राजव्यवस्था

चुनाव आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में SIR में छूटे मतदाताओं को एक और मौका दिया

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 25 / 77

प्रिलिम्स के लिए: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म-6, BLO (बूथ स्तर अधिकारी), SIR का पूर्ण रूप, ASDD का पूर्ण रूप, नोडल निकाय, प्रभावित राज्य, वर्तमान संदर्भ

मेन्स के लिए: मतदाता सूची की सटीकता, मताधिकार से वंचित होना, आयोग पर न्यायिक निगरानी, SIR प्रक्रिया, ASDD वर्गीकरण

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में छूटे उन मतदाताओं को दूसरा मौका दिया है, जिन्हें 7 राज्यों (दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड) में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) बताया गया था। प्रभावित मतदाता अब BLO के दौरे से या दावा-आपत्ति अवधि में आवेदन करके अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं।

सारांश

  • SIR के दौरान नाम कटे ASDD श्रेणी के मतदाता 7 राज्यों में BLO के दौरे से या दावा फॉर्म भरकर फिर से नाम जुड़वा सकेंगे।
  • यह फैसला उन शिकायतों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि जीवित मतदाताओं को गलती से मृत या गैरमौजूद बता दिया गया। इससे पहले 29 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
  • जो लोग पहले कभी मतदाता सूची में थे ही नहीं, वे इसके पात्र नहीं होंगे। यह सुविधा केवल उन्हीं के लिए है जो पहले सूची में थे, पर SIR के दौरान उनके नाम कट गए।

मुख्य बातें

  • ASDD मतदाताओं के लिए दूसरा मौका

    7 राज्यों में SIR के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट बताए गए मतदाता BLO के दौरे या दावा-आपत्ति फॉर्म से अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं।

  • सर्वोच्च न्यायालय की जांच से हुई कार्रवाई

    सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की SIR प्रक्रिया में जल्दबाजी पर सवाल उठाए, जिसके बाद आयोग ने तारीख बढ़ाई और अब दूसरा मौका दिया है।

  • नाम फिर से जुड़वाने का फॉर्म-6 रास्ता

    जिनके नाम कटे हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा, भले ही वे 10 साल से सूची में रहे हों। आयोग ने 2003 की मतदाता सूची की घोषणा की शर्त हटा दी है।

पृष्ठभूमि

निर्वाचन आयोग अयोग्य मतदाताओं (मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट) को हटाकर मतदाता सूची साफ करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करता है। कई राज्यों में चल रहे इस अभियान में लाखों नाम हटे, जिससे शिकायतें आईं कि जीवित मतदाताओं को गलती से मृत या गैरमौजूद बता दिया गया। बिहार में भी पहले ऐसी ही शिकायतें आई थीं।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

आयोग का फैसला दो मुख्य समस्याओं पर केंद्रित है: (1) SIR प्रक्रिया में प्रशासनिक गलतियां, जिनमें असली मतदाताओं को गलत श्रेणी में रखा गया, और (2) वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए बिना सूची की सटीकता बनाए रखने की ज़रूरत। यह कदम दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे बड़े राजनीतिक राज्यों समेत 7 राज्यों पर लागू होता है। 29 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद आयोग को समय सीमा बढ़ानी पड़ी और अब दूसरा मौका देना पड़ा है।

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
निर्वाचन आयोग द्वारा किसी निश्चित क्षेत्र या राज्य में, अक्सर चुनाव से पहले, मतदाता सूची की समय-सीमा में बंधी केंद्रित समीक्षा और अद्यतन।
फॉर्म-6
नए मतदाता का नाम सूची में जोड़ने या हटने के बाद फिर से शामिल करने के लिए निर्धारित आवेदन फॉर्म।
BLO (बूथ स्तर अधिकारी)
सरकारी अधिकारी (आमतौर पर स्कूल शिक्षक या स्थानीय सरकारी कर्मचारी), जो मतदान केंद्र क्षेत्र की मतदाता सूची को बनाए रखने और अद्यतन करने के लिए ज़िम्मेदार होता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: 7 राज्य: दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: फॉर्म-6 (मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए)

यह गलती न करें!

ASDD श्रेणी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) को सामान्य मतदाता श्रेणियों से भ्रमित किया जा सकता है। साथ ही, दूसरा मौका केवल उन्हीं के लिए है जो पहले सूची में थे, नए मतदाताओं के लिए नहीं। सर्वोच्च न्यायालय ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, आयोग के इसे कराने के अधिकार पर नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • मतदाता सूची की सटीकता, मताधिकार से वंचित होना, आयोग पर न्यायिक निगरानी, SIR प्रक्रिया, ASDD वर्गीकरण

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने के लिए कौन-सा निकाय ज़िम्मेदार है?

  2. Q2कठिन

    निर्वाचन आयोग के फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.दूसरा मौका बिहार और उत्तर प्रदेश सहित 7 राज्यों के मतदाताओं के लिए उपलब्ध है।
    2. 2.यह फैसला केवल उन मतदाताओं पर लागू होता है जो पहले मतदाता सूची में थे और SIR के दौरान ASDD बताए गए थे।
    3. 3.मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    SIR प्रक्रिया में छूटे मतदाताओं को दूसरा मौका देने के निर्वाचन आयोग के फैसले में कितने राज्य शामिल थे?

  4. Q4मध्यम

    ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाताओं को दूसरा मौका देने के निर्वाचन आयोग के फैसले का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मतदाता सूची पुनरीक्षण में SIR प्रक्रिया क्या है?

SIR का अर्थ है विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी निर्वाचन आयोग की केंद्रित प्रक्रिया, जिसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट जैसे अयोग्य मतदाताओं को हटाकर मतदाता सूची साफ की जाती है।

2. आयोग के दूसरे मौके वाले फैसले से कौन-से राज्य प्रभावित हैं?

यह फैसला 7 राज्यों पर लागू होता है: दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड।

3. SIR में नाम कटने वाला मतदाता फिर से नाम कैसे जुड़वा सकता है?

मतदाता BLO के दौरे के जरिए या दावा-आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 भरकर दावा करके नाम फिर से जुड़वा सकता है।

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