अर्थव्यवस्था

भारत का रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र: 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य, भव्य रसायन योजना के तहत तीन नए रसायन पार्क

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 14 / 59

प्रिलिम्स के लिए: पेट्रोरसायन, PCPIR (पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र), FDI स्वचालित मार्ग, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO), बड़े दुर्घटना-संभावित (MAH) इकाइयां, क्षेत्र का वर्तमान मूल्य, लक्ष्य (2030), लक्ष्य (2040)

मेन्स के लिए: भव्य रसायन योजना, PCPIR का क्लस्टर दृष्टिकोण, RDI योजना, आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव

स्रोत:PIBPIB

चर्चा में क्यों?

भारत का रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र, जिसका मूल्य लगभग 220 अरब डॉलर है, 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। सरकार ने तीन समर्पित रसायन पार्क बनाने के लिए भव्य रसायन योजना (₹3,030 करोड़) को मंज़ूरी दी है और शोध को बढ़ावा देने के लिए RDI योजना (₹1 लाख करोड़ कोष) शुरू की है। भारत वैश्विक स्तर पर रसायन का छठा सबसे बड़ा उत्पादक और रंगों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।

सारांश

  • भारत दुनिया में रसायन का छठा सबसे बड़ा और एशिया में चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है; इस क्षेत्र का मूल्य लगभग 220 अरब डॉलर है।
  • भव्य रसायन योजना (₹3,030 करोड़, वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) के तहत तीन समर्पित रसायन पार्क बनेंगे, जहां प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचा होगा।
  • 2014-2026 के बीच इस क्षेत्र में ₹1,04,895 करोड़ का FDI आया, जो पिछले दशक के ₹45,240 करोड़ से दोगुने से भी अधिक है।

मुख्य बातें

  • भव्य रसायन योजना

    तीन समर्पित रसायन पार्क, प्रत्येक 8 वर्ग किलोमीटर का, ₹3,030 करोड़ के आवंटन के साथ, जिनका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और लॉजिस्टिक्स लागत घटाना है।

  • नवाचार के लिए RDI योजना

    ₹1 लाख करोड़ का कोष निजी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास (R&D) को गति देने के लिए है; अक्टूबर 2026 से उन्नत रसायन और पेट्रोरसायन को पात्र प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जोड़ा गया।

  • इंडिया केम 2026

    14वां संस्करण मुंबई में 22-24 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसका विषय था 'एडवांटेज भारत: एक उभरता वैश्विक रसायन केंद्र', और इसमें 5,000 से अधिक आगंतुक आए।

पृष्ठभूमि

भारत का रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र विनिर्माण का प्रमुख स्तंभ है, जो दवा, वस्त्र, निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं के लिए कच्चा माल देता है। लगभग 13,000 बड़ी इकाइयों और 4.45 लाख एमएसएमई (MSMEs) के साथ यह क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन और रोज़गार में उल्लेखनीय योगदान देता है। वैश्विक स्तर पर छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक और रंगों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक होना इसके रणनीतिक महत्व को दिखाता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

भव्य रसायन योजना (₹3,030 करोड़) तीन समर्पित रसायन पार्क बनाकर बुनियादी ढांचे की कमियां दूर करती है, जिनमें केंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन और उपयोगिताएं होंगी, और इससे निवेश आकर्षित होने व संसाधन दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। RDI योजना का ₹1 लाख करोड़ का कोष और उन्नत रसायनों को शामिल करना स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास को तेज़ करेगा। 2014-2026 के बीच FDI प्रवाह बढ़कर ₹1,04,895 करोड़ होना निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। तीन चालू PCPIR ने पहले ही ₹3.4 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित किया है और 3.7 लाख रोज़गार सृजित किए हैं।

आगे की राह

2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य पाने के लिए लगातार नीतिगत समर्थन, रसायन पार्कों का समय पर क्रियान्वयन, शोध के व्यावसायिक उपयोग में सुधार और वैश्विक मूल्य श्रृंखला से गहरा जुड़ाव ज़रूरी होगा। 37 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश घटिया आयात रोकने में मदद करेंगे, जबकि 2,393 MAH इकाइयों को कवर करने वाले कार्यस्थल सुरक्षा कार्यक्रम ज़िम्मेदार औद्योगिक तंत्र बनाने का लक्ष्य रखते हैं। PCPIR और प्लास्टिक पार्कों का और विस्तार डाउनस्ट्रीम प्रसंस्करण को मज़बूत कर सकता है।

रसायन क्षेत्र की प्रमुख योजनाएं

योजनाउद्देश्यआवंटन / कोषअवधि
भव्य रसायन योजना3 समर्पित रसायन पार्क स्थापित करना₹3,030 करोड़वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31
RDI योजनानिजी क्षेत्र के R&D को गति देना₹1 लाख करोड़नवंबर 2025 में शुरू; जारी
प्लास्टिक पार्क योजनाडाउनस्ट्रीम प्लास्टिक प्रसंस्करण को मज़बूत करनाप्रति पार्क अधिकतम ₹40 करोड़ (अनुदान)जारी

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

पेट्रोरसायन
पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस से बने रासायनिक उत्पाद, जो प्लास्टिक, कृत्रिम रेशों, डिटर्जेंट, उर्वरकों और अन्य औद्योगिक उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होते हैं।
PCPIR (पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र)
लगभग 250 वर्ग किलोमीटर का एक चिह्नित निवेश क्षेत्र, जिसमें 40% भूमि प्रसंस्करण गतिविधियों के लिए होती है; यह साझा बुनियादी ढांचे के साथ क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाता है।
FDI स्वचालित मार्ग
वह मार्ग जिसमें विदेशी निवेश के लिए सरकार या भारतीय रिज़र्व बैंक की पूर्व मंज़ूरी ज़रूरी नहीं होती; इस मार्ग से अधिकतर रसायन क्षेत्रों में 100% FDI की अनुमति है।
गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO)
एक नियामक आदेश, जिसके तहत घरेलू विनिर्माताओं और आयातकों के लिए निर्दिष्ट BIS मानकों का पालन अनिवार्य होता है; इसका उद्देश्य उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और घटिया आयात रोकना है।
बड़े दुर्घटना-संभावित (MAH) इकाइयां
वे औद्योगिक इकाइयां जो सीमा-मान से अधिक मात्रा में खतरनाक रसायन संभालती हैं; खतरनाक रसायनों के विनिर्माण, भंडारण और आयात नियमों के तहत इन्हें विशेष सुरक्षा उपायों और आपातकालीन योजना की ज़रूरत होती है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: भारत के रसायन क्षेत्र का मूल्य लगभग 220 अरब डॉलर है, 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य है
  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: तीन रसायन पार्कों के लिए भव्य रसायन योजना का आवंटन ₹3,030 करोड़ है
  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: रसायन क्षेत्र में 2014-2026 के बीच FDI प्रवाह ₹1,04,895 करोड़ रहा
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग)
  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: अगस्त 2026 तक 37 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू हैं

यह गलती न करें!

परीक्षक 'विश्व में छठा सबसे बड़ा उत्पादक' को 'छठा सबसे बड़ा निर्यातक' से बदल सकते हैं, या भव्य योजना के नाम (भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन) को दूसरी औद्योगिक योजनाओं से भ्रमित कर सकते हैं। भव्य योजना रसायन पार्कों के लिए है, प्लास्टिक पार्कों के लिए नहीं। साथ ही, RDI योजना का कोष ₹1 लाख करोड़ है, भव्य योजना का आवंटन नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • भव्य रसायन योजना, PCPIR का क्लस्टर दृष्टिकोण, RDI योजना, आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र के लिए मुख्य रूप से कौन-सा मंत्रालय ज़िम्मेदार है?

  2. Q2कठिन

    भव्य रसायन योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.इसका उद्देश्य तीन समर्पित रसायन पार्क स्थापित करना है, जिनमें से प्रत्येक कम से कम 8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में होगा।
    2. 2.केंद्र सरकार प्रति पार्क अधिकतम ₹1,000 करोड़ का अनुदान देती है, और राज्य सरकार को कोई योगदान नहीं देना होता।
    3. 3.इस योजना का कुल वित्तीय आवंटन ₹3,030 करोड़ है और यह वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    भारत के रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र के लिए वर्ष 2040 तक कौन-सा लक्ष्य मूल्य तय किया गया है?

  4. Q4मध्यम

    पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (PCPIR) स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. भव्य रसायन योजना क्या है?

भव्य (भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन) जुलाई 2026 में स्वीकृत एक योजना है, जिसके तहत कम से कम 8 वर्ग किलोमीटर के तीन समर्पित रसायन पार्क बनेंगे, और कुल आवंटन ₹3,030 करोड़ है।

2. वैश्विक रसायन उत्पादन में भारत की रैंक क्या है?

विश्व में भारत रसायन का छठा सबसे बड़ा और एशिया में चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है।

3. 2040 तक भारत के रसायन क्षेत्र का लक्ष्य मूल्य क्या है?

इस क्षेत्र के 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि इसका वर्तमान मूल्य लगभग 220 अरब डॉलर है।

4. PCPIR क्या हैं?

पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (PCPIR) साझा बुनियादी ढांचे वाले लगभग 250 वर्ग किलोमीटर के चिह्नित औद्योगिक क्षेत्र हैं। भारत में तीन चालू PCPIR हैं: दहेज (गुजरात), विशाखापत्तनम-काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) और पारादीप (ओडिशा)।

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