राजव्यवस्था

दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026: 5 लाख परिवारों के लिए 1-BHK घर

5 नवंबर 20263 मिनट2 स्रोत4 प्रश्नखबर 36 / 111

प्रिलिम्स के लिए: इन-सिटू पुनर्वास, 1-BHK (एक शयनकक्ष, हॉल, रसोई), सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), नीति का नाम, लाभार्थी, कट-ऑफ तिथि, आवास इकाई, पुनर्वास का तरीका

मेन्स के लिए: इन-सिटू पुनर्वास, अंत्योदय की सोच, GIS आधारित पारदर्शिता, कंप्यूटरीकृत लॉटरी, PPP मॉडल

स्रोत:Indian ExpressIndian ExpressHindustanHindustan

नया अपडेट

HindustanHindustan की 6 नवंबर 2026 की खबर से जुड़े नए तथ्य

  • पारदर्शी आवंटन के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी (पर्चियों का ड्रॉ)
  • PPP (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) विकास मॉडल
  • नोडल निकाय के रूप में दिल्ली सरकार का आवास/शहरी विकास विभाग निर्दिष्ट

चर्चा में क्यों?

दिल्ली सरकार ने दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 अधिसूचित की है। इसका उद्देश्य 1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गियों में रहने वाले लगभग 5 लाख परिवारों (करीब 20 लाख लोगों) को स्थायी 1-BHK घर देना है। मौजूदा जगह से 3 किमी के भीतर ही, वहीं पर पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि परिवार अपनी आजीविका और स्कूलों के करीब रहें।

सारांश

  • दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 उन परिवारों पर लागू होती है जो 1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गियों में रहते हैं।
  • पात्र परिवारों को स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल मैदान वाले 1-BHK फ्लैट मिलेंगे। दिव्यांग व्यक्तियों को भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर प्राथमिकता दी जाएगी।
  • आवंटन कंप्यूटरीकृत लॉटरी से होगा। पारदर्शिता के लिए GIS आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा, और सामूहिक बुनियादी ढांचे का रखरखाव सरकार पांच वर्ष तक करेगी।

मुख्य बातें

  • झुग्गी-बस्ती वासियों के लिए स्थायी आवास

    नीति के तहत पात्र परिवारों को 1-BHK फ्लैट मिलेंगे, और परिसर में स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल मैदान होंगे।

  • इन-सिटू पुनर्वास को प्राथमिकता

    रोज़गार और स्कूल की पहुंच बनी रहे, इसके लिए परिवारों को उसी जगह या 3 किमी के भीतर बसाया जाएगा।

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता

    आवंटन, लाभार्थी रिकॉर्ड का प्रबंधन और परियोजनाओं की निगरानी GIS आधारित प्लेटफॉर्म से होगी, ताकि दोहरे आवंटन रोके जा सकें।

पृष्ठभूमि

दिल्ली में कई झुग्गी बस्तियां हैं, जहां लाखों प्रवासी मज़दूर और उनके परिवार रहते हैं। पिछले पुनर्वास प्रयासों में अक्सर लोगों को रोज़गार से दूर विस्थापित किया गया, कई पात्र परिवार छूट गए और बुनियादी सुविधाओं की कमी रही। नई नीति इन कमियों को एक व्यापक और पारदर्शी ढांचे से दूर करने का प्रयास करती है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

लगभग 20 लाख लोगों को कवर करने के कारण यह दिल्ली की सबसे बड़ी पुनर्वास पहलों में से एक है। 3 किमी के भीतर इन-सिटू पुनर्वास से आजीविका और स्कूल बदलने की समस्या से बचाव होता है। 1 जनवरी 2025 की कट-ऑफ तिथि उन परिवारों को मौका देती है जो पहले छूट गए थे। सामूहिक बुनियादी ढांचे का पांच वर्ष तक सरकार द्वारा रखरखाव परिवारों के नए घरों में बसने को आसान बनाएगा। GIS प्लेटफॉर्म और कंप्यूटरीकृत लॉटरी से भ्रष्टाचार और दोहरे आवंटन कम करने का लक्ष्य है।

आगे की राह

इसके क्रियान्वयन के लिए भूमि की पहचान, डेवलपर साझेदारी और पुनर्विकास के दौरान अस्थायी आवास की व्यवस्था ज़रूरी होगी। नीति की सफलता समय पर अमल, प्रभावी शिकायत निवारण और पांच वर्ष बाद भी लाभार्थी संघों के ज़रिए रखरखाव जारी रखने पर निर्भर करेगी।

दिल्ली से जुड़ाव

दिल्ली की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:DSSSB 9/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

इन-सिटू पुनर्वास
झुग्गी-बस्ती वासियों को उनकी मूल जगह या उसके आसपास बसाना, न कि दूर के इलाकों में भेजना।
1-BHK (एक शयनकक्ष, हॉल, रसोई)
एक मानक आवास इकाई, जिसमें एक शयनकक्ष, बैठक कक्ष और रसोई होते हैं। यह आम तौर पर किफायती आवास योजनाओं के तहत दी जाती है।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP)
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए सरकार और निजी क्षेत्र का सहयोग, जिसमें जोखिम और लाभ दोनों साझा होते हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: लगभग 5 लाख परिवार (लगभग 20 लाख लोग); कट-ऑफ 1 जनवरी 2025; 1-BHK फ्लैट; 3 किमी का दायरा; 5 वर्ष का रखरखाव
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: दिल्ली सरकार; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
  • इस नीति पर ध्यान दें: दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026

यह गलती न करें!

कट-ऑफ तिथि (1 जनवरी 2025) को दूसरी झुग्गी पुनर्वास योजनाओं की कट-ऑफ से भ्रमित करना, या 'इन-सिटू' को 'बाहरी इलाकों में विस्थापन' से बदल देना। साथ ही परिवारों की संख्या (5 लाख) और आबादी (20 लाख) को आपस में मिला देना।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • इन-सिटू पुनर्वास, अंत्योदय की सोच, GIS आधारित पारदर्शिता, कंप्यूटरीकृत लॉटरी, PPP मॉडल

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1मध्यम

    दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 को लागू करने की ज़िम्मेदारी किस सरकार की है?

  2. Q2मध्यम

    दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.यह नीति पात्र परिवारों को 1-BHK फ्लैट देती है।
    2. 2.1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गियों में रहने वाले परिवार पात्र हैं।
    3. 3.सरकार पहले आवंटन से 10 वर्ष तक सामूहिक बुनियादी ढांचे का रखरखाव करेगी।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 से कितने परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है?

  4. Q4मध्यम

    नई दिल्ली झुग्गी नीति के तहत इन-सिटू पुनर्वास को प्राथमिकता देने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 क्या है?

यह दिल्ली सरकार की नीति है, जो पात्र झुग्गी परिवारों को स्थायी 1-BHK घर देती है, और मौजूदा जगह से 3 किमी के भीतर इन-सिटू पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।

2. नई दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति से कितने परिवारों को लाभ होगा?

लगभग 4-5 लाख परिवारों (करीब 20 लाख लोगों) को लाभ मिलने की उम्मीद है।

3. दिल्ली झुग्गी नीति के तहत पात्रता की कट-ऑफ तिथि क्या है?

1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार पात्र हैं।

4. पुनर्वास परिसरों में कौन-सी सुविधाएं दी जाएंगी?

परिसरों में 1-BHK फ्लैट, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल मैदान होंगे।

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  • अनुमानित लाभार्थी: लगभग 4 लाख परिवार
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