प्रिलिम्स के लिए: स्पेसपोर्ट / प्रक्षेपण स्थल, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) SHAR, स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV), स्पेसपोर्ट का नाम, स्थान, अधिग्रहित भूमि, आधारशिला रखी गई, पहले प्रक्षेपण की अपेक्षित तिथि
मेन्स के लिए: अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे का विस्तार, छोटे उपग्रह प्रक्षेपण पारिस्थितिकी तंत्र, प्रक्षेपण क्षमताओं का विकेंद्रीकरण, भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएँ
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- इसरो का दूसरा स्पेसपोर्ट तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में है।
- कुलसेकरपट्टिनम से पहला प्रक्षेपण 2027 में अपेक्षित है।
- स्पेसपोर्ट के लिए लगभग 2,300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में आधारशिला रखी।
- भारत का वर्तमान प्रमुख स्पेसपोर्ट श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में है।
चर्चा में क्यों?
इसरो तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में अपने दूसरे स्पेसपोर्ट से 2027 से रॉकेट प्रक्षेपण शुरू करने की तैयारी में है। इस परियोजना के लिए तमिलनाडु सरकार ने लगभग 2,300 एकड़ जमीन अधिग्रहित करके सौंप दी है।
सारांश
- इसरो का दूसरा स्पेसपोर्ट, तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में, 2027 से रॉकेट प्रक्षेपण शुरू करेगा।
- तमिलनाडु सरकार ने स्पेसपोर्ट के लिए लगभग 2,300 एकड़ जमीन अधिग्रहित करके सौंपी।
- अभी भारत का एकमात्र प्रमुख स्पेसपोर्ट सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) है, जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में तूतीकोरिन जिले के तटीय गांव कुलसेकरपट्टिनम में स्पेसपोर्ट की आधारशिला रखी थी।
मुख्य बातें
बुनियादी ढांचे की प्रगति
तमिलनाडु सरकार ने लगभग 2,300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, और निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है।
भारत के दो स्पेसपोर्ट: श्रीहरिकोटा बनाम कुलसेकरपट्टिनम
| विशेषता | सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) | कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट |
|---|---|---|
| स्थान | श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश | तूतीकोरिन, तमिलनाडु |
| स्थिति | 1971 से परिचालन में | निर्माणाधीन |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- स्पेसपोर्ट / प्रक्षेपण स्थल
- ऐसी सुविधा जिसमें अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित करने के लिए लॉन्च पैड, असेंबली भवन और ट्रैकिंग प्रणालियाँ होती हैं। इसकी मुख्य ज़रूरतों में भूमध्य रेखा के निकट होना, पानी के ऊपर स्पष्ट पूर्वी प्रक्षेपण गलियारा और सुरक्षा क्षेत्र शामिल हैं।
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) SHAR
- भारत का प्रमुख स्पेसपोर्ट, जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में है। इसका संचालन इसरो करता है और चंद्रयान तथा मंगलयान सहित सभी बड़े भारतीय मिशनों का प्रक्षेपण स्थल यही रहा है।
- स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV)
- इसरो द्वारा विकसित तीन चरणों वाला प्रक्षेपण यान, जो छोटे उपग्रहों (500 किलोग्राम तक) को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजने के लिए बनाया गया है। यह मांग के अनुसार, कम लागत वाले प्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया गया है और कुछ दिनों में असेंबल किया जा सकता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस तथ्य पर ध्यान दें: कुलसेकरपट्टिनम से पहला प्रक्षेपण 2027 में अपेक्षित है
- इस तथ्य पर ध्यान दें: अधिग्रहित भूमि लगभग 2,300 एकड़
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- इस तथ्य पर ध्यान दें: 2024 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आधारशिला रखी गई
यह गलती न करें!
परीक्षक स्थान बदल सकते हैं: कुलसेकरपट्टिनम तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में है, आंध्र प्रदेश में नहीं। उसे श्रीहरिकोटा के मौजूदा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भी भ्रमित किया जा सकता है। एक और जाल भूमि के क्षेत्रफल या आधारशिला रखने के वर्ष को आपस में मिलाने का है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे का विस्तार, छोटे उपग्रह प्रक्षेपण पारिस्थितिकी तंत्र, प्रक्षेपण क्षमताओं का विकेंद्रीकरण, भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएँ
कहीं अटके? एक टैप में समझें
- इसरो का दूसरा स्पेसपोर्ट तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में है।
- कुलसेकरपट्टिनम से पहला प्रक्षेपण 2027 में अपेक्षित है।
- स्पेसपोर्ट के लिए लगभग 2,300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में आधारशिला रखी।
- भारत का वर्तमान प्रमुख स्पेसपोर्ट श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में है।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और इसरो मिशन
- भूगोल: स्पेसपोर्ट के स्थान और उनका रणनीतिक महत्व
जुड़ी अवधारणाएँ: स्पेसपोर्ट / प्रक्षेपण स्थल, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) SHAR, स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV)
अभ्यास प्रश्न
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- Q1आसान
तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट के विकास और संचालन की ज़िम्मेदारी किस संगठन की है?
व्याख्या: इसरो भारत में सभी अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए नोडल एजेंसी है, जिसमें नए प्रक्षेपण स्थलों का विकास भी शामिल है। NSIL वाणिज्यिक शाखा है, एंट्रिक्स विपणन संभालता है, और अंतरिक्ष विभाग मूल मंत्रालय है। यह स्पेसपोर्ट इसरो द्वारा स्वयं बनाया और संचालित किया जा रहा है।
- Q2कठिन
भारत के नए कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह स्पेसपोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में स्थित है।
- 2.स्पेसपोर्ट की आधारशिला 2024 में भारत के राष्ट्रपति ने रखी थी।
- 3.परियोजना के लिए तमिलनाडु सरकार ने लगभग 2,300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: स्पेसपोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में है। कथन 2 गलत है: आधारशिला 2024 में राष्ट्रपति ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। कथन 3 सही है: राज्य सरकार ने परियोजना के लिए लगभग 2,300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट से पहला रॉकेट प्रक्षेपण कब अपेक्षित है?
व्याख्या: इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने घोषणा की कि कुलसेकरपट्टिनम से पहला प्रक्षेपण अगले साल होगा, जो समाचार की तिथि नवंबर 2026 के अनुसार 2027 है। अन्य विकल्प गलत हैं, क्योंकि प्रक्षेपण 2025, 2026 या 2028 में अपेक्षित नहीं है।
- Q4मध्यम
भारत का दूसरा स्पेसपोर्ट कुलसेकरपट्टिनम में स्थापित करने का मुख्य रणनीतिक लाभ क्या है?
व्याख्या: दक्षिणी स्थान से रॉकेट बिना भूमि के ऊपर से उड़े सीधे हिंद महासागर के ऊपर जा सकते हैं, जिससे ईंधन और प्रक्षेपवक्र की बाधाएँ घटती हैं। यह छोटे उपग्रहों को ध्रुवीय कक्षाओं में भेजने के लिए उपयुक्त है। भारी उपग्रह और गगनयान मिशन मुख्य रूप से अब भी श्रीहरिकोटा से ही होंगे। भूमध्य रेखा की निकटता मददगार है, लेकिन यहाँ मुख्य लाभ यह नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत का नया स्पेसपोर्ट कहाँ स्थित है?
नया स्पेसपोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में कुलसेकरपट्टिनम में स्थित है।
2. कुलसेकरपट्टिनम से पहला रॉकेट प्रक्षेपण कब होगा?
कुलसेकरपट्टिनम से पहला प्रक्षेपण 2027 में अपेक्षित है।
3. कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट के लिए कितनी भूमि अधिग्रहित की गई है?
तमिलनाडु सरकार ने स्पेसपोर्ट के लिए लगभग 2,300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की है।
4. कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट की आधारशिला किसने रखी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में स्पेसपोर्ट की आधारशिला रखी।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
