प्रिलिम्स के लिए: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), वित्तीय समावेशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), नोडल विभाग, उद्देश्य, लक्ष्य तिथि, प्रमुख सहयोगी (ग्रामीण), प्रमुख सहयोगी (शहरी)
मेन्स के लिए: वित्तीय समावेशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), शिक्षा का अधिकार (RTE), वंचित बच्चों के दस्तावेज़ीकरण
स्रोत:The Hindu
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- बिहार शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए बैंक खाते अनिवार्य किए।
- खाते खोलने की समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 है।
- खाते सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों में व्यक्तिगत या संयुक्त हो सकते हैं।
- इस कदम का उद्देश्य छात्रवृत्ति राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सक्षम करना है।
- जन्म प्रमाण पत्र ग्रामीण इलाकों में मुखिया/पंचायत सचिव और शहरी इलाकों में नगर निकाय जारी करते हैं।
चर्चा में क्यों?
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों के लिए सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों में व्यक्तिगत या संयुक्त बैंक खाता होना अनिवार्य कर दिया है। यह काम 31 दिसंबर 2026 तक एक विशेष अभियान के ज़रिए पूरा करना होगा, ताकि छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं की राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) हो सके।
सारांश
- बिहार शिक्षा विभाग ने सभी ज़िला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को निर्देश दिए हैं कि सरकारी स्कूलों के हर बच्चे का बैंक खाता खुलवाया जाए।
- इस अभियान में उन बच्चों को पहले प्राथमिकता दी जा रही है जो छात्रवृत्ति के लाभ के पात्र हैं, और इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- प्रधानाध्यापकों को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आसपास की सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं और ग्राम पंचायत के मुखिया या नगर निकायों के साथ समन्वय करना होगा।
मुख्य बातें
हर बच्चे का बैंक खाता
बिहार ने सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों के लिए सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में व्यक्तिगत या संयुक्त खाता होना अनिवार्य किया है।
31 दिसंबर की समय-सीमा
खाते खोलने और जन्म प्रमाण पत्र जुटाने की पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर 2026 तक एक विशेष अभियान के ज़रिए पूरी होनी चाहिए।
DBT की सुविधा
इस कदम का उद्देश्य छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं की राशि का DBT सीधे बच्चों के खातों में सुगमता से पहुंचाना है।
पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने 2014 से वित्तीय समावेशन पर ज़ोर दिया है और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) जैसी योजनाओं के तहत सभी नागरिकों के बैंक खाते को बढ़ावा दिया है। बैंक खाता खोलने और स्कूल में दाखिले, दोनों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ज़रूरी है। बिहार शिक्षा विभाग का यह आदेश सरकारी स्कूलों के बच्चों को निशाना बनाकर इसी राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ता है।
आगे की राह
इस योजना की सफलता स्कूलों, बैंक शाखाओं और स्थानीय निकायों के बीच प्रभावी समन्वय पर निर्भर करेगी। 31 दिसंबर 2026 की समय-सीमा महत्वाकांक्षी है, और इसे पूरा करने के लिए DEO और DPO को सक्रिय निगरानी करनी होगी। अन्य राज्य भी ऐसे मॉडल अपनाकर स्कूल जाने वाले बच्चों में वित्तीय समावेशन बढ़ा सकते हैं।
बिहार से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- भारत सरकार की प्रमुख योजना, जिसके तहत सब्सिडी और लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं, ताकि बिचौलियों और रिसाव को कम किया जा सके।
- वित्तीय समावेशन
- समाज के सभी वर्गों, खासकर गरीब और वंचित लोगों, तक औपचारिक वित्तीय सेवाओं (बैंक खाते, ऋण, बीमा) की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रक्रिया।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
- 2014 में शुरू किया गया भारत का राष्ट्रीय मिशन, जिसका लक्ष्य हर परिवार को बैंक खाता, बीमा और पेंशन उपलब्ध कराना है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आँकड़ों पर ध्यान दें: समय-सीमा 31 दिसंबर 2026
- इस नोडल निकाय को याद रखें: बिहार शिक्षा विभाग
- इस कानूनी बिंदु को याद रखें: बैंक खाते और स्कूल में दाखिले के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता
यह गलती न करें!
परीक्षक नोडल विभाग (शिक्षा विभाग) को वित्त विभाग या समाज कल्याण विभाग से भ्रमित कर सकते हैं, या समय-सीमा का वर्ष बदल सकते हैं (2026 की जगह 2027)। वे ग्रामीण प्रमाण पत्र जारीकर्ता (मुखिया/पंचायत सचिव) और शहरी जारीकर्ता (नगर निकाय) की अदला-बदली भी कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- वित्तीय समावेशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), शिक्षा का अधिकार (RTE), वंचित बच्चों के दस्तावेज़ीकरण
कहीं अटके? एक टैप में समझें
बिहार सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चे का बैंक खाता हो। इससे सरकार छात्रवृत्ति की राशि बिचौलियों के बिना सीधे बच्चे के खाते में भेज सकेगी। स्कूलों को कहा गया है कि वे स्थानीय बैंकों और ग्राम पंचायत या नगर निकाय के साथ मिलकर 31 दिसंबर 2026 तक जन्म प्रमाण पत्र जुटाएँ और खाते खुलवाएँ।
- बिहार शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए बैंक खाते अनिवार्य किए।
- खाते खोलने की समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 है।
- खाते सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों में व्यक्तिगत या संयुक्त हो सकते हैं।
- इस कदम का उद्देश्य छात्रवृत्ति राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सक्षम करना है।
- जन्म प्रमाण पत्र ग्रामीण इलाकों में मुखिया/पंचायत सचिव और शहरी इलाकों में नगर निकाय जारी करते हैं।
- शासन: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और वित्तीय समावेशन
- राजव्यवस्था: राज्य सरकार और शिक्षा नीति
जुड़ी अवधारणाएँ: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), वित्तीय समावेशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
बिहार में सरकारी स्कूल के बच्चों के बैंक खाते खोलने के निर्देश किस विभाग ने जारी किए?
व्याख्या: बिहार शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) ने यह पत्र सभी ज़िला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को भेजा। इस निर्देश को जारी करने वाला प्राधिकरण वित्त विभाग, समाज कल्याण विभाग या पंचायती राज विभाग नहीं है।
- Q2कठिन
बिहार सरकार के स्कूली बच्चों के बैंक खाते खोलने के निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.बैंक खाते सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों में व्यक्तिगत या संयुक्त हो सकते हैं।
- 2.बैंक खाता खोलने के लिए जन्म प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन स्कूल में दाखिले के लिए नहीं।
- 3.प्रक्रिया पूरी करने का अभियान 31 दिसंबर 2026 तक समाप्त होना चाहिए।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: निर्देशों के अनुसार हर बच्चे का सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में व्यक्तिगत या संयुक्त खाता होना चाहिए। कथन 2 गलत है: समाचार में साफ़ लिखा है कि बैंक खाता खोलने और स्कूल में दाखिले, दोनों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ज़रूरी है। कथन 3 सही है: विभाग ने 31 दिसंबर 2026 को समय-सीमा तय की है।
- Q3आसान
बिहार शिक्षा विभाग को सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के बैंक खाते खोलने का काम किस तारीख तक पूरा करना है?
व्याख्या: शिक्षा विभाग ने प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह काम 31 दिसंबर 2026 तक एक विशेष अभियान के ज़रिए पूरा किया जाए।
- Q4मध्यम
बिहार के सरकारी स्कूलों के बच्चों के बैंक खाते खोलने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: बच्चों के नाम पर बैंक खाते होने से सरकार के लिए विभिन्न योजनाओं की राशि DBT से भेजना आसान होगा। खातों की संख्या बढ़ना इसका प्रासंगिक परिणाम है, मुख्य उद्देश्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए बिहार सरकार का नया नियम क्या है?
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल के हर बच्चे के लिए सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में व्यक्तिगत या संयुक्त खाता होना अनिवार्य कर दिया है।
2. बिहार में सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के बैंक खाते किस तारीख तक खुल जाने चाहिए?
यह काम 31 दिसंबर 2026 तक एक विशेष अभियान के ज़रिए पूरा करना होगा।
3. बिहार सरकार स्कूली बच्चों के बैंक खाते क्यों खुलवा रही है?
इन खातों से सरकार विभिन्न योजनाओं की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए भेज सकेगी, खासकर छात्रवृत्ति के पात्र बच्चों को।
4. बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
ग्रामीण इलाकों में जन्म प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत मुखिया या पंचायत सचिव जारी करते हैं, और शहरी इलाकों में संबंधित नगर निकाय।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

