प्रिलिम्स के लिए: जलवायु अनुकूलन, UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम), COP (पक्षकारों का सम्मेलन), रिपोर्ट जारी की, 2035 तक सालाना अनुकूलन वित्त की ज़रूरत, 2024 में वास्तविक वित्त, 2035 के लिए COP30 लक्ष्य, COP30 लक्ष्य से ज़रूरत का कवरेज
मेन्स के लिए: अनुकूलन घाटा, जलवायु न्याय, हानि और क्षति, वैश्विक अनुकूलन लक्ष्य
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- 2035 तक विकासशील देशों को जलवायु अनुकूलन के लिए सालाना $305 अरब चाहिए।
- 2024 में विकसित देशों ने अनुकूलन वित्त के रूप में केवल $28.2-$31.7 अरब दिए।
- COP30 ब्राज़ील में हुआ था और उसमें 2035 तक अनुकूलन वित्त तीन गुना करने पर सहमति बनी।
- UNEP का मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है।
चर्चा में क्यों?
UNEP की एक नई रिपोर्ट बताती है कि विकासशील देशों को 2035 तक जलवायु अनुकूलन के लिए हर साल करीब $305 अरब चाहिए। लेकिन 2024 में विकसित देशों से मिली अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त सिर्फ $28.2-$31.7 अरब थी, यानी ज़रूरत का बहुत छोटा हिस्सा। 2035 तक अनुकूलन वित्त को तीन गुना करने का COP30 लक्ष्य भी अनुमानित ज़रूरत का सिर्फ 20-29% पूरा करेगा, जो बड़े वित्तीय अंतर को सामने लाता है।
सारांश
- UNEP की रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों को 2035 तक जलवायु अनुकूलन के लिए सालाना करीब $305 अरब चाहिए।
- 2024 में विकसित देशों ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त के रूप में सिर्फ $28.2-$31.7 अरब दिए, जो पिछले साल से केवल $1 अरब अधिक है।
- ब्राज़ील में हुए COP30 में 2035 तक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त को कम से कम तीन गुना करने पर सहमति बनी, जिससे यह सालाना $85-$120 अरब तक पहुंच सकता है, फिर भी यह अनुमानित ज़रूरत का केवल 20-29% ही होगा।
मुख्य बातें
बड़ा वित्तीय अंतर
2035 तक विकासशील देशों को जलवायु अनुकूलन के लिए सालाना $305 अरब चाहिए, जबकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त केवल $28.2-$31.7 अरब है।
तापमान 1.5°C की सीमा के पार जाने की ओर
दुनिया 1.5°C तापमान वृद्धि की सीमा को पार करने की ओर बढ़ रही है, फिर भी अनुकूलन के प्रयास बढ़ते जलवायु जोखिमों के साथ कदम से कदम नहीं मिला पा रहे।
COP30 की प्रतिबद्धता अपर्याप्त
2035 तक अनुकूलन वित्त को तीन गुना करने का COP30 लक्ष्य भी विकासशील देशों की अनुमानित ज़रूरत का केवल 20-29% ही पूरा करेगा।
पृष्ठभूमि
जलवायु अनुकूलन का मतलब उन कदमों से है जो जलवायु परिवर्तन के वास्तविक या संभावित असर के हिसाब से खुद को ढालने के लिए उठाए जाते हैं, जैसे बाढ़ से बचाव के बांध बनाना, सूखा-सहिष्णु फसलें विकसित करना और पूर्व चेतावनी प्रणाली सुधारना। विकासशील देश जलवायु प्रभावों के प्रति असमान रूप से संवेदनशील हैं, पर उनके पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं। UNEP की अनुकूलन अंतर रिपोर्ट हर साल इस वित्तीय कमी पर नज़र रखती है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
2035 तक सालाना $305 अरब की ज़रूरत एक सतर्क अनुमान है, फिर भी मौजूदा वित्त इससे दस गुना से भी कम है। पिछले साल की तुलना में केवल $1 अरब की धीमी बढ़ोतरी दिखाती है कि विकसित देश पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं कर रहे। COP30 का वैश्विक अनुकूलन लक्ष्य (GGA) यदि वित्त को तीन गुना भी कर दे, तब भी 70% से अधिक का बड़ा अंतर बचेगा, यानी विकासशील देशों को गंभीर अनुकूलन घाटे का सामना करना पड़ेगा।
आगे की राह
देशों को अनुकूलन वित्त तुरंत बढ़ाना होगा, और COP31 तथा आगे के सम्मेलन इसके अहम मंच हैं। रिपोर्ट निजी क्षेत्र के निवेश और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार सहित नवाचारी वित्तीय तरीकों की मांग करती है। फंडिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बिना कमज़ोर देश चरम मौसम की घटनाओं से और अधिक नुकसान उठाएंगे।
जलवायु अनुकूलन वित्त: ज़रूरत बनाम वास्तविकता
| मद | राशि |
|---|---|
| 2035 तक सालाना ज़रूरत | $305 अरब |
| 2024 में वास्तविक वित्त | $28.2-$31.7 अरब |
| 2035 तक COP30 लक्ष्य | $85-$120 अरब |
| ज़रूरत के प्रतिशत के रूप में लक्ष्य | 20-29% |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- जलवायु अनुकूलन
- जलवायु परिवर्तन के वास्तविक या संभावित असर के अनुसार खुद को ढालने के लिए उठाए गए कदम, जिनका उद्देश्य संवेदनशीलता घटाना और लचीलापन बढ़ाना है।
- UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम)
- 1972 में स्थापित संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी, जो पर्यावरणीय गतिविधियों का समन्वय करती है, विकासशील देशों को पर्यावरण-अनुकूल नीतियां लागू करने में मदद करती है और अनुकूलन अंतर रिपोर्ट प्रकाशित करती है।
- COP (पक्षकारों का सम्मेलन)
- UNFCCC (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन) का सर्वोच्च निर्णय-निर्माण निकाय, जो जलवायु कार्रवाई की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने के लिए हर साल बैठक करता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 2035 तक विकासशील देशों के लिए सालाना अनुकूलन वित्त की ज़रूरत $305 अरब
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: COP30 का वैश्विक अनुकूलन लक्ष्य (GGA)
यह गलती न करें!
छात्र 'अनुकूलन' को 'शमन' (उत्सर्जन घटाना) के साथ भ्रमित कर सकते हैं। प्रश्न अनुकूलन का उल्लेख किए बिना 'जलवायु वित्त' के बारे में भी पूछ सकता है, या $305 अरब के आंकड़े की जगह COP30 के $85-$120 अरब लक्ष्य को रखा जा सकता है। साथ ही, 20-29% कवरेज ज़रूरत का है, कुल वित्त का नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- अनुकूलन घाटा, जलवायु न्याय, हानि और क्षति, वैश्विक अनुकूलन लक्ष्य
कहीं अटके? एक टैप में समझें
जलवायु अनुकूलन का मतलब है देशों को जलवायु परिवर्तन के असर के लिए तैयार करना। UNEP की एक नई रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए विकासशील देशों को 2035 तक हर साल $305 अरब चाहिए। लेकिन 2024 में अमीर देशों ने लगभग $30 अरब ही दिए, जो ज़रूरत से कहीं कम है।
- 2035 तक विकासशील देशों को जलवायु अनुकूलन के लिए सालाना $305 अरब चाहिए।
- 2024 में विकसित देशों ने अनुकूलन वित्त के रूप में केवल $28.2-$31.7 अरब दिए।
- COP30 ब्राज़ील में हुआ था और उसमें 2035 तक अनुकूलन वित्त तीन गुना करने पर सहमति बनी।
- UNEP का मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है।
- पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय समझौते
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: जलवायु वित्त और COP शिखर सम्मेलन
जुड़ी अवधारणाएँ: जलवायु अनुकूलन, UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम), COP (पक्षकारों का सम्मेलन)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
समाचार में उल्लिखित अनुकूलन अंतर रिपोर्ट किस संयुक्त राष्ट्र एजेंसी द्वारा प्रकाशित की जाती है?
व्याख्या: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) सालाना अनुकूलन अंतर रिपोर्ट प्रकाशित करता है। UNFCCC जलवायु कन्वेंशन है, UNDP विकास पर केंद्रित है और IPCC जलवायु विज्ञान का आकलन करता है। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q2कठिन
जलवायु अनुकूलन वित्त के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.2035 तक विकासशील देशों को जलवायु अनुकूलन के लिए लगभग $305 अरब सालाना चाहिए।
- 2.2024 में विकसित देशों ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त के रूप में $85-$120 अरब दिए।
- 3.2035 तक अनुकूलन वित्त को तीन गुना करने का COP30 लक्ष्य अनुमानित ज़रूरत का केवल 20-29% ही पूरा करेगा।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 UNEP रिपोर्ट के अनुसार सही है। कथन 2 गलत है, क्योंकि 2024 में वास्तविक वित्त $28.2-$31.7 अरब था, $85-$120 अरब नहीं (जो 2035 के लिए COP30 लक्ष्य है)। कथन 3 सही है कि तीन गुना लक्ष्य ज़रूरत का केवल 20-29% कवर करेगा। इसलिए विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
UNEP की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में विकसित देशों द्वारा दिए गए अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त की लगभग राशि कितनी थी?
व्याख्या: रिपोर्ट बताती है कि 2024 में विकसित देशों ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त के रूप में $28.2-$31.7 अरब दिए। $85-$120 अरब 2035 के लिए COP30 लक्ष्य है, $305 अरब सालाना ज़रूरत है और $1 अरब पिछले साल से हुई बढ़ोतरी है। इसलिए विकल्प B सही है।
- Q4मध्यम
विकासशील देशों के लिए अनुकूलन वित्त की ज़रूरत और वास्तविक फंडिंग के बीच बड़े अंतर का मुख्य निहितार्थ क्या है?
व्याख्या: वित्तीय अंतर का मतलब है कि विकासशील देशों के पास बाढ़ से बचाव और सूखा-सहिष्णु खेती जैसे अनुकूलन उपायों के संसाधन नहीं हैं, जिससे वे जलवायु प्रभावों के प्रति और असुरक्षित हो जाते हैं। उत्सर्जन घटाना शमन है, अनुकूलन नहीं। विकसित देशों ने अपने-आप फंडिंग नहीं बढ़ाई है, और UNEP सीधे फंडिंग नहीं देता। इसलिए विकल्प B सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. UNEP अनुकूलन अंतर रिपोर्ट 2026 किस बारे में है?
रिपोर्ट बताती है कि विकासशील देशों को 2035 तक जलवायु अनुकूलन के लिए सालाना लगभग $305 अरब चाहिए, जबकि 2024 में विकसित देशों से मिला अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त केवल $28.2-$31.7 अरब था।
2. अनुकूलन वित्त पर COP30 की प्रतिबद्धता क्या थी?
ब्राज़ील में COP30 में देशों ने 2035 तक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त को कम से कम तीन गुना करने पर सहमति जताई, जिससे यह सालाना $85-$120 अरब तक पहुंच सकता है, फिर भी यह अनुमानित ज़रूरत का केवल 20-29% होगा।
3. UNEP की कार्यकारी निदेशक कौन हैं?
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की कार्यकारी निदेशक इंगर एंडरसन हैं।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
