प्रिलिम्स के लिए: होराइजन यूरोप, यूरोपीय संघ (EU), कार्यक्रम, कुल बजट, अवधि, उद्देश्य, मौजूदा संदर्भ
मेन्स के लिए: रणनीतिक साझेदारी, वैज्ञानिक सहयोग, तकनीकी विकास
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है।
- इस कार्यक्रम का कुल बजट 93.5 अरब यूरो है।
- यह कार्यक्रम 2021 से 2027 तक चलता है।
- भारत और यूरोपीय संघ ने नवंबर 2026 में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी की।
- भारतीय शोधकर्ताओं को इस कार्यक्रम से सीधी वित्तीय सहायता मिलेगी।
चर्चा में क्यों?
भारत और यूरोपीय संघ ने 93.5 अरब यूरो के अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम होराइजन यूरोप (2021-2027) में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी कर ली है। इससे भारतीय शोधकर्ता और संस्थान सीधे वित्तीय सहायता पा सकेंगे और यूरोपीय भागीदारों के साथ मिलकर काम कर सकेंगे।
सारांश
- भारत और यूरोपीय संघ ने होराइजन यूरोप कार्यक्रम में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी कर ली है। यह 2021-2027 के लिए 93.5 अरब यूरो की अनुसंधान और नवाचार पहल है।
- भारतीय शोधकर्ता और संस्थान इस कार्यक्रम से सीधे वित्तीय सहायता ले सकेंगे और नई तकनीक विकसित करने में यूरोपीय भागीदारों के साथ सहयोग कर सकेंगे।
- यह भागीदारी भारत और यूरोपीय संघ के अगले पांच वर्षों के व्यापक रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा है।
मुख्य बातें
93.5 अरब यूरो का नवाचार कोष
इस कार्यक्रम का कुल बजट 2021-2027 की अवधि के लिए 93.5 अरब यूरो है, जिसका लक्ष्य अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाना है।
पृष्ठभूमि
होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है, जो होराइजन 2020 का उत्तराधिकारी है। यह 2021 से 2027 तक चलता है और इसका बजट 93.5 अरब यूरो है। भारत ने फरवरी 2026 में इस कार्यक्रम से जुड़ने पर शुरुआती चर्चा शुरू की थी, और जुलाई 2026 में औपचारिक वार्ता शुरू हुई।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
होराइजन यूरोप में भारत की भागीदारी से भारतीय शोधकर्ता, कारोबारी और संस्थान यूरोपीय भागीदारों के साथ शोध परियोजनाओं पर सीधे काम कर सकेंगे और वित्तीय सहायता पा सकेंगे। इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच वैज्ञानिक सहयोग, तकनीकी विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इस साझेदारी को दोनों पक्षों के अगले पांच वर्षों के व्यापक रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- होराइजन यूरोप
- यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान और नवाचार वित्तपोषण कार्यक्रम, जो 2021 से 2027 तक चलता है और जिसका बजट 93.5 अरब यूरो है।
- यूरोपीय संघ (EU)
- 27 यूरोपीय देशों का राजनीतिक और आर्थिक संघ, जिसका मुख्यालय बेल्जियम के ब्रसेल्स में है और जिसकी अपनी संस्थाओं में यूरोपीय आयोग भी शामिल है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 93.5 अरब यूरो का बजट, 2021-2027 की अवधि
यह गलती न करें!
प्रश्न में बजट यूरो में पूछा जा सकता है, या होराइजन यूरोप को उसके पूर्ववर्ती होराइजन 2020 या एरस्मस+ और कोपरनिकस जैसे अन्य यूरोपीय संघ कार्यक्रमों से भ्रमित किया जा सकता है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- रणनीतिक साझेदारी, वैज्ञानिक सहयोग, तकनीकी विकास
कहीं अटके? एक टैप में समझें
होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का एक बड़ा अनुसंधान कार्यक्रम है। इसमें 2021 से 2027 तक शोध और नवाचार परियोजनाओं के लिए 93.5 अरब यूरो हैं। भारत ने अब इस कार्यक्रम से जुड़ने की बातचीत पूरी कर ली है, इसलिए भारतीय वैज्ञानिक और संस्थान इससे धन पा सकेंगे और नई तकनीक पर यूरोपीय भागीदारों के साथ काम कर सकेंगे।
- होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है।
- इस कार्यक्रम का कुल बजट 93.5 अरब यूरो है।
- यह कार्यक्रम 2021 से 2027 तक चलता है।
- भारत और यूरोपीय संघ ने नवंबर 2026 में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी की।
- भारतीय शोधकर्ताओं को इस कार्यक्रम से सीधी वित्तीय सहायता मिलेगी।
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत-यूरोपीय संघ संबंध
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग
जुड़ी अवधारणाएँ: होराइजन यूरोप, यूरोपीय संघ (EU)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
होराइजन यूरोप कार्यक्रम के लिए नोडल निकाय कौन-सा अंतरराष्ट्रीय संगठन है?
व्याख्या: होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है। संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और विश्व स्वास्थ्य संगठन इस कार्यक्रम के प्रबंधन में शामिल नहीं हैं।
- Q2कठिन
होराइजन यूरोप कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है, जिसका बजट 93.5 अरब यूरो है।
- 2.भारत 2021 में इसके शुरू होने के समय से इसका पूर्ण सदस्य रहा है।
- 3.इस कार्यक्रम का लक्ष्य वैज्ञानिक विशेषज्ञता और संसाधनों को साथ लाकर शोध की गुणवत्ता और नवाचार को आगे बढ़ाना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: होराइजन यूरोप का बजट 93.5 अरब यूरो है। कथन 2 गलत है: भारत ने भागीदारी के लिए बातचीत नवंबर 2026 में पूरी की, 2021 से भारत पूर्ण सदस्य नहीं है। कथन 3 सही है: इस कार्यक्रम का लक्ष्य विशेषज्ञता और संसाधनों को साथ लाकर शोध की गुणवत्ता और नवाचार को आगे बढ़ाना है।
- Q3मध्यम
होराइजन यूरोप कार्यक्रम का कुल बजट कितना है?
व्याख्या: होराइजन यूरोप कार्यक्रम का कुल बजट 93.5 अरब यूरो है। बाकी आंकड़े इस कार्यक्रम से जुड़ी अलग-अलग राशियां हैं।
- Q4मध्यम
होराइजन यूरोप कार्यक्रम में भारत के शामिल होने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: यह एक अनुसंधान और नवाचार पहल है, इसलिए इसका मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना और भारतीय शोधकर्ताओं को सीधे वित्तपोषण तक पहुंच देना है। व्यापार, सैन्य तकनीक और बजट में कटौती इस कार्यक्रम के उद्देश्य नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. होराइजन यूरोप कार्यक्रम क्या है?
होराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है, जो 2021-2027 के लिए है और जिसका कुल बजट 93.5 अरब यूरो है।
2. भारत ने होराइजन यूरोप से जुड़ने के लिए बातचीत कब शुरू की?
भारत और यूरोपीय संघ ने फरवरी 2026 में शुरुआती चर्चा शुरू की, जुलाई 2026 में औपचारिक वार्ता शुरू हुई और नवंबर 2026 में बातचीत पूरी हुई।
3. होराइजन यूरोप से जुड़ने पर भारत को क्या लाभ मिलेंगे?
भारतीय शोधकर्ता और संस्थान इस कार्यक्रम से सीधे वित्तीय सहायता ले सकेंगे और शोध तथा तकनीकी विकास में यूरोपीय भागीदारों के साथ सहयोग कर सकेंगे।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
