राजव्यवस्था

बिहार की गाद नीति राष्ट्रीय मॉडल बनी; यूपी, ओडिशा, गुजरात ने ब्यौरा मांगा

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 17 / 59

प्रिलिम्स के लिए: गाद जमाव / अवसादन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), MoU (समझौता ज्ञापन), नीति में अग्रणी राज्य, बिहार से संपर्क करने वाले राज्य, किसके साथ MoU हुआ, बिहार के मुख्यमंत्री, वर्तमान संदर्भ

मेन्स के लिए: गाद प्रबंधन, नदी पुनर्जीवन, बाढ़ शमन, चक्रीय अर्थव्यवस्था (अपशिष्ट से संसाधन), अंतर-राज्यीय नीति प्रसार

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

बिहार की गाद नीति, जिसे राज्य कैबिनेट ने मंज़ूरी दी है, अब राष्ट्रीय मॉडल बन गई है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा और गुजरात सहित कई राज्यों ने ऐसी ही नीति लागू करने के लिए बिहार से ब्यौरा मांगा है। इस नीति के तहत नदियों, नहरों और जलाशयों की गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, राज्य राजमार्ग, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में निर्माण के लिए किया जा सकेगा। इसका मकसद जल भंडारण क्षमता बढ़ाना और बाढ़ का फैलाव घटाना है।

सारांश

  • बिहार की गाद नीति को राष्ट्रीय मॉडल के रूप में अपनाया जा रहा है; यूपी, ओडिशा और गुजरात इसे समझने के लिए बिहार के इंजीनियरों से संपर्क में हैं।
  • इस नीति के तहत नदियों, नहरों और जलाशयों की गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, राज्य राजमार्गों, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किया जा सकेगा।
  • गाद की मात्रा और निकासी का फैसला इंजीनियर-इन-चीफ के अधीन बनी समिति करेगी, जबकि निकासी की प्रक्रिया पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति नज़र रखेगी।

मुख्य बातें

  • बिहार की गाद नीति बनी राष्ट्रीय मॉडल

    बिहार की कैबिनेट से मंज़ूर गाद नीति को यूपी, ओडिशा और गुजरात अपने राज्यों में अपनाने के लिए अध्ययन कर रहे हैं।

  • राजमार्गों में गाद उपयोग के लिए NHAI के साथ MoU

    बिहार सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में नदी की गाद के उपयोग के लिए NHAI के साथ करार किया है।

  • दोहरा लाभ: जल भंडारण और बाढ़ नियंत्रण

    गाद निकालने से जलस्रोतों की जलधारण क्षमता बढ़ती है और बाढ़ का फैलाव घटता है, जिससे सतही और भू-जल दोनों में सुधार होता है।

पृष्ठभूमि

बिहार की नदियों और जलाशयों में वर्षों से जमा गाद के कारण पानी रखने की क्षमता लगातार घट रही है। इससे मानसून में बाढ़ का फैलाव भी बढ़ा है। इसे देखते हुए बिहार कैबिनेट ने एक व्यापक गाद नीति को मंज़ूरी दी, जो नदियों, नहरों और जलाशयों की गाद को वैज्ञानिक ढंग से निकालने और निर्माण सहित अन्य कार्यों में उपयोग की अनुमति देती है।

आगे की राह

उत्तर प्रदेश, ओडिशा और गुजरात के इंजीनियरों से उम्मीद है कि वे नीति को ज़मीन पर समझने के लिए बिहार का दौरा करेंगे। गाद की संरचना और निकासी के पर्यावरणीय प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन अहम होगा। निकासी, परिवहन और उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया विकसित करनी होगी। इस मॉडल की सफलता सभी नदी-प्रधान राज्यों के लिए गाद प्रबंधन के राष्ट्रीय ढांचे का रास्ता खोल सकती है।

बिहार से जुड़ाव

बिहार की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:BPSC 8/10BSSC 7/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

गाद जमाव / अवसादन
नदियों, झीलों और जलाशयों में गाद (बारीक रेत, मिट्टी या अवसाद) का जमाव, जिससे उनकी जल धारण क्षमता घटती है और बाढ़ आती है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार है।
MoU (समझौता ज्ञापन)
दो या अधिक पक्षों के बीच एक औपचारिक समझौता, जिसमें आपसी समझ की शर्तें और ब्यौरे दर्ज होते हैं। यह आम तौर पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होता, पर इरादों की सहमति दिखाता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: बिहार की गाद नीति को मॉडल माना गया; यूपी, ओडिशा, गुजरात ने बिहार से संपर्क किया
  • इन नोडल निकायों पर ध्यान दें: बिहार राज्य सरकार; NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)
  • इन कानूनी बिंदुओं पर ध्यान दें: राज्य कैबिनेट की मंज़ूरी; NHAI के साथ MoU

यह गलती न करें!

छात्र बिहार की गाद नीति को केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय गाद नीति' या 'डिसिल्टेशन नीति' से भ्रमित कर सकते हैं। समाचार स्पष्ट बताता है कि यह राज्य स्तर की नीति है, जिसे अन्य राज्य मॉडल के रूप में अपना रहे हैं। अभी यह केंद्र सरकार की कोई पहल नहीं है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • गाद प्रबंधन, नदी पुनर्जीवन, बाढ़ शमन, चक्रीय अर्थव्यवस्था (अपशिष्ट से संसाधन), अंतर-राज्यीय नीति प्रसार

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    किस भारतीय राज्य की गाद नीति उत्तर प्रदेश, ओडिशा और गुजरात जैसे अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनी है?

  2. Q2कठिन

    बिहार की गाद नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.इस नीति के तहत नदियों, नहरों और जलाशयों की गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किया जा सकता है।
    2. 2.राष्ट्रीय राजमार्गों में गाद उपयोग के लिए MoU पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ हस्ताक्षर हुआ।
    3. 3.गाद की मात्रा और निकासी का निर्णय इंजीनियर-इन-चीफ के अधीन समिति करती है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में नदी की गाद के उपयोग के लिए बिहार सरकार ने किस संगठन के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए?

  4. Q4मध्यम

    बिहार की गाद नीति का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बिहार की गाद नीति क्या है?

बिहार की गाद नीति एक राज्य कैबिनेट द्वारा मंज़ूर ढांचा है, जिसके तहत नदियों, नहरों और जलाशयों की गाद को वैज्ञानिक ढंग से निकालकर राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, राज्य राजमार्गों, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।

2. किन राज्यों ने गाद नीति की जानकारी के लिए बिहार से संपर्क किया है?

उत्तर प्रदेश, ओडिशा और गुजरात अपने राज्यों में संभावित लागू करने के लिए बिहार के इंजीनियरों से गाद नीति की जानकारी ले रहे हैं।

3. बिहार के मुख्यमंत्री कौन हैं?

सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

4. जलस्रोतों से गाद निकालने का क्या लाभ है?

गाद निकालने से नदियों और जलाशयों की जल भंडारण क्षमता बढ़ती है, भू-जल पुनर्भरण में सुधार होता है और मानसून में बाढ़ का फैलाव घटता है।

सभी स्रोत

इसी विषय, राज्य या परीक्षा की पिछले 30 दिनों की खबरें

राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार शिक्षा विभाग में ₹35 करोड़ का HRMS वेतन घोटाला

  • कुल घोटाला राशि: ₹35.27 करोड़
  • वसूली गई राशि: ₹33.02 करोड़
पृष्ठभूमि GK: मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS)बिहार ट्रेज़री कोडनोडल: बिहार शिक्षा विभागयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटIndian Express
राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार: IITF-2026 के लिए 52 उद्यमी चुने गए

  • स्थान: प्रगति मैदान, नई दिल्ली
  • बिहार मंडप की थीम: विकास और विरासत
पृष्ठभूमि GK: भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF)नोडल: उद्योग विभाग, बिहार सरकारयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan
राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार की जेलों में 58 डॉक्टर संविदा पर नियुक्त

  • सामान्य डॉक्टर: 51
  • नियुक्ति करने वाली संस्था: कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, बिहार
पृष्ठभूमि GK: भारत में जेल सुधारआदर्श कारा नियमावलीनोडल: कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, बिहारयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटDainik Bhaskar
राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार में DA बढ़कर 63%, जुलाई 2026 से लागू

  • वर्तमान DA दर: 60%
  • लाभार्थी: 9.5 लाख कर्मचारी, 3 लाख पेंशनर
पृष्ठभूमि GK: महंगाई भत्ता (DA)सातवें वेतन आयोग की सिफारिशेंनोडल: बिहार सरकारयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटDainik Bhaskar
राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार: फॉरेंसिक विंग गृह विभाग के अधीन, 3 नए सिटी एसपी, 176 पद

  • नोडल निकाय: बिहार गृह विभाग
  • सालाना वित्तीय भार: ₹17.50 करोड़
पृष्ठभूमि GK: फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला (FSL)सिटी एसपी के लिए पे-लेवल 13नोडल: बिहार गृह विभागयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटDainik Bhaskar
राजव्यवस्थाबिहारBPSC: अति महत्वपूर्ण

बिहार: बिजली कटौती का आंकड़ा फोन पर सांसदों, विधायकों और मुखियाओं तक पहुंचेगा

  • नोडल विभाग: पंचायती राज विभाग, बिहार
  • उद्देश्य: स्थानीय जनप्रतिनिधियों को फोन के जरिए रोजाना बिजली आपूर्ति और कटौती की जानकारी देना
पृष्ठभूमि GK: पंचायती राज व्यवस्थानोडल: पंचायती राज विभाग, बिहारयह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan