प्रिलिम्स के लिए: उत्तराखंड, राज्योत्सव, महाकुंभ, कुल व्यय, कुल योजनाएँ, शिलान्यास वाली योजनाएँ, लोकार्पण वाली योजनाएँ, ऊर्जा (UPCL) योजनाएँ
मेन्स के लिए: बुनियादी ढांचा विकास, महाकुंभ-2027 की तैयारियाँ, उत्तराखंड की राज्य अर्थव्यवस्था, केंद्र-राज्य समन्वय
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- राज्योत्सव पर उत्तराखंड के लिए ₹1,475.31 करोड़ की 62 विकास योजनाओं की घोषणा की गई।
- 44 योजनाओं (₹1,073.11 करोड़) का शिलान्यास हुआ और 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण हुआ।
- UPCL की ₹472.33 करोड़ की ऊर्जा योजनाएँ इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा थीं।
- लगभग ₹335 करोड़ की पेयजल योजनाएँ शामिल की गईं।
- हरिद्वार में महाकुंभ-2027 की तैयारियों के लिए बुनियादी ढांचे को धन मिला।
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार ने राज्य के स्थापना दिवस (राज्योत्सव) पर उत्तराखंड में ₹1,475.31 करोड़ की 62 विकास योजनाओं का संयुक्त रूप से लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, पर्यटन, शहरी विकास, आवास, चिकित्सा शिक्षा और गन्ना विकास शामिल हैं। इनमें हरिद्वार में महाकुंभ-2027 की तैयारियों से जुड़े कार्य भी शामिल हैं।
सारांश
- राज्योत्सव (राज्य स्थापना दिवस) के अवसर पर उत्तराखंड के लिए ₹1,475.31 करोड़ की 62 विकास योजनाओं की घोषणा की गई।
- 44 योजनाओं (₹1,073.11 करोड़) का शिलान्यास किया गया और 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण किया गया।
- मुख्य क्षेत्र: ऊर्जा (UPCL की ₹472.33 करोड़ की योजनाएँ), पेयजल (लगभग ₹335 करोड़), पर्यटन (टिहरी का डोबरा-चांठी पार्क और श्री हेमकुंड साहिब रोपवे के विद्युत कार्य सहित), शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग, तकनीकी शिक्षा, आवास, चिकित्सा शिक्षा और गन्ना विकास।
- हरिद्वार में महाकुंभ-2027 की तैयारियों को सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे की योजनाओं से बल मिला।
मुख्य बातें
62 योजनाएँ, ₹1,475.31 करोड़
राज्योत्सव पर 44 योजनाओं (₹1,073.11 करोड़) का शिलान्यास और 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण किया गया।
ऊर्जा और पेयजल पर ज़ोर
UPCL की ₹472.33 करोड़ की ऊर्जा योजनाएँ और लगभग ₹335 करोड़ की पेयजल योजनाएँ सबसे बड़े घटक हैं।
महाकुंभ-2027 और पर्यटन को बढ़ावा
महाकुंभ-2027 के लिए हरिद्वार के बुनियादी ढांचे और टिहरी के डोबरा-चांठी पार्क तथा हेमकुंड साहिब रोपवे के विद्युत कार्य जैसी पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
पृष्ठभूमि
उत्तराखंड 9 नवंबर 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में बना। राज्योत्सव (राज्य स्थापना दिवस) हर साल 9 नवंबर को मनाया जाता है। इस अवसर का उपयोग राज्य और केंद्र सरकारें विकास पैकेज की घोषणा के लिए करती हैं। इस बार की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से की।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
इस पैकेज में कई बुनियादी ढांचा क्षेत्र शामिल हैं: सड़क (लोक निर्माण विभाग), शहरी विकास, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, आवास, चिकित्सा शिक्षा और गन्ना विकास। सबसे बड़ा आवंटन ऊर्जा क्षेत्र को मिला, जिसमें शिलान्यास के लिए UPCL की ₹472.33 करोड़ की योजनाएँ हैं। इससे पहाड़ी राज्य में बिजली के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ज़ोर का संकेत मिलता है। पेयजल की योजनाएँ (लगभग ₹335 करोड़) उत्तराखंड के कठिन भौगोलिक क्षेत्र की एक अहम ज़रूरत पूरी करती हैं। हरिद्वार में महाकुंभ-2027 की तैयारियाँ शामिल होना बड़े धार्मिक आयोजन के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने की सरकार की मंशा दिखाता है। टिहरी के पर्यटन कार्य और हेमकुंड साहिब रोपवे का उद्देश्य तीर्थ और मनोरंजन दोनों तरह के पर्यटन को बढ़ाना है।
आगे की राह
इन योजनाओं को समय पर पूरा करना महत्वपूर्ण होगा, खासकर हरिद्वार में महाकुंभ-2027 से जुड़े कार्य। राज्य सरकार को धन के प्रवाह और क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करना होगा। माना जा रहा है कि इन योजनाओं से रोज़गार बढ़ेगा और राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ सुधरेंगी।
उत्तराखंड राज्योत्सव पर घोषित योजनाएँ
| श्रेणी | संख्या | राशि (₹ करोड़ में) |
|---|---|---|
| शिलान्यास वाली योजनाएँ | 44 | 1,073.11 |
| लोकार्पण वाली योजनाएँ | 18 | 402.20 |
| कुल | 62 | 1,475.31 |
उत्तराखंड से जुड़ाव
उत्तराखंड की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:UKPSC 9/10UKSSSC 8/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- उत्तराखंड
- उत्तर भारत का एक राज्य, जो 9 नवंबर 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में बना। राजधानियाँ: देहरादून (शीतकालीन) और गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन)। इसे 'देवभूमि' (देवताओं की भूमि) कहा जाता है। सीमाएँ: उत्तर में तिब्बत (चीन), पूर्व में नेपाल, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में हिमाचल प्रदेश, और दक्षिण में उत्तर प्रदेश।
- राज्योत्सव
- राज्य स्थापना दिवस का उत्सव। उत्तराखंड का राज्योत्सव 9 नवंबर को मनाया जाता है, जो 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर राज्य बनने की याद दिलाता है।
- महाकुंभ
- एक प्रमुख हिंदू तीर्थ और मेला, जो हर 12 वर्ष में चार बारी-बारी से चुने गए स्थानों पर होता है: हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक। हरिद्वार का अगला महाकुंभ 2027 में होना तय है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: राज्योत्सव पर उत्तराखंड की 62 योजनाओं का कुल व्यय ₹1,475.31 करोड़
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उत्तराखंड सरकार (गृह मंत्रालय के केंद्रीय समन्वय के साथ)
यह गलती न करें!
परीक्षक शिलान्यास (44) और लोकार्पण (18) योजनाओं की संख्या तथा उनकी राशि (₹1,073.11 करोड़ बनाम ₹402.20 करोड़) पूछ सकते हैं। यह भी पूछा जा सकता है कि कुल राशि में दोनों शामिल हैं या केवल एक। क्षेत्र बदलकर भी प्रश्न बन सकता है, जैसे यह कहना कि सबसे बड़ा आवंटन ऊर्जा (UPCL) के बजाय लोक निर्माण विभाग को मिला।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- बुनियादी ढांचा विकास, महाकुंभ-2027 की तैयारियाँ, उत्तराखंड की राज्य अर्थव्यवस्था, केंद्र-राज्य समन्वय
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तराखंड के स्थापना दिवस (राज्योत्सव) पर केंद्र और राज्य सरकार ने ₹1,475.31 करोड़ की 62 नई योजनाओं की घोषणा की। इनमें सड़क बनाना, बिजली आपूर्ति सुधारना, पेयजल उपलब्ध कराना और पर्यटन सुविधाएँ विकसित करना शामिल है। कुछ योजनाओं की शुरुआत शिलान्यास से हुई और कुछ पूरी होकर लोकार्पित की गईं। इस पैकेज में वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ की तैयारी पर भी ज़ोर है।
- राज्योत्सव पर उत्तराखंड के लिए ₹1,475.31 करोड़ की 62 विकास योजनाओं की घोषणा की गई।
- 44 योजनाओं (₹1,073.11 करोड़) का शिलान्यास हुआ और 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण हुआ।
- UPCL की ₹472.33 करोड़ की ऊर्जा योजनाएँ इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा थीं।
- लगभग ₹335 करोड़ की पेयजल योजनाएँ शामिल की गईं।
- हरिद्वार में महाकुंभ-2027 की तैयारियों के लिए बुनियादी ढांचे को धन मिला।
- शासन: राज्य की योजनाएँ और बुनियादी ढांचा विकास
- भूगोल: उत्तराखंड: राज्य परिचय
जुड़ी अवधारणाएँ: उत्तराखंड, राज्योत्सव, महाकुंभ
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
उत्तराखंड का राज्योत्सव (राज्य स्थापना दिवस) किस तारीख को मनाया जाता है?
व्याख्या: उत्तराखंड 9 नवंबर 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में बना। इसी तारीख को हर साल राज्योत्सव मनाया जाता है। 1 नवंबर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों का स्थापना दिवस है। 15 नवंबर झारखंड का स्थापना दिवस है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है।
- Q2कठिन
उत्तराखंड के लिए घोषित विकास योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.उत्तराखंड राज्योत्सव पर कुल 62 योजनाएँ, ₹1,475.31 करोड़ की, घोषित की गईं।
- 2.शिलान्यास वाली योजनाओं में सभी क्षेत्रों के बीच ऊर्जा क्षेत्र (UPCL) को सबसे बड़ा आवंटन मिला।
- 3.सभी 62 योजनाओं का शिलान्यास एक ही दिन किया गया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: ₹1,475.31 करोड़ की 62 योजनाएँ घोषित की गईं। कथन 2 सही है: शिलान्यास के लिए UPCL की ₹472.33 करोड़ की ऊर्जा योजनाएँ सबसे बड़ा आवंटन थीं। कथन 3 गलत है: 44 योजनाओं का शिलान्यास हुआ और 18 योजनाओं का लोकार्पण, सभी 62 का शिलान्यास नहीं हुआ।
- Q3मध्यम
उत्तराखंड राज्योत्सव पर लोकार्पित (लोकार्पण) की गई योजनाओं का कुल मूल्य कितना था?
व्याख्या: 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण हुआ। ₹1,073.11 करोड़ 44 शिलान्यास वाली योजनाओं का मूल्य था। ₹472.33 करोड़ शिलान्यास वाली UPCL ऊर्जा योजनाओं के लिए था। ₹335 करोड़ पेयजल योजनाओं के लिए था।
- Q4मध्यम
इस विकास पैकेज में महाकुंभ-2027 से जुड़ी योजनाएँ शामिल करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: 2027 में हरिद्वार के महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु आएँगे। इतनी भीड़ संभालने के लिए सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित करना ज़रूरी है। पर्यटन और रोज़गार इसके अतिरिक्त लाभ हैं, जबकि घोषित मुख्य उद्देश्य आयोजन की तैयारी है। हरिद्वार-देहरादून सड़क संपर्क इसका एक हिस्सा है, पूरा उद्देश्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. राज्योत्सव 2026 पर उत्तराखंड की विकास योजनाओं के लिए कितनी राशि आवंटित की गई?
नवंबर 2026 में राज्योत्सव के अवसर पर उत्तराखंड की 62 विकास योजनाओं के लिए कुल ₹1,475.31 करोड़ आवंटित किए गए।
2. उत्तराखंड की विकास योजनाओं की घोषणा किसने की?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में योजनाओं की संयुक्त रूप से घोषणा की।
3. उत्तराखंड के विकास पैकेज में किन क्षेत्रों को धनराशि मिली?
इस पैकेज में सड़क (लोक निर्माण विभाग), ऊर्जा (UPCL), पेयजल, शहरी विकास, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, आवास, चिकित्सा शिक्षा और गन्ना विकास शामिल थे।
4. कितनी योजनाओं का शिलान्यास हुआ और कितनी का लोकार्पण?
44 योजनाओं (₹1,073.11 करोड़) का शिलान्यास और 18 योजनाओं (₹402.20 करोड़) का लोकार्पण किया गया।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
