रक्षा एवं सुरक्षा

चीन बांग्लादेश को ₹22,000 करोड़ के J-सीरीज फाइटर जेट देगा; पाकिस्तान पायलटों को प्रशिक्षण देगा

6 नवंबर 20264 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 10 / 77

प्रिलिम्स के लिए: सिलीगुड़ी कॉरिडोर ('चिकन नेक'), टैक्टिकल डेटा लिंक (TDL), सौदे की राशि, फाइटर जेट का प्रकार, प्रशिक्षण स्थान, प्रशिक्षण देने वाला, त्रिपक्षीय बैठक, मुख्य सुरक्षा चिंता

मेन्स के लिए: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, 'पड़ोसी पहले' नीति, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक कमज़ोरी, चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति, टैक्टिकल डेटा लिंक (TDL)

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

चीन अगले साल बांग्लादेश को लगभग ₹22,000 करोड़ के J-सीरीज फाइटर जेट देगा, और पाकिस्तान वायुसेना भारतीय सीमा से केवल 40 किमी दूर जेस्सोर एयरबेस पर पायलटों को प्रशिक्षण देगी। इस त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग से भारत के लिए गंभीर सुरक्षा चिंताएँ जुड़ी हैं, खासकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर की कमज़ोरी और टैक्टिकल डेटा लिंक के ज़रिए चीन को खुफिया जानकारी मिलने की आशंका।

सारांश

  • चीन बांग्लादेश को लगभग ₹22,000 करोड़ के सौदे में J-सीरीज फाइटर जेट देगा।
  • पाकिस्तान वायुसेना भारतीय सीमा से 40 किमी दूर जेस्सोर एयरबेस पर बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देगी।
  • चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के वायुसेना अधिकारियों की त्रिपक्षीय बैठक दिसंबर में ढाका में होनी है। यह जॉइंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगी।
  • सिलीगुड़ी कॉरिडोर (20-22 किमी चौड़ा) कमज़ोर हो सकता है, और टैक्टिकल डेटा लिंक (TDL) तकनीक से चीन को बांग्लादेशी रडार का डेटा मिलने की चिंता जताई गई है।

मुख्य बातें

  • चीन-बांग्लादेश फाइटर जेट सौदा

    चीन अगले साल बांग्लादेश को ₹22,000 करोड़ के J-सीरीज फाइटर जेट देगा, जिससे बांग्लादेश की हवाई युद्ध क्षमता काफी बढ़ेगी।

  • जेस्सोर में पाकिस्तान की प्रशिक्षण भूमिका

    पाकिस्तान वायुसेना भारतीय सीमा से केवल 40 किमी दूर जेस्सोर एयरबेस पर बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देगी। 2022 से J-सीरीज जेट उड़ाने के अनुभव का लाभ इसी से मिलेगा।

  • भारत की सुरक्षा चिंताएँ

    यह सौदा सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए खतरा बन सकता है और टैक्टिकल डेटा लिंक के ज़रिए चीन को बांग्लादेशी रडार डेटा तक पहुंच दे सकता है, जिससे भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी होंगी।

पृष्ठभूमि

चीन दक्षिण एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है, और पाकिस्तान उसका प्रमुख सहयोगी है। भारत और म्यांमार के बीच भौगोलिक रूप से स्थित बांग्लादेश अब इस नेटवर्क में खिंचता दिख रहा है। पाकिस्तान 2022 से चीनी J-सीरीज फाइटर चला रहा है और चीन के बाहर इनका सबसे बड़ा बेड़ा उसी के पास है, इसलिए बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देने की विशेषज्ञता उसके पास है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

इस सौदे में दिसंबर 2026 में ढाका में जॉइंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत त्रिपक्षीय बैठक शामिल है। भारत की सीमा से 40 किमी दूर जेस्सोर में प्रशिक्षण को रणनीतिक उकसावा माना जा रहा है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर, यानी 20-22 किमी चौड़ी वह संकरी पट्टी जो भारत के पूर्वोत्तर को बाकी देश से जोड़ती है, लालमोनिरहाट या कुर्मीटोला जैसे बांग्लादेशी एयरबेस से हवाई हमले के लिए कमज़ोर हो सकती है। इसके अलावा चीन की TDL और XS-3 ब्रॉडबैंड तकनीक बांग्लादेशी रडार को चीन के सैन्य नेटवर्क से जोड़ सकती है, जिससे पूर्वी क्षेत्र में भारत की वायु रक्षा खुफिया जानकारी प्रभावित हो सकती है।

आगे की राह

भारत को बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक संवाद मज़बूत करना होगा और पूर्वी सीमा पर अपनी वायु रक्षा और निगरानी क्षमता बढ़ानी होगी। यह त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग एक संभावित नई धुरी का संकेत है, और भारत को इसका जवाब रणनीतिक साझेदारियों, मित्र देशों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने और सिलीगुड़ी क्षेत्र में अपने लड़ाकू बेड़े व मिसाइल रक्षा को उन्नत करने से देना होगा।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

सिलीगुड़ी कॉरिडोर ('चिकन नेक')
पश्चिम बंगाल में ज़मीन की 20-22 किमी चौड़ी संकरी पट्टी, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन की निकटता के कारण यह रणनीतिक रूप से कमज़ोर बिंदु है।
टैक्टिकल डेटा लिंक (TDL)
एक सैन्य संचार प्रणाली, जिसके ज़रिए फाइटर जेट, ज़मीनी कमान और अन्य प्लेटफॉर्म के बीच वास्तविक समय में डेटा (रडार चित्र, लक्ष्य के निर्देशांक) साझा होता है। इससे स्थिति की समझ बढ़ती है और समन्वित अभियान चलते हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: चीन-बांग्लादेश फाइटर जेट सौदा, लगभग ₹22,000 करोड़ का
  • इस डेटा पर ध्यान दें: जेस्सोर एयरबेस भारतीय सीमा से 40 किमी दूर है
  • इस डेटा पर ध्यान दें: सिलीगुड़ी कॉरिडोर की चौड़ाई 20-22 किमी है

यह गलती न करें!

परीक्षक सिलीगुड़ी कॉरिडोर की चौड़ाई (20-22 किमी) पूछ सकते हैं और उसे दूसरी चौड़ाई से भ्रमित कर सकते हैं। वे जेट के आपूर्तिकर्ता के रूप में 'चीन' की जगह 'रूस', या प्रशिक्षण स्थान के रूप में 'बांग्लादेश' की जगह 'म्यांमार' लिख सकते हैं। सौदे की राशि एक विकल्प में '₹22,000 करोड़' और दूसरे में '₹20,000 करोड़' दी जा सकती है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, 'पड़ोसी पहले' नीति, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक कमज़ोरी, चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति, टैक्टिकल डेटा लिंक (TDL)

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    ₹22,000 करोड़ के लगभग सौदे में बांग्लादेश को J-सीरीज फाइटर जेट कौन-सा देश दे रहा है?

  2. Q2कठिन

    चीन-बांग्लादेश-पाकिस्तान सैन्य सहयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.पाकिस्तान वायुसेना जेस्सोर एयरबेस पर बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देगी, जो भारतीय सीमा से 40 किमी दूर है।
    2. 2.वायुसेना अधिकारियों की त्रिपक्षीय बैठक दिसंबर 2026 में बीजिंग में होनी निर्धारित है।
    3. 3.सिलीगुड़ी कॉरिडोर लगभग 20-22 किमी चौड़ी संकरी पट्टी है, जो भारत के पूर्वोत्तर को बाकी देश से जोड़ती है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    सिलीगुड़ी कॉरिडोर की लगभग चौड़ाई कितनी है, जो समाचार में उजागर एक प्रमुख सुरक्षा चिंता है?

  4. Q4मध्यम

    चीन-बांग्लादेश-पाकिस्तान सैन्य सहयोग से भारत की मुख्य सुरक्षा चिंता क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बांग्लादेश को फाइटर जेट कौन-सा देश दे रहा है?

चीन बांग्लादेश को लगभग ₹22,000 करोड़ के सौदे में J-सीरीज फाइटर जेट दे रहा है।

2. इन जेटों पर बांग्लादेशी पायलटों को कौन प्रशिक्षण देगा?

पाकिस्तान वायुसेना जेस्सोर एयरबेस पर बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देगी, जो भारतीय सीमा से 40 किमी दूर है।

3. सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्या है और यह चिंता का विषय क्यों है?

सिलीगुड़ी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में ज़मीन की 20-22 किमी चौड़ी पट्टी है, जो भारत के पूर्वोत्तर को बाकी देश से जोड़ती है। बांग्लादेशी एयरबेस से हवाई हमले के प्रति इसकी कमज़ोरी एक प्रमुख सुरक्षा चिंता है।

4. वायुसेना अधिकारियों की त्रिपक्षीय बैठक कब और कहां निर्धारित है?

चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के वायुसेना अधिकारियों की त्रिपक्षीय बैठक दिसंबर 2026 में ढाका में होनी निर्धारित है।

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