अर्थव्यवस्था

OMSS (D) चावल बिक्री लक्ष्य दोगुना कर 50 LMT किया गया; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत स्टॉक घोषणा अनिवार्य

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 21 / 77

प्रिलिम्स के लिए: आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) [OMSS (D)], खाद्य स्टॉक पोर्टल, OMSS (D) का पूर्ण रूप, नोडल मंत्रालय, लक्ष्य मात्रा (दोगुना होकर), स्टॉक घोषणा की आवृत्ति, उल्लंघन के लिए कानूनी प्रावधान

मेन्स के लिए: कीमत स्थिरता, आवश्यक वस्तु अधिनियम, जमाखोरी रोकथाम, OMSS (D), भारत चावल, खाद्य स्टॉक पोर्टल, बाज़ार हस्तक्षेप

स्रोत:PIBPIB

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने बाज़ार में आपूर्ति बढ़ाने और चावल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में OMSS (D) चावल बिक्री लक्ष्य 25 LMT से दोगुना कर 50 LMT कर दिया है। उसने सभी स्टॉक रखने वाली इकाइयों के लिए हर शुक्रवार को खाद्य स्टॉक पोर्टल पर चावल और धान का स्टॉक घोषित करना अनिवार्य किया है, और पांच दक्षिणी राज्यों को 31 जनवरी 2027 तक स्टॉक सीमा लगाने की अनुमति दी है।

सारांश

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) [OMSS (D)] का चावल बिक्री लक्ष्य 25 LMT से बढ़ाकर 50 LMT कर दिया गया है।
  • चावल और धान के सभी स्टॉक रखने वाली इकाइयों को हर शुक्रवार को खाद्य स्टॉक पोर्टल पर स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी; उल्लंघन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
  • व्यापक वितरण के लिए, विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में, NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार को भारत चावल की अतिरिक्त मात्राएँ आवंटित की जा रही हैं।

मुख्य बातें

  • OMSS (D) लक्ष्य दोगुना

    सरकार ने बाज़ार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतें स्थिर करने के लिए खुले बाज़ार बिक्री योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चावल बिक्री लक्ष्य 25 LMT से बढ़ाकर 50 LMT कर दिया है।

  • अनिवार्य स्टॉक घोषणा

    चावल और धान के सभी स्टॉक रखने वाली इकाइयों को हर शुक्रवार को खाद्य स्टॉक पोर्टल पर अपना स्टॉक घोषित करना होगा; पालन न करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

  • भारत चावल का विस्तार

    उपभोक्ताओं तक किफायती कीमतों पर पहुंच बेहतर करने के लिए, विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में, NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के जरिए अतिरिक्त भारत चावल दिया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

चावल भारत का मुख्य खाद्यान्न है, और उसकी कीमतों का स्थिर रहना नीति की प्रमुख चिंता है। हाल के महीनों में आपूर्ति की कमी, जमाखोरी और बाज़ार की अटकलों के कारण चावल की कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव रहा है। सरकार ने कीमतें नियंत्रित करने के लिए खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) के जरिए FCI का अधिशेष चावल खुले बाज़ार में उतारा है। वर्ष 2026-27 के लिए पहले तय 25 LMT लक्ष्य अपर्याप्त साबित हो रहा था, इसलिए इसे दोगुना कर 50 LMT किया गया।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

OMSS (D) लक्ष्य का दोगुना होना कीमतों की बढ़ोतरी के खिलाफ सरकार के सख्त रुख का संकेत है। 31 अक्टूबर 2026 तक 25 LMT चावल बिक चुका था, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में बिके 11 LMT से दोगुने से भी अधिक है, जो मज़बूत मांग दर्शाता है। खाद्य स्टॉक पोर्टल पर हर सप्ताह अनिवार्य स्टॉक घोषणा पारदर्शिता बढ़ाकर जमाखोरी रोकने का लक्ष्य रखती है। पांच दक्षिणी राज्यों को जनवरी 2027 तक स्टॉक सीमा लगाने की मंज़ूरी सीधे क्षेत्रीय मूल्य-संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाती है। NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के जरिए भारत चावल का अतिरिक्त आवंटन सार्वजनिक वितरण व्यवस्था से सस्ता चावल उपभोक्ताओं तक पहुंचाना सुनिश्चित करता है।

आगे की राह

इन उपायों की प्रभावशीलता स्टॉक सीमा के सख्त पालन और खाद्य स्टॉक पोर्टल के समय पर अद्यतन पर निर्भर करेगी। यदि कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकार जनवरी 2027 के बाद भी स्टॉक सीमा बढ़ा सकती है। राज्य सरकारों के साथ समन्वय और चावल की कीमतों की लगातार निगरानी आवश्यक होगी। दक्षिणी राज्यों में भारत चावल वितरण की सफलता इसे अन्य क्षेत्रों तक विस्तार का आधार बना सकती है।

OMSS (D) चावल बिक्री लक्ष्य

मापदंडमूल लक्ष्यसंशोधित लक्ष्य
मात्रा (LMT)25 LMT50 LMT
वित्त वर्ष2026-272026-27

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
यह अधिनियम आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और व्यापार के नियंत्रण का प्रावधान करता है। यह सरकार को स्टॉक सीमा तय करने, जमाखोरी रोकने और उचित कीमतों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने का अधिकार देता है।
खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) [OMSS (D)]
वह योजना जिसके तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) अपने केंद्रीय पूल का अधिशेष खाद्यान्न (चावल/गेहूं) ई-नीलामी के जरिए थोक उपभोक्ताओं या निजी व्यापारियों को खुले बाज़ार में बेचता है, ताकि बाज़ार में आपूर्ति बढ़े और कीमतें संतुलित हों।
खाद्य स्टॉक पोर्टल
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अधीन एक ऑनलाइन पोर्टल (foodstock.dfpd.gov.in), जहां स्टॉक रखने वाली इकाइयों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जमाखोरी रोकने के लिए अपने चावल और धान का स्टॉक घोषित करना होता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • यह आंकड़ा याद रखें: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए OMSS (D) चावल बिक्री लक्ष्य 25 LMT से दोगुना होकर 50 LMT
  • यह आंकड़ा याद रखें: 31 अक्टूबर 2026 तक OMSS (D) के जरिए बेचे गए 25 LMT चावल
  • यह नोडल निकाय याद रखें: उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
  • यह कानूनी बिंदु याद रखें: आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7

यह गलती न करें!

परीक्षक OMSS (D) को OMSS (W) से भ्रमित कर सकते हैं, या दोगुने लक्ष्य (50 LMT) को मूल लक्ष्य (25 LMT) से बदल सकते हैं। वे स्टॉक सीमा नियंत्रित करने वाले अधिनियम के बारे में पूछते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम का नाम गलत तरीके से ले सकते हैं, जबकि सही अधिनियम आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • कीमत स्थिरता, आवश्यक वस्तु अधिनियम, जमाखोरी रोकथाम, OMSS (D), भारत चावल, खाद्य स्टॉक पोर्टल, बाज़ार हस्तक्षेप

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) के तहत चावल के क्रियान्वयन की मुख्य ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?

  2. Q2कठिन

    चावल की कीमतों पर नियंत्रण के सरकारी उपायों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.वर्ष 2026-27 के लिए OMSS (D) के तहत चावल बिक्री का लक्ष्य 25 LMT से दोगुना कर 50 LMT किया गया है।
    2. 2.चावल और धान के सभी स्टॉक रखने वाली इकाइयों को हर महीने खाद्य स्टॉक पोर्टल पर अपनी स्टॉक स्थिति घोषित करनी होगी।
    3. 3.पांच दक्षिणी राज्यों को 31 जनवरी 2027 तक चावल और धान पर स्टॉक सीमा लगाने की सहमति दी गई है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए OMSS (D) ई-नीलामी के जरिए बेचे जाने वाले चावल की संशोधित लक्ष्य मात्रा कितनी है?

  4. Q4मध्यम

    सभी चावल और धान स्टॉक रखने वाली इकाइयों के लिए स्टॉक घोषणा अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. OMSS (D) योजना क्या है?

खुले बाज़ार बिक्री योजना (घरेलू) वह योजना है जिसके तहत भारतीय खाद्य निगम अपने केंद्रीय पूल का अधिशेष चावल और गेहूं ई-नीलामी के जरिए खुले बाज़ार में बेचता है, ताकि आपूर्ति बढ़े और कीमतें संतुलित हों।

2. वर्ष 2026-27 के लिए OMSS (D) के तहत चावल बिक्री का नया लक्ष्य क्या है?

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्य को 25 LMT से दोगुना कर 50 LMT किया है।

3. किन राज्यों को चावल और धान पर स्टॉक सीमा लगाने की अनुमति दी गई है?

पांच दक्षिणी राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को 31 जनवरी 2027 तक स्टॉक सीमा लगाने की सहमति दी गई है।

4. खाद्य स्टॉक पोर्टल पर चावल और धान का स्टॉक घोषित न करने पर क्या दंड है?

पालन न करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।

सभी स्रोत

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  • मूल मंत्रालय: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
पृष्ठभूमि GK: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)नोडल: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)यह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटPIB