- कुल बैटरी सेल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है।
मुख्य बातें
भारतीय बैटरी कलपुर्जा निर्माताओं को लागत में नुकसान
प्रमुख बैटरी कलपुर्जों के लिए भारतीय कंपनियों की उत्पादन लागत आयातित कलपुर्जों से 18-61% अधिक है, जिससे घरेलू विनिर्माण की व्यवहार्यता पर खतरा है।
वैश्विक आपूर्ति शृंखला में चीन का वर्चस्व
रिपोर्ट वैश्विक बैटरी कलपुर्जा आपूर्ति शृंखला पर चीन के लगभग पूर्ण वर्चस्व को सामने लाती है, जो भारत की रणनीतिक कमज़ोरी को दर्शाता है।
सरकार की समर्थन योजना पर विचार
भारी उद्योग मंत्रालय लागत के अंतर को पाटने में घरेलू बैटरी कलपुर्जा निर्माताओं की मदद के लिए एक विशेष योजना का मूल्यांकन कर रहा है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- लिथियम-आयन बैटरी के कलपुर्जे
- लिथियम-आयन बैटरी सेल के चार मुख्य कलपुर्जे होते हैं: कैथोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड, आम तौर पर लिथियम धातु ऑक्साइड), एनोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड, आम तौर पर ग्रेफाइट), इलेक्ट्रोलाइट (लिथियम आयनों के लिए चालक माध्यम) और सेपरेटर (छिद्रयुक्त झिल्ली जो शॉर्ट सर्किट रोकती है)। एनोड के लिए तांबे की पन्नी करंट कलेक्टर का काम करती है।
- उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना
- सरकार की वह योजना जो बढ़े हुए उत्पादन और बिक्री के आधार पर घरेलू विनिर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन देती है। भारत में 14 क्षेत्रों के लिए PLI योजनाएँ हैं, जिनमें घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए ACC (एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल) बैटरी भी शामिल है।
- आत्मनिर्भर भारत
- 2020 में शुरू की गई एक नीति दृष्टि, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर, आयात पर निर्भरता घटाकर और प्रमुख क्षेत्रों में भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़कर देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- यह आंकड़ा याद रखें: भारतीय बैटरी कलपुर्जा निर्माताओं के लिए लागत में नुकसान का दायरा 18-61%
- यह नोडल निकाय याद रखें: भारी उद्योग मंत्रालय (रिपोर्ट जारी की और योजना पर विचार कर रहा है)
यह गलती न करें!
परीक्षक रिपोर्ट के निष्कर्षों के बारे में पूछ सकते हैं, लेकिन प्रतिशत दायरे (18-61%) की जगह 10-30% या 50-80% जैसे दूसरे आंकड़े रख सकते हैं। वे NETRA को NITI आयोग या TERI जैसे अन्य ऊर्जा संगठनों से भी भ्रमित कर सकते हैं। एक और जाल यह है कि लागत का नुकसान केवल कलपुर्जों पर नहीं, बल्कि तैयार बैटरी सेल पर लागू बताया जाए।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- बैटरी कलपुर्जा विनिर्माण, लागत में नुकसान, चीन पर आयात निर्भरता, ACC बैटरी के लिए PLI योजना, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
कहीं अटके? एक टैप में समझें
विदेश से खरीदने की तुलना में भारत में बैटरी के पुर्जे बनाना 18-61% महंगा पड़ता है, यह NETRA की नई रिपोर्ट कहती है। चूंकि ये पुर्जे बैटरी सेल की लागत का लगभग 76% हैं, इसलिए भारतीय बैटरी महंगी पड़ती है। सरकार अब भारतीय कंपनियों को इस लागत अंतर को घटाने में मदद के लिए एक विशेष योजना पर विचार कर रही है, जैसे कुछ वर्षों तक सब्सिडी या सहायता, जब तक वे कुशल न हो जाएं।
- NETRA का पूरा नाम नेट ज़ीरो एनर्जी ट्रांजिशन अलायंस है।
- रिपोर्ट में पाया गया कि भारतीय बैटरी कलपुर्जों की लागत आयात से 18-61% अधिक है।
- कुल सेल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है।
- रिपोर्ट भारी उद्योग मंत्रालय ने जारी की।
- वैश्विक बैटरी कलपुर्जा आपूर्ति शृंखला पर चीन का लगभग पूर्ण वर्चस्व है।
- अर्थव्यवस्था: औद्योगिक नीति और विनिर्माण
- पर्यावरण: इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा
जुड़ी अवधारणाएँ: लिथियम-आयन बैटरी के कलपुर्जे, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना, आत्मनिर्भर भारत
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
बैटरी कलपुर्जा विनिर्माण लागत पर NETRA रिपोर्ट किस मंत्रालय ने जारी की?
व्याख्या: NETRA रिपोर्ट भारी उद्योग मंत्रालय ने जारी की। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नवीकरणीय ऊर्जा नीति देखता है, भारी उद्योग नहीं। वित्त मंत्रालय राजकोषीय मामले देखता है और विद्युत मंत्रालय बिजली उत्पादन व वितरण देखता है।
- Q2कठिन
बैटरी कलपुर्जों पर NETRA रिपोर्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.भारतीय बैटरी कलपुर्जा निर्माताओं को आयात की तुलना में 18-61% की लागत हानि होती है।
- 2.कुल बैटरी सेल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है।
- 3.रिपोर्ट सभी बैटरी कलपुर्जों पर तुरंत ऊँचे आयात शुल्क लगाने की सिफारिश करती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि रिपोर्ट में भारतीय विनिर्माताओं की लागत 18-61% अधिक पाई गई। कथन 2 सही है, क्योंकि कलपुर्जे सेल लागत का लगभग 76% हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि रिपोर्ट तुरंत ऊँचे आयात शुल्क की सिफारिश नहीं करती; वह कहती है कि सरकार एक विशेष योजना पर विचार कर रही है, जिसमें कई उपाय शामिल हो सकते हैं, आवश्यक रूप से आयात शुल्क नहीं।
- Q3मध्यम
NETRA रिपोर्ट के अनुसार, बैटरी सेल की कुल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी कितनी है?
व्याख्या: रिपोर्ट के अनुसार कुल सेल निर्माण लागत में बैटरी कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है। 50% और 61% कम आंकड़े हैं जो रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। 85% आंकड़ा अधिक अनुमान है, जिसे आंकड़े समर्थन नहीं देते।
- Q4मध्यम
भारत की बैटरी निर्माण महत्वाकांक्षाओं के लिए NETRA रिपोर्ट द्वारा उजागर की गई प्रमुख रणनीतिक चिंता क्या है?
व्याख्या: रिपोर्ट चीन के वर्चस्व को मुख्य रणनीतिक चिंता के रूप में सामने लाती है, जिससे भारत आपूर्ति में व्यवधान के प्रति कमज़ोर होता है। कुशल श्रम और बिजली की लागत भी कारक हैं, पर रिपोर्ट विशेष रूप से आपूर्ति शृंखला के संकेंद्रण से आगाह करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NETRA रिपोर्ट किस बारे में है?
NETRA (नेट ज़ीरो एनर्जी ट्रांजिशन अलायंस) की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय बैटरी कलपुर्जा निर्माताओं की उत्पादन लागत तुलनीय आयातित उत्पादों से 18-61% अधिक है, जिससे घरेलू विनिर्माण की व्यवहार्यता पर खतरा है।
2. NETRA रिपोर्ट किन संगठनों ने तैयार की?
रिपोर्ट NETRA ने ARCI, CSIR-NCL, IIT मद्रास और डेलॉयट के सहयोग से तैयार की और इसे भारी उद्योग मंत्रालय ने जारी किया।
3. रिपोर्ट में कौन-से बैटरी कलपुर्जे शामिल हैं?
रिपोर्ट में कैथोड और एनोड सामग्री, इलेक्ट्रोलाइट, सेपरेटर और तांबे की पन्नी शामिल हैं, जो लिथियम-आयन बैटरी सेल के मुख्य कलपुर्जे हैं।
4. बैटरी सेल की लागत में कलपुर्जों की कितनी हिस्सेदारी है?
कुल बैटरी सेल निर्माण लागत में कलपुर्जों की हिस्सेदारी लगभग 76% है, इसलिए लागत का नुकसान समग्र सेल कीमत के लिए अहम है।
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मूल खबर4 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
