प्रिलिम्स के लिए: विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), पूंजी खाता परिवर्तनीयता, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), FY2021 में शुद्ध FDI, FY2025 में शुद्ध FDI, मुख्य कानून, मुख्य धारा, मसौदा नियम किसने जारी किए
मेन्स के लिए: पूंजी खाता परिवर्तनीयता, FEMA बनाम FERA, जांच मॉडल के रूप में CFIUS (अमेरिका) / निवेश सुरक्षा इकाई (ब्रिटेन), विदेशी निवेशकों के लिए राष्ट्रीय व्यवहार
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- भारत में शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया।
- RBI ने 2026 में मसौदा विदेशी निवेश नियम (FI Rules) जारी किए।
- FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक इसकी विशेष अनुमति न हो।
- FEMA 1999 में बना और उसने FERA (विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) की जगह ली।
- अमेरिका CFIUS और ब्रिटेन निवेश सुरक्षा इकाई का उपयोग पूंजी की जांच के लिए करते हैं।
चर्चा में क्यों?
भारत का शुद्ध FDI FY2021 में 40 अरब डॉलर था, जो FY2025 तक लगभग शून्य हो गया। खबर का तर्क है कि मसौदा विदेशी निवेश नियम जैसे परिचालन सुधार पर्याप्त नहीं हैं। पूंजी का स्वागत होने का संकेत देने और लेन-देन की बाधाएं कम करने के लिए FEMA में बुनियादी स्तर पर बदलाव ज़रूरी है।
सारांश
- भारत में शुद्ध FDI प्रवाह FY2021 के 40 अरब डॉलर से घटकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया।
- RBI ने मसौदा विदेशी निवेश नियम (FI Rules) जारी किए हैं, जिनमें परिचालन सुधार हैं, लेकिन ये FEMA की मूल पाबंदी को नहीं छूते।
- FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक इसकी विशेष अनुमति न हो। इस मामले में भारत चीन के साथ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अलग खड़ा दिखता है।
मुख्य बातें
FDI में भारी गिरावट
भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य पर आ गया, जो विदेशी पूंजी के प्रवाह में भारी गिरावट का संकेत है।
बुनियादी बदलाव की मांग
खबर का तर्क है कि RBI के मसौदा विदेशी निवेश नियम केवल ऊपरी बदलाव हैं। निवेशकों का भरोसा लौटाने के लिए FEMA में बुनियादी स्तर पर सुधार ज़रूरी है।
पृष्ठभूमि
भारत का शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया है। इस गिरावट के बाद RBI ने मसौदा विदेशी निवेश नियम (FI Rules) जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य एक 'आधुनिक, उपयोगकर्ता-अनुकूल निवेश ढांचा' बनाना है। लेकिन खबर के अनुसार ये परिचालन संशोधन असली समस्या को नहीं छूते, यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) में निहित विदेशी पूंजी के प्रति संदेह भरा रवैया।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित रहते हैं जब तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) या सरकार इसकी विशेष अनुमति न दे। इससे भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चीन के साथ अलग-थलग पड़ जाता है। किसी OECD देश में सामान्य पूंजी और विनिमय नियंत्रण नहीं हैं। खुले क्षेत्रों में भी भारत हर लेन-देन को नियंत्रित करता है, जैसे लिखत, कानूनी रूप और कीमत तय करना, प्रमाणित मूल्यांकन के ज़रिए। इस पहले से लगे नियंत्रण से अड़चनें आती हैं, क्योंकि पक्षों को व्यावसायिक बातचीत के बजाय तय कीमत पर लेन-देन करना पड़ता है। पहले भारत में वैश्विक रुचि और कम ब्याज दरों ने ये कठिनाइयां छिपा रखी थीं, पर अब इसके लिए गहरे बदलाव की ज़रूरत है।
आगे की राह
खबर तीन सिद्धांत सुझाती है: (1) पूंजी प्रवाह पर पाबंदियां अस्थायी हों, सार्वजनिक रूप से घोषित उद्देश्यों पर आधारित हों, और केवल वृहद आर्थिक जोखिम या राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रबंधन के लिए लगें (अमेरिका में CFIUS या ब्रिटेन में निवेश सुरक्षा इकाई जैसी जांच व्यवस्थाओं के साथ)। (2) नियम बनाने में सार्वजनिक परामर्श, लागत-लाभ विश्लेषण और समीक्षा हो, जैसा FSLRC ने कहा है। (3) नियंत्रण निवेश माध्यम और निवेशक के प्रति तटस्थ हों, और हर पाबंदी किसी पहचाने गए बाज़ार विफलता से जुड़ी हो। FEMA में बुनियादी बदलाव के बिना FI Rules जैसे तात्कालिक संशोधन यथास्थिति नहीं बदलेंगे।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)
- 1999 में बना भारतीय कानून, जो विदेशी मुद्रा से जुड़े कानून को समेकित और संशोधित करता है तथा बाहरी व्यापार और भुगतान को सुगम बनाता है। यह पूंजी खाता लेन-देन को नियंत्रित करता है और इसने पहले के FERA (विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) की जगह ली।
- पूंजी खाता परिवर्तनीयता
- स्थानीय वित्तीय परिसंपत्तियों को विदेशी वित्तीय परिसंपत्तियों में और इसके उलट बदलने की स्वतंत्रता। पूर्ण परिवर्तनीयता में पूंजी की सीमा-पार आवाजाही मुक्त होती है; भारत में आंशिक पूंजी खाता परिवर्तनीयता है।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)
- किसी एक देश की फर्म या व्यक्ति द्वारा दूसरे देश के व्यावसायिक हितों में किया गया निवेश, जिसमें आम तौर पर दीर्घकालिक हित और नियंत्रण शामिल होता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), जिसने मसौदा विदेशी निवेश नियम जारी किए
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: धारा 6, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999
यह गलती न करें!
मसौदा FI Rules परिचालन संशोधन हैं, ढांचागत सुधार नहीं। छात्र मसौदा नियमों को FEMA के पूर्ण सुधार से भ्रमित कर सकते हैं, जबकि खबर स्पष्ट कहती है कि मूल कानून में गहरे बदलाव के बिना ये पर्याप्त नहीं हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- पूंजी खाता परिवर्तनीयता, FEMA बनाम FERA, जांच मॉडल के रूप में CFIUS (अमेरिका) / निवेश सुरक्षा इकाई (ब्रिटेन), विदेशी निवेशकों के लिए राष्ट्रीय व्यवहार
कहीं अटके? एक टैप में समझें
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) वह पैसा है जो विदेशी कंपनियां भारत में लगाती हैं। भारत का शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से तेज़ी से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य रह गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने प्रक्रिया सुधारने के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं, लेकिन खबर के अनुसार मुख्य कानून FEMA विदेशी पूंजी के साथ संदेह भरा व्यवहार करता है। FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन RBI या सरकार की विशेष अनुमति के बिना वर्जित है। विदेशी पूंजी को सचमुच आकर्षित करने के लिए भारत को केवल छोटे बदलाव नहीं, बल्कि FEMA में मूलभूत सुधार की ज़रूरत है।
- भारत में शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया।
- RBI ने 2026 में मसौदा विदेशी निवेश नियम (FI Rules) जारी किए।
- FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक इसकी विशेष अनुमति न हो।
- FEMA 1999 में बना और उसने FERA (विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) की जगह ली।
- अमेरिका CFIUS और ब्रिटेन निवेश सुरक्षा इकाई का उपयोग पूंजी की जांच के लिए करते हैं।
- अर्थव्यवस्था: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और पूंजी खाता परिवर्तनीयता
- राजव्यवस्था: विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)
जुड़ी अवधारणाएँ: विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), पूंजी खाता परिवर्तनीयता, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
कौन-सा भारतीय कानून पूंजी खाता लेन-देन को नियंत्रित करता है और विदेशी मुद्रा का मुख्य नियामक कानून है?
व्याख्या: FEMA, 1999 में बना और उसने FERA की जगह ली। यह पूंजी खाता लेन-देन सहित सभी विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करता है। FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) या सरकार इसकी विशेष अनुमति न दे। FERA पहले का सख्त कानून था, जबकि PMLA धनशोधन से और कंपनी अधिनियम कॉर्पोरेट नियमन से जुड़े हैं।
- Q2कठिन
भारत के विदेशी निवेश ढांचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.भारत में शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया।
- 2.FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक अनुमत है जब तक RBI इसे विशेष रूप से वर्जित न करे।
- 3.RBI द्वारा जारी मसौदा विदेशी निवेश नियम FEMA का बुनियादी स्तर का पुनर्गठन हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य हो गया। कथन 2 गलत है: FEMA की धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक विशेष अनुमति न हो (डिफ़ॉल्ट रूप से पाबंदी है, अनुमति नहीं)। कथन 3 गलत है: मसौदा FI Rules को परिचालन संशोधन बताया गया है, न कि FEMA का बुनियादी स्तर का पुनर्गठन।
- Q3मध्यम
FY2025 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लगभग कितना था:
व्याख्या: भारत में शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से घटकर FY2025 में लगभग शून्य रह गया है।
- Q4मध्यम
भारत के विदेशी पूंजी दृष्टिकोण के बारे में खबर में मुख्य तर्क क्या दिया गया है?
व्याख्या: खबर तर्क देती है कि मसौदा FI Rules "परिचालन संशोधन हैं जो अपने आप में अपर्याप्त हैं" और असली बाधा FEMA के तहत विदेशी पूंजी के प्रति भारत का संदेहपूर्ण रवैया है। मूल कानून में गहरे बदलाव की ज़रूरत है। बाकी विकल्प खबर के विश्लेषण का खंडन करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत में शुद्ध FDI की वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत में शुद्ध FDI FY2021 के 40 अरब डॉलर से गिरकर FY2025 में लगभग शून्य रह गया है।
2. भारत में विदेशी मुद्रा और पूंजी खाता लेन-देन को मुख्य रूप से कौन-सा कानून नियंत्रित करता है?
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करता है। धारा 6 के तहत पूंजी खाता लेन-देन तब तक वर्जित है जब तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) या सरकार इसकी विशेष अनुमति न दे।
3. विदेशी निवेश ढांचे में सुधार के लिए RBI ने क्या जारी किया?
RBI ने मसौदा विदेशी निवेश नियम (FI Rules) परिचालन संशोधन के रूप में जारी किए हैं, लेकिन खबर के अनुसार FEMA में गहरे बदलाव के बिना ये पर्याप्त नहीं हैं।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

