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झारखंड उच्च न्यायालय ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला निरस्त किया, 2,000 से अधिक उम्मीदवारों की नियुक्तियां बरकरार

6 नवंबर 20262 मिनट2 स्रोत4 प्रश्नखबर 5 / 52

प्रिलिम्स के लिए: उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (अनुच्छेद 226), आनुपातिकता का सिद्धांत, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC), न्यायालय, परीक्षा, सरकारी फैसले की तिथि, रद्दीकरण पर उच्च न्यायालय की रोक, अंतिम आदेश

मेन्स के लिए: न्यायिक समीक्षा, आनुपातिकता, सामूहिक दंड, प्रशासनिक निष्पक्षता, भर्ती की विश्वसनीयता

स्रोत:The HinduThe HinduHindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अगस्त 2026 के उस फैसले को निरस्त कर दिया, जिसमें JSSC-CGL परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द की गई थीं। अदालत ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों के कथित अनियमितता के आरोपों के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया रद्द नहीं की जा सकती। इस आदेश से 2,000 से अधिक उम्मीदवारों को संरक्षण मिला है।

सारांश

  • झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की उस अधिसूचना को निरस्त किया, जिसमें JSSC-CGL परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द की गई थीं।
  • अदालत ने कहा कि सरकार व्यवस्थित अनियमितता साबित नहीं कर सकी, और पूरी परीक्षा रद्द किए बिना जांच के ज़रिए दोषी व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है।
  • रद्दीकरण आदेश से 2,000 से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए थे, जिस पर उच्च न्यायालय ने 21 अगस्त 2026 को रोक लगा दी थी।

मुख्य बातें

  • उच्च न्यायालय ने परीक्षा रद्द करने का फैसला निरस्त किया

    झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार का JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों के आरोपों के आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया अमान्य नहीं की जा सकती।

  • सरकार का अगस्त 2026 का फैसला

    CID रिपोर्ट और विरोध-प्रदर्शनों के आधार पर हेमंत सोरेन कैबिनेट ने 17 अगस्त 2026 को JSSC-CGL, JPSC और CDPO सहित 22 परीक्षाएं रद्द करने और छह अन्य को स्थगित करने का फैसला किया।

  • व्यक्तियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी

    अदालत ने निर्देश दिया कि CID जांच जारी रहेगी, और दोषी पाए गए उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है, लेकिन सामूहिक रद्दीकरण उचित नहीं है।

पृष्ठभूमि

अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने CID की जांच रिपोर्ट के आधार पर JSSC-CGL, 11वीं-13वीं JPSC और CDPO सहित 22 परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया। इस फैसले पर व्यापक विरोध हुआ और प्रभावित उम्मीदवारों ने कानूनी चुनौती दी, जिनमें से कई पहले ही नियुक्त हो चुके थे या परिणाम का इंतज़ार कर रहे थे।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

उच्च न्यायालय का फैसला इस सिद्धांत को पुष्ट करता है कि जब कुछ ही व्यक्ति दोषी हो सकते हैं, तब सभी उम्मीदवारों को सामूहिक दंड देना अस्वीकार्य है। अदालत ने देखा कि सरकार व्यवस्थित अनियमितता का ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। यह निर्णय 2,000 से अधिक उम्मीदवारों की रक्षा करता है और राज्य सरकारों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाएं मनमाने ढंग से रद्द करने के विरुद्ध एक मिसाल बनता है।

आगे की राह

CID की जांच दोषी पाए गए विशेष उम्मीदवारों के खिलाफ जारी रहेगी। अदालत ने ऐसे व्यक्तियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने की अनुमति दी है। अब राज्य सरकार को अदालत के निर्देश का पालन करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि हो चुकी नियुक्तियों में बाधा न आए। यह मामला हज़ारों उम्मीदवारों को प्रभावित करने वाले कठोर फैसलों से पहले मज़बूत जांच व्यवस्था की ज़रूरत को सामने लाता है।

झारखंड से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (अनुच्छेद 226)
संविधान का अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन और किसी अन्य उद्देश्य के लिए रिट जारी करने की शक्ति देता है, जिससे कार्यपालिका के कार्यों की न्यायिक समीक्षा संभव होती है।
आनुपातिकता का सिद्धांत
यह कानूनी सिद्धांत है कि प्रशासनिक कार्रवाई अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए ज़रूरी सीमा से अधिक कठोर नहीं होनी चाहिए। अदालत ने इसे लागू करते हुए कहा कि कुछ लोगों के कथित दुराचार पर पूरी परीक्षा रद्द करना अनुपातहीन था।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)
यह झारखंड राज्य का सरकारी निकाय है, जो राज्य में ग्रुप B और C के विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने के लिए ज़िम्मेदार है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 2,000 से अधिक उम्मीदवार प्रभावित, रद्दीकरण का फैसला 17 अगस्त 2026 को, उच्च न्यायालय का आदेश 6 नवंबर 2026 को
  • इन नोडल निकायों पर ध्यान दें: झारखंड उच्च न्यायालय, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC), झारखंड CID
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: संविधान का अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता)

यह गलती न करें!

परीक्षक JSSC-CGL परीक्षा को उसी समय रद्द हुई अन्य परीक्षाओं (JPSC, CDPO) के साथ भ्रमित कर सकते हैं, या तारीखें (17 अगस्त बनाम 21 अगस्त) बदल सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि क्या उच्च न्यायालय ने सभी 22 परीक्षाओं का रद्दीकरण निरस्त किया या केवल JSSC-CGL का।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • न्यायिक समीक्षा, आनुपातिकता, सामूहिक दंड, प्रशासनिक निष्पक्षता, भर्ती की विश्वसनीयता

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1मध्यम

    संविधान का कौन-सा प्रावधान झारखंड उच्च न्यायालय को JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त करने की शक्ति देता है?

  2. Q2मध्यम

    झारखंड उच्च न्यायालय के JSSC-CGL परीक्षा संबंधी आदेश के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.अदालत ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का राज्य सरकार का फैसला और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां निरस्त कीं।
    2. 2.अदालत ने राज्य सरकार को छह महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया।
    3. 3.अदालत ने देखा कि सरकार पूरी चयन प्रक्रिया में व्यवस्थित अनियमितता का ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    झारखंड उच्च न्यायालय ने JSSC-CGL परीक्षा की नियुक्तियां रद्द करने की अधिसूचना पर किस तिथि को रोक लगाई?

  4. Q4मध्यम

    JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला निरस्त करने में झारखंड उच्च न्यायालय ने कौन-सा प्रमुख कानूनी सिद्धांत लागू किया?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. झारखंड उच्च न्यायालय ने JSSC-CGL परीक्षा पर क्या फैसला सुनाया?

झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार का JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां निरस्त कर दीं। अदालत ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों के आरोपों के आधार पर पूरी प्रक्रिया रद्द नहीं की जा सकती।

2. JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने से कितने उम्मीदवार प्रभावित हुए?

राज्य सरकार के परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द करने के फैसले से 2,000 से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए।

3. झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा किस आधार पर रद्द करने का फैसला किया?

सरकार ने झारखंड राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) की रिपोर्ट और उम्मीदवारों के व्यापक विरोध-प्रदर्शन के आधार पर, अनियमितता के आरोपों पर परीक्षा रद्द करने का फैसला किया।

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