प्रिलिम्स के लिए: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW), विषमरूपी युद्ध (एसिमेट्रिक वॉरफेयर), शामिल बल, LAC की लंबाई, गश्त की नई नीति, उल्लिखित प्रमुख तकनीक
मेन्स के लिए: विषमरूपी युद्ध, निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW), ड्रोन युद्ध, तकनीकी अंतर, सक्रिय कूटनीति
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- ITBP भारत-चीन सीमा पर LAC के साथ-साथ रक्षा करता है।
- भारत और चीन के बीच LAC 4,057 किमी लंबी है।
- शत्रुजीत कपूर ITBP के सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख थे।
- DRDO ने ड्रोन का मुकाबला करने के लिए निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) विकसित किए हैं।
- 2014 के बाद भारत ने LAC पर मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति अपनाई।
चर्चा में क्यों?
सेवानिवृत्त हो रहे ITBP प्रमुख ने चेताया कि ड्रोन युद्ध ने संघर्ष का स्वरूप बदल दिया है, इसलिए चीन का सामना पारंपरिक तरीकों से नहीं किया जा सकता। 4,057 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तकनीकी रूप से बेहतर प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करने के लिए भारत को निर्देशित-ऊर्जा हथियारों सहित ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमता तेज़ी से विकसित करनी होगी।
सारांश
- ITBP प्रमुख ने LAC पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तकनीकी अंतर की ओर ध्यान दिलाया और ड्रोन व एंटी-ड्रोन प्रणालियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
- 2014 के बाद भारत की नई सीमा गश्त नीति 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' पर ज़ोर देती है, जिसने पहले की विसैन्यीकरण और वापसी की नीति की जगह ली है।
- DRDO ने उच्च-शक्ति वाले लेज़र आधारित निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) विकसित किए हैं, जो अलग-अलग ड्रोन और ड्रोन झुंडों को पहचानकर नष्ट कर सकते हैं।
मुख्य बातें
ITBP प्रमुख की चेतावनी
सेवानिवृत्त हो रहे ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने चेताया कि ड्रोन युद्ध के आने से चीन का सामना पारंपरिक तरीकों से नहीं किया जा सकता।
सीमा नीति में बदलाव
2014 के बाद भारत ने 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' अपनाई, जिसने पहले के विसैन्यीकरण और वापसी के तरीके की जगह ली।
निर्देशित-ऊर्जा हथियार
DRDO ने उच्च-शक्ति वाले लेज़र आधारित DEW विकसित किए हैं, जो अलग-अलग ड्रोन और ड्रोन झुंडों को पहचानकर नष्ट कर सकते हैं।
पृष्ठभूमि
4,057 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन सीमा विवाद 65 साल से भी पुराना है। UPA शासन (2010-2013) के दौरान चीनी सेना के 600 से अधिक 'अतिक्रमण' दर्ज किए गए। 2014 के गतिरोध के बाद मोदी सरकार ने विसैन्यीकरण और वापसी की नीति से हटकर मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति की नीति अपनाई, जैसा 2017 के डोकलाम गतिरोध में दिखा।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
ITBP प्रमुख की चेतावनी एक अहम तकनीकी अंतर की ओर इशारा करती है। चीन ने विषमरूपी (एसिमेट्रिक) क्षमताएं विकसित करने पर ध्यान दिया है: अमेरिकी जासूसी उपग्रहों को अंधा करने के लिए ज़मीनी लेज़र, और अमेरिकी नौसेना का मुकाबला करने के लिए समुद्र की सतह के पास उड़ने वाली सुपरसोनिक मिसाइलें। भारत को भी ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियों को प्राथमिकता देनी होगी। DRDO के निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) इसी दिशा में एक कदम हैं। यूक्रेन-रूस और अमेरिका-ईरान संघर्ष दिखाते हैं कि कमज़ोर देश संख्या में बराबरी के बजाय तकनीकी क्षमता से शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला कर सकता है।
आगे की राह
भारत को झुंड-आधारित और निर्देशित-ऊर्जा प्रणालियों सहित ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीकों का स्वदेशी विकास तेज़ करना होगा। चीन के तरीके से सीख लेते हुए, यानी संख्या की बराबरी के बजाय क्षमता पर ध्यान देने की नीति, रक्षा रणनीति में शामिल करनी होगी। LAC पर बदलते खतरों से निपटने के लिए ITBP और अन्य सीमा बलों के आधुनिकीकरण में तेज़ी लानी होगी।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)
- भारत-चीन सीमा क्षेत्र में भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्र को चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र से अलग करने वाली रेखा। यह कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त सीमा नहीं, बल्कि वास्तविक सीमा है।
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
- गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जिसे मुख्य रूप से LAC पर भारत-चीन सीमा की रक्षा के लिए तैनात किया जाता है।
- निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW)
- ऐसे हथियार जो लेज़र, माइक्रोवेव और कण किरणों जैसी केंद्रित ऊर्जा छोड़कर ड्रोन, मिसाइल या उपग्रह जैसे शत्रु लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाते या नष्ट करते हैं।
- विषमरूपी युद्ध (एसिमेट्रिक वॉरफेयर)
- ऐसा युद्ध जिसमें लड़ने वाले पक्षों की सैन्य शक्ति में भारी अंतर हो। कमज़ोर पक्ष ताकतवर पक्ष की कमज़ोरियों का लाभ उठाने के लिए अपरंपरागत रणनीतियों और तकनीकों का इस्तेमाल करता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 4,057 किमी (भारत-चीन LAC की लंबाई)
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
यह गलती न करें!
परीक्षक 'ITBP' (जो भारत-चीन सीमा की रक्षा करता है) को 'SSB' (जो भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की रक्षा करता है) या 'BSF' (जो भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा करता है) से भ्रमित कर सकते हैं। साथ ही, 'विसैन्यीकरण' से 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' तक नीति में बदलाव को घटनाओं के कालक्रम के रूप में परखा जा सकता है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- विषमरूपी युद्ध, निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW), ड्रोन युद्ध, तकनीकी अंतर, सक्रिय कूटनीति
कहीं अटके? एक टैप में समझें
ITBP प्रमुख ने चेताया कि ड्रोन ने युद्ध लड़ने का तरीका बदल दिया है, इसलिए चीन का सामना पुराने तरीकों से नहीं किया जा सकता। भारत को जल्दी से अपने ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियां विकसित करनी होंगी। DRDO ने ऐसे लेज़र हथियार बनाए हैं जो ड्रोन को मार गिरा सकते हैं। भारत को चीन से सीख लेनी चाहिए, जिसने अमेरिका की संख्या की बराबरी करने के बजाय उसका मुकाबला करने के लिए विशेष हथियार विकसित करने पर ध्यान दिया।
- ITBP भारत-चीन सीमा पर LAC के साथ-साथ रक्षा करता है।
- भारत और चीन के बीच LAC 4,057 किमी लंबी है।
- शत्रुजीत कपूर ITBP के सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख थे।
- DRDO ने ड्रोन का मुकाबला करने के लिए निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) विकसित किए हैं।
- 2014 के बाद भारत ने LAC पर मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति अपनाई।
- सुरक्षा: सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत-चीन सीमा विवाद
जुड़ी अवधारणाएँ: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW), विषमरूपी युद्ध (एसिमेट्रिक वॉरफेयर)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन सीमा की रक्षा के लिए मुख्य रूप से कौन-सा अर्धसैनिक बल ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: ITBP भारत-चीन सीमा पर तैनात है। BSF भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा की, SSB भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की रक्षा करता है, जबकि CRPF मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और उग्रवाद-रोधी कार्यों के लिए है।
- Q2कठिन
LAC पर भारत की सीमा नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.2014 के बाद भारत 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' की नीति पर आ गया।
- 2.2017 का डोकलाम गतिरोध पहला ऐसा मामला था जब भारत ने विसैन्यीकरण और वापसी का सहारा लिया।
- 3.ITBP प्रमुख ने चेताया कि युद्ध के पारंपरिक तरीकों से चीन का सामना किया जा सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: 2014 के बाद की नई नीति 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' है। कथन 2 गलत है: डोकलाम गतिरोध में मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी हुई थी, विसैन्यीकरण और वापसी नहीं। कथन 3 गलत है: ITBP प्रमुख ने चेताया कि ड्रोन युद्ध के कारण पारंपरिक तरीकों से चीन का सामना नहीं किया जा सकता।
- Q3मध्यम
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की कुल लंबाई कितनी है?
व्याख्या: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा लगभग 4,057 किमी लंबी है। अन्य विकल्प गलत हैं।
- Q4मध्यम
ITBP प्रमुख के अनुसार चीन की सैन्य आधुनिकीकरण रणनीति से भारत को मुख्य रूप से क्या सीख लेनी चाहिए?
व्याख्या: चीन ने अमेरिकी उपग्रहों को अंधा करने के लिए ज़मीनी लेज़र और समुद्र की सतह के पास उड़ने वाली मिसाइलों जैसी विषमरूपी क्षमताएं विकसित करने पर ध्यान दिया, न कि अमेरिका की संख्या की बराबरी पर। ITBP प्रमुख ने भारत से भी ऐसा ही तरीका अपनाने का आग्रह किया, यानी संख्यात्मक बराबरी के बजाय ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमता को प्राथमिकता देना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख कौन हैं?
शत्रुजीत कपूर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख हैं।
2. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की कुल लंबाई कितनी है?
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) लगभग 4,057 किमी लंबी है।
3. ड्रोन का मुकाबला करने के लिए DRDO ने कौन-सी नई तकनीक विकसित की है?
DRDO ने उच्च-शक्ति वाले लेज़र आधारित निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) विकसित किए हैं, जो अलग-अलग ड्रोन और ड्रोन झुंडों को पहचानकर नष्ट कर सकते हैं।
4. 2014 के बाद भारत की सीमा गश्त नीति में क्या बदलाव आया?
2014 के बाद भारत ने 'मज़बूत ज़मीनी मोर्चाबंदी के साथ सक्रिय कूटनीति' की नीति अपनाई, जिसने गतिरोध के समय पहले के विसैन्यीकरण और वापसी के तरीके की जगह ली।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

