प्रिलिम्स के लिए: ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर), DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट), कुल लागत, कुल लंबाई, कॉरिडोर की संख्या, सड़क का प्रकार, नोडल निकाय
मेन्स के लिए: ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग, बारहमासी सड़क संपर्क, विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- मध्य प्रदेश ₹63,296 करोड़ की लागत से 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाएगा।
- कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,398 किमी है।
- कॉरिडोर फोर लेन और एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़कें होंगे, जिनमें पेव्हड शोल्डर होंगे।
- सड़क विकास फंड का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है।
- इस परियोजना को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) लागू कर रहा है।
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए ₹63,296 करोड़ की लागत से पांच ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड फोर लेन कॉरिडोर (कुल 1,398 किमी) बनाने की योजना बना रहा है। राज्य के सड़क विकास निगम (MPRDC) को इन पांचों कॉरिडोर की DPR तैयार करने की अनुमति दी गई है, बशर्ते उनकी व्यवहार्यता रिपोर्ट में वे व्यवहार्य पाए जाएं। फिलहाल व्यवहार्यता रिपोर्ट DPR कंसलटेंट तैयार कर रहे हैं।
सारांश
- मध्य प्रदेश में कुल 1,398 किमी के पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर ₹63,296 करोड़ की लागत से बनेंगे।
- कॉरिडोर फोर लेन और एक्सेस-कंट्रोल्ड होंगे, जिनमें पेव्हड शोल्डर भी होंगे।
- राज्य के सड़क विकास फंड का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के संचालक मंडल की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्य बातें
5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
मध्य प्रदेश ₹63,296 करोड़ की लागत से 1,398 किमी लंबे पांच नए फोर लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनाएगा।
व्यवहार्यता और DPR चरण
व्यवहार्यता चरण: तीन कॉरिडोर के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट DPR कंसलटेंट तैयार कर रहे हैं; दो कॉरिडोर के लिए DPR कंसलटेंट चुनने की निविदा प्रक्रिया चल रही है। व्यवहार्यता अध्ययन व्यवहार्य पाए जाने के बाद DPR तैयार होंगी।
MPRDC की 49वीं संचालक मंडल बैठक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इक्विटी विनिवेश, नए पदों के सृजन और PAM भवन के अधिग्रहण सहित कई प्रस्तावों को मंज़ूरी दी।
पृष्ठभूमि
क्षेत्रफल के हिसाब से देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य मध्य प्रदेश में, खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में, कनेक्टिविटी की समस्याएं रही हैं। राज्य सरकार ने आर्थिक विकास, पर्यटन और बाज़ारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए सड़क ढांचे को प्राथमिकता दी है। MPRDC की स्थापना BOT, OMT और एन्युटी जैसे नवाचार वित्तीय मॉडल से राजमार्ग विकास को गति देने के लिए की गई थी।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
भोपाल-मंदसौर (258 किमी), सागर-सतना (227 किमी), जबलपुर-आशापुर (358 किमी), भोपाल-ग्वालियर (320 किमी) और कटनी-सिंगरौली (235 किमी) के ये पांच कॉरिडोर प्रमुख औद्योगिक, कृषि और पर्यटन केंद्रों को जोड़ेंगे। एक्सेस-कंट्रोल्ड डिज़ाइन से यात्रा का समय घटेगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। सड़क फंड का नाम 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' रखना राज्य की विकास दृष्टि को दर्शाता है। जावरा-नयागांव BOT परियोजना में इक्विटी विनिवेश की मंज़ूरी से नई परियोजनाओं के लिए पूंजी उपलब्ध होगी।
आगे की राह
अगले चरण में व्यवहार्यता अध्ययन पूरे करना, अलाइनमेंट तय करना और DPR तैयार करना शामिल है। इनकी मंज़ूरी के बाद निर्माण की निविदाएं जारी होंगी। नए इंजीनियरिंग पदों के सृजन से परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने में मदद मिलेगी। हर गांव को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ना सरकार का घोषित दीर्घकालिक लक्ष्य है।
मध्य प्रदेश से जुड़ाव
मध्य प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:MPPSC 9/10MPESB 8/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
- मौजूदा सड़क के बजाय नए मार्ग पर बनी नई सड़क, जो आमतौर पर तेज़ और एक्सेस-कंट्रोल्ड यातायात के लिए डिज़ाइन की जाती है।
- BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर)
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक मॉडल, जिसमें निजी कंपनी सड़क बनाती है, तय अवधि तक टोल से लागत वसूलती है और फिर उसे सरकार को सौंप देती है।
- DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)
- एक विस्तृत दस्तावेज़, जिसमें निर्माण परियोजना का डिज़ाइन, लागत अनुमान, भूमि आवश्यकता और पर्यावरण मंज़ूरी शामिल होती है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: ₹63,296 करोड़ लागत; 1,398 किमी कुल लंबाई; 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC)
- इस कानूनी/नीतिगत बिंदु पर ध्यान दें: BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल
यह गलती न करें!
परीक्षक कॉरिडोर की संख्या (5) या कुल लंबाई (1,398 किमी) को दूसरे राज्यों की सड़क परियोजनाओं के आंकड़ों से बदल सकते हैं। वे नए फंड नाम 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' को दूसरी राज्य योजनाओं के नाम से भ्रमित भी कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग, बारहमासी सड़क संपर्क, विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ
कहीं अटके? एक टैप में समझें
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य भर के गांवों और शहरों को जोड़ने के लिए पांच नए आधुनिक राजमार्ग (ग्रीनफील्ड कॉरिडोर) बनाने की योजना बनाई है। ये सड़कें चौड़ी (चार लेन) होंगी और तेज़ यात्रा के लिए डिज़ाइन की जाएंगी। कुल लागत ₹63,296 करोड़ है और कुल लंबाई 1,398 किमी होगी। राज्य के सड़क फंड को नया नाम 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' दिया गया है।
- मध्य प्रदेश ₹63,296 करोड़ की लागत से 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाएगा।
- कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,398 किमी है।
- कॉरिडोर फोर लेन और एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़कें होंगे, जिनमें पेव्हड शोल्डर होंगे।
- सड़क विकास फंड का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है।
- इस परियोजना को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) लागू कर रहा है।
- भूगोल: परिवहन और संचार
- शासन: बुनियादी ढांचा विकास
जुड़ी अवधारणाएँ: ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर), DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
मध्य प्रदेश में ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना को लागू करने की मुख्य ज़िम्मेदारी किस निकाय की है?
व्याख्या: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) इन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के विकास की नोडल एजेंसी है। PWD राज्य सड़कों को संभालता है, NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों को, और आवास मंडल का सड़क परियोजनाओं से कोई संबंध नहीं है। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q2कठिन
मध्य प्रदेश की ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.इस परियोजना में कुल 1,398 किमी लंबाई के पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाना शामिल है।
- 2.कॉरिडोर छह-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़कें होंगे, जिनमें पेव्हड शोल्डर होंगे।
- 3.सड़क विकास फंड का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: पांच कॉरिडोर, 1,398 किमी। कथन 2 गलत है: कॉरिडोर फोर-लेन होंगे, छह-लेन नहीं। कथन 3 सही है: फंड का नाम 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' रखा गया है। इसलिए विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
मध्य प्रदेश में पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
व्याख्या: पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की स्वीकृत लागत ₹63,296 करोड़ है। ₹50,000 करोड़ वास्तविक आंकड़े से कम है, ₹75,000 करोड़ अधिक है, और ₹1,39,800 करोड़ 1,398 किमी को एक मनमाने अंक से गुणा करने का परिणाम है, परियोजना की लागत नहीं। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q4मध्यम
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लक्ष्य हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है। भोपाल और इंदौर में जाम घटाना मुख्य उद्देश्य नहीं है। सभी मौजूदा राजमार्गों को बदलना भी उद्देश्य नहीं है। इसलिए विकल्प B सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मध्य प्रदेश में कितने ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाए जाएंगे?
पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 1,398 किमी है।
2. मध्य प्रदेश में पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत कितनी है?
कुल अनुमानित लागत ₹63,296 करोड़ है।
3. मध्य प्रदेश के सड़क विकास फंड का नया नाम क्या है?
फंड का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' रखा गया है।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

