प्रिलिम्स के लिए: इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, प्लग एंड प्ले सुविधा, औद्योगिक कॉरिडोर, परियोजना का नाम, स्थान, क्षेत्रफल, अपेक्षित निवेश, रोज़गार का लक्ष्य
मेन्स के लिए: औद्योगिक नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, रोज़गार सृजन, प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचा
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी बिहार के वैशाली में राजापाकर में 1,100 एकड़ पर बनाई जा रही है।
- परियोजना बेंगलुरु की 800 एकड़ वाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर है।
- अपेक्षित निवेश: ₹30,000 करोड़।
- अपेक्षित रोज़गार: 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां।
- उत्पाद: मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी, चिप, कंप्यूटर पार्ट्स और एक्सेसरीज़।
चर्चा में क्यों?
बिहार वैशाली जिले में 1,100 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी बना रहा है, जिसका मॉडल बेंगलुरु का इलेक्ट्रॉनिक्स हब है। इस परियोजना में ₹30,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है और इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख लोगों को रोज़गार मिलने का अनुमान है। यहां मोबाइल फोन, चिप, स्मार्ट टीवी और कंप्यूटर पार्ट्स बनाए जाएंगे।
सारांश
- वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर में 1,100 एकड़ में बनेगी।
- यह परियोजना बेंगलुरु की 800 एकड़ वाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर है और इसमें ₹30,000 करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य है।
- इससे 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलने का अनुमान है; प्रधानमंत्री मोदी 21 नवंबर 2026 को इसका शिलान्यास कर सकते हैं।
- यह इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी राजापाकर, जंदाहा और महुआ प्रखंडों में विकसित हो रहे 1,243 एकड़ के बड़े औद्योगिक कॉरिडोर का हिस्सा है।
मुख्य बातें
वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी
राजापाकर, वैशाली में 1,100 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हब, जो बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर है।
उत्पाद: फोन, चिप, स्मार्ट टीवी
यह हब मोबाइल फोन, चिप, एलईडी बल्ब, कंप्यूटर पार्ट्स, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल कैमरा और स्मार्ट टीवी बनाएगा।
पृष्ठभूमि
बिहार औद्योगिक विकास में, खासकर हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में, परंपरागत रूप से पीछे रहा है। राज्य की औद्योगिक नीति कृषि-प्रसंस्करण और वस्त्र उद्योग पर केंद्रित रही है। वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी इस दिशा में बड़ा बदलाव है, जिसका उद्देश्य बेंगलुरु की सफल इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाना है, जहां इंफोसिस, विप्रो और TCS जैसी कंपनियां हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
इस परियोजना का लक्ष्य ₹30,000 करोड़ का निवेश और 1 लाख नौकरियां हैं, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था और रोज़गार को काफी बढ़ावा मिल सकता है। प्लग-एंड-प्ले सुविधा से कंपनियां तुरंत उत्पादन शुरू कर सकती हैं। चिप, मोबाइल फोन और स्मार्ट टीवी निर्माण को शामिल करना उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) के तहत भारत के व्यापक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण अभियान से मेल खाता है। पटना के पास वैशाली की स्थिति से लॉजिस्टिक्स में फायदा मिल सकता है।
आगे की राह
शिलान्यास 21 नवंबर 2026 को हो सकता है। 485 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 748 एकड़ का अधिग्रहण जारी है। परियोजना की सफलता समय पर बुनियादी ढांचे के विकास, बिजली आपूर्ति और इंफोसिस, विप्रो व TCS जैसी प्रमुख कंपनियों को आकर्षित करने पर निर्भर करेगी। यह परियोजना राजापाकर, जंदाहा और महुआ प्रखंडों में फैले 1,243 एकड़ के बड़े औद्योगिक कॉरिडोर का हिस्सा है।
वैशाली बनाम बेंगलुरु इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी
| विशेषता | वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी | बेंगलुरु इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी |
|---|---|---|
| क्षेत्रफल | 1,100 एकड़ | 800 एकड़ |
| स्थान | राजापाकर, वैशाली, बिहार | बेंगलुरु, कर्नाटक |
| प्रमुख कंपनियां (लक्ष्य) | इंफोसिस, विप्रो, TCS (लक्षित) | इंफोसिस, विप्रो, TCS, HCL, टेक महिंद्रा, बायोकॉन |
बिहार से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और IT सेवाओं पर केंद्रित एक निर्धारित औद्योगिक क्षेत्र या तकनीकी पार्क, जो कंपनियों को साझा बुनियादी ढांचा और सुविधाएं देता है।
- प्लग एंड प्ले सुविधा
- एक तैयार औद्योगिक व्यवस्था, जहां ज़मीन, बिजली, पानी और कनेक्टिविटी पहले से उपलब्ध होती है, ताकि कंपनियां खुद ढांचा बनाए बिना तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें।
- औद्योगिक कॉरिडोर
- परिवहन मार्ग (सड़क, रेल या बंदरगाह) के साथ योजनाबद्ध ढंग से विकसित औद्योगिक क्षेत्र की पट्टी, जिसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और रोज़गार पैदा करना है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी: 1,100 एकड़, ₹30,000 करोड़ निवेश, 1 लाख नौकरियां
- इस नोडल निकाय को याद रखें: बिहार सरकार (उद्योग विभाग)
यह गलती न करें!
परीक्षक इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के क्षेत्रफल (1,100 एकड़) और पूरे औद्योगिक कॉरिडोर के क्षेत्रफल (1,243 एकड़) को आपस में बदल सकते हैं, या निवेश की राशि (₹30,000 करोड़) को किसी दूसरी राशि से बदल सकते हैं। वे स्थान को बिहार के किसी दूसरे जिले से भी जोड़ सकते हैं, या बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी को मॉडल के बजाय कर्नाटक में स्थित बताकर भ्रम पैदा कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- औद्योगिक नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, रोज़गार सृजन, प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचा
कहीं अटके? एक टैप में समझें
बिहार सरकार वैशाली जिले में वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी नाम का बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हब बना रही है। यह 1,100 एकड़ ज़मीन पर बनेगी और बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर होगी। यहां मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर पार्ट्स और चिप बनेंगे। इससे ₹30,000 करोड़ का निवेश आने और 1 लाख लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी 21 नवंबर 2026 को शिलान्यास कर सकते हैं।
- वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी बिहार के वैशाली में राजापाकर में 1,100 एकड़ पर बनाई जा रही है।
- परियोजना बेंगलुरु की 800 एकड़ वाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के मॉडल पर है।
- अपेक्षित निवेश: ₹30,000 करोड़।
- अपेक्षित रोज़गार: 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां।
- उत्पाद: मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी, चिप, कंप्यूटर पार्ट्स और एक्सेसरीज़।
- अर्थव्यवस्था: औद्योगिक नीति और बुनियादी ढांचा
- भूगोल: भारत के औद्योगिक क्षेत्र
जुड़ी अवधारणाएँ: इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, प्लग एंड प्ले सुविधा, औद्योगिक कॉरिडोर
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के विकास की मुख्य ज़िम्मेदारी किस राज्य सरकार की है?
व्याख्या: वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी बिहार के वैशाली जिले में बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा विकसित की जा रही है। इसका मॉडल कर्नाटक की बेंगलुरु इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी है, लेकिन परियोजना बिहार सरकार की पहल है।
- Q2कठिन
वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.इसे बिहार के वैशाली जिले में 1,100 एकड़ पर विकसित किया जाएगा।
- 2.परियोजना में ₹30,000 करोड़ के निवेश और 1 लाख नौकरियों की उम्मीद है।
- 3.इसमें केवल मोबाइल फोन और कंप्यूटर पार्ट्स बनाए जाएंगे।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी राजापाकर, वैशाली में 1,100 एकड़ पर प्रस्तावित है। कथन 2 सही है, क्योंकि ₹30,000 करोड़ का निवेश और 1 लाख नौकरियों की उम्मीद है। कथन 3 गलत है, क्योंकि यहां केवल फोन और कंप्यूटर पार्ट्स नहीं, बल्कि स्मार्ट टीवी, चिप, एलईडी बल्ब, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल कैमरा और स्मार्ट वॉच भी बनेंगे।
- Q3मध्यम
राजापाकर, जंदाहा और महुआ प्रखंडों में विकसित हो रहे उस बड़े औद्योगिक कॉरिडोर का कुल क्षेत्रफल कितना है, जिसका वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी हिस्सा है?
व्याख्या: बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर तीन प्रखंडों में लगभग 1,243 एकड़ में फैला है। इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी स्वयं 1,100 एकड़ की है; 800 एकड़ बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी का आकार है; और 485 एकड़ वह ज़मीन है जो परियोजना के लिए पहले ही अधिग्रहित हो चुकी है।
- Q4मध्यम
वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान (फोन, टीवी, चिप) के निर्माण का हब बनाना और 1 लाख रोज़गार पैदा करना है। पर्यटन, विश्वविद्यालय या आवासीय टाउनशिप घोषित उद्देश्य नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी कहां बनाई जा रही है?
यह बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर में बनाई जा रही है।
2. वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में कितने निवेश की उम्मीद है?
परियोजना में ₹30,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है।
3. वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी से कितनी नौकरियां पैदा होंगी?
इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
4. वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी का शिलान्यास कब हो सकता है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर 2026 को शिलान्यास कर सकते हैं।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
