प्रिलिम्स के लिए: निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची), विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), नोडल निकाय, शामिल राज्य, अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख (अधिकांश राज्य), अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख (दिल्ली), वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: मतदाता सूची की विश्वसनीयता, मतदाताओं का समावेश, विशेष गहन पुनरीक्षण, निर्वाचन आयोग का निगरानी तंत्र
स्रोत:Indian Express
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- निर्वाचन आयोग ने 7 राज्यों के लिए अंतिम सूची प्रकाशन बढ़ाया।
- राज्य: दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड।
- अंतिम सूची की तारीख: 5 राज्यों के लिए 30 नवंबर; दिल्ली के लिए 22 दिसंबर।
- आयोग ने दोहरे नामांकन रोकने के लिए निगरानी तंत्र का निर्देश दिया।
- यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हिस्सा है।
चर्चा में क्यों?
निर्वाचन आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड, इन 7 राज्यों में अनुपस्थित, मृत या दोहरे दर्ज मतदाताओं को एक और मौका दिया है। अधिकांश राज्यों में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर तक और दिल्ली में 22 दिसंबर तक बढ़ाया गया है, ताकि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और दोहरे नामांकन भी रोके जा सकें।
सारांश
- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 7 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की समय-सीमा बढ़ाई है, ताकि अनुपस्थित, मृत या दोहरे दर्ज मतदाताओं की बात सुनी जा सके।
- इन राज्यों में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड शामिल हैं।
- नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए अंतिम सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी, और दिल्ली के लिए 22 दिसंबर को।
- आयोग ने अधिकारियों को एक निगरानी तंत्र बनाने का निर्देश दिया है, ताकि पात्र मतदाताओं को शामिल करने और दोहरे नामांकन रोकने के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्य बातें
हटाए गए मतदाताओं को दूसरा मौका
7 राज्यों में अनुपस्थित, मृत या दोहरे दर्ज मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का एक और अवसर दिया गया है।
बढ़ाई गई समय-सीमाएँ
बढ़ाई गई समय-सीमाएँ: 5 राज्यों (नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और हरियाणा) के लिए अंतिम सूची प्रकाशन 30 नवंबर तक और दिल्ली के लिए 22 दिसंबर तक बढ़ाया गया है।
समावेश और सटीकता में संतुलन
आयोग ने निगरानी तंत्र का निर्देश दिया है, ताकि कोई पात्र मतदाता बाहर न रहे और दोहरे या फर्जी नामांकन रोके जा सकें।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करता है, ताकि दोहरे, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और नए पात्र मतदाता जोड़े जा सकें। चुनावों की विश्वसनीयता के लिए यह प्रक्रिया अहम है। मौजूदा विस्तार उन 7 राज्यों पर लागू है जहाँ SIR प्रक्रिया चल रही थी।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची)
- किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए पंजीकृत सभी पात्र नागरिकों की सूची। इसे भारत निर्वाचन आयोग तैयार और संशोधित करता है।
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
- निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को गहनता से अद्यतन करने का विशेष अभियान, जो आमतौर पर बड़े चुनावों से पहले चलता है। इसमें नए मतदाताओं को जोड़ने और दोहरे, मृत या अनुपस्थित दर्ज नामों को हटाने पर ज़ोर होता है।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO)
- किसी राज्य का सबसे वरिष्ठ चुनाव अधिकारी, जो ECI की देखरेख में उस राज्य में चुनाव संचालन और मतदाता सूची के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार होता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 7 राज्य: दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: अंतिम सूची प्रकाशन: 30 नवंबर (6 राज्य) और 22 दिसंबर (दिल्ली)
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग
यह गलती न करें!
छात्र 7 राज्यों को उन सभी राज्यों की सूची से भ्रमित कर सकते हैं जहाँ SIR हुआ था, या दोनों अलग-अलग समय-सीमाओं (30 नवंबर बनाम 22 दिसंबर) को आपस में मिला सकते हैं। याद रखें कि दिल्ली को बाद की तारीख मिली है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- मतदाता सूची की विश्वसनीयता, मतदाताओं का समावेश, विशेष गहन पुनरीक्षण, निर्वाचन आयोग का निगरानी तंत्र
कहीं अटके? एक टैप में समझें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) 7 राज्यों में मतदाता सूचियों को अद्यतन कर रहा है। कुछ मतदाताओं को अनुपस्थित, मृत या दोहरे दर्ज किया गया था। आयोग उन्हें यह साबित करने का दूसरा मौका दे रहा है कि वे जीवित और पात्र हैं, ताकि उनके नाम सूची में बने रहें। अंतिम मतदाता सूची अधिकांश राज्यों के लिए 30 नवंबर तक और दिल्ली के लिए 22 दिसंबर तक प्रकाशित होगी।
- निर्वाचन आयोग ने 7 राज्यों के लिए अंतिम सूची प्रकाशन बढ़ाया।
- राज्य: दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड।
- अंतिम सूची की तारीख: 5 राज्यों के लिए 30 नवंबर; दिल्ली के लिए 22 दिसंबर।
- आयोग ने दोहरे नामांकन रोकने के लिए निगरानी तंत्र का निर्देश दिया।
- यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हिस्सा है।
- राजव्यवस्था: निर्वाचन आयोग और चुनावी सुधार
- शासन: निर्वाचक नामावली और मतदाता पंजीकरण
जुड़ी अवधारणाएँ: निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची), विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण की ज़िम्मेदारी किस संवैधानिक निकाय की है?
व्याख्या: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) वह संवैधानिक निकाय है जिसे अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूचियों की तैयारी का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने का अधिकार है। विधि और न्याय मंत्रालय कानूनी मामले देखता है, मतदाता सूचियाँ नहीं। संसद और सर्वोच्च न्यायालय मतदाता सूचियों का सीधा प्रबंधन नहीं करते।
- Q2कठिन
निर्वाचन आयोग के नवीनतम मतदाता सूची पुनरीक्षण विस्तार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की तारीख दिल्ली के लिए 30 नवंबर तक बढ़ाई गई है।
- 2.शामिल राज्यों में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड हैं।
- 3.आयोग ने अधिकारियों को दोहरे नामांकन रोकने के लिए एक निगरानी तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि दिल्ली के लिए अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर नहीं, 22 दिसंबर है। कथन 2 सही है, क्योंकि 7 राज्य दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड हैं। कथन 3 सही है, क्योंकि आयोग ने समावेश और दोहरे नामांकन रोकने के बीच संतुलन के लिए अधिकारियों से निगरानी तंत्र बनाने को कहा है। इसलिए सही विकल्प C है।
- Q3मध्यम
निर्वाचन आयोग ने कितने राज्यों के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर, 2026 तक बढ़ाई है?
व्याख्या: समाचार में नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए 30 नवंबर की तारीख दी गई है, यानी कुल पांच राज्य। दिल्ली के लिए 22 दिसंबर की तारीख है। झारखंड का नाम कुल सात राज्यों में आता है, लेकिन उसे 30 नवंबर की तारीख नहीं दी गई है, इसलिए सही उत्तर 5 है।
- Q4मध्यम
इन 7 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की समय-सीमा बढ़ाने के निर्णय का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: आयोग का यह विस्तार सुनिश्चित करता है कि कोई पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के अवसर से वंचित न रहे। इसका संबंध मतदान केंद्र घटाने, चुनाव की गति बढ़ाने या उम्मीदवार बढ़ाने से नहीं है। इसका मूल उद्देश्य मतदाताओं का समावेश और सूची की सटीकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण के नवीनतम विस्तार में कौन-से राज्य शामिल हैं?
7 राज्य दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड हैं।
2. इनमें से अधिकांश राज्यों के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की नई समय-सीमा क्या है?
नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए अंतिम सूची 30 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होगी।
3. दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की समय-सीमा क्या है?
दिल्ली की अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख 22 दिसंबर, 2026 तक बढ़ाई गई है।
4. निर्वाचन आयोग ने समय-सीमा क्यों बढ़ाई है?
अनुपस्थित, मृत या दोहरे दर्ज मतदाताओं को अपनी बात रखने का एक और मौका देने के लिए, और दोहरे नामांकन रोकते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई पात्र मतदाता समावेश से वंचित न रहे।
